वासना से भारी ग्रूप चुदाई की कहानी

सेक्सी स्टोरी अब आयेज-

मेरी आवाज़ से उसको लग गया था की रोहन चुदाई करने में एक्सपर्ट था. दृश्या देखने लायक था.

आब हम सब नंगे होके चुदाई का आनंद ले रहे थे. अभी दीपक सुमन आंटी को छोड़ रहा था. उनके उपर मैं लेती थी. मेरा मूह उनकी छूट के पास और उनका मूह मेरी छूट के पास था. रोहन मेरी कमर पकड़ के मुझे छोड़ रहा था.

मेरी छूट मैं तोड़ा-तोड़ा दर्द भी हो रहा था, पर मज़ा भी बहुत आ रहा था. हमारी चुदाई देख कर दीपक भी सुमन आंटी को ज़ोर से छोड़ने लगा. पुर रूम में फूच फूच की आवाज़ और मोनिंग की आवाज़ गूँज रही थी. दूसरी तरफ मेरी सास झुकी हुई थी. उनका आधा बदन बेड में और आधा नीचे था. उनके पीछे से मधु आंटी उनको स्ट्रॅप-ओं से छोड़ रही थी.

सुमन आंटी: अया दामाद जी, छोड़ो, ऐसे ही छोड़ते रहो. मज़ा आ रहा है बहुत.

मैं: आ एस एस एस एस अया फक उम्म अफ, आ फक मे हार्ड.

सास: अया उम्म मधु बड़ा मज़ा आ रहा है. ऐसे ही करते रहो. इनके जाने के बाद मुझे इतना मज़ा पहली बार आया है.

दीपक चोरी-चोरी मेरी सास के उपर नज़र रख रहे था. ये बात मुझे और रोहन दोनो को मालूम हो गयी थी. ऐसे चुदाई करते हुए 20 मिनिट्स हो गये थे. अब सब झड़ने वाले थे.

तभी रोहन ने मुझे छोड़ना छ्चोढ़ दिया. मुझे तोड़ा अजीब लगा. फिर उपर उसकी जगह सुमन आंटी की टंग ने ले ली. तभी रोहन मधु आंटी के पीछे गया.

रोहन: दीपक भैया ये देखो.

दीपक (रोहन की तरफ देख के): क्या?

इतने में रोहन मधु आंटी का स्ट्रॅप ओं तोड़ा साइड करता है, और सीधा अपना लंड मधु आंटी की छूट में डाल देता है. अब रोहन अपनी मम्मी को दीपक के सामने छोड़ने लगता है.

पहले रोहन ने मुझे तबाद-तोड़ छोड़ा. उसके उपर से दीपक ने अपनी मा को नंगा देख मज़े लेते हुए अभी दीपक मा-बेटे का रियल सेक्स देख रहा था. प्लस मधु आंटी अभी भी मेरी सास को छोड़ रही थी. इन सब के बीच दीपक खुद सुमन आंटी को छोड़ रहा था.

ये सब दीपक को कुछ ज़्यादा एग्ज़ाइटेड कर देता है और दीपक और सुमन आंटी क्लाइमॅक्स में पहुँच जाते है. दीपक सारा माल उनके पेट और मेरे फेस पे झाड़ देता है.

दूसरी तरफ सास मधु आंटी से और मधु आंटी अपने बेटे रोहन से चुड रही थी. तभी सब एक साथ झाड़ जाते है. रोहन अपना सारा माल मधु आंटी की छूट में निकाल देता है. वो दोनो वहीं पर झाड़ जाते है.

हुमको एक ओर रौंद करने का मॅन था, बुत टाइम की कमी थी. जाते समय रोहन ने मुझे रोका और मुझे एक अड्रेस दिया और बोला “आपको जॉब की ज़रूरत है ना? यहाँ चले जाना, यहाँ आपको काव्या मिलेगी. “(काव्या थे प्रोटॅगनिस्ट ऑफ थे न्यू स्टोरी नेम्ड “लंड का खेल”)

मैं: ठीक है.

