विधवा बेटी के बाप से चुदने की सेक्सी कहानी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम अनिल है, और मैं 50 साल का हू. मेरी हाइट 5’8″ है, और बॉडी ठीक ताक है. मतलब मैं ना ज़्यादा मोटा हू, और ना ही पतला. मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है. ये बात 3 महीने पुरानी है. तो चलिए शुरू करते है.

मेरे घर में मेरे अलावा मेरी बीवी, और मेरी बेटी ही थी. 2 साल पहले मेरी बेटी की शादी हो गयी. सब कुछ अछा चल रहा था, लेकिन एक दिन मेरी बेटी के हज़्बेंड का आक्सिडेंट हो गया, और उसकी डेत हो गयी.

हमारी पूरी दुनिया हिल गयी, और मेरी बेटी दुख के सागर में डूब गयी. पति की डेत के बाद बेटी के ससुराल वालो ने उसके साथ बिहेवियर कोई ख़ास अछा नही रखा, तो मैं उसको वापस ले आया. अब मैं अपनी बेटी के बारे में बताता हू.

विधवा होने के टाइम पर मेरी बेटी अभी सिर्फ़ 27 साल की थी. उसका अभी कोई बच्चा नही था. बेटी दिखने में बहुत सुंदर है, और उसका फिगर 34द-27-35 है.

घर लाके हमने उसको खुश रखने की पूरी कोशिश की. धीरे-धीरे उसके हालात ठीक होने लगे, और वो वैसी ही लाइफ जीने लगी, जैसे शादी से पहले जीती थी.

सॉरी दोस्तों मैं आपको मेरी बेटी का नाम बताना भूल गया. उसका नाम पायल है. अब उसने जॉब जाय्न कर ली थी, और वो लाते नाइट पार्टीस पर जाने लगी. मैने उसको ना तो शादी से पहले किसी चीज़ के लिए माना किया था, और ना ही अब करता था.

फिर एक दिन वो एक पार्टी पर गयी. वो बोल कर गयी थी, की वो लाते हो जाएगी. रात को 2 बजे घर की बेल बाजी तो मैं समझ गया की पायल ही होगी. मैं दरवाज़ा खोलने गया, और जब मैने दरवाज़ा खोला, तो मैं पायल को देखता ही रह गया.

पायल ने एक रेड कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनी थी. उपर से उसके शोल्डर्स पर सिर्फ़ स्ट्रॅप्स थे, और पूरी क्लीवेज दिख रही थी. नीचे से उसकी ड्रेस उसके घुटनो से काफ़ी उपर थी. मतलब थोड़ी और उठाते तो गांद बाहर आ जाती.

पायल ने काफ़ी पी रखी थी, और वो खड़ी भी नही हो पा रही थी. फिर मैने उसको सहारा दिया, और दरवाज़ा बंद करके उसको उसके रूम तक लेके गया. उसको संभालते हुए जब मैं उसको टच कर रहा था, तो मेरी बॉडी में एक अजीब सी सनसनी बह रही थी.

पता नही क्यूँ आज मेरे मॅन में मेरी बेटी के लिए अजीब से हॉर्नी ख़यालात आ रहे थे. ऐसा पहले कभी नही हुआ था. फिर मैने उसको बेड पर लिटाया, और उसके संडलेस उतार कर उसको सुला दिया.

जब मैं बेड से उठने लगा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींच लिया. इससे मैं उसके उपर आ गया, और अब मुझे उसकी साँसे महसूस हो रही थी. मैं फिरसे उठने लगा, तो उसने मुझे फिरसे खींच लिया.

फिर वो बोली: रुक जाओ ना जान. प्यार करो ना आज मुझे रोहन.

रोहन मेरी बेटी के हज़्बेंड का नाम था. मैं समझ गया था की मुझे रोहन समझ कर रुकने के लिए और उसको प्यार करने के लिए कह रही थी. लेकिन मेरा अपनी बेटी के लिए ऐसा कोई इरादा नही था.

