विदेशी महिला मित्र के साथ सेक्स सम्बन्ध

मुझे आप सभी के बहुत सारे ईमेल मिले और इन सभी ईमेल में सबका एक ही सवाल था कि ‘मेल एस्कॉर्ट कैसे बना जाए.’

दोस्तो, मैं सेक्स एस्कॉर्ट नहीं हूँ, मैं टूर एस्कॉर्ट हूँ. मैं देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए टूर ऑर्गेनाइज करता हूँ. मैं अपने ग्रुप को और मेरे टूर से ही जुड़े हुए लोगों को गाइड करता हूँ.

मेरी यह सेक्स स्टोरी भी ऐसे ही एक टूर को लेकर है. मैं अक्टूबर में अपने एक टूर ग्रुप के साथ चिचेन इट्जा (वर्ल्ड के 7 आश्चर्य में से एक) देखने के लिए मेक्सिको गया था.

वहां मुझे सहयोग करने के लिए हमारी मेक्सिकन कंपनी की एक कर्मचारी मिली. उसका नाम वेरोनिका रोडगएस था. मैं और वेरोनिका पहले कभी मिले तो नहीं थे, परन्तु उसके साथ व्हाट्सप्प और फेसबुक पर मेरी बहुत बार बात हो चुकी थी.

हम लोग नई दिल्ली एयरपोर्ट से तीन बजे के फ्लाइट से रवाना हुए और करीब करीब सत्ताइस घंटे के यात्रा के बाद मेक्सिको सिटी पहुंचे. वहां एयरपोर्ट पर हमारे स्वागत के लिए वेरोनिका आई थी. उसने मुझे एयरपोर्ट पर ऐसे गले लगाया कि जैसे वो मेरी बिछड़ी हुई प्रेमिका हो.

उसके इस व्यवहार से एक मिनट के लिए तो मैं भी हैरान हो गया था कि ये क्या हो गया. पर तभी मुझे याद आया कि अब मैं भारत में नहीं, बल्कि मेक्सिको में हूँ और इस देश के अपने अलग रीति रिवाज हैं. ये याद आते ही मुझे मेरे अन्दर पैदा हुई उत्तेजना को खोना पड़ा.

एयरपोर्ट से एक घंटे की यात्रा के बाद हम अपने होटल में पहुंचे. क्योंकि टूरिज्म इंडस्ट्री में एस्कॉर्ट को सभी सेवाएं मुफ्त मिलती हैं. इसीलिए मेरे लिए होटल का कमरा और खाना पीना सब फ्री था. परन्तु यहां मुझे अपनी सभी सेवाएं वेरोनिका के साथ बांटनी थीं क्योंकि वो भी यहां एक एस्कॉर्ट थी.

यह कहानी भी पड़े  बाप के उम्र के पति ने पहली रात बेदर्दी से चुदाई कर डाली

अब हम दोनों को ही रूम शेयर करना पड़ा. मैं तो मायूस सा अनुभव कर रहा था, परन्तु वेरोनिका बहुत खुश नजर आ रही थी.

खैर … हम दोनों अपने रूम में पहुंचे. मैंने अपना बैग खोला और अपने नाईट में पहनने के कपड़े निकाले और नहाने के लिए चला गया.

मैं नहा कर आया और डिनर करके मैं रजाई उठा कर सोफे की तरफ बढ़ गया.

वेरोनिका ने मुझे रोका और बोला- वेयर यू आर गोइंग? (तुम किधर जा रहे हो?)

हमारी सारी बातें अंग्रेजी में ही हो रही थीं. जिनका मैं यहाँ अनुवाद लिख रहा हूँ.

मैंने कहा- हम दोनों एक ही बिस्तर पर एक साथ कैसे सो सकते हैं?
वेरोनिका ने मुझे देखा और मुस्कुरा कर बोली- ओह डार्लिंग … ये कमरा और इसकी सारी सुविधाएं हम दोनों को एक साथ बांटने के लिए ही मिली हैं.

उसकी इस बात पर मैं हंस दिया और सोफे पर लेट गया.

परन्तु वो नहीं मानी और मुझे जबरदस्ती उठा कर बेड पर ले ही गई. उसके साथ सोने में मुझे असहजता हो रही थी. मैं एक अंजान देश में किसी गैर लड़की के साथ एक बिस्तर पर कैसे लेट सकता था. हालांकि मुझे उसको चोदने का बड़ा मन हो रहा था पर बिना उसकी मर्जी के सेक्स करने की कैसे सोच सकता था.

मैंने अपना ध्यान उसकी तरफ से हटा लिया. मेक्सिको और भारत का समय अलग अलग है, तो मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैं कान में ईअर फोन लगा कर यूट्यूब देखने लगा.

कुछ देर बाद मेरी आंख लग गई और मैं गहरी नींद में सो गया. पर सोते समय मुझे अनुभव हुआ, जैसे किसी ने मेरे लंड को पकड़ रखा है.

यह कहानी भी पड़े  बचपन से जवानी तक

मेरी आंख खुली, तो मैंने पाया कि वेरोनिका मेरे लंड के साथ खेल रही थी.
मैंने उससे कहा- वेरोनिका ये तुम क्या कर रही हो. प्लीज स्टॉप इट यार, ये सब ठीक नहीं है.

उसने मुझसे कहा- ओह डार्लिंग … इसमें क्या गलत है. हम दोनों जवान हैं और एक ही कमरे में एक ही बिस्तर पर हैं. आज तुम मेरे मेहमान बन कर भी आए हो. बल्कि ये तो मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी कि मैं तुम्हें खुश कर सकूँ.

उसने मेरे विरोध को दरकिनार करते हुए मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी.

मैं एक जवान मर्द कब तक किसी सुंदर और सेक्सी लड़की की इस हरकत से खुद पर काबू रख सकता था. मैं भी लंड चुसाई का मजा लेने लगा. मैं तो पहले से ही उसे चोदने की सोच रहा था.

करीब दस मिनट बाद मेरे और उसके कपड़े उतर ही गए और हम सिर्फ एक एक कपड़े में रह गए थे.
वो पेन्टी पहने हुई थी और मैं सिर्फ अपनी बनियान में था.

वेरोनिका का फिगर बड़ा मस्त था. उसके चूचों का साइज करीब करीब 34 इंच का था और उसके चूतड़ों का नाप करीब 36 इंच का था. वो देखने में थोड़ी मोटी जरूर दिखती थी, परन्तु कमर उसकी सिर्फ 30 इंच की थी.

हम दोनों ने अपने बचे हुए कपड़े भी निकाल दिए और मैं उसके चूचों को पीने लगा. वो भी मुझे अपने दूध मुँह में अन्दर तक देने की कोशिश करने लगी.

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!