रोहन: एक काम करना, कल चले जाना और सोनिया को साथ ले जाना.

मैं: ओके. वैसे तुम इनको और इस कंपनी को कैसे जानते हो?

रोहन: ये दादा जी की कंपनी है. और मैं काव्या को बड़े आचे से जानता हू. तुम्हे जॉब दे देगी, मेरा नाम ले लेना.

फिर हम लोग वहाँ से जाने लगे. तभी दीपक की नज़र प्रिया पर गयी जो लिविंग रूम में थी. वो हुमको देख के मुस्कुरा रही थी. पहले दीपक और मेरी सास वहाँ से बाहर निकले. मैं जैसे जाने लगी, तभी रोहन ने मुझे अपनी तरफ खींचा मुझे एक ज़ोरदार किस दिया और बोला-

रोहन: जानेमन आज मज़ा आया ना? ऐसे मज़े चाहिए तो आते रहना.

इतना बोलते ही उसने अपने हाथ से मेरे बूब्स दबा दिए, और लास्ट किस देके मुझे विदा कर दिया. हम अपने घर पहुँचे. अब हमारे और मेरी सास के बीच एक चुप्पी सी आ गयी थी. मेरी सास ने अपनी बहू को गैर मर्द से चूड़ते देखा था. अपनी दोस्त को अपने बेटे से चूड़ते देखा था, और अपना अंग प्रदर्शन अपनी बहू-बेटे को करवाया था.

पर इससे भी बड़ी बात थी की उन्होने मा बेटे का सेक्स देखा था. अब उनके मॅन में भी एक जिगयसा आ गयी थी. हमने खाना वग़ैरा खाया. शाम का सीन दीपक के दिमाग़ से जेया नही रहा था. दीपक मेरे पास आया और बोला-

दीपक: यार मनीषा, आज रोल प्ले करते है. प्लीज़ आज के लिए मैं तुझे अपनी मा समझ कर छोड़ सकता हू?

मुझे समझ आ गया था जो रोहन ने किया था उसका असर दीपक के उपर पद गया था.

मैं: ठीक है. एक सेकेंड रूको मैं पानी पीक आई.

मैं किचन जाने के बहाने अपनी सास के रूम में गयी और उनसे बोला-

मैं: मा जी मेरे साथ आओ, कुछ दिखना है. आप बाहर रुकना, आपको शो दिखौँगी आज.

मेरी सास को कुछ समझ नही आया. पर फिर भी वो मेरे साथ आई. अब वो बाहर थी. अंदर मैने और दीपक ने अपना काम शुरू किया. हम दोनो किस कर रहे थे. तभी दीपक बोला-

दीपक: मम्मी आपके बूब्स बड़े मस्त है. आज मैं आपको इतना छोड़ूँगा आपके बरसों के प्यास मिट जाएगी.

इतना बोलते ही दीपक ने मेरी निघट्य फाड़ दी और मेरे बूब्स चूसने लगा. ये सब मेरी सास भी बाहर से देख रही थी. अंदर हमारी चुदाई शुरू हो गयी. दीपक मुझे अपनी मम्मी समझ कर छोड़ रहा था. दीपक ऐसी चुदाई कर रहा था की लग रहा हो की मेरी सास को छोड़ रहा हो.

मेरी सास भी बाहर से इस चुदाई के आनंद ले रही थी. करीब हमारी चुदाई आधा घंटे या 45 मिनिट्स तक चली. मेरी सास हुमको देखे जेया रही थी. चुदाई के बाद हम सब सो गये.

अगले दिन रोहन ने मुझे एक कंपनी का अड्रेस दिया था. मुझे वहाँ सोनिया के साथ जाना था. तो दोस्तों ये कहानी आप एक नयी सीरीस मैं पढ़ेंगे जिसका नाम होगा “लंड का खेल”. उसमे एपिसोड 1स्ट्रीट मेरी मैं कैसे उस कहानी की मुख्या पात्रा काव्या से मिली, और आयेज क्या हुआ, वो बतौँगी. सफ़र नयी ज़ंदगी का ऐसे ही चलता रहेगा.

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