सेक्स स्टोरी अब आयेज-
इरफ़ान ने अब मम्मी का ब्लाउस उतार दिया, और ब्रा का हुक खोलने के लिए पीछे हाथ डाला. तो मम्मी ने अपनी पीठ उपर करी, और हुक खोलने के बाद ब्रा उतारने में इरफ़ान की मदद भी की.
फिर इरफ़ान ने मा को एक ज़ोरदार किस कर दिया. मा अब मुस्कुरा रही थी. ब्रा उतरते ही मा की मोटी चुचिया नंगी हो गयी. मा अब उपर से पूरी नंगी थी. मा की चुचिया देखते ही उसके मूह में पानी आ गया.
मम्मी की चुचिया एक-दूं गोरी और टाइट थी. उनके निपल ब्राउन थे, और कड़क हो गये थे. वो मा की मुलायम चुचियो पर धीरे-धीरे हाथ घूमने लगे. इरफ़ान के सख़्त हाथ मा की चुचियो पर लगते ही मा सिसक पड़ी.
प्रभावती: आहह, उम्म्म्म.
इरफ़ान एक-दूं पागल सा हो गया. उन्होने झट से अपना मूह आयेज बढ़ते हुए मा के निपल को अपने मूह में भर लिया, और चूसने लगे. वो एक हाथ से दूसरी चुचि को दबाने लगे.
मा अब तड़पने लगी थी. काई सालों बाद किसी ने उनकी चुचि चूसी थी, और वो भी गैर मर्द ने.
इरफ़ान तो अब पूरा मूह खोल कर मा की चुचि पीने लगे थे. उनकी ज़ुबान मा की चुचियो को चाट रही थी. मा के हाथ इरफ़ान के सिर पर थे, और मा उनके बाल खींच रही थी.
प्रभावती: आहह इरफ़ान आअहह एम्म्म, ऐसे ही आअहह.
अब इरफ़ान मा की दूसरी चुचि को दबा-दबा कर, मूह में लेकर चूसने लगे. मा ने जो गजरा बालों में लगाया हुआ था, उसके फूल पुर बेड पर बिखर गये थे. और उनकी सारी लगभग निकल ही चुकी थी.
मा की चुचिया इरफ़ान के दबाने से और ज़्यादा फूल रही थी. मा की चुचिया इरफ़ान की थूक की वजह से चमक रही थी. अब इरफ़ान ने चुचियों को चूसना छ्चोढ़ दिया, और उनके पेट को चूमने लगे. पेट पर अंकल के होंठ लगते ही मा कसमसा गयी. उन्होने अपने हाथ पीछे की और करते हुए बेड की लकड़ी को पकड़ लिया.
इरफ़ान मा के मुलायम पेट को अपने हाथ से मसल रहे थे, और मा की नाभि में अपनी ज़ुबान डालने लगे.
प्रभावती: आहह उफफफ्फ़ म्म्म्मम इरफ़ान आहह.
मा तेज़ साँसे ले रही थी. मा के हिलते ही उनकी चुचिया हिल जाती. अब इरफ़ान ने मा की सारी हटा दी. मा के पेटिकोट का नाडा भी खोल कर उतार दिया. अब मा केवल काले रंग की पनटी में थी, वो भी एक 42 साल के गैर मर्द के सामने.
मा की जवानी पनटी में और भी माधमस्त लग रही थी. उनके आधे चूतड़ उनकी पनटी में से दिख रहे थे. इरफ़ान ने अब उनका पाजामा भी उतार दिया. अब मा पनटी में और आनवार अंकल अंडरवेर में थे. एक गोरा खूबसूरत बदन और एक काला सांड़ जैसा शरीर.
मेरा तो दिमाग़ घूम रहा था. इरफ़ान अब मा के पैरों के बीच में आ कर बैठ गये, और उनकी पनटी उतारने लगे. मा ने भी अपने पैर उपर किए. पनटी उतरते ही मा की गोरी रोटी की तरह फूली हुई छूट इरफ़ान के सामने आ गयी. इरफ़ान ने मा के पैर फैला दिए, और उनकी छूट देखने लगे.
इरफ़ान: आअहह प्रभा इसी के लिए तो मैं कब से तड़प रहा था.
मा ने अपने चेहरे को च्छूपा लिया.
इरफ़ान: अब क्या शरमाना मेरी जान.
और इरफ़ान ने मा की जांघों को पकड़ते हुए अपनी तरफ खींच लिया, और उनके पैर थोड़े उपर कर दिए. फिर मा के उपर झुक कर उनका हाथ चेहरे से हटाया, और मा के होंठो पर अपने होंठ रख दिए.
मा अब इरफ़ान को मुस्कुराते हुए देखने लगी. मा की क्लीन शेव चिकनी छूट की बारीकी खुल चुकी थी, और उसमे से उत्तेजना के चलते अमृत धारायें बह रही थी. इरफ़ान अब उस अमृत धारा का रस्स पीने लगे. उनकी ज़ुबान की कारीगरी अब मा की छूट पर चलने लगी थी. छूट की पंखुड़ी जैसे गुलाबी दरवाज़े को चियर कर इरफ़ान एक उंगली छूट के अंदर घुमा रहे थे. फिर अपनी ज़ुबान से छूट के दरवाज़े को चियर कर उसकी दीवारों पर ड्रिल मशीन की तरह चला रहे थे.
