वासना भरे रिश्तों को करीब लाने की तैयारी

हेलो दोस्तों, मैं आपकी मनीषा. आशा करती हू मेरी सेक्स स्टोरी आपके लंड और छूट से पानी निकाल रही होगी. लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा की हम 2 कपल्स एक-दूसरे के पार्ट्नर्स के क्लोज़ हो गये थे. अंकिता ने तो अपनी ब्रा पनटी में पिक भी भेज दी थी. अब आयेज-

नेक्स्ट मॉर्निंग मैने अंकिता को कॉल किया और उसे बोला की-

मे: यार तू उस दिन बोल रही थी ना कहीं घूमने जाने का, तो कुछ प्लान करे क्या?

अंकिता: हा, मैं तो रेडी हू. कहाँ और कब जाना है बता दे बस?

मे: आकाश जीजू रेडी हो जाएँगे ना? पुर दिन वो अपनी शॉप से डोर रह पाएँगे?

अंकिता: तू उनसे बात कर. वैसे भी आज-कल वो तुझसे ज़्यादा ही बातें करने लगे है, और तेरी तो हर बात मानते है.

मे: हा मैं उनकी फॅवुरेट साली जो हू. तुझे जलन तो नही होती कहीं?

अंकिता: मैं क्यूँ जलने लगी?

मे: हा सही है. तू भी तो दीपक से कुछ ज़्यादा ही बातें करने लगी है. कल तेरी सेल्फिे दिखाई दीपक ने मुझे.

अंकिता: ऐसा कुछ नही है यार. वो तो दीपक जीजू रिक्वेस्ट करने लगे, तो मुझे भेजनी पड़ी.

मे: तू टेन्षन क्यूँ ले रही है? मुझे इसमे कोई प्राब्लम नही है. उल्टा मैं तो खुश हू. तुझसे बात करने के बाद कल रात दीपक का जोश कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया था. रात को मुझे पूरा हिला दिया उसने.

अंकिता: क्या बात कर रही है, सच में?

मे: हा यार, ऐसा लग रहा था जैसे हम 1स्ट्रीट टाइम कर रहे हो.

अंकिता: वैसे आकाश ने जब से तुझसे बातें करना स्टार्ट किया है, उसका पर्फॉर्मेन्स भी बढ़ गया है बेड में.

मे: वाह, क्या बात है!

अंकिता: हमारी सेक्स लाइफ थोड़ी बोरिंग सी हो गयी थी. पर अब तड़का लग गया है उसमे.

मे: मेरा भी सेम है. सोच अगर सिर्फ़ बातें करने से उन दोनो का ये हाल है. तो अगर कुछ एक्सट्रा मिला तो वो दोनो तो बेड में तबाही मचा देंगे.

अंकिता: बात तो सही है, पर क्या करे एक्सट्रा?

मे: क्यूँ ना हम सब वॉटर रिज़ॉर्ट का प्लान करे? और वहाँ हम दोनो कुछ एक्सट्रा करने का ऑप्षन ढूँढ ही लेंगे. बुत अगर तुझे कोई प्राब्लम ना हो तो.

अंकिता: मुझे कोई प्राब्लम नही है. मैं तो रेडी हू.

मे: तो मैं आज आकाश जीजू से बात करती हू, और तू दीपक से बात कर. फिर हम डिसाइड करते है की कब जाना है.

अंकिता: डन, मुझे तो अभी से एग्ज़ाइट्मेंट हो रही है.

मे: ज़रा अपनी एग्ज़ाइट्मेंट पे कंट्रोल कर. उन दोनो को ये नही पता चलना चाहिए की ये सब हम दोनो मिल के प्लान कर रहे है. उनको यहीं लगना चाहिए की सब नॉर्मली हो रहा है.

अंकिता: हा, मैं ध्यान रखूँगी.

मे: ओक.

हमारी छत ख़तम होती है, और फिर आफ्टरनून में मैं आकाश जीजू से बात करती हू.

मे: हेलो जीजू.

आकाश: हेलो साली साहिबा, कैसे हो?

मे: मैं तो अची हू, और आप?

आकाश: तुमसे बात हो गयी, तो अब अछा हू.

मे: अछा जी?

आकाश: हा जी.

