मम्मी फिर से चुदी चाचा जी के लंड से

हेलो फ्रेंड्स, आज मैं अपनी मम्मी की चुदाई की एक और कहानी ले कर आया हु. आप सबने मेरी पिछली कहानियों को पढ़ा और ढ़ेर सारे ईमेल किये. उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया. आप सब जानते है, कि मेरी मम्मी एक चुदकड़ लेडी है और उनके कई मर्दो के साथ शारीरिक संबंध बन चुके है.

आप सब ने मेरी पिछली कहानियों में पढ़ा, कि कैसे मेरी मम्मी को उन्ही के देवर शिबू चाचा ने गांव में चोदा. उसके बाद, वो मेरी मम्मी को बार-बार चोदते रहे.

यही नही, उन्होंने गांव के ही दो और मर्दों से भी मेरी मम्मी को चुदवाया. मेरी लास्ट कहानी में आपने पढ़ा, कि कैसे मैं और मेरी दादी शादी में रिश्तेदारी में गए थे और घर पर मम्मी को रातभर शिबू चाचा और असलम चाचा ने चोदा.

सुबह उठने के बाद, मेरी मम्मी मुझे घर में देखकर थोड़ा डर गयी थी. शायद उन्हें लगा, कि मैंने उन्हें शिबू चाचा के साथ देख लिया है और वो दिन भर डरी – डरी सी थी. शाम को मैं चौक पर निकला हुआ था. वहां मुझे शिबू चाचा मिले और मुझे देखकर मुस्कुराये.

उन्होंने पूछा – कैसे हो, बेटा? मैंने बोला – ठीक हूँ. उन्होंने पूछा – और मम्मी? मैंने कहा – हाँ, वो भी ठीक है. फिर उन्होंने पूछा – मम्मी कहाँ है? मैंने कहा – घर में ही है. उन्होंने मुझे ठीक बोला और ये कह कर वो वहां से चल दिए.

मैं कुछ देर बाहर रहने के बाद घर वापस आया, तो देखा शिबू चाचा की बाइक बाहर लगी हुई थी. मैं समझ गया, कि शिबू चाचा घर के अंदर है. मैंने अंदर जाकर देखा, तो वो और मम्मी बैठ कर चाय पी रहे थे. मैं छुपकर उनकी बातें सुनने लगा.

मम्मी शिबू चाचा से कह रही थी, कि अब हमें कुछ दिन रुक जाना चाहिए. शिबू चाचा ने कहाँ – क्यों, क्या हुआ? मम्मी ने कहा – मुझे लगता है, कि विक्की ने सब देख लिया है. चाचा ने पूछा – कैसे? मम्मी ने कहा – आज सुबह पता नहीं वो कब घर वापस आ गया. आज सुबह जब मैं उठी, तो वो घर में ही था.

शिबू चाचा ने कहा – ऐसा कुछ नहीं है भाभी, तुम बेकार में डर रही हो. अगर उसे सब पता होता, तो क्या तुमसे कुछ कहता नहीं? और ये कह कर वो मेरी मम्मी के पास आ गए और उन्हें गले लागते हुए कहा, कि डरो मत. कुछ नहीं होगा.

चाचा ने मम्मी से कहा – आज रात चलोगी ना मेरे साथ? मम्मी ने कहा – नहीं, आज नहीं. चाचा ने कहा – चलो ना, घर में कोई नहीं है आज. मजे करेंगे. मम्मी ने कहा – नहीं, आज नहीं. चाचा ने कहा – कुछ दिन के लिए तो यहाँ आती हो और उसमे भी तुम नाटक दिखाती हो. मम्मी ने कहा – और विक्की भी यहीं है.

चाचा ने कहा – उसको कहो, दादी के पास जाये. वो अकेले है वहां. मम्मी ने कहा – ठीक है. तब चाचा उठ कर जाने लगे और मैं भी अब अंदर की तरफ जाने लगा. चाचा ने मुझे देखा और कहा – अरे विक्की, तुम आ गए. इतना बोलकर वो बाहर चले गए.

