स्पर्म सॅंपल लेते हुए नर्स चुदी

ही फ्रेंड्स मुस्कान अगेन. लास्ट स्टोरी में आपने पढ़ा होगा की कैसे मैने एक कॉल बॉय को बुलाया और उसके साथ पूरी रात एंजाय किया. उसने पहली बार मेरी गांद मारी. खून दो-टीन दिन तक आता रहा. मुझे 2 पद लगाने पड़े, एक तो छूट पर पीरियड्स के लिए, और एक गांद पर खून था इसलिए.

पनटी चुभती थी. होल पर ज़ख़्म हो गया था. रोज़ गरम पानी से सॉफ करना पड़ता था, पाईं किल्लर टॅबलेट लेनी पड़ती थी. बुत मज़ा भी काफ़ी आया था. 2-3 दिन पाईं रहा, फिर सब नॉर्मल हो गया. अब मैं अपनी स्टोरी पर आती हू.

मैने रोहित को कॉल किया, लेकिन वो कही बाहर अपने रिलेटिव्स के पास गया था. जब मैने उसके बारे में पूछा तो सामने वाले ने कहा, “वन मंत तक आएगा क्यूंकी अब उसके एग्ज़ॅम भी है”. मैने कहा चलो ठीक है, मैं वेट करूँगी.

मैने नर्सिंग को कोर्स किया था. घर बोर हो जाती थी. फिर मैने अपने हब्बी जो उस में थे उनसे बात की. उन्होने कहा की मैं जॉब कर लू, इससे मॅन लगा रहेगा. घर के पास ही एक क्लिनिक खुला था. वाहा लेडी डॉक्टर थी, और मैने उन्हे कॉंटॅक्ट किया. उन्होने कहा उन्हे मेरी ज़रूरत थी. तो मैने नेक्स्ट दे जाय्न कर लिया.

सब लॅडीस आती थी वाहा, और ऐसे ही चलता रहा. दिल लगा रहता था. एक दिन एक कपल आया. उनकी मॅरेज को 6 यियर्ज़ हो चुके थे. उन्हे कोई बेबी नही था. लड़की की आगे 30 की होगी. मेडम ने उसे अंदर बुलाया, और मुझे भी. उसने सलवार सूट पहना था. मेडम ने मुझे उसकी सलवार उतारने को कहा. मैने उनको लिटाया, और उनकी सलवार उतार दी, और ग्लव्स पहन लिए.

फिर मुझे कहा: चेक करो इन्हे.

मैने अपनी फिंगर उसकी छूट में डाली, और वो सिसक उठी और आ आ करने लगी. उसकी छूट नॉर्मल थी. ना स्वेल्लिंग थी, ना कोई दिक्कत. फिर उनको मॉर्निंग स्कॅन करवाने को कहा, और बाहर आ गयी. उसने सलवार पहनी और बाