ट्रक ड्राईवर की बीवी को रांड बनाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राकेश है, में गुजरात का रहने वाला हूँ, यह मेरी रियल स्टोरी है। ये बात उन दिनों की है, जब में 19 साल का था और जब साइन्स कॉलेज में पढ़ता था। उन दिनों मेरा लंड बहुत उठता था। तब में किसी ना किसी को चोदने के मौके में रहता था। मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती थी, जिसका नाम सरला था और उसकी खूबसूरती उसके बदन से साफ़-साफ़ झलकती थी, मानो कि सेक्स की देवी आपके सामने खड़ी हो। मुझे हर दम लगता था कि वो ही है जो मेरी सेक्स की प्यास बुझा सकती है और हाँ उनके एक लड़की भी है, वो दोनों घर में अकेले ही रहती थी। अब आप सोच रहे होंगे कि उनके पति कहाँ गये? वो एक ट्रक ड्राइवर है और महीने-महीने घर नहीं आते है। अब में आपको उनके घर के बारे में बताता हूँ। उनका घर मेरे घर के बाजू में है और मेरे बेडरूम को ही लगकर ही उनका बाथरूम है, जो कच्ची ईटों का है और उनके घर के पीछे है।

फिर एक दिन दोपहर का वक़्त था, में अपने बेड पर सो रहा था, तो तभी आंटी शक्कर मांगने के लिए आई, जब घर में कोई ना होने की वजह से वो सीधी मेरे बेडरूम में आकर मेरे बेड पर बैठ गई थी और मेरे बालों के ऊपर से अपना हाथ घुमाने लगी थी। तो तभी मैंने अपनी आँखें खोली तो मैनें देखा कि उनकी गांड मेरे मुँह के सामने थी तो मैंने धीरे से उनकी गांड को चूम लिया और उन्हें पता भी नहीं चला। फिर मैंने बिस्तर से उठकर उन्हें शक्कर दी, तो तब उन्होंने मेरे गाल पर किस करके थैंक यू कहा और अपने घर चली गई, तो मेरे लंड ने भी अंदर ही अंदर उनको सलामी कर दी। फिर उस रात को मैंने एक प्लान बनाया और दूसरे दिन प्लान के मुताबिक मैंने उसके बाथरूम की एक ईट निकाल दी। फिर जैसे ही वो नहाने अंदर गई, तो मैंने अपनी आँखें उस छेद पर चिपका दी।

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अब वो धीरे-धीरे अपने एक-एक कपड़े उतार रही थी, अब वो ब्रा और पेंटी में ही खड़ी थी। अब उसके वो बूब्स देखकर तो मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर उसके बाद जो हुआ उसको देखकर तो में दंग रह गया था। फिर वो अपनी ब्रा खोलकर अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को दबाने लगी और आहें भरने लगी आआहह, उउउहह और फिर उसने अपनी पेंटी को निकाल फेंका। में बता नहीं सकता मेरा हाल क्या हो रहा था? मान लो किसी भूखे शेर को अपना शिकार दिख गया हो ऐसी हालत मेरे लंड की हो रही थी। फिर उसने अपने एक हाथ की 2 उंगलियाँ अपनी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगी और अपने एक हाथ से अपने बूब्स दबाती रही। अब इस नज़ारे को देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि शायद उसने भी बहुत दिनों से सेक्स नहीं किया होगा, तो तभी मैंने सोच लिया कि में आंटी की मदद जरूर करूँगा।

अब उसी दिन रात को काफ़ी बादल गरज रहे थे और बिजलियाँ गिर रही थी और हल्की सी बारिश हो रही थी इसलिए वो डर गई थी और उसने मुझे अपने घर में सोने के लिए बुलाया था। अब में अंदर से बहुत खुश हो गया था और अपने घर से इजाजत लेकर आंटी के घर पर सोने चला गया। अब आंटी मूवी देख रही थी, तो में भी कुर्सी पर बैठकर मूवी देखने लगा। तो उसी वक़्त उनकी 2 साल की बेटी रोने लगी, तो आंटी उसको गोद में लेकर उसे दूध पिलाने लगी। तो जैसे ही उन्होंने अपना बूब्स बाहर निकाला, तो में उसे देखता ही रह गया। फिर जैसे ही उसने ऊपर देखा, तो में मूवी देखने का नाटक करने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपनी बेटी को सुला दिया और एक गोली खा ली। फिर मैंने जब उससे पूछा था, तो उन्होंने कहा कि ये नींद की गोली है इसके बिना मुझे नींद नहीं आती है और फिर वो दोनों बेड पर सो गई और में सोफे पर लेट गया।

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फिर मैंने देखा कि वो गहरी नींद में सो रही थी, लेकिन मुझे नींद कहाँ आ रही थी? अब मेरे सामने तो वो बाथरूम वाली सरला ही घूम रही थी। फिर मैंने काफ़ी हिम्मत जुटाई और उसके बाजू में जाकर बैठ गया। फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके बूब्स को सहलाया, लेकिन उसका कोई रिप्लाई नहीं था। अब में बिंदास हो गया था और धीरे से उसकी नाभि को चूमने लगा था और अपने एक हाथ से उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी मोटी-मोटी जांघो को सहलाने लगा था और चूमने भी लगा था। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और उसे नीचे कर दिया। अब मेरे सामने वही चूत थी जो आज सुबह में 2 फुट दूरी से देख रहा था। फिर में उसकी चूत को चाटने लगा, उसका टेस्ट कमाल का था।

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