अंकल और उनके ड्राइवर के साथ थ्रीसम चुदाई

अजय ड्रॉइग्रूम से आते टाइम भीग गया था. क्यूकी बीच मे आगन पड़ता था जो की खुला था. तो अजय भेआगता हुआ मेरे बेडरूम मे आ गया.

अंकल वही बेड पे लेते हुए थे अंकु अंकल के पास था. फिर मोनू और लास्ट मे मे सारी पहने बैठी थी. मैने अजय के लिए फोल्डिंग चारपाई निकली जो की हुँने बेड के नीचे की तरह बिछा दी.

फिर अंकल ने कहा की अजय तू कपड़े चेंज कर ले आराम से लेट फिर. अंकल ने कहा मंजू बेटा विसकी की बॉटल लाना एक पेग लगता हू. फिर मैने अंकल को बॉटल ला के दे दी. अंकल मे अपने लिए पेग बनाया और अजय से पूछा तू भी लेगा क्या?

अजय ने माना किया पर अंकल बोले ले लगा ले मौसम ठीक है फिर. फिर अजय और अंकल वही बैठ के पेड़ पे पेग लगाने लगे. मे मोनू को दूध पीला रही थी, अंकु भी अब ठीक था पर नेंद मे था. फिर अंकु बगल मे आ के लेट गया.

अंकल और अजय आधी बॉटल ख़तम कर चुके थे, मैने कहा अब बस करिए अंकल. पर अंकल बोले अभी और पीने दो मंजू फिर अंकल ने अजय से कहा की अजय चल हम बगल वेल बीच वेल रूम मे चल के पीते है.

फिर वो दोनो उधर जा के पीने लगे वाहा दीवान पड़ा हुआ था (बॉक्स वाला सिंगल बेड) वही पे दोनो लोग दारू पीने लगे. मे भी अंकु को सुला के आ गयी बगल वेल कमरे मे मे भी और मे चेर पे बैठ गयी. वो दोनो दीवान पे बैठे हुए थे.

तभी अंकल ने कहा की मंजू टेप चलाओ गाना सुनने का मॅन कर रहा है. तो मैने कहा पर बचे सो रहे है आवाज़ जाएगी. पर तभी अजय ने कहा भाभी आप दरवाजा बंद कर दो आवाज़ नही जाएगी.

फिर मैने टेप मे सेल डाले और टेप चलाया बारिश इतनी तेज़ थी की आवाज़ बाहर नही जा रही थी. अंकल ने मेरे से कहा मंजू तुम पी विसकी पी लो. मेरे कई बार माना करने के बाद भी अंकल नही माने और मेने आज तक शराब नही पी थी. हन पर एक दो बार ब्रॅंडी पी थी ठंड की वजह से.

उसके बाद अंकल ने भी मेरे लिए एक पेग बनाया और मुझे दिया. मैने उसे पानी की तरह पी लिया एक बार मे ही, कड़वी लगी पर ज़्यादा नही. उसके बाद हम तीनो गाने सुनने लगे.

मुझे अब नशा होने लगा था के वही बैठी थी पर मे बाते कर रही थी. फिर अंकल ने कॅसेट को फॉर्वर्ड किया उसमे पुराना गाना था.. “जब चाहे मेरा जादू” आहा भोसले के गाना.

अंकल ने कहा की मंजू तुम डॅन्स कर के दिखाओ. पर मेरी हिम्मत नही थी उठने की चेर से क्यूकी मुझे हल्का नशा हो चुका था. अंकल ने अजय से कहा की तू डॅन्स कर.

फिर अजय उठा और उसने एक दो स्टेप किए फिर बैठ गया. उसके बाद अंकल ने मेरे से फिर कहा तो मे उठी खड़ी हुई और नाचने लगी. फिर मुझे होश नही था की मे क्या नाच रही हू बस नाचने लगी.

थोड़ी देर बाद मेरा धान गया की मेरा सारी का पल्लू नीचे गिरा हुआ है. और मे नाचे जा रही हू और सारी भी मेरी पेटीकोआट से निकल रही है. फिर अंकल ने कहा की मंजू अछा डॅन्स कर रही हो ऐसे ही करो अछा लग रहा है बहोट.