ये सोच कर मैं फिरसे बेड से जल्दी से उठने लगा. लेकिन इस बार उसने मुझे खींच कर बेड पर लिटा लिया, और मेरे उपर आ गयी. उसकी आँखें बंद थी, तो वो मुझे देख नही सकती थी. मैने उसको रोका भी बेटा-बेटा बोल कर लेकिन वो सुन नही रही थी.

फिर इससे पहले की मैं उसको अपने उपर से हटता, वो मुझे किस करने लगी. उसके ये सब करने से मेरा लंड खड़ा हो गया, और लंड को उसकी गांद की गर्मी महसूस होने लगी, क्यूंकी वो मेरे लंड पर ही बैठी थी.

अब मेरा कंट्रोल टूट रहा था. पायल बहुत मस्त थी, और उसकी चुदाई कोई भी मर्द करना चाहेगा. फिर वो झट से नीचे गयी, और मेरा पाजामा और अंडरवेर नीचे करके मेरा लंड बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकलते साथ ही उसने लंड मूह में डाल लिया, और उसको चूसने लग गयी. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, और मेरा उससे डोर जाने का इरादा ख़तम हो चुका था. अब मैं भी अपनी बेटी की गर्मी का मज़ा लेना चाहता था.

फिर मैने उसे सर पर हाथ रख लिया, और उसके मूह में स्ट्रोक्स लगाने लगा. पायल किसी रंडी की तरह बड़े आचे से मेरा लंड चूस रही थी. मैं भी उसके मूह में धक्के दिए जेया रहा था.

फिर मैने उसको घूमता, और उसकी गांद को अपनी मूह पर ले आया. जैसे की मैने बताया की उसने शॉर्ट ड्रेस पहनी थी. तो मैने ड्रेस में हाथ डाल कर उसकी पनटी निकाल दी. अब उसकी भूरे रंग की छूट और गांद मेरे सामने थी.

मैने उसकी ड्रेस को उपर उठाया, और उसकी छूट पर अपना मूह लगा लिया. अब मैं अपनी ही बेटी की छूट चाट रहा था. क्या कमाल का स्वाद था मेरी बेटी की छूट का, एक-दूं अद्भुत. तभी मुझे उसकी गांद पर एक तिल दिखाई दिया.

उसको देख कर मुझे उसके पैदा होने का दिन याद आ गया, जब मैने पहली बार वो तिल देखा था. मैं उसके चूतड़ खोल कर उसकी छूट और गांद चाट रहा था. वो आहह आ कर रही थी, और ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड चूस रही थी.

कुछ देर हमने ऐसे ही मज़ा लिया. फिर वो उठी, और उसने अपने कपड़े उतार दिए. अब मेरी बेटी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. उसने अपने दोनो चूचे हाथ में लिए, और उनको मसालते हुए मेरे लंड पर बैठ गयी. वो अपनी गांद मेरे लंड पर रग़ाद रही थी.

फिर उसने अपनी गांद उठाई, और लंड को छूट पर सेट किया, और एक ज़ोर की आहह भरते हुए लंड पर बैठ गयी. क्या गर्मी थी उसकी छूट की मैं बता नही सकता. अब वो मेरे लंड पर उछालने लग गयी, और मैं भी नीचे से धक्के देने लग गया.

मैने उसके दोनो चूचे पकड़ कर उसको अपनी तरफ खींचा, और उसके चूचे चूसने लग गया. वो बड़े आचे से गांद हिला कर लंड ले रही थी. फिर मैने उसके चूतड़ पकड़े, और घूम कर उसके उपर आ गया. अब मैं उसको मिशनरी पोज़िशन में छोड़ रहा था. साथ में मैं उसके होंठ और चूचे चूस रहा था.

बड़ा मज़ा आ रहा था. मैने आधा घंटा उसको उसी पोज़िशन में छोड़ा, और फिर अपना पानी उसके छूट के उपर निकाल दिया. उसके बाद मैने अपने कपड़े पहने, और वैसे ही अपने रूम में आ गया.

अगर कहानी का मज़ा आया हो, तो इसको लीके और कॉमेंट ज़रूर करे.

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