ट्रेन मे भाई से सुहागरात–2

गतान्क से आगे……………….ट्रेन मे भाई से सुहागरात–1
वो लोग जिस कॅबिन में थे वो बिकुल खाली था तो उस ने कहा कि तुम दोनो यही पे सोने अजाना, तो में ने कहा आप ही मोम से कहना कि हम दोनो यही पे सोएंगे, उस ने कहा ठीक है में तुम्हारी मोम से बात कर लूँगी, थोड़ी देर में एक स्टेशन आया हम ने चाइ पे फिर में और भाई मोम के पास आए रात के 8:30 बज चुके थे हम ने खाना खाया, फिर हम बैठे ही हुए थे कि वो लड़की उस का नाम तन्नू था वो आई और मोम से बोली आंटी बिल्लो और जस्सी को आप वाहा पे भेज दो में अकेली हूँ अपने भाई के साथ उस कॅबिन में कोई नही है तो मैं
बोर हो रही हूँ हम वाहा पे बातें करेंगे फिर ये दोनो वही सो जाएगी, सुबा आजाएगी ,

तो मोम ने कहा ठीक है तुम लोग जाओ वही सो जाना, मेरी तो खुशी का कोई ठिकाना नही था ट्रेन में भी मुझे जुगाड़ मिल गया था, हम वाहा पे आए और हम चारो बैठ कर बातें करने लगे हम हम चारो एक दम खुल के बातें कर रहे थे तन्नू ने मुझे और मेरे भाई जस्सी को अपने भाई से अपनी चुदाई के कई किस्से सुनाए, जिस से मेरी चूत उसी वक्त लंड माँग रही थी, सेक्स की इच्छा बढ़ती ही जा रही थी , पता ही नही चला कि कब रात के 10 बज गये हम टाइम हो चुका था कि कुछ किया जाय तो में ने तन्नू से पुछा कि केसे करना है तो उस ने कहा तुम दोनो बेहन भाई एक एक कर के बाथ रूम में जाना और वही चुदाई कर लेना, और फिर चाहो तो हम चारो एक साथ बातरूम चलेंगे क्यो कि रात में कोई बाथरूम नही आएगा तो में ने उस लड़के उस का नाम गौरव था उस से कहा कि जाओ देख कर आओ कि मेरी मोम सोई है या नही तो वो गया और आकर बताया

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कि मोम सो गई है, तो में ने तन्नू से कहा के पहले तुम गौरव के साथ कर्लो,फिर हम चले जाएँगे. फिर तन्नू और गौरव दोनो बाथरूम चले गये. पहले हम ने देखा कि हमे कोई देख तो नही रहा है वाहा पे कोई नही था तो हम दोनो भाई बेहन एक दूसरे से लिपट गये और किस करने लगे.मैने भाई को कहा के’ जस्सी वो तो बाथरूम मे करके आएँगे, आजा हम यहीं बर्त पर ही जल्दी-2 कर लेते हैं”.जस्सी बोला के
दीदी जल्दी-2 मे क्या मज़ा आएगा,जी चाहता है सारी रात करूँ. मेने उसके गाल पर चिकोटी काट ते हुए कहा बाकी कसर घर चल कर पूरी कर लेना.अभी तो जल्दी करले.उनके सामने मुझे शरम आएगी. तन्नू ने बाद मे मुझे बताया था कि जैसे ही बाथरूम का दरवाज़ा बंद किया गौरव अपनी बेहन के उपर टूट पड़ा और उसे पागलो की तरहा किस करने लगा, उसे भी उसका किस करना अछा लग रहा था तो उस ने भी किस का जवाब देना शुरू कर दिया,

वो बार बार उसकी चुचि को दबाता जा रहा था उसे किस किए जा रहा था कभी उसकी चूत को दबाता और कभी उसकी गंद को , उसे अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था तो उस ने उसे दूर हटा दिया और जल्दी जल्दी अपने सारे कपड़े उतार दिए, उसे कपड़े उतारते देख कर वो भी अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया, अब वो दोनो एक दम नंगे थे, तन्नू ने उस का लंड अपने हाथ में पकड़ लिया उस का लंड बहुत ज़्यादा मोटा लंबा था , और फिर उसने तन्नू को किस करना शुरू कर दिया,तन्नू भी उसे बेतहाशा किस किए जा रही थी उस ने किस करते हुए अपने हाथ मे गौरव के लंड को लेकर सहलाने लगी. फिर उसके भाई ने

उसा घोड़ी बना कर खूब चोदा. इधर मुझे भी बड़ा मज़ा आरहा था काफ़ी देर तक मैं और जस्सी किस करते रहे, उसी बीच में एक बार झाड़ भी गई थी, फिर जस्सी ने मुझे लंड चूसने को कहा में वही बैठ गई और उस का लंड चूसने लगी, थोड़ी ही देर में उस ने मेरे सिर को ज़ोर से अपने लंड पे दबा लिया में समझ गई की इस का पानी निकलने वाला है, और उसी टाइम उस के लंड का पानी
निकल कर सीधे मेरे मूह में गया में ने भी सारा पानी पी लिया एक बूँद भी नीचे नही गिरने दिया ,आख़िर भाई के लंड से निकला अमृत जो था. फिर उस ने अपना लंड मेरे मूह से निकालना चाहा मगर में ने नही निकाला में उस के लंड को अपने मूह में भरी रही ,जी चाहता था के सारी उमर यूही लंड को मूह मे लिए रहू.मगर उस ने ज़ोर लगा कर अपने लंड निकाल लिया,

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और अपने कपड़े पहनने लगा मुझे अच्छा नही लगा , में ने तुरंत ही उसे किस करना शुरू कर दिया जिस से वो दोबारा जोश में आगेया , और एक बार फिर से उस का लंड खड़ा होगया, हम थोड़ी देर तक किस करते रहे फिर, उस ने अपना लंड मेरी चूत में सटा दिया मगर में ने उसे हटा दिया तो उस ने कहा क्या हुआ में ने कहा नही अभी चूत नही अभी तुम मेरी गांद ही मार लो तो भाई मेरे पिच्छवाड़े पे हाथ फेरने लगा.मे उनकी तरफ देख कर मुस्कुराइ , दोनो तरफ फिर चिंगारी भड़क चुकी थी.मे बेबस हो कर बर्त पर पेट के बल लेट गयी और अपने घुटनो के बल होकर अपने चूतर हवा मे उठा चौपाया बन गयी.मेरे गोल मटोल गोरे गोरे चूतर भाई की आँखों के सामने लहरा रहे थे. भाई से रहा नही गया और झुक कर चूतर को दन्तो से कस कर काट लिया.

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