ब्फ ने अपनी शरीफ गफ़ को रंडी बन के चुद्ते देखा

हे फ्रेंड्स, मेरा नाम सिद्धार्थ है, और मैं मुंबई से हू. मेरा 2न्ड एअर चल रहा है, और मैं का कर रहा हू. मैने इस साइट की बहुत सारी स्टोरीस पढ़ी है, और अब मेरा मॅन है की मैं अपनी रियल लाइफ स्टोरी आप सब से शेर करू.

ये मेरी पहली स्टोरी है, और मैं उम्मीद करूँगा की मुझसे ज़्यादा ग़लतियाँ ना हो. उससे पहले मैं आपको एक बात समझना चाहता हू. की मैने भी बहुत सारी सेक्स स्टोरीस पढ़ी है, और अपने पर्सनल एक्सपीरियेन्स से बता रहा हू, की उनमे मज़ा तब ही आता है, जब उसकी एक-एक चीज़ को ढंग से पढ़ा जाए. और स्टोरी से अटॅच हुआ जाए.

तो ढंग से पढ़ना सब, वरना मज़ा नही आएगा. तो बात तब की है, जब मैं 1स्ट्रीट एअर में पढ़ता था. मैं एक कॉमर्स स्टूडेंट था, और मेरी एक गर्लफ्रेंड थी जनवी. जनवी की हाइट 5 फीट 5 इंचस थी, और उसका फिगर बहुत अछा था.

रंग उसका गोरा था, पर बहुत ज़्यादा नही. पर वो उसके फेस कट और फिगर की वजह से पूरी क्लास में सबसे अची दिखती थी. जनवी और मैं बचपन के दोस्त थे, और 7त क्लास से ही हम फ्रेंड्स थे. मैं उसको बहुत पसंद करता था.

शुरू से ही हमारी बॉनडिंग अची रही थी. मैं ही उसका पहला बाय्फ्रेंड था, और हमेशा से उसके इशारे पे रहता था. वो जैसा कहती थी, मैं वैसा ही करता था. वो कभी मुझे किसी लड़की से ज़्यादा बात नही करने देती थी. पर उसके बहुत सारे माले फ्रेंड्स थे, और उसका एक बेस्ट फ्रेंड भी था सम.

सम एक बहुत ही रईस घर का लड़का था, और बिगड़ैल. पुर कॉलेज में जिस लड़की पर वो हाथ मारता था, उसको छोड़ के ही छोड़ता था. कभी-कभी तो मुझे जनवी पर शक होता था, पर मुझे उस पर भरोसा भी बहुत था.

जब भी मैं उस पर गुस्सा करता सम को लेकर, तो वो मुझसे बात नही करती थी, और उल्टा लड़ने लग जाती थी, की मुझे उस पर ट्रस्ट नही था. तो मैने कुछ बोलना ही छ्चोढ़ दिया था. मुझे बुरा लगता था जब वो उससे बात करती थी, पर मैं से लेता था.

शुरू में तो वो मुझे उसको छूने भी नही देती थी, पर धीरे-धीरे हम आयेज बढ़े और हमने एक-दूसरे को बस किस ही किया था अभी तक. किस करते वक्त जब मैने उसके बूब्स को दबाया, तो उसने मुझे धक्का दिया और माना कर दिया था.

एक दिन क्लास में लेक्चर चल रहा था. उतने में जनवी आई, और पीछे सम के पास जेया कर बैठ गयी. मैने उससे पूछा की मेरे पास क्यू नही बैठी, तो उसने कहा की उसको अकाउंट्स की कुछ प्रॉब्लम्स समझनी थी. मेरी थोड़ी गांद भी जाली, की वो उसके पास क्यूँ बैठी थी.

दोस्तों मैं बिल्कुल भी पोस्सेसिवे नही था, बस मुझे उस लड़के से चिढ़ थी. क्यूंकी जनवी उससे बहुत चिपक के रहती थी. फिर मैने सोचा की छ्चोढो यार साथ ही तो बैठी थी. और फिर मैं लेक्चर पे ध्यान देने लगा.

तभी एक-दूं से मुझे आवाज़ आई आहह सम, अया! मैं एक-दूं से पीछे पलटा तो देखा जनवी की आँखें बंद थी, और सम बेंच के नीचे घुसा हुआ था. और फिर वो एक-दूं से उपर आया, और जनवी ने आँख खोली.

मैं सोचता रह गया की वाहा हुआ क्या था. मेरा एक दोस्त था राज, जो की डोर से सब देख रहा था. मैने जनवी से पूछा की क्या हुआ, तो उसका मूह उतरा, और उसने हिचकिचाते हुए कहा-

जनवी: सम ने ग़लती से लात मार दी.

और मैं चूतिया मान भी गया बहनचोड़! लेक्चर के एंड में राज मेरे पास आया, और कहा-

राज: मुझे तुझे कुछ बताना है.

मैने कहा: हा बता.

उसने मुझसे कहा: भाई सुन, ये जो जनवी है ना, ये पहले जैसी नही रही. एक-दूं चुड़क्कड़ हो गयी है. और अभी भी ये सम उसकी छूट में उंगली कर रहा था. मैने तो सुना है की जनवी उसका लंड मूह में लेती है खाली बस में. और सम के घर भी जाती है रोज़ 12 बजे के बाद.