मे: कल आपने अंकिता को कुछ ज़्यादा ही आचे से समझा दिया था. लगता है वो दीपक से कुछ ज़्यादा ही क्लोज़ बातें कर रही थी.

आकाश: मेरे सामने ही तो छत कर रही थी वो.

मे: सच में? फिर वो सेल्फिे भी आपके सामने ही ली थी क्या?

आकाश: मेरे कहने पे ही तो ली उसने वो सेल्फिे.

मे: आपको बुरा नही लगा आपकी वाइफ किसी और को अपनी वैसी सेल्फिे भेज रही है?

आकाश: बुरा क्यूँ लगेगा? इससे हम सब का रीलेशन ही तो अछा हो रहा है ना.

मे: वाह जीजू, आप तो बड़े ओपन माइंडेड निकले.

आकाश: तभी तो सब खुश रहेंगे.

मे: हा, बात तो सही है.

आकाश: क्या मैं भी तुमको वैसे देख सकता हू?

मे: अगर सब सही से हो गया, तो पिक क्या मैं आपके सामने रहूंगी. जैसे चाहो वैसे देख लेना.

आकाश: प्रॉमिस ना? तुम माना तो नही कर डोगी?

मे: देखने की फुल पर्मिशन है. पर कुछ करने मिलेगा की नही वो मैं नही बता सकती.

आकाश: तुमने इतनी पर्मिशन दी, अभी तो उसे खुश हू. आयेज का तभी देख लेंगे.

मे: हा. अछा सुनो हम सब कही पिक्निक पे जाए तो कैसा रहेगा? सब को एक-दूसरे के और क्लोज़ आने को मौका मिलेगा.

आकाश: क्या मस्त आइडिया है. मुझे भी तुम्हारे साथ पुर दिन रहने का मौका मिलेगा.

मे: तो कुछ सजेशन तो दो की कहाँ जाए?

आकाश: वॉटर रिज़ॉर्ट जाए तो?

मे: आइडिया तो अछा है. वॉटर रिज़ॉर्ट ही जाते है.

आकाश: पानी में तुम्हारा भीगा बदन देखने को मिलेगा.

मे: जीजू ज़रा कंट्रोल करना उन दोनो के सामने.

आकाश: तुम इतनी हॉट हो, की मुश्किल है. पर मैं पूरा ट्राइ करूँगा कंट्रोल करने का.

मे: अट लीस्ट उनके सामने ऐसी वैसी कुछ हरकत मत करना.

आकाश: हा, मैं ध्यान रखूँगा.

मे: पर आप पुर दिन अपनी शॉप से डोर रह पाओगे ना?

आकाश: हा, तुम्हारे साथ रहने के लिए कुछ भी.

मे: थॅंक योउ जीजू.

आकाश: कब जाना है?

मे: वो हम सब मिल के फिक्स करते है. आप अंकिता से बात करो, मैं दीपक से बात करती हू.

आकाश: हा ठीक है.

मे: चलो बाइ, कब जाना है? फिक्स करके बात करते है.

आकाश: ओक, ई लोवे योउ.

मे: लोवे योउ टू जीजू.

और इस तरह हमारी छत फिनिश हुई. मैने घर जाके दीपक को भी बताया तो वो भी एक-दूं खुश हो गया. तभी अंकिता का कॉल आया, आंड उसे भी वॉटर रिज़ॉर्ट जाने का आइडिया पसंद आया. हमने सॅटर्डे को जाने का प्लान फिक्स किया.

मैने मेरी सास को बताया तो वो बोली: हा घूम आओ सब. आराव को मैं संभाल लूँगी.

अब तो आराव का भी टेन्षन नही था. अब तो सब लोग बहुत एग्ज़ाइटेड थे. उस रात दीपक ने मेरी चूत की बंद बजा दी, इतनी ज़बरदस्त चुदाई की उसने. सब को सॅटर्डे का इंतेज़ार था. सब अपने अपने प्लान कर रहे थे, की कैसे एंजाय करेंगे वहाँ.

अब अगले पार्ट में जानिए की वॉटर रिज़ॉर्ट में क्या-क्या हुआ? आपकी इस मनीषा को मैल करते रहिए और बताइए की अब तक की स्टोरी कैसी लगी

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