Thailand Ka Sexy Trip

आप सभी ने पसंद की, धन्यवाद!

मेरी यह कहानी मेरी अपनी नहीं, बल्कि मेरे खास दोस्त अनिल की है, वो खुद लिखने में घबराता है।
मेरी उसकी पटती भी खूब है, इसलिये वो मुझसे कुछ छिपाता भी नहीं है।
यह कहानी मैं उसी के शब्दों मैं लिख रहा हूँ।

मेरा नाम अनिल है, मैं बत्तीस साल का शादीशुदा मध्यम काठी का युवक हूँ, स्मार्ट, अंग्रेजी बोलने में माहिर और बहुत सलीकेदार कपड़े पहनने वाला प्रभावशाली व्यक्तित्व का मालिक हूँ।
मेरे एक बेटा सेकंड क्लास में पढ़ता है, मेरी बीवी सीमा बहुत खूबसूरत और अच्छी पढ़ी-लिखी युवती है।

हमारा दांपत्य जीवन सेक्स की दृष्टि से बहुत रोमांचक है। हम दोनों ही बहुत रोमांचक और सेक्सी सोच रखते हैं और जिन्दगी को हर रूप मैं एन्जॉय करता चलना चाहते हैं। मेरे दबाव देने पर सीमा हर तरह के सेक्स में मेरा साथ दे देती है पर उसे खुद पहल करने का शौक नहीं है।

अपनी शादी के दो साल बाद मैं और सीमा थाईलैंड गए। थाईलैंड में हम पत्ताया गए, वहाँ हमें तीन दिन रूकना था।
हम दोपहर को लगभग एक बजे पत्ताया पहुँच गए।

मैंने लोकल एजेंट से बात की और अपना तीन दिन का प्रोग्राम बनाया।

हम लोग शाम को एक एडल्ट शो देखने गए। उस समय मैं और सीमा दोनों ही बहुत सेक्सी मूड में थे और सेक्स में भी रोमांचक सेक्स का मजा लेन चाहते थे। मतलब रात को घूमते समय सड़क पर ही मैं सीमा के बूब्स मसल देता या फिर हम दोनों होंठ मिला कर कहीं भी खड़े हो जाते।

यह कहानी भी पड़े  पति की सहमति से परपुरुष सहवास-1

भारत में गाड़ी चलाते समय तो मेरे लंड मसलना या चूसना सीमा को बहुत ही पसंद था। तो फिर थाईलैंड जैसी जगह पर जहाँ हर ओर सेक्स का आलम हो, वहाँ हम जैसे लोग तो मानों पागल ही हो जाते हैं।

उस एडल्ट शो में जाने के लिए सीमा ने एक शॉर्ट स्कर्ट और उसके ऊपर टॉप पहना। ब्रा पैंटी तो वो पहनना चाह ही नहीं रही थी।
मैंने भी एक ढीला बरमूडा और उसने शर्ट पहन ली।
रास्ते मैं टैक्सी में जिसे वहाँ टुकटुक कहते हैं, मैंने उसे अपनी गोद मैं बिठाया और अपनी एक उंगली उसकी चूत में कर दी।
उसने भी अपनी गर्दन घुमा कर मुझे चूम लिया।

इस तरह के नजारे थाईलैंड में आम हैं, वहाँ किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता।
शो में आदमी और औरत बराबर से ही थे, कई लड़कियाँ भी थीं।
मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि औरतें और लड़कियाँ ज्यादा कामातुर हो रही थीं और शोर कर रही थी।

शो आरम्भ हुआ और एक हब्शी जैसा आदमी जिसने अपना मोटा और 8-9 इंच का लंड बाहर निकाला हुआ था, उसके हाथ में एक ढोल था और वो हब्शी सबके बीच में घूमता हुआ अपने लंड से उस ढोल को बजा रहा था।
रास्ते में लड़कियों और औरतों से वो अपने लंड को छूने के लिए कहता।

शुरू में तो किसी ने नहीं छुआ पर थोड़ी देर के बाद ही लड़कियों ने उसके लंड को छूना और चूमना शुरू कर दिया।

जब वो हमारे पास आया तो मेरी बीवी ने घबराहट में अपनी आँखें बंद कर ली और मेरा हाथ कस के पकड़ लिया।
मैंने उसके हाथ अपने हाथ से हटाकर उस हब्शी के लंड पर रख दिया।
एक बार तो सीमा ने उसका लंड दबाया बीच फिर तुरंत ही छोड़ दिया।

यह कहानी भी पड़े  दीदी को मैंने चोदा

Pages: 1 2 3 4 5

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!