ट्रेन का सफ़र आंटी का साथ

हे दोस्तो, फ्रिस्ट स्टोरी हा,विशाल . मैं मुंबई से ओर मा सफ़र था पुणे का की ट्रेन मे सफ़र कर रहा था, और इस आंटी की चुदाई तो बहोट ही नॉर्मल सी थी.

अब आप तो मुझे जान ही गये है, मैं 28 साल का जवान लड़का हूँ. और आंटी पुणे से त्रियाँ मे हादी थी, और वो अपनी 4 साल की बेटी के साथ एक कंपर्टमेंट मे थी.

उसकी सीट एक दम मेरे साथ ही थी, ये सीट सिर्फ़ दो ही लोगो के लिए थी. अब आप मतलब तो साँझ ही चुके होंगे. मैं जब पुणे स्टेशन पर उतरा तो उसका बड़े भाई मुझे मिल गया.

उसके भाई ने मेरे मोबाइल नंबर ले लिया और वो बोला – प्लीज़ आप टाइम टाइम पर मेरी सिस्टर से मेरी बात करवाते रहना. मैं मान गया और मैने उसे अपना नंबर दे दिया, उसका नाम रवि था. वो इतना बोला मूजा ओर मे ना रीमा को देखा थी.कसम साल एक दम दूध की तरह सॉफ थी.

उसने तभी अपनी सिस्टर से मेरा इंट्रो करवा दिया था, उसकी स्माइल मे भी जादू सा था. फिर ठीक 10 बजे ट्रेन व्हन से चल पड़ी, और उसके भाई ने मुझे थॅंक्स खा. अब होना क्या था, मैने उसकी बेटी को अपनी गोध मे ले लिया और मैं उसे खोब प्यार करने लग गया.

फिर रीमा बोली – मैं ज़रा कपड़े बदल कर आती हूँ, आप ज़रा मेरी बेटा का ख़याल र्खिए.

जब वो कपड़े बदल कर आई तो मैने देखा की उसमे उसकी ब्रा थोड़ी थोड़ी दिख रही थी. मैं उसके बूब्स देख रहा था, थोड़ी देर बाद जब मुझे होश आया तो मैने उससे उसके बारे मे सब कुछ पूछ लिया. मैने जाना की वो अमृतसर सा मे रहती है, और सुका भाई पुणे मे किसी गवर्नमेंट ऑफीस मा काम करता है.

जब उन्हे हॉलिडे आप भाई सा मिलना आती हा वो डीओर्सेसी थी. तभी अचानक उसकी बेटी ने मेरे लिप्स पर किस कर दिया, और जिसका जवाब मैने भी बहोट प्यार से दिया. वो हम दोनो किस करते हुए बड़े प्यार से देख रही थी.

अब टाइम सोने का आ गया थम, मैने देखा की उसकी बेटी मेरे साथ सोने की ज़िद कर रही है. इसलिए आंटी ने मुझे अपनी बेटी दे दी, और मैं उसके साथ उपेर सो रहा था और नीचे रीमा सो रही थी. पर मुझे अब ख़ान नींद आने वाली थी, उसकी मस्त जवानी को देख कर मैं पागल हो रहा था. करीब आधे घंटे बाद रीमा उठ कर अपनी बेटी को उठा रही थी, तभी मैं तोड़ा उदास होने का नाटक करने लग गया.

मैं – प्लीज़ आप अपनी बेटी को मेरे पास ही सोने दीजिए.

तभी उसने मुझे अपनी बेटी दे दी, और वो नीचे थोड़ी देर बैठ कर चुपके से रोने लग गयी. उसे देख कर मैं तभी नीचे आया और मैं बोला – सॉरी.

पर वो कुछ नही बोली तो मैने थोड़ी हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ लिया. तभी उसने मेरे गाल पर एक जोरदार तपद मारा और वो बोली – ये क्या कर रहे हो?

मैं – अगर मैं आपकी बेटी के साथ ना सोयूँ तो ठीक है मुझे माफ़ करना.

तो वो और ज़्यादा रोने लग गयी, मैने डीबे के बारे मे बीटीये दूं. हुमारी दोनो साइड आगे पीछे की सीट्स खाली थी, उसमे पर्दे लगे हुए थे. जिससे ह्यूम कोई देख नही सकता था.

मैने उसका हाथ पकड़ा और मैं बोला – क्यो रही हो आप?

