कहानी जिसमे लड़के ने ऑनलाइन मिली भाभी को चोदा

हे दोस्तों, मेरा नाम अजय है, और मैं देल्ही से हू. मुझे सेक्स करना बहुत-बहुत पसंद है. मुझे हर टाइम सेक्स मिल जाए, बस और क्या चाहिए. भाभी, आंटी और कक़ची कलियाँ, सब चलती है मुझे. बस एक्सपीरियेन्स्ड होनी चाहिए, और वाइल्ड हो. किसी चीज़ के लिए नखरे ना करे, और मुझे सॅटिस्फाइ करे और खुद भी मज़े ले. फुल मज़े ले बेफिकर होके.
चलो गाइस, थॅंक्स आप लोगों ने मेरी लास्ट स्टोरी “निधि को बेहन बना कर छोड़ा” को बहुत प्यार दिया. बहुत थॅंक्स आप सब लोगों का.
अब बोर ना करते हुए मैं स्टोरी पे आता हू. ये मेरी 2021 की स्टोरी है.
मुझे एक डेटिंग अप पे एक भाभी मिली थी 35 साल की, जिसका नाम अंजलि था. उससे मेरी बात-चीत हुई, और मैने उससे जाना, की वो किसलिए आई थी किसलिए नही.
मैं गाइस आपको बता डू, की मैं घुमा फिरा के बात नही करता हू. मैं सॉफ और थोड़ी देर बात करके खुली बातें करता हू लड़कियों से.

तो फिर मैने उससे पूछा-
मे: खाती-पीटी हो क्या तुम?
उससे मेरी ऐसे ही बात हो रही थी. फिर मैने उससे पूछा, की वो क्या करती थी क्या नही.
अंजलि ने बताया: अभी फिलहाल हाउसवाइफ हू, और जॉब सर्च कर रही हू.
मे: अछा तो आपकी फॅमिली में कों-कों है?
अंजलि: मैं और मेरे हज़्बेंड, और मेरा एक 10 साल का बेटा.
मे: ओह अछा, सिर्फ़ एक? क्या बात हज़्बेंड पहले इस्तामाल नही किया था? क्या अरेंज हुई थी शादी तुम्हारी?
अंजलि ( साद होते हुए ): हा यार, बस ऐसे ही चलता है. ड्रिंक करते है, और लड़ाई करते है बस वो.
मे (सिंपती देते हुए): ओह यार साद ना हो, मैं हू ना यार, कोई नही.
अंजलि: थॅंक्स यार (और किस का एमोजी भेज दिया फिर).

मे: हाए क्या बात, इतनी जल्दी? (और मैं हस्स दिया)
अंजलि: हग का कर रही थी, किस का चला गया ग़लती से.
मे: अछा जी, और बताओ तुम्हे क्या पसंद है? ड्रिंक हुक्का कुछ करते हो?
अंजलि: हा कभी-कभी.
मे: तो बनाओ कभी प्लान. मिलते है इसी बहाने यार.
अंजलि: हा यार बता दूँगी जब टाइम मिलेगा मुझे. अभी कुछ दिन में इंटरव्यू पे जाना है. तब बतौँगी तुम्हे.
तो मैं भी समझ गया, की वो प्यासी थी, और फ़ासस जाएगी. ऐसे ही उससे दोस्ती करके मैं ट्राइ करता रहा.
हमारी 1-2 वीक्स बात चली आचे से. हम जाने एक-दूसरे के बारे में, जिसमे मैने उसको अपना लंड भी दिखा दिया था. और उसका अछा रेस्पॉन्स आया था. गाइस आपको बता डू, मेरे लंड का साइज़ 6 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है.

ये जब मैने उसको दिखाया, तो वो बोली-
अंजलि: तुम्हारा तो यार बहुत मोटा है. तुम्हारी वाली तो खुश रहेगी तुमसे.
मे ( नॉटी होते हुए ): अछा और तुम?
अंजलि: ची यार, तुम भी ना फालतू बातें मत किया करो. माना करती हू ना.
मे: ओक, मैं नही करूँगा. अछा ऐसे ही जवानी खराब करोगी तुम अपनी?
अंजलि: हाअ (आँख मारते हुए).
मे: कोई नही, बुत मैं खराब नही होने दूँगा बेबी.
अर्रे सॉरी दोस्तों मैं उसके बारे में बताना भूल गया. उसका मस्त सावला रंग था, 34″ के बूब्स एक-दूं टाइट, और गांद भी ठीक थी. और कमर 30″ की होगी.
फिर एक दिन उसका 2 अक्टोबर को रॅंडम्ली कॉल आ गया सुबा-सुबा. हमारी कुछ दिन से बात नही हो रही थी, तो अचानक उसकी कॉल आई 11-12 बजे. मैं सो ही रहा था, तो नींद में कॉल उठाई थी.

