अंकल ने मेरी मा को रंडी की तरह चोदा

मम्मी की टाँगे बहुत उपर हो चुकी थी. उसके बाद अंकल अपना लंड बाहर निकल लिया. मम्मी की छूट के अंदर पिंक होल्ल दिखने लगा जिसमे बहुत सारा पानी निकल रहा था. अंकल का लंड भी मम्मी की छूट के पानी से चमकने लगा.

फिर अंकल कपड़े से अपना लंड सॉफ किया और फिर मम्मी के छूट मे से आ रहे पानी को भी सॉफ किए. अंकल मम्मी का हाथ पकड़ मम्मी को खड़ा कर दिया. और मम्मी को चूमने लगा.

मम्मी भी अंकल को अपनी बाहों मे भर ली और चूमने लगी.

दोनो की जोड़ी बहुत अची बन गयी थी. दोनो एक दूसरे को प्यार कर रहे थे. मई अंकल और मम्मी पर गुस्सा नही कर पा रहा था. मुझे अब पापा पर गुस्सा आने लगा था क्यूँ की अगर पापा भी मम्मी को इसी तरह छोड़ते तो आज मम्मी अंकल से नही चुड़वति.

अंकल मम्मी को घोड़ी बना दिए. मम्मी पलंग पर हाथ रख घोड़ी बन गयी. उहफफफफफफफ्फ़ मम्मी की फुल्ली हुई गांद आआहह अंकल मम्मी की गांद को मसालते हुआ अपना लंड पीछे से मम्मी की छूट पर सेट कर दिया. और मम्मी की गांद को पकड़ अपना लंड मम्मी की छूट मे डालने लगा.

मम्मी – आआहह…

फिर धीरे धीरे अपनी कमर आयेज पीछे कर मम्मी को छोड़ने लगा. अंकल काम वासना मे पागल हो गया था. और मम्मी को भी पागल कर दिया.. अंकल मम्मी की गांद पर ज़ोर्से तपद मारा….

मम्मी – आआआअहह क्या कर रहे हो…….

अंकल हासणे लगा और एक तपद गांद पर मारा.

मम्मी – आअहह रफ़ीक क्या कर रहे हो दर्द हो रहा ना…..

अंकल हंसता हुआ मम्मी की पीठ पर झुक गया. और मम्मी की नंगी पीठ को चाटने लगा.

अंकल – मेर्र्री जाअँ उर्मिला दर्द मे ही तो मज़ा है आअहह कहते हुए अंकल एक और थप्पड़ गांद पर मआराअ.

मम्मी – आआहह पागल हो गये हो.

अंकल हंसता हुआ मम्मी की पीठ पर जीभ घूमता हुआ मम्मी के बूब्स जो लटक रहे थे उनको मसालते हुए गप्पगाप मम्मी को छोड़ने लगा. उसके ऐसा करने से मम्मी भी हंस दी…

अंकल एक हाथ से मम्मी के बॅलो को पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मम्मी की गांद पर तपद मरने लगा.

मम्मी – आआहह उूुुुुउउम्म्म्मम उूुउऊहह आहह.रफिकककककककक आहह

अंकल- आहह उर्मिला मेरी रंडी आअहह जितना तुझे छोड़ू उतना ही मेरे लंड मे आग लग जाती हाईईईई…

मम्मी – हँसती हुई आअहह आपके लंड की आग मे ही शांत करूँगी रफिकककक.

अंकल – आहह हाँ मेरी रांड़ मुझसे घोड़े के लंड को तुम जैसी गड्राई घोड़ी ही शांत कर सकती है.

अंकल मम्मी की गांद पर थप्पड़ मार मारकर घोड़ी की सवारी करने लगा. तपद से मम्मी की गांद लाल हो गयी.