मैं अंदर गया, तो मम्मी ने कहा – विक्की, तुमको दादी के पास चले जाना चाहिए. वो अकेले है वहां पर. मैंने कहा – नहीं माँ, कोई प्रॉब्लम नहीं है. दादी अकेले रह लेंगी वहां पर. मैंने आगे कहा – मम्मी तुम भी अकेले हो जाओगी और तुम्हारी तबियत भी ठीक नहीं है.

मम्मी ने कहा – मैं ठीक हूँ. और वैसे भी कोई प्रॉब्लम नहीं होगी. मैं शिबू चाचा को बुला लुंगी. मैंने मन ही मन में कहा, उसकी कोई जरुरत नहीं है. वैसे भी वो रात भर यहीं रहने वाले है. मम्मी ने जोर दिया, कि मैं चला जाऊ. बहुत कहने पर, मैंने कहा – ठीक है. चला जाता हु. फिर मैं वहां से चला गया.

रात के कोई ९ बज रहे थ. मैं घर के पास ही था. मुझे पता था, कि शिबू चाचा जरूर आएंगे. और ऐसा ही हुआ. चाचा आये और घर में अंदर चले गए. मम्मी ने साड़ी पहन रखी थी. चाचा ने पूछा – क्या, वो चले गया? मम्मी ने मुस्कुराकर जवाब दिया – हाँ.

मम्मी ने पिंक कलर की ब्लाउज़ पहनी थी. मम्मी ने उस ब्लाउज़ में अस्तर नहीं लगाया था और वो एकदम ट्रांस्पेरेंट थी. मम्मी के बूब्स और ब्रा साफ़ – साफ़ नजर आ रहे थे. चाचा ने मम्मी को अपनी गोद में उठा लिया और कहा – आज तो रात भर के लिए तू मेरी है. और फिर मम्मी को बेड पर पटक दिया.

मम्मी ने कहा – कुछ देर रुक जाओ. मैं नहाकर आती हु. चाचा ने कहा – तू बिना नहाए ही मस्त खुशबु देती है. तब मम्मी ने – गरमी है. और ये कह कर वो नहाने चली गयी. उन्होंने साथ में अपनी नाइटी ले ली थी और चाचा वहीँ बैड पर बैठ कर उनका वेट कर रहे थे.

मैं बिलकुल मम्मी के रूम के पीछे वाली गली में खड़ा था. मुझे वहां से सब कुछ साफ़ – साफ़ दिखाई दे रहा था. चाचा बेड पर लेट कर फ़ोन पर बात कर रहे थे. कुछ देर बाद, मम्मी नहाकर आ गयी. वो वाइट नाइटी में थी. उनकी नाइटी बहुत ट्रांसपेरेंट थी और उसमे से उनकी ब्रा और पेंटी साफ़ – साफ़ नजर आ रही थी. मम्मी के बाल पुरे भीगे हुए थे.

चाचा के मुँह से आवाज़ निकली – आह्हः भाभी, क्या लग रही हो. उसके बाद चाचा मम्मी के पास गए और मम्मी को गले लगा लिया. मम्मी ने चाचा को अलग करते हुए कहा – आज तो किसी को नहीं बुलाओगे? चाचा ने कहा – नहीं मेरी जान.

आज तू सिर्फ मेरी है. मेरा बीएस चले, तो मैं तेरी चूत किसी और को चोदने ही ना दू, पर क्या करू; जब से असलम ने तुझे शादी में देखा था, तो चोदना चाहता था तुझे. अगर मैं उसकी मद्दत नहीं करता, तो वो जबरदस्ती तुझे चोद देता ऐसे ही. और ये सब कहकर वो मेरी मम्मी के गले पर किस करने लगे.

चाचा ने अपने हाथ मेरी मम्मी के चूतड़ पर रख रखे थे. वो मम्मी को किस करते हुए कभी उनके चूतड़ को सहलाते, कभी रगड़ते और कभी जोर से थप्पड़ मार देते. मम्मी ने भी चाचा के गले को पकड़ रखा था और चाचा का साथ दे रही थी.

अब चाचा ने मेरी मम्मी को अपनी गोद में उठा लिया और सोफे की तरफ ले गए. उन्होंने मम्मी को सोफे पर बैठा दिया. चाचा ने अपने बैग से दारू की बोतल निकाली और दो गिलास लेकर आ गए. मम्मी ने कहा, नहीं. आज पीने का मन नहीं है. चाचा ने कहा – भाभी पी ले. चाचा ने जोर दे कर कहा – तो मम्मी ने २-३ पेग पी लिए.