मैने पापा को मा के साथ ऐसा पहले कभी करते हुए नही देखा था. इसलिए मा के लिए भी ये सब पहला अनुभव था, जिसके कारण वो खूब मज़े में हवा में उडद रही थी. लगातार छूट से रस्स बह रहा था, जिसे इरफ़ान चाट-ते हुए मज़े से पी रहे थे.
एक बार इरफ़ान ने अपने मूह से छूट को पूरा बंद करके जाकड़ लिया था, और पता नही क्या किया अपनी ज़ुबान से की मा की एक ज़ोरदार चीख निकल पड़ी.
प्रभावती: आआहह सस्स मैं गयी, बस कीजिए इरफ़ान.
मा की चीख इतनी ज़ोर की थी, की पूरा रूम गूँज उठा था. और उनका शरीर पत्तों की तरह काँप रहा था. शरीर पसीने में भीग गया था, और मा हाँफ रही थी.
जब इरफ़ान ने छूट की दीवार को अपने मूह से आज़ाद किया, तो छूट से चिकनी रस्स की धारायें बह रही थी, जिसे अंकल चाट-चाट कर पी रहे थे. काफ़ी सारी बूंदे इरफ़ान के मूह पर भी लगी हुई थी. अंकल ने छूट को चाट कर पूरी तरह से सॉफ कर दिया. मा धीरे हो गयी.
इरफ़ान उनके सिरहाने गये, और अपने छूट रस्स से सानने होंठो को मा के होंठो पर रख दिया, और फिर दोनो उस नमकीन रस्स का स्वाद लेकर एक दूसरे के होंठ चूसने लगे.
इरफ़ान: कैसा लगा प्रभा? मज़ा आया ना?
प्रभावती: आहह ऐसा अनुभव मैने पहली बार किया है. आप बहुत आचे है इरफ़ान.
इरफ़ान: अभी तो बहुत मज़ा आने वाला है.
ये कह कर इरफ़ान बेड पर खड़े हुए, और अपनी अंडरवेर भी निकाल दी. जैसे ही इरफ़ान ने अंडरवेर निकली, तो उनका फंफनता हुआ 8 इंच का लोड्ा बाहर आ गया. उनके लोड की आयेज की चाँदी कटी हुई थी, और टोपा एक-दूं चमक रहा था.
उनका लोड्ा देख कर मा का मूह खुला का खुला ही रह गया. अब ज़रा इसे अपने कोमल मूह में लेकर चूस दो ज़रा.
प्रभावती: हाए भगवान, काफ़ी मोटा है आपका तो. कैसे झेलती होंगी आपकी पत्नी इतना मोटा लोड्ा?
इरफ़ान: वो तो इसकी आदत पद जाती है, और मज़ा भी खूब मिलता है. अब इस लोड से तुम्हे स्वर्ग का आनंद दील्वौनगा, जो तुम्हे तुम्हारा शौहर कभी नही दे पाया होगा. इसे अपने मूह में लेकर चूसो.
मा उठ गयी, और इरफ़ान का लोड्ा अपने काँपते हाथो से पकड़ा. उनकी हथेली लोड की गोलाई से भर गयी. लोड का तिकोना काला टोपा बाहर था. ऐसा लग रहा था टोपा लोड का ताज हो. मा लोड को मुठिया रही थी, तो इरफ़ान ने मा का सर पकड़ कर कहा-
इरफ़ान: इसको मूह में लो.
इरफ़ान ने मम्मी के सर को धक्का दिया, तो उनका लोड्ा मूह के अंदर घुस गया. वो खड़े थे और मम्मी बेड पे बैठी हुई अंकल का लोड्ा चूस रही थी. एक हाथ से लोड्ा को थाम रखा था, और टोपे के उपर से मूह में लेकर चूस रही थी लॉलिपोप की तरह.
इरफ़ान: आअहह प्रभावती, बहुत मज़ा आ रहा है. बहुत कोमल और रस्स से भरा मूह है तुम्हारा. ऐसा मज़ा मुझे ज़िंदगी में पहली बार मिल रहा है उउगगघह.
इरफ़ान मम्मी के बाल पकड़ कर अपने लोड्ा पे उनका सर धकेल रहे थे. यू कहा जाए की वो मम्मी का मूह छोड़ रहे थे. उनका आधा लोड्ा ही मम्मी के मूह में भर जाता था, पूरा लोड्ा मूह में जाने की तो बात ही नही थी.
काफ़ी देर तक मम्मी लोड्ा चूस रही थी, और उनका लोड्ा पल-पल सख़्त होता जेया रहा था. फिर जब मम्मी का मूह दुखने लगा, तो इरफ़ान ने अपना लोड्ा मूह से निकाल लिया. पूरा लोड्ा मम्मी की थूक से चमक रहा था. इरफ़ान ने मम्मी का चेहरा उपर किया, और उनके होंठ मूह में लेकर चूसने लगे.