काफ़ी देर इश्स पोज़िशन मे छोड़ने के बाद अंकल अपना लंड छूट से निकल लिया. और मम्मी लंबी लंबी साँसे लेकर हाँफती हुई पलंग पर मूह के बाल गिर गयी. और फिर सीधी हो गयी. मम्मी की तेज सांसो से उनके बूब्स उपर नीचे होने लगे. उनकी छूट मे अंकल के लंड के शॅप का गोल्ल होल्ल हो चुका था.

मम्मी – बाप रे आहनन्ंहाहह आप तो मेरी हालत ही खराब कर दिए. उूुउऊहह.

अंकल मम्मी को इश्स हालत मे देख स्माइल करने लगा.

अंकल – इश्स तरह से तो अशोक ( मेरे पापा का नाम) भी नही छोड़ा होगा तुम्हीई……

मम्मी हल्की हल्की स्माइल करती हुई हासणे लगी. अंकल अपने लंड को सॉफ कर कपड़ा मम्मी के उपर फेंक दिया. मम्मी यूयेसेस कपड़े से अपनी छूट सफ़फ़ करने लगी.

अंकल पानी पीने लगा और फिर बॉटल मम्मी को दे दिया. मम्मी भी पानी पीने लगी. उसके बाद अंकल पलंग पर आया और मम्मी की टाँगे छोड़ी कर मम्मी की गांद के नीचे तकिया लगाया. और अपना लंड मम्मी की छूट पर सेट कर लंड का टोपा छूट मे दल दिया.

मम्मी – आअहह.

अंकल धीरे धीरे धक्का मरने लगा. मम्मी अपने हाथ से अपनी छूट के यहा सहलाने लगी.अंकल मम्मी की झंगो के नीचे से हाथ डालकर मम्मी की टॅंगो को उनकी कमर तक मोड़ दिया. और फिर मम्मी को गप्पगाप छोड़ने लगा. अंकल के वजन से मम्मी को दर्द होने लगा.

मम्मी – आआहह आअहह उूुुउऊहह आअहह करने लगी.

इश्स पोज़िशन मे मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था क्यूँ की उनकी टाँगे अंकल कमर तक मोड़ दिया और अपना पूरा भर मम्मी पर डालकर मम्मी को जबारजस्ट तरीके से छोड़ने लगा.

मम्मी – आआअहह आअहह उूुउऊभह उूुउऊहफफफफफफ्फ़ रफिकककक आअहह..

दर्द के मारे मम्मी पागल हो गयी थी. अंकल के अंदर किसी का भूत गुस्स गया था. वो किसी दरिंदे की तरह मम्मी को छोड़ने लगा.

अंकल- आहह आअहह उर्मिला मेरी रंडी आअहह बहुत मज़ा आ रहा है तुझे छोड़ने मे उूउउँह.. मदारचोड़ रांड़..

अंकल मम्मी को गलिया देता हुआ, फुल स्पीड से अपनी गांद उपर नीचे करके मम्मी की छूट मे लंड डाले जेया रहा था. अंकल के लंबे लंबे शॉट से मम्मी की गांद बजाने लगी थी त्ूप तुऊऊप तुऊऊप…

मम्मी – आआआहह उूउउ उूुउउइइइइमम्माआअ रफिककककक आअहह बस कारूव आआहह.

इतनी जबारजस्ट चुदाई देख मई अपने आप को रोक नही सका और मेरे लंड ने फिर पानी छोड़ दिया.

मम्मी का मूह रोने की तरह हो गया था. और चेहरा पर पसीना आने लगा. पसीना अंकल को भी आ रहा था. लेकिन अंकल इश्स बार रुकने का नाम ही नही ले रहे थे. ऐसा लग रहा है आज अंकल ने जो कॉंडम पहना हुआ है वो भी फटत जाएगा. मम्मी की छूट से बहुत पानी निकल रहा था इसीलिए फुचह फुचह की आवाज़े आने लगी.

फिर अचानक से अंकल अपना लंड मम्मी की छूट से निकल लिया. और मम्मी की टॅंगो पर बेत कॉंडम को निकाला और आँखे बंद कर अपने हाथ से लंड हिलने लगा.