मैं भूल गया था, की 2 अक्टोबर था.
अंजलि: कहा हो जी?
मे: कहा होऊँगा यार. बस सो रहा था, सुर तुम्हारी कॉल से उठा हू.
अंजलि: अछा फ्री हो तो मिले?
मॅन ही मॅन में मैं बहुत खुश हुआ. मैने सोचा, की छूट सामने से आ रही थी और मैं माना कैसे कर सकता था. तो मैने भी बोल दिया-
मैं: हा आ जाओ.
अंजलि: कहा मिलना है बताओ?
मे: यार घर ही आ जाओ. मैं तुम्हारी कॅब बुक कर देता हू. घर पे कोई नही है, तो अभी उठा ही हू बस मैं इसलिए.
अंजलि: नही यार घर रहने दो. क्या करेंगे घर पे छ्चोढो ना.
मे: कुछ नही, बैठ के बातें करेंगे. खाएँगे-पिएँगे, बताओ बियर पियोगी या विस्की?
काई लड़कियों की आदत होती है, की लंड तो चाहिए, पर झुखना भी नही है. नखरे करते हुए कहती है “नही यार, ये वो अछा नही लगता”. बुत मैं भी कमीना हू. मैने उसको माना लिया. और फिर वो बोली-

अंजलि: चलो बियर ले लेना.
मे: अछा और क्या लेना है, वो भी बता दो? पॅकेट लेलू (हेस्ट हुए)?
अंजलि: हा ले लेना.
मैं शॉक्ड हो गया की ये क्या. ये तो लंड ही लेने आ रही थी शायद. फिर मैं ठेके पे गया बियर लेने, और सब चीज़े. बुत मैं भूल गया था 2 ऑक्टोबर था, तो ठेके सब बंद थे.
फिर मैने उसको बिना कुछ बोले कॉंडम ले आया, और फिर 30 मिनिट्स में आ गयी अंजलि भाभी. मैं उसको घर लेके आया, बिताया, और पानी दिया. फिर मैने बोला-
मे: सॉरी यार, बियर नही मिली. आज 2 ऑक्टोबर है मैं भूल गया था.
तो वो साद होते हुए बोली: अर्रे यार.
मैने बोला: चलो कोई नही, बैठते है अंदर रूम में.
फिर मैं उसको रूम में लेके गया.
मैने बोला: यार अब कॉंडम का क्या करे?

अंजलि: यार पागल हो? कॉंडम किसने बोला था लाने को?
मे: यार तुमने ही तो बोला था ले आना, जब मैने बोला था की पॅकेट ले अओ क्या.
अंजलि: अर्रे यार मैं नमकीन और बाकी चीज़ों का समझी थी, ये थोड़ी.
अब वो रूड हो गयी, और गुस्से में बोलने लगी थी.
मे: अर्रे यार, चलो कोई नही, बैठते है.
फिर मैं उसके साथ चिपक के बैठ गया, और वो उस दिन जीन्स और वाइट शर्ट पहन के आई थी. हाए क्या लग रही थी. उसके बूब्स ढीले थे लटके हुए. फिर हम बातें करने लगे.
मैने पूछा: और बताओ, हज़्बेंड के बारे में.