वो – मुझे और मेरी बेटी को मेरा पति ना कभी प्यार नही किया है.

ट्रेन वो – मुझे और मेरी बेटी को मेरा पति प्यार नही करता है.

मान – नही ऐसी कोई बात नही है, वो आपको ज़रूर याद करते होंगे.

वो फिर से रोने लग गयी, मैने और थोड़ी सी हिम्मत करी और उनके आँसू सॉफ कर दिए. उसने मेरा हाथ पकड़ा और उस पर किस कर दिया, जिससे अब मैं कुछ नही कह सका.

मैने धीरे से उसके कान मे बोला – मैं आपकी बेटी और उसकी खूबसूरत मा से बहोट प्यार करता हूँ.

ये सुनते ही उसने अपनी आँखें बंद करी और वो मुझसे लिपट गयी. मुझे उसके बूब्स फील हो रहे थे, तो उसने भी धीरे से मेरे कान मे बोला – अब बेटी से प्यार ख़तम, मा से शुरू करो.

फिर मैने पहले उसके माथे पर किस किया, और फिर उसके नाक, कान, गालो को आचे से अपनी जीब से चटा. उसके मुलायम होंठो को किस करने मे मुझे बहोट मज़ा आ रहा था.

वो थोड़ी गरम हो गयी थी, मैं बोला – अब तुम ल्ट जाओ.

वो – क्यो?

मैं – तुम पहले ल्ट जाओ, फिर मेरा जादू देखो.

वो मुस्कुरई और वो ल्ट गयी, मैं तभी बातरूम मे गया और अपना अंडरवेर निकल कर सिर्फ़ लोवर पहें कर वापिस आया. वो बेसब्री से मेरा वेट कर रही थी, उसकी आँखों मे मैं अपने लिए प्यार दे स्कता था.

फिर मैने उसके पास बैठ कर उसके दोनो बूब्स को सहलाने और दबाने लग गया. वो बेचारी छीलना चाहती थी, पर वो छिला नही सकी और अपनी आवाज़ पर कंट्रोल किए र्खा.

मैने धीरे से अपने हाथ पीछे करके उसकी ब्रा को खोल दिया. वो बोला – मुझे पूरी नंगी कर दो.

ये बात सुन कर मैं गरम हो गया, मैने बड़े आराम से उसकी निघट्य को उतार दिया और उसके बूब्स और लिप्स को एक साथ मैं प्यार करने लग गया.

मैने भी अपने कपड़े उतरे और तब मैं सिर्फ़ बनियान मे और लोवर मे था. वो सिर्फ़ अपने पाजामे और पनटी मे थी, मैने उसके बूब्स को 15 मिनिट तक आचे से प्यार किया.

फिर मैने अपना एक हाथ उसके पाजामे मे डाला और उसकी छूट को मैं पनटी के उपेर से सहलाने लग गया. वो मुझे पागलो की तरह देख रही थी, फिर मैने उसे लिप्स किस करते हुए उसके होंठो को काट लिया.

अब मेरा लंड गरम हो रहा था, मैने अपने हाथो से उसका नडा खोला और उसकी पनटी को नीचे कर दिया. अब धीरे धीरे मैं उसकी छूट मे अपनी उंगली कर रहा था.

उसकी छूट पहले से गीली थी, अब मैं अपनी दो उंगली से उसकी छूट के दाने को मसल रहा था. उसकी साँसे तेज़ हो गयी थी, और मुझे वो नज़ारा देखने मे बहोट मज़ा आ रहा था.

मैने अचानक अपनी टीन उंगलिया उसकी चूत मे दल दी, जिससे वो बेकाबू हो गयी. वो मेरा साथ देने लग गयी, और मैं उसे किस करी जा रहा था.

मैं एक हाथ से उसके बूब्स के निपलेस को मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी छूट को छोड़ रहा था. ठीक 5 मिनिट बाद उसका सारा रस्स बाहर निकल गया. मैं उसके सामने ही उसकी छूट को चाटने लग गया और वो बोली – ऐसा मेरे पति ने कभी मेरे साथ नही किया.

मैं – प्लीज़ इस टाइम अपने पति को याद मत करो.

ये सुन कर वो तोड़ा मुस्कुरई और मैं बोला – अब मेरा क्या होगा?

वो – चलो बातरूम मे चलते है.

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