विधवा मा के अपने ही बेटे को पटाने की हॉट कहानी

मेरा नाम मिताली सिंग है. मेरी आगे अभी 39 साल होने वाली है. मेरे परिवार में मीटा बड़ा बेटा रोहित आगे 19 यियर्ज़ और उससे छ्होटी बेटी रवीना है. मेरा फिगर मस्त है. बूब और गांद दोनो मस्त है. बाल लंबे और रंग गोरा है. मैं ज़्यादातर सारी और सूट सलवार पहनती हू.

मेरे पति करीब 7 मंत पहले एक्सपाइर्ड हो गये. उनके निधन के बाद मैं अकेला महसूस करने लगी. क्यूंकी वो हर दूसरे दिन मेरे साथ सेक्स करते थे. रात को सोने जाती हू, तो उनकी बहुत याद आने लगी.

इस तरह 5 मंत निकल गये. फिर एक दिन मैने इस साइट पर सेक्स स्टोरी पढ़ रही थी, जिसमे कोई बेटा अपनी मों को अपनी वाइफ बना कर छोड़ रहा होता है. वो स्टोरी मुझे अजीब लगी पर उसका नेक्स्ट पार्ट पढ़ा तो चूत गीली हो गयी.

उस स्टोरी में बेटा अपनी मों को अपने पिता के सो जाने के बाद छोड़ता था. वो पढ़-पढ़ कर मुझे बहुत मज़ा आने लगा. फिर मुझे भी वो हर एपिसोड अछा लगने लगा.

मेरा मूड बहुत बन जाता था. धीरे-धीरे मेरे बेटे के प्रति मेरा व्यू बदलने लगा. रात को मुझे सपने आने लगे की बेटा मुझे पकड़ कर किस कर रहा है, और मेरे बूब्स दबा रहा है. कुछ दीनो तक ये सब चलता रहा.

मैने सोच लिया की बेटी तो हॉस्टिल में रहती है. अगर बेटे को पत्ता लिया तो जब मॅन करे तब बेटे संग मस्ती कर सकती हू. रात को तो घर में कोई नही होता. फिर तो एक-दूं नंगे होकेर जहा मर्ज़ी बेटे से छुड़वा सकती हू.

ये सब सोच-सोच कर मैने मों-सोन वाली सारी स्टोरीस पढ़ ली, और बहुत सारे टिप्स भी नोट कर लिए. मैं बेटे का रूम सॉफ करने जाती तो बिना ब्रा के जाती, और सॉफ-सफाई के बहाने झुक-झुक कर उसको बूब्स दिखाने लगी.

वो भी मेरे बूब्स देखता रहता था. उसका लंड भी खड़ा हो जाता था. रात को दूध देने के लिए उसके रूम में जाती, तो गाउन के नीचे ब्रा और पनटी नही पहनती थी. बेटा भी मुझे घूर-घूर कर देखता था.

लेकिन बात बन नही रही थी. एक दिन मैने न्यू ईद बना कर छत पर ‘ही’ भेजा. थोड़ी ही देर में उसका रिप्लाइ आ गयी.

मैं: हेलो, क्या कर रहे हो? आज अपनी मों को मज़ा दोगे क्या?

बेटा: आप कों हो?

मैं: तेरी मों हू.

बेटा: अर्रे मैने कब मज़े दिए तुमको?

मैं: तुम तो रोज़ ही देते हो. तुम घर कब आओगे?

बेटा: लगता है आपने ग़लत ईद लगा ली है.

मैं: तुम जब अपनी मों को रात को घोड़ी बना कर छोड़ते हो, तब तो सब सही होता है.

बेटा: श, तुम अपने बेटे से चुड़वति हो? श बेटे से कैसे करती हो?

मैं: श सॉरी, लगता है तुम सही कह रहे हो. ग़लत ईद लगा ली शायद.

बेटा: अर्रे रूको तो. तुम्हारी आगे कितनी है?

मैं: मेरी 40 है, और बेटे की 20 से कम है.

बेटा: क्या सच में बेटा तुमको छोड़ता है?

मैं: हा, जब उसके पापा रात को बाहर होते है, या सो जाते है, तो बेटे के रूम में ही करते है.

बेटा: श, दर्र नही लगता आपको? हब्बी से क्यूँ नही करती तुम?

मैं: यार हब्बी बहुत कम छोड़ते है. बेटा तो बहुत मस्त छोड़ता है. बहुत प्यार से बूब्स चूस-चूस कर मज़े देता है.

बेटा: श आपकी बात सुन कर मेरा टूल खड़ा हो गया है.

मैं: तुम्हारी फॅमिली में कों-कों है?

बेटा: मों आंड सिस्टर है.

मैं: पापा?

बेटा: वो 5 मंत पहले एक्सपाइर हो गये.

मैं: मों तो अकेली है फिर. 5 मंत से नही चूड़ी होंगी वो.

बेटा: अर्रे आप ऐसे मत बोलो. मों बहुत अची है मेरी.

मैं: अर्रे तेरे पापा ने मों को छोड़ा, तभी तो तुम हुए थे. इसमे ग़लत क्या है?