अंजलि: यार क्या ही बतौ. 2-3 मंत से बंदे को मैने हाथ ट्के नही लगाने दिया है, ये-वो.
उस टाइम वो साद हो गयी. मैने अड्वॅंटेज ली, और उसके बगल में जाके बैठ के उसको साइड हग कर लिया. फिर मैने उसके शोल्डर पे हाथ रख के उसके बूब्स पे धीरे-धीरे शर्ट के उपर से ही बूब्स पे हाथ फेरने लगा. एक दो बार उसने माना किया.
फिर मैने उसको बोला: ट्रस्ट मे यार, कुछ नही होगा.
फिर वो थोड़ी देर शांत हुई, और मेरे शोल्डर पे सर रख लिया. और मैं उसके बूब्स दबाने लगा. मैं भी गरम होने लगा था. फिर मैं धीरे-धीरे उसको किस करने लगा. पहले तो उसने अवाय्ड करा था, थोड़ी देर बाद वो रेस्पॉन्स देने लगी.

5 मिनिट तक डीप किस्सिंग चल रही थी. हम एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे, और मैने इसी बीच उसकी शर्ट के बटन खोल दिए. फिर मैं धीरे-धीरे बूब्स पे किस और बीते करने लगा. और वो मेरा सर बूब्स पे दबाने लगी.
मैने भी फ़ायदा उठाते ही उसकी शर्ट उतार दी. हाए! रेड ब्रा उसके उपर सेक्सी लग रही थी, और फिर मैने उसकी ब्रा भी उतार दी. अब मैं आराम से उसके बूब्स चूस रहा था, और बूब्स बुरी तरह मसल भी रहा था. मैं बीच-बीच में उसको किस भी कर रहा था. वो सिसकारियाँ भरने लगी.
आहह आहह वो मेरा मूह अपने बूब्स के पास ले जेया के बूब्स में दबा रही थी, और मचल रही थी. बहुत गरम हो गयी थी वो. मैं भी बहुत गरम हो गया था उसको चाट-ते हुए. फिर मैं उसकी छूट पे आया, और उसकी जीन्स उतार दी.

मैने जीन्स के साथ ही उसकी पनटी भी उतार दी. उसकी छूट तो मस्त लग रही थी ब्राउन सी, बुत टाइट थी. ऐसा लग नही रहा था की वो एक बच्चे की मा थी. खैर मैं टाइम वेस्ट ना करते हुए उसको किस करने लगा. फिर मैं उसको चाट-ते हुए उसकी छूट पी आ गया, और उसकी छूट को पहले सहलाने लगा.
वो उछाल पड़ी, जैसे ही मैने उसकी छूट पे हाथ रख के सहलाया. फिर मैने बिल्कुल नीचे होके उसकी छूट पे मूह रखा, और उसके पैर अपने उपर से निकले, जिससे छूट में आचे से डीप लीक कर पौ मैं.

मैने उसकी छूट पे जैसे ही जीभ लगाई, वो फिश की तरह मचल उठी, और तड़पने लगी. तभी मैं उसकी छूट में जीभ अंदर-बाहर कर रहा, और वो मेरा सर अपनी छूट में दबाने लगी. और दोस्तों मुझे यही सबसे ज़्यादा पसंद आता है, जब लड़की सर छूट में दबाए.
उसकी छूट चाट-ते हुए मैं उसके निपल भी मसल रहा था, और मैं उसकी छूट के दाने पे बीच-बीच में बीते कर रहा था, जिससे वो और उत्तेजित होने लगी.
ऐसे ही 5-7 मिनिट में ही वो एक-दूं से अकड़ने लगी, और अपने पैरों से मेरे को दबा के झाड़ गयी. मैने उसका सारा माल पी लिया. हाए क्या नमकीन पानी था, मज़ा आ गया था!

दोस्तों अब मैने भी टाइम वेस्ट ना करते हुए उसके मूह में अपना लंड डाल दिया. मैं खड़ा हो गया, और उसको घुटनो पे बिता दिया. उसने मूह में लंड ले लिया, और धीरे-धीरे वो चूसने लगी. वो बस उपर-उपर से चूस रही थी. धीरे-धीरे वो लंड अंदर भी लेती, और जब वो अंदर लेती, मुझे मज़ा आता. ऐसे ही मैं भी फुल जोश मैं आ गया.
फिर मैं उसके बाल पकड़ के उसके मूह को बुरी तरह छोड़ने लगा. अंजलि के मूह से गप्प गप्प की पुर रूम में आवाज़ आ रही थी. उसके मूह से लार तपाक रही थी पूरी, और आँखों में से आँसू भी आ रहे थे.
मुझे ऐसे ही बीच में रोक के बोली: प्लीज़ यार आराम से करो, मूह है. और तुम्हारा लंड इतना मोटा है. घोड़े जैसा लंड ले रखा है.