थोड़ी देर मे, मम्मी पूरी तरह से नशे में आ गयी. चाचा ने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और चूमने लगे. और अपने हाथों से नाइटी के ऊपर से मेरी मम्मी के दोनों बूब्स को मसलने लगे. मम्मी धीरे – धीरे सिसकारियां लेने लगी. चाचा ने अपने हाथ पीछे ले जाते हुए, मम्मी की नाइटी की डोरी ढीली कर दी और उसे खींच कर नीचे कर दिया.

अब उनकी ब्रा और क्लीवेज दिखने लगी थी. चाचा धीरे – धीरे मम्मी की छाती को चूमने लगे और चाटने लगे. मम्मी भी “अअअअअ अह्ह्ह्हह ऊऊऊऊ” की सिसकारियां ले रही थी. अब चाचा खड़े हो गए और मम्मी सोफे पर भी बैठी हुई थी. मम्मी ने चाचा की पेण्ट को उनकी जांघ से खींच कर नीचे कर दिया.

उनके अंडरवियर से उनका तना हुआ लंड दिख रहा था. मेरी मम्मी ने अपने हाथो से चाचा का अंडरवियर खींच कर नीचे कर दिया. चाचा के लंड के के पास बहुत बाल थे. चाचा अपना हाथ पीछे ले जाते हुए मेरी मम्मी के बालो को पकड़ लिया और उनके मुँह में अपना लंड डाल दिया और अपनी कमर हिलाने लगे.

चाचा का पूरा लंड मेरी मम्मी के मुँह के अंदर – बाहर हो रहा थ. चाचा ने मम्मी से कहा – वाह्ह भाभी, क्या लंड चूसती हो. अब मम्मी ने अपने एक हाथ से चाचा का लंड पकड़ लिया और चाचा का लंड अपनी जीभ से चाटने लगी.

बीच – बीच में, वो चाचा के अंडो को भी अपने मुँह में लेकर चूस रही थी. चाचा भी अपनी आँखे बंद करके मजे रहे थे. अब चाचा ने अपनी पेण्ट और अंडरवियर निकाल दिया और अपनी शर्ट खोल के मेरी मम्मी के सामने नंगे खड़े हो गए.

​ चाचा ने कहा – भाभी आज रात तुझे वैसे ही चुदुँगा, जैसे पहली बार चोदा था अकेले. आज तेरे और मेरे बीच में कोई नहीं आएगा. और ये कह कर उन्होंने मम्मी का हाथ पकड़ कर खींच लिया और अपने से चिपका लिया. वो उनको चुम रहे थे और चाट रहे थे.

अब चाचा ने मम्मी की नाइटी को कमर तक उतार दिया और उनकी कमर को पकड़ते हुए, उनको अपनी गोद में उठा लिया. मम्मी ने अपने हाथ चाचा की गरदन पर रखे हुए थे. फिर उन्होंने अपनी टांगो को चाचा की कमर के दोनों तरफ राउंड करके उनकी कमर को जकड लिया.

चाचा ने अपने दोनों हाथो से मम्मी के चूतड़ पकडे हुए थे. और मम्मी को अपनी गोदी में उठाया हुआ था. अब चाचा, मम्मी को किस करते हुए सोफे की दीवाल के बगल में ले गया और मम्मी को अपनी गोद से नीचे उतारकर उल्टा घुमा दिया. अब मम्मी का फेस दीवाल की तरफ हो गया था और चाचा मम्मी के पीछे खड़े थे.

चाचा ने मम्मी से हाथ ऊपर करने को कहा और मम्मी ने वैसे ही किया. मम्मी ने अपने हाथो को ऊपर कर लिया. चाचा ने मम्मी की नाइटी पूरी नीचे से उतारते हुए बॉडी से अलग कर दिया. अब मम्मी चाचा के सामने सिर्फ एक कच्छी और ब्रा में थी. मम्मी की कच्छी उनके गांड के छेद में घुस रही थी.