बेटा: वो तो है.

मैं: अब तेरी मों बहुत प्यासी है.

बेटा: तुमको कैसे पता?

मैं: यार मुझे सब पता है. जो लेडी रोज़ चुड़वति हो और फिर अकेली हो जाए तो उसको लंड चाहिए.

बेटा: बुत मेरी मों बहुत शरीफ है.

मैं: यार ऐसे तो मैं भी बहुत शरीफ हू. किसी को भी पता नही की रात को मेरा बेटा मुझे वाइफ बना कर छोड़ता है. सारी रात अपने नीचे रखता है. उसका मूड बनता है तभी पकड़ कर छोड़ता है मुझे.

बेटा: श, आप की बात सुन कर मुझे अजीब सा फील हो रहा है. आपके बेटे को बुरा नही लगता जब वो अपनी ही मों के साथ करता है?

मैं: बिल्कुल नही. अब तो उसको डेली देनी पड़ती है. ना डू तो नाराज़ होने लगता है.

बेटा: बेटे ने माना नही किया?

तुमने शुरू किया या उसने?

मैं: यार घर में उसका रूम सॉफ करती थी, तो वो मेरे बूब्स देखता था. मुझे पता चल गया की उसको मैं पसंद थी. फिर एक दिन तेल मालिश के बहाने उससे पैर की मालिश करवाई.

बेटा: श, फिर क्या हुआ?

मैं: रात को गाउन पहन कर उसको रूम में बुलाया. वो पैर दबाता रहा, और मेरी नंगी टाँग देख कर उसका मूड बन गया. वो थोड़ी देर में अपने रूम में जेया कर अपना टूल हिलना रहा था.

बेटा: ओह, फिर क्या किया?

मैं: मैं उसके रूम में गयी. वो दर्र गया. मैने उसको बोला की ये ग़लत है. उसका लंड हाथ से पकड़ लिया. उसको कलेजे से लगाने के बहाने बूब्स के पास लगा लिया. उसके लंड को हिलाया तो वो तैयार हो गया. वो कुछ बोलता तब तक उसके मूह में मेरे निपल्स थे और उसको बोली की चूसो. फिर तो उसके ही बेड पर उसने मुझे छोड़ा.

बेटा: श, आपको बुरा नही लगा?

मैं: यार मुझे बेटे से छुड़वा कर बहुत मज़ा आया. अब तो रोज़ लेता है मेरी रात को. तुम भी अपनी मों से कर सकते हो. वो भी अकेली है. तेरा तो बहुत ईज़ी हो जाएगा. अपनी मों को घर में आराम से वाइफ बना कर छोड़ सकता है. जब तेरी सिस्टर सो जाए.

बेटा: वो तो बाहर होस्तले में ही रहती है. मों और मैं दो ही होते है घर में.

मैं: फिर तो बहुत ईज़ी होगा.

बेटा: नही यार मैं मों की बहुत रेस्पेक्ट करता हू. आप की बात सुन कर पता नही क्या-क्या सोचने लगा.

मैं: यार तेरी मों तुझे बूब्स दिखती है क्या? बूब्स कैसे है उसके?

बेटा: बूब्स तो बड़े है और दिखते तो है. मगर वो सेक्स के लिए नही करती है.

मैं: यार मेरी 7-8 सहेलिया है. सब की सब दूध वाले या नौकर से करवाती है. जिनके हब्बी डोर रहते है या एक्सपाइर्ड है. तेरी मों का कोई अफेर तो नही है ना?

बेटा: मों तो घर पर ही रहती है. बहुत शरीफ है.

मैं: यार अगर तेरी मों रोज़ तुझे छूट दे तो क्या बुरा है? उसको भी अछा लगेगा. तेरी भी मौज हो जाएगी. मों तेरी वाइफ बनेगी तो उसको बाहर नही मर्वानी पड़ेगी.

मुझे बेटे से छत करते हुए मज़ा आ रहा था. उसकी छत से पता चल गया की वो चुदाई करना चाहता था. बस वो अपनी मों को छोड़ने के लिए तैयार हो जाए.

बेटा: यार मों मानेगी नही.

मैं: तुम तो तैयार हो ना मों को छोड़ने के लिए?

बेटा: अकेले मेरे से क्या होगा? मों भी तो माननी चाहिए. मों ऐसा कभी नही करेंगी.

मैं: तू उसकी चिंता मत कर. मैं उसको माना लूँगी.

बेटा: आपकी सहेली है क्या वो?

मैं: अर्रे तुझे टिप्स दूँगी. तुम अपनी मों को छोड़ लोगे ना?

बेटा: नही यार. मेरी मों है वो. ये ग़लत है. वैसे भी तैयार नही होगी मों.

मैं: अगर तेरी मों तैयार हो जाए तो तू छोड़ लेगा क्या?

बेटा: यार देखुगा.