मैने उसकी एक ना सुनी, और फिर उसको ऐसे ही छोड़ने लगा उसके मूह को 10-15 मिनिट तक. उसके मूह को छोड़ते-छोड़ते मैने उसके गले में थोड़ी देर लंड रोक के सारा माल उसके गले में ही उतार दिया. वो झटपटाने लगी थी, और छ्छूटना चाह रही थी.
मैने पूरा माल उसके मूह में रिलीस करने के बाद रेस्ट करी. वो मेरे उपर नंगी लेट गयी हग करके. कुछ देर हम बात करने लगे, और साथ ही वो मेरा लंड सहला रही थी. 5-10 मिनिट में ही लंड मेरा खड़ा होने लगा, और मैने उसको बोला-
मे: फिरसे पहले मूह छोड़ूँगा तुम्हारा.
अंजलि: नही यार, तुम बहुत बुरी तरह करते हो. ऐसे मेरी छूट में करना, मूह में नही प्लीज़.
मे: चलो ठीक है, आराम से करूँगा.

और मैने उसको फिर 69 में आने को बोला. फिर हम 69 में आए. उसको मैने नीचे कर दिया बेड से मूह लटका के, और मूह में देते हुए उसकी छूट पे चला गया. फिर उपर-नीचे होके उसके मूह में लंड देने लगा, और उसकी छूट चाटने लगा.
हम दोनो कुछ ही देर में फिर गरम होने लगे थे. मैं उसकी छूट के दाने को बीते करने लगा. मेरे लंड पे वो भी बीते कर रही थी. जब मैं बिल्कुल उसके गले तक लंड डाल के रुक जाता उसकी फटने लगती. फिर ऐसे ही करने के बाद मैने उसको सीधा लिटाया, और मैं उसके उपर आ गया.
मैं उसकी छूट पे लंड सहला रहा था, छूट के उपर-उपर ही. अब वो बोल रही थी-
अंजलि: अंदर डाल दो यार अब प्लीज़, और मत तड़पाव.
मैने बोला: अछा.

और मैने फिर एक ही झटके में उसकी छूट फाड़ते हुए पूरा लंड डाल दिया ज़ुल्मी की तरह. उसकी चीख निकली-
अंजलि: आई मा, मैं मॅर गयी.
और वो उछालने लगी और गालियाँ देने लगी-
अंजलि: भोंसड़ी के बच्चा समझी थी तेरे को मैं. मदारचोड़ निकला तू तो भोंसड़ी के. निकाल छूट में से लंड. छूट फाड़ दी तूने मेरी बेहन के लोड, भद्वे निकाल.
और मैने उसकी एक ना सुनी और पेलता गया. मैं उसको घपा-घाप पेलता गया, और उसको किस करते हुए उसके बूब्स चूस्टे हुए छोड़ता रहा. जैसे ही मेरा होने वाला होता था, मैं पोज़िशन चेंज कर लेता था. ऐसे ही मैने उसको बहुत तरह से छोड़ा, कुटिया बना के, घोड़ी बना के.

उसको मैने लंड पे उछाला, और दीवार पे लगा के भी छोड़ा. मैने उसको ऐसे ही 30-40 मिनिट तक छोड़ा. इतना टाइम चूड़ने के बाद उसकी हालत खराब हो गयी. वो 3-4 बार झाड़ चुकी थी, और मैं भी आख़िर में उसकी छूट में झाड़ गया, और उसकी छूट भर दी मैने.
तो दोस्तों, ये थी मेरी सॅकी कहानी. शादी शुदा भाभी को छोड़ा. आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी, मुझे ज़रूर बताना. आप अपनी फीडबॅक मुझे मैल करके दे सकते है, या हणगौट पर मेसेज कर सकते है. या फिर कॉमेंट भी कर सकते है मेरी स्टोरी पर.
रेणुरठौर7@गमाल.कॉम
मैं जल्दी ही अगला पार्ट लेके अवँगा. आप सब मेरी कहानी की फीडबॅक ज़रूर देना. ताकि मैं आयेज की कहानी के लिए और मोटीवेट हो साकु.

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