चाचा अपने घुटनो के बल जमीन पर बैठ गए और अपने दोनों हाथो से मम्मी के झांघो को पकड़कर चूमने लगे. मम्मी ने अपने दोनों हाथ दीवाल पर रख रखे थे और सिसकारियां ले रही थी.

चाचा ने आगे बैठे हुए अपनी नाक मम्मी की गांड के छेद के पास की और स्मैल करते हुए बोले, भाभी तेरी गांड से एक मादक खुशबु आती है. जब भी तेरी गांड को देखता हूँ, बस सोचता हूँ इसे सूंघ लूँ.

और ये कहते हुए मम्मी की कच्छी खींच कर झांग तक खिसका दी और दो उंगलियों से उनके गांड के छेद को फैला दिया और अपनी नाक उसमे डाल कर सूंघने लगे. चाचा बीच – बीच में अपनी जीभ भी मम्मी की गांड के छेद पर रख कर चाट रहे थे. इस कारण से मम्मी की गांड का छेद बहुत गिला हो गया था.

उधर मम्मी धीमी – धीमी आवाज़ में अपने होठों को दबाये आहे भर रही थी. आह्हः आआआ ऊऊऊ ओहोहोह ऊऊफफफफफ…. मम्मी की सिसकारियों से चाचा की हवस और भी ज्यादा बढ़ रही थी. वो बीच – बीच में, मेरी मम्मी के चूतड़ पर थप्पड़ मार रहे थे, जिस से मम्मी के चूतड़ पानी की धार की तरह हिल रहे थे.

मम्मी के दोनों चूतड़ों पर चाचा की हथेली के निशान छप गए थे. मुझे देखकर लग रहा था, कि चाचा आज रात सिर्फ मम्मी की गांड मारेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कुछ ऐसा करने के बाद, चाचा ने मम्मी को झुकने को बोला. मम्मी ने वैसे ही किया. अब मम्मी की चूत चाचा के सामने आ गयी थी.

मेरी मम्मी की चूत पर भी बहुत सारे बाल थे. चाचा ने मम्मी की झांट के बालो को चूसा और अपनी उंगलियों में पकड़कर खींचा. मम्मी दर्द से चीख उठी. चाचा ने पूछा, दर्द हुआ क्या? मम्मी की आँखों में आंसू आ गए और बड़ी मुश्किल से बोली – हाँ. चाचा ने कहा – तो साफ़ क्यों नहीं करती है?

​ मम्मी ने कुछ जवाब नहीं दिय. चाचा ने फिर से मम्मी के झांटे खींची, इस बार मम्मी की चीख निकल गयी. अब चाचा ने अपनी दो उंगलिया मम्मी की चूत के अंदर डाल दी और अंदर – बाहर करने लगे. मम्मी पूरी तरह से गरम हो रही थी. उन्हें बस इंतज़ार था, कि अब चाचा अपना मोटा लंड उसकी चूत में घुसा देंगे.

मम्मी फिर से आह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह उफ्फ्फ ममममम की सिसकारियां लेने लगी. चाचा ने अब मम्मी की कच्छी निकाल दी और खड़े होकर मम्मी की ब्रा भी निकाल कर जमीन पर फेंक दिया. अब मेरी मम्मी पूरी नंगी हो गयी. उनके बूब्स पर ब्रा के निशान का दाग लगा हुआ था.

चाचा ने मम्मी के एक बूब को अपने हाथ में पकड़ लिया और दूसरे को अपने मुँह में भरकर चूसने लगे. मम्मी चाचा का पूरा साथ दे रही थी. अब कभी चाचा मेरे मम्मी के निप्पल को मुँह मुँह में लेकर चूसते और कभी उनके बूब्स को काट लेते. बीच – बीच में वो, उनके आर्मपिट को स्मैल करते हुए चाट रहे थे.

चाचा ने मम्मी से कह, कल मैं नाई भेज दूंगा. वो उस्तरे से तेरे सारे बाल निकाल देगा. मम्मी ने कहा – नहीं दिन में नहीं. विक्की और माँ घर में रहेंगे. चाचा ने कहा, तो क्या हुआ. औरते अपने बाल नहीं निकलवाती क्या? वो रूम बंद करके तेरी झांटो के बाल भी साफ़ कर देगा. यहाँ की सारी औरते उसी से साफ़ करवाती है.