अंकल आअहह करता हुआ लंड से पिचकारी मरने लगा. अंकल लंड के पानी और वीर्या को मम्मी के पेट पर निकल दिया. उन्होने मम्मी के पेट पर अपने लंड की एक एक बूँद निकाला.

फिर लंबी साँसे लेता हुआ मम्मी की बगल मे लेट गया. उनकी बेचारी की हालत आज बहुत खराब हो गयी थी, मम्मी बेहोश की तरह पड़ी.

मम्मी – क्या हो गया आज……..आअहह.

अंकल हंसता हुआ मम्मी की तरफ देखा…

अंकल – केसा रहा आज का सफ़र?

मम्मी – आज तो आप मुझे तहका ही दिए.

फिर अपने पेट पर लगे अंकल के चिपचिपे वीर्या को मम्मी अपनी दो उंगली मे ले ली और उससे उंगली मे मलने लगी. और उंगली को सूंघति (स्मेल) हुई लंबी सांस ली. फिर कपड़े से मम्मी अपने पेट को साफ की और फिर अपनी छूट सॉफ करने लगी. मम्मी की साँसे अब भी उपर नीचे हो रही थी. फिर मम्मी अंकल के लंड को सॉफ करने लगी और साइड मे पड़ा कॉंडम उठाकर बातरूम चली गयी.

उसके बाद मई भी जाकर सो गया. सुबह मे ज़ोया दीदी मुझे उठा रही थी.

ज़ोया- रोहन उठू.

मई- डिड सोने दो मुझे नींद आ रही है.

ज़ोया- अछा ठीक मम्मी उठ जाए तो उनसे कहना खाना बना है और मई बाहर जेया रही हूँ.

मम्मी और अंकल अबतक सो रहे थे. मई उठाकर नीचे गया. और फ्रेश हुआ. तभी मम्मी नीचे आती दिखी. मम्मी ठीक से नीचे भी नही उतार सकी. मम्मी ने सारी भी सही से नही पहनी थी और बॉल भी भिखरे हुए थे. फिर मुझे देख स्माइल की.

मई- मम्मी आज इतना लेट उठे.

मम्मी – स्माइल करती हुई- हाँ बेटा आँख नही खुली थी….. ज़ोया दीदी कहा है तेरी.

मई – मम्मी वो ज़रा बाहर गयी है.

फिर मम्मी अंदर चली गयी. मम्मी की हालत देख ये तो सॉफ हो गया था की रात मे मम्मी की जबारजस्ट चुदाई हुई है. फिर शाम को मम्मी ज़ोया दीदी के साथ मार्केट चली गयी.

रात मे खाना खाने के बाद फिरसे सब अपने अपने कमरे मे सोने चले गये. अब मम्मी को ज़रा भी लाज शर्म नही थी. मम्मी खुलकर अंकल के कमरे मे चली जाती थी उनके साथ सोने जैसे की उनकी पत्नी है. मई उठाकर बाहर आया और अंकल और मम्मी के कमरे मे झकने लगा.

अंदर मम्मी सिर्फ़ ब्लाउस और पेटीकोत मे अंकल के उपर लेती थी और अंकल सिर्फ़ अंडरवेर मे था. और मम्मी की चिकनी लचकदार कमर मे हाथ डाले हुए मम्मी को किस कर रहा था.

मम्मी भी अंकल की बाहों मे हाथो का हार डाली हुई अंकल को किस करने लगी. दोनो रोमॅन्स करते हुए हंस हंस कर बाते कर रहे थे.

अंकल – कल मज़ा आया था तुमको?

मम्मी – हन…

अंकल – आज कल से भी ज़्यादा मज़ा आएगा!

तो बे कंटिन्यूड…

यह कहानी भी पड़े  रूम पर लाकर क्लासमेट की चूत की फाड़ी

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!