मैं: यार तेरी मों माल है. बूब्स भी बड़े है उसके. रात को तेरे साथ ही सोएगी तो पूरी रात उसको नंगी करके आराम से बूब्स चूस सकता है. घर में मॅन करे तब छोड़ सकता है. कोई शक भी नही करेगा. बाहर मों और घर में वाइफ.

बेटा: श, आप भी ना मों को छुड़वा कर ही मानोगी. आपकी बात सुन-सुन कर मेरा मूड बन गया है. आपने बार-बार मों को छोड़ो बोल कर मेरी हालत खराब कर दी.

तभी मैने सोचा की रोहित के रूम में एक रौंद लगा अओ, ताकि उसका मूड बदल जाए. मैं छाई देने के बहाने बना कर उसके रूम में गयी.

मुझे देखते ही वो सकपका गया, क्यूंकी छत पर मुझे ही छोड़ने की बात कर रहा था.

उसके बेड के नीचे से कोई चीज़ उठाने के लिए झुकी, और बिना ब्रा के बूब दिखाए उसको. फिर मैं वही बैठ गयी. उसका लंड खड़ा था. मैने लंड को घूरा, और स्माइल दे कर वापस आ गयी.

बेटा: अर्रे यार, अभी मों मेरे रूम में आई थी. मैं तो घबरा गया था.

मैं: क्यूँ? क्या बोली मों?

बेटा: बोली तो कुछ नही, बुत मों बेड के नीचे मेरी चप्पल उठाने के लिए झुकी तो मों के बूब्स दिखे थे. मों ने ब्रा नही पहनी थी.

मैं: उसने तेरा लंड देखा या नही?

बेटा: मेरा खड़ा था. मों ने स्माइल दी थी. शायद मों ने देख लिया था.

मैं: फिर तो तेरी मों पूरी तैयार है तुझको अपना हब्बी बनाने के लिए. बस तू ही देर कर रहा है.

बेटा: यार आज मों को देख कर अजीब सा फील हो रहा है. मों के बूब्स देख कर खड़ा हो गया मेरा. यार सच में मों को छोड़ने का मॅन हो रहा है आज तो.

मैं: तेरी मों भी यही चाहती है की तू उसको रात को घोड़ी बना कर छोड़े.

बेटा: यार मों के बूब्स बड़े है. मेरा तो मॅन कर रहा है. ये सोच-सोच कर ही पानी निकालने लगा है.

मैं: एक काम करना, आज मों के रूम में सोना. मों जब छाई देने आए, तो लंड खड़ा रखना. मों से छिपकने की ट्राइ करना.

बेटा: चलो देखता हू.

मैं: चलो ठीक है.

मैने छत बंद कर दी. मुझे काम करना था. मैने घर का काम कर लिया, और तोड़ा फ्री भी हो गयी. रात को फ्री हो कर छत पर मसाज किया तो उसका रिप्लाइ आया.

मैने उसको अपने बूब्स की कुछ पिक्स भी भेजी. तो वो बहुत एग्ज़ाइटेड हो गया.

बेटा: श, ऐसे बूब्स ही मों के है. बहुत मस्त है आपके बूब्स.

मैं: ये तो बेटा रोज़ चूस्टा है. क्या हुआ तेरा? मों ने सिग्नल दिया क्या?

बेटा: नही यार. मों पता नही मानेगी या नही?

मैं: तू तेरी मों को नहाती हुई को देख सकता है क्या?

बेटा: नही यार गाते बंद करके नहाती है मों.

मैं: एक काम कर, अब रात को नहाए तो बातरूम में मोबाइल से वीडियो बना ले. अगर वो अपने बूब मसालती है या छूट में उंगली करती है, तो पक्का छुड़वा लेगी.

बेटा: मों ने देख लिया तो मेरी शामत आ जाएगी.

मैं: दर्र मत. तू अभी लगा दे. रात को कोई नही देखेगी. किसी शर्ट की जेब में चुप-छाप रख दे. ये वीडियो ही छूट दिलवाएगा.

बेटा: यार अब तो तुमसे छत करनी है. अभी रहने दो.

मैं: तुझे मों कैसी लगती है?

बेटा: मस्त लगती है. आज तो मों को देख कर 2-3 बार हिलाया था. अब भी खड़ा है. मों के बूब्स देखते हुए काफ़ी टाइम हो गया है. पर आज जितना कभी मज़ा नही आया.

मैं: तेरी मों भी अपने रूम में अकेली होगी. उसका भी मूड होगा.

बेटा: यार मुझे क्या पता. मुझे नही लगता की मेरे साथ सेक्स के लिए तैयार हो जाएँगी.

मैं: यार रूम में आ आ कर तो बूब्स दिखा रही है. और क्या ये कहेगी की बेटा मुझे छोड़ ले?

बेटा: ओहो, तो मैं भी तो नही कह सकता उसको की तुम को छोड़ना चाहता हू.

मैं: तो मैं बोलू क्या?

बेटा: अर्रे मरवावगी क्या?

मैं: मैं तो बेटे से रोज़ ही मरवती हू. तू तेरी सोच.

बेटा: यार मों अपने रूम में अकेली है. अभी वो दूध देने आएँगी.

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