ये सुन के तो मानो मेरी गांद से भी आँसू आ गये. मेरी गांद जल गयी, और मैं एक-दूं ब्लॅंक हो गया. मेरा चेहरा उतार गया, और मैं वाहा से चला गया. पर मैने उसकी बात पे पूरी तरह से यकीन नही किया. लेकिन मुझे बहुत शक हुआ. अब मुझे इस बात की पूरी जड़ तक जाना था.

फिर मैं घर गया और वही सब सोचता रहा. अब किसी काम में मेरा मॅन नही लग रहा था. 11 बजे मैने जनवी को कॉल की, और मैने उससे बात करना स्टार्ट किया. मैने उससे उसकी इंस्था ईद माँगी, तो उसने प्राइवसी के नाम पे माना कर दिया.

वो ढंग से बात भी नही कर रही थी. वैसे तो वो बहुत टाइम से ढंग से बात नही कर रही थी. पर मुझे समझ आज आ रहा था. फिर उसने मुझे बाइ बोला, और मैने देखा की 12 बाज रहे थे.

मैने पूछा: अब क्या करोगी? उसने कहा: सो जौंगी, और क्या. मैने कहा: गुड नाइट.

उसने भी कहा गुड नाइट. फिर अगले दिन मैं कॉलेज गया. सारी क्लास हो जाने के बाद जनवी को बाइ बोल के जब मैं जाने लगा, तो मैने देखा की सम अभी तक क्लास में ही था. जब की वो तो लेक्चर बिना करे भी निकल जाता था.

मुझे शक होने लगा, और मैं वही रुक गया. मैने जनवी के सामने जाने की आक्टिंग की, और कोने में जाके खड़ा हो गया. जनवी आंड सम बहुत देर तक बाहर नही आए, तो मैने क्लास के बाहर से देखा.

अंदर देख कर मेरी गांद फटत गयी. वो दोनो किस कर रहे थे. तभी एक-दूं से सम ने उसके बूब्स पे हाथ लगाया, और दबाने लगा. मेरा तो इसमे ही लंड खड़ा हो गया. मेरा लंड बस 3 इंच का है. फिर एक-दूं से सम ने जनवी के बूब्स को बाहर निकाला, और शर्ट के बटन खोल के और चूसने लगा.

जनवी: आहह सम आहह, और चूसो, गीले करदो मेरे बूब्स को.

फिर सम अपना लंड निकालता है जो की करीब 7 इंच का होता है, और जिसको देख कर जनवी के मूह में पानी आता दिखाई देता है. उसकी आँखों में दिख रहा था, की उसका कितना मॅन था उसके रसीले लंड को अपने मूह में लेने का.

सम: चल अब कल जैसे झुक और इसको मूह में ले.

ये सुन के मेरी दुनिया ही हिल गयी. पता नही ये सब कितने समय से चल रहा था. जनवी नीचे झुकती है, और सम का लंड मूह में लेना चालू करती है. सम आँखें बंद करके आवाज़ निकालना चालू कर देता है.

सम: एम्म जनवी एम्म.

पूरी क्लास में गल्प गल्प गल्प की आवाज़े गूँज रही थी. जनवी उसका लंड एक-दूं गले तक ले रही थी. फिर 15 मिनिट के बाद उसने जनवी के गले में ही अपना सारा माल डाल दिया, और वो सारा पी गयी. सम ने उसको बेंच पर लिटाया, और उसकी छूट को चाटने लगा. उसने आवाज़े निकालना चालू कर दिया.

जनवी: आअहह छातो

आहह, मुझे खा जाओ सम आहह. उस छूतिए से बात कर-करके तक गयी हू. मुझे तुम्हारे जैसा ब्फ चाहिए. वो ना-मर्द का तो लंड मुझसे बात करने में ही खड़ा हो जाता है.

मुझे बहुत बुरा लग रहा था. पर मैं उत्तेजित भी हो रहा था, और मेरा जनवी की बात सुन के, और सब देख के अपने आप ही निकल गया.

सम: कोई बात नही बेबी. अब मैं आ गया हू ना, रोज़ तेरे अंदर जाके तुझे निचोढ़ दूँगा.

मेरा लंड झड़ने के बाद फिरसे खड़ा हो गया था.

सम बेंच पर बैठा, और जनवी ने अपनी पेंटी उतरी, और सम की साइड मूह करके उसके उपर बैठ गयी. फिर वो ज़ोर-ज़ोर से उछालने लगी. उसकी गांद ऐसे मचल रही थी, की मुझे यकीन ही नही हो रहा था की वो ऐसी निकलेगी. सम का 7 इंच का लंड पूरा उसकी छूट में था.

जनवी: ई लोवे योउ सम! आहह, छूट मार लो मेरी आहह. रांड़ बना लो मुझे अपनी आह सम आ आह आह.

सम उसकी गांद पे ज़ोर का छाँटा मारता है, और उसकी गांद हिलने लगती है, और लाल हो जाती है. उसकी गांद ऐसे मचल रही थी सम के लंड पे, की मेरा फिरसे झाड़ गया. मेरी आँखों में से आँसू आ गये, और मेरा गुस्सा भी बहुत बढ़ गया था.

सम: बेबी, ई आम गॉना कम!

जनवी: मेरे अंदर ही निकाल दो सम, आहह आह.

फिर सम ने अपना सारा माल उसकी छूट में निकाल दिया, और जनवी ने एक गोली बाग से निकली और खा ली. और मैं वाहा से चला गया.

दोस्तों अब देखना ये है, की मैने आयेज क्या करा. मैं थोड़े समय में आयेज का पार्ट लेकर अवँगा. तब तक के लिए बाइ!

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