मम्मी ने कहा – क्या औरते नाई के सामने अपनी चूत दिखाती है? चाचा ने कहा, हाँ क्यों नहीं. किसी को क्या पता चलता है? वो तेरी चूत और आर्मपिट सब साफ कर देगा. मम्मी ने कहा – नहीं मुझे अच्छा नहीं लगेगा. चाचा ने कहा – ठीक है. मैं कल साफ़ कर दूंगा. तुम घबराओ नहीं.

और ये कहकर चाचा ने मम्मी को बेड पर धक्का दे दिया और सामने आकर बैठ गए. उन्होंने मम्मी की दोनों टाँगे खोल ली. मम्मी ने चाचा से कहा – कंडोम लगा लो. चाचा ने कहा, नहीं. तुझे आज मैं बिना कंडोम के चोदुँगा.

मम्मी दरी हुई थी. उन्होंने कहा, तुम तीनो इतने दिनों से अपना स्पर्म अंदर गिरा रहे हो. कहीं बच्चा – वच्चा ठहर गया तो. चाचा ने कहा – डरो मत, मैं गिरवा दूंगा. और इतना कहा कर उन्होंने अपना लंड मेरी मम्मी की बुर में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगे.

चाचा ने अपना हाथ मम्मी की झांग पर रखा हुआ था और उन्हें चोद रहे थे. चाचा के हर धक्के पर मम्मी के बूब्स हिल रहे थे. मम्मी ने हाथो को पीछे कर के बेड को कसकर पकड़ा हुआ था.

चाचा के हर धक्के पर मम्मी धीमे – धीमे आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह ममम ईईईई माआआ ऊऊऊ नाहीईईई धीरे धीरे धीरे ऊऊफफफफफफ की आवाज़े निकाल कर चाचा का हौसला बढ़ा रही थी.

चाचा ने मम्मी से कहा – भाभी सच में तू बड़ा गरम माल है. किसी भी बुड्ढे के बेड में भी आग लगा देगी. उसका झुका हुआ लंड तेरी चूत को देख कर कड़क हो जायेगा. और ये कह कर चाचा ने जोर – जोर से मम्मी की चूत मारने लगे. मम्मी पुरे बदन को हिला रही थी. मैंने चाचा का स्टेमिना पहले भी देखा हुआ था.

पहले भी चाचा मेरी मम्मी को घंटो तक चोदते थे. मुझे मालूम था, कि चाहे मम्मी रो – रो कर मर जाये. वो अपनी हवस को शांत करके ही मम्मी की बुर से अपने लंड को निकालेंगे. मम्मी दर्द से चीख रही थी. मम्मी ने चाचा से रिक्वेस्ट की, कुछ देर के लिए अपने लंड को बाहर निकाल ले. पर चाचा ने ऐसा नहीं किया.

​वो मेरी मम्मी के ऊपर लेट गए और मम्मी को जोर – जोर से चोदने लगे. मम्मी जोर – जोर से आवाज़े निकाल रही थी. चाचा ने मम्मी से कहा – साली इतना क्यों चिल्ला रही है? असलम का लंड तो रात भर ले सकती है. तो मुझसे क्यों इतना दर्द हो रहा है?

और ये कह कर अपना होठ मेरी मम्मी के होठ में फसा दिया. जिससे की उनकी चीखे बंद हो जाए. फिर वो मम्मी को जोर – जोर से चोदने लगे. पुरे रूम में बेड के हिलने की चु चु चु और थप थप थप की आवाज़े आ रही थी. कुछ देर चाचा ने मम्मी को ऐसे ही चोदा शांत पड़ गए.

चाचा ने अपना सारा वीर्य मम्मी की बुर में ही गिरा दिया और वो मम्मी के बगल में ही लेट गए. दोनों की साँसे तेज चल रही थी और दोनों ही पसीने में भीगे हुए थे. चाचा कुछ देर लेटे रहे और उसके बाद उन्होंने मम्मी से कहा – भाभी, अब मैं जा रहा हूँ. फिर मिलता हूँ.

बाद में, मम्मी ने उनसे कहा – आज रात यहीं रुक जाओ. कोई नहीं है घर में. पर चाचा को शायद कुछ काम था. तो वो नहीं रुके और चले गए.

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