अजय ने भी बोला हन भाभी आप कितना अछा नाच लेती हो. फिर मैने कहा की सारी की वजह से अब मेरे से नही नाचा जा रहा है. अंकल बोले अरे मंजू अभी मत रूको अब और करो और अगर दिक्कत हो रही है की सारी निकल दो. मैने भी ज़्यादा ढयन नही देते हुए अपनी सारी उतार के रख दी.

अब मे ब्लॅक पेटीकोआट और ब्लॅक ब्लाउस मे थी.

तभी मैने अजय की तरफ गोर किया तो देखा की वो हाथ मे ग्लास पक्के हुए मेरे दूध को घुरे जा रहा था. और घूरता भी क्यू नही थे जो इतने बड़े मेरे दूध और उसे दूध भी सॉफ नज़र आ रहे थे. क्यूकी ब्लॅक ब्लाउस का कपड़ा काफ़ी हल्का था.

फिर अंकल का कोई पसंद का गाना आ गया था वो उठे और अपने आखरी पेग जो ग्लास मे था. वो पूरा एक सास मे पी गये और मेरे साथ डॅन्स करने लगे.

अंकल की आँखो मे नशा और हवस सॉफ दिख रही थी. वो ये भूल गये थे की अजय यही था उन्होने मुझे कस कर अपनी बाहो मे दबोच लिया और बिस्तर पे गिरा दिया और मेरे होतो को चूमने लगे और किस करने लगे.

मैने बहोट कोशिश करी पर उन्हे माना नही कर पाई. कुछ ही मिनिट्स मे मे भी किस करवाने मे मदहोश हो गयी. अब मे अपने हाथो को खोल के लेट गयी थी.

तभी अंकल ने अजय से बोला की देख अजय मंजू के दूध कितने बड़े है देख तो सही. अजय ने भी जल्दी से अपने ग्लास मे बची हुई विसकी को ख़तम किया और मेरे पास आके बैठ गया. फिर उसने अपने एक साथ से मेरे लेफ्ट वेल दूध पे ब्लाउस के उपर से हाथ रख दबाने लगा.

अंकल- कैसे लग रहा है अजय?

अजय- मज़ा आ रहा है मलिक.

अंकल- दूसरा भी दबा.

ये सुन के अजय मेरे दोनो दूध को मसालने लगा और बिना पूछे उसने मेरे ब्लाउस को दूध के उपर कर दिया. अब उसके सामने मेरे दोनो बड़े बड़े दूध थे उसने देरी ना करते हुए मेरे लेफ्ट निपल को अपने मूह मे ले के चूसने लगा. वो मेरे लेफ्ट मे ही बैठा था इसलिए.

उसने मेरे होतो पे कई बार किस भी किया. तभी अंकल उठ के खड़े हुए बोले मे पेशाब कर के आता हू अजय तू पी. अंकल जैसे ही गये अजय मेरे होत और मुझे चूमने लगा कभी होत पे कभी गले पे कभी दूध को. और अजय ने मेरे सारे ब्लाउस के हुक भी खोल दिए थे. जिससे अब उसे दूध चूसने मे आसानी थी.

पर इतनी देर मे अंकल आ गये पेशाब कर के पर जैसे ही मैने अंकल को देखा. तो अंकल नीचे नंगे थे सिर्फ़ उपर हाफ शर्ट और बनियान पहने हुए थे. बाकी नीचे उनका लंबा लंड लटक रहा था.

मैने देखा तो अंकल एक हाथ मे मेरी सरसो के तेल की शीशी लिए हुए थे. वो मेररी टॅंगो की तरफ आए और मेरे पेटीकोआट को मेरी टॅंगो से कमर तक उपर कर दिया.

अंकल ने अजय से कहा की अजय देख मंजू की छूट कितनी अची है.. फिर अजय ने मेरी छूट को देखा और बोला हन मलिक ये तो इकड़म गोरी चिकनी है. लगता है भाभी ने जल्दी मे ही छूट के बाल सॉफ किए है.

मैने तुरंत जवाब दिया की परसो ही बनाई है मैने. अजय अब मेरे निपल को दोनो उंगलियो से घुमा रहा था और अंकल ने तेल की शीशी से ही मेरी छूट के छेड़ के उपर 5-6 बूंदे डाली. और अजय से कहा की तुम छूट पे तेल माल अजय मेरे पेट के पास आ के बैठ के मेरी टाँगे फैला के छूट पे तेल लगाने लगा.

