TMKOC रंडी खाना

तो दोस्तो ये मेरी फेली कहानी है अगर कोई ग़लती हो जाए तो माफ़ कर देना तो कहानी की शरुआत करते है.

ये कहानी शरु होती य्र जेथलाल के घर से जब टापू 10 साल का था और चम्पक चाचा गॅव मई रहते थे.

कहानी शरु होती है जेता लाल के घर से सुबह को जेता लाल घेरी नींद मई सो रहा था. तब दया सुको जगाने आई जब जेता लाल को काई बार जगाने पर भी वो नही जगा. तो दया को एक आइडिया आया और उसने जेता के पाजमाई से उसका लॅंड निकाला और उसको उपेर नीचे करने लगी.

ऐसा कर ने से जेता लाल का 9 इंच लंबा लंड खड़ा हो गया और दया उसको मूह मई लेके चूसने लगी और जेता के लंड को काट लिया जिस से जेता की चीख निकल गयी.

जेता : अहह द्द्द्द्दददाााययययययाआअ (और अपने लंड पार हाथ रख दिया).

फ्री जेता दया का हाथ पकड़ के उसकी गोद मई बिता देता है जिस की वजह से दया को लंड चुभने लगता है और जेता लाल उस से कहता है-

जेता : आब तूने खड़ा किया है तो तू ही इसकी शांत कर.

फिर दया खड़ी होके अपने बाल बाँधती है और फिर जेता लाल का लंड मुहह मई लेके चूस ने लगती है. और जेता दया के बूब्स को ब्लोस के उपेर से दबाने लगता है. करीब 30 मीं बाद जेता जड़ जाता है उसके बात दया जेता लंड छत किचें मई छाई नास्टा बनाने चली जाती है और जेता लाल नहाने चला जाता है.

जेता लाल नहा के आने के बाद वो अपने कपड़े डुनध रहा होता है. पर उसे मिलते नही है तो वो दया को आवाज़ लगता है.

जेता : दया! मेरे कपड़े किधर रखे है.

पर अंदर से कोई जवाब नही आता तो जेता किचें मई चला जाता और वाहा जाके देखता है. तो वाहा पाई दया अपनी गांद दरवाजे की और कर के अपने भाई सुंदर से बात कार रही होती है. लेकिन जेता दया की गांद देखता रहता है.

उसके बाद जेता को आइडा आता है वो वाहा बाजू मई पड़ा बेलन उठा ता है. और धीरे से दया की सदी उपेर करके उसकी छूट मई पूरा बेलन दल देता है.

दया (कॉल कट किए बिना साइड मई रख के) : अहह उईईइ माआ मई तो मार गैइइ टापू के पापा ये आप काया कर रहे है..

जेता : सुबा का बदला.

ये बोल के और अंदर घुसा देता है और दया की आखो से आस्यू निकल जाते है.

दया : टापू के पापा प्लीज़ इसे निकालो बहुत दर्द हो रहा है.

लेकिन जेता दया की एक नही सुनता और अंदर बाहर कर ने लगता है.

(और मई आपको एक बात बता डू की जेता लाल नहा ने के तुरंत बाद किचें मई गया था और वो सिर्फ़ लूँगी मई था).

लूँगी मई से जेता का 9 इंच लूंबा लंड बाहर आ रहा था फिर उसने अपना टवल निकाला और जेता लाल पूरी तरह से नंगा हो गया.

और जेता दया के बूब्स दबाते हुआ दया के कन मई बोला अब मई तेरी गांद मारूँगा. और दया घबरा जाती है की ये 9 इंच के लंड से गांद मर्वानी पड़ेगी और दया गिड़गिदने लगती है..

दया : नही टापू के पापा प्ल्स गांद मत मारएे मैने आज तक नही मारवाई और रोने लगती है.

जेता लाल अपने लंड पाई तुख लगता है और धीरे से दया की गांद मई डालने की कोशिश करता है पर नही जाता. फिरसे खोषिश करता है तब सिर्फ़ 1 इंच लंड दया की गांद मई जाता है और दया छिला उठती है. फिर जेता और ज़ोर से एक दाहका मरता है तो दया रोने लगती है.

दया : गन्दू तेरा बहुत मोटा है गांद से निकल भोसदिके.

पर जेता नही मानता और एक ज़ोर से ढाका मार देता है और पूरा लंड दया की गांद मई चला जाता है. फिर जेता लंड को अंडर बाहर करने लगता है धीरे धीरे दया को भी मज़ा आने लगता है.

दया : अहह और ज़ोर से छोड़ गंदो आह आह आह…

ये सुनके जेता जोश मई आ जाता है और ज़ोर ज़ोर से ढके मरने लगता है. और नीचे उसकी छूट मई बेलन को और अंदर गूसने लागत है.

करीब 1 घंटे बाद दया जड़ ने वाली थी.

दया : आ टापू के पापा मई जड़ ने वाली हू आ आ आ करके उसकी छूट से पानी निकल गया और वो कपने लगी. थोड़ी देर बाद जेता जड़ने वाला था तो उसके दया को नीचे बिताया और उसके बूब्स के क्लेवेग मई अपना माल छोड़ दिया.

उसके बाद जेता फिर से नहाने गया और उसके पीछे दया भी चली गयी. और उन दोनो ने बातरूम मई जाके भी एक रौंद किया.

(जो सुंदर का कॉल था वो उसने किचन मई सेक्स ख़तम होने पर सुंदर ने ही काट दिया था. पर उसने पूरा सेक्स कार्यकर्म सुन लिया था).

फिर वो दोनो नहा के त्यआर हो गये और दया ठीक से चल नही पा रही थी. वो अपनी तंग फैला कर चल रही थी और जेता को गली देते हुआ..

दया : साले गन्दू ने चलने लायक नही छोड़ा अब सब सोसिटी की महिला पूछे गी तो काया जवाब दूँगी.

जेता : उसमे कों सी बड़ी बात है हम पति पत्नी ही तो है कह देना की आज तोड़ा ज़्यादा मूड बन गया था.

ये कह के जेता लाल दुकान के लिए चला जाता है और दया घर के काम मई लग जाती है.

फिर जेता दुकान जाके अपना काम करने लगता है.

अब चलते है भिड़े के घर वाहा भिड़े तूतिओं ले रहा है. और माधवी अपने आप को और किस्मत को कोसते हुई छाई बना रही है.

सोढी को कुछ काम की वजह से वो बाहर चला गया होता है. और गोगी स्कूल गया होता है और रोशन सोफा पाई बेत कर अपनी छूट मई उंगली कर रही होती है.

रोशन : अहह ह ह रोशन और ज़ोर से और थोड़ी देर बाद वो जड़ जाती है.

अब चलते है डॉक्टर हाथी के घर तो डॉक्टर साहब अर्जेंट पेशेंट को देखने के लिए बाहर गये है और कोमल घर के काम कर रही होती है.

आएसए ही सभी के घर सब लोग घरे के काम कर रहे होते है. और डुफेर को सब्जी लेने के लिए महिला मंडल नीचे कॉम्पोन्ड मई मिलते है. तब दया अपने पैर फेला के चल रही होती है तो ये देख के माधवी बोलती है.

माधवी : वाहह दया भाभी आज बहोट ज़ोर से मारी लगती है जेता भाई ने.

और दया सर्मा जाती है फिर सभी महिला सब्जी लेके अपने घर जाके काम मई लग जाते है.

दूसरी और पूरी गोकुलधाम चुड़ाकड़ लोगो से भारी हुई थी.

तो देखते है अगले पार्ट मई काया होता है.

अगर आपको कहानी अची लगी हो तो मूज़े मैल कर के ज़रूर बताएगा.

थॅंक योउ.

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