वो तेल के साथ साथ अपनी एक उंगली को मेरी छूट के अंदर भी डालने की कोशिश कर रहा था. इतने मे अंकल ने भी अपने लंड पे तेल लगा के लंड खड़ा कर लिया था 7 इंच तक का.

अजय बोला मलिक आपका लंड तो बहोट बड़ा है कही भाभी की छूट फट ना जाए. अंकल ने कहा नही फटेगी अजय औरत की छूट मे बहोट ताक़त होती है, तू बस छूट सहला.. ये कह के अंकल ने अपने चिकने तेल लगे हुए लंड को मेरी छूट के छेड़ पे रख दिया.

छेड़ पे लंड रख के अंकल ने एक धीरे से झटका मारा और लंड मेरी छूट के अंदर तक पूरा चला गया. अजय ने कहा मलिक आपका तो लंड एक झटके मे ही अंदर चला गया भाभी की छूट मे.

तब अंकल बोले अजय इसका पति इसे खूब छोड़ता होगा ना तो उसने इसकी छूट छोड़ छोड़ के बड़ी कर दी है. पर अंकल ने ये नही बताया की वही तो है जिसने मेरी छूट मार मार के खोल दी है.

फिर अंकल ने अजय से कहा की अब तू भी अपना लंड बाहर निकल. अजय ने तुरंत अपनी पंत उतरी उसका तो चड्डी के उपर से ही सॉफ दिख रहा था की लंड पूरा ताना हुआ खड़ा है.

अजय मेरे दूध के पास घूतणो के बाल बैठा था फिर उसने अपनी चड्डी उतरी और अजय का भी लंड अब मेरे सामने था. मैने कहा अजय का भी लंड अंकु के पापा जैसा ही है. 6 इंच बड़ा और 2. 5 इंच मोटा. पर अजय के लंड का सूपड़ा स्किन से ढाका हुआ है.

अंकल ने कहा की हन इसने शायद ज़्यादा छूट मारी नही होगी अभी तक.

अब मैने अजय को अपने लेफ्ट हॅंड मे ले के हिलना शुरू किया. अंकल ज़मीन पे खाते हो के मेरी छूट मे अपना लंड डाले हुए छोड़े जा रहे थे.

मैने अजय ले लंड को अपने मूह मे लेने के लिए खिछा और अपने रसीले होतो मे अजय का लंड ले लिया और चाटने लगी. मुझे बहोट मज़ा आ रहा था क्यूकी ऐसा मेरे साथ पहली बार हो रहा था. एक लंड छूट मे था और एक मेरे मूह मे.

पर शायद अजय अपने लंड को सॉफ नही करता था. उसके उसके सूपदे से स्किन हटा के देखा तो सफेद का मैल जमा हुआ था लंड की बदबू आ रही थी. पर मैने गोर ना करते हुए उसे भी अपनी जीभ से छत लिया.

इसके बाद अंकल ने कहा की आ अजय अब तेरी बरी.. और ये कह के अंकल ने अपने लंड मेरी छूट से बाहर निकल दिया और मेरे पास आ के बैठ गये.

अब अजय ज़मीन पे खड़ा था और उसके सामने मेरी छूट थी. जब अजय ने अपना लंड मेरी छूट के दरवाजे पे सता के तोड़ा अंदर घुसना चाहा तो अजय ने कहा.

मलिक भाभी की छूट शायद झाड़ गयी है सफेद अपनी बाहर आ रहा है.

तब अंकल बोले अरे नही पगले वो इसका पानी नही मेरे लंड का पानी है जो मैने इसकी छूट के अंदर ही गिरा दिया है.

इतने मे अजय के लंड के टोपे पे अंकल का सारा पानी लग चुका था. और अजय ने बिना देरी किए मेरी छूट के नादारी अपना लंड घुसा दिया. अजय का भी लंड मेरी छूट मे पूरा घुस गया था और अजय मेरी टॅंगो को पकड़ के छोड़ने लगा था.

अजय छोड़ने के साथ साथ मेरे पैरो की उंगलियो को भी छत रहा था और चूम रहा था और बोले जा रहा था… भाभी बहोट मज़ा आ रहा है छूट मरने मे बहोट मज़ा आ रहा है मलिक.. और अंकल बगल मे बैठ के मेरे दूध से खेल रहे थे.

फिर अजय ने कहा भाभी घोड़ी बन जाओ…

तो बे कंटिन्यूड…

यह कहानी भी पड़े  बातरूम में थ्रीसम चुदाई


error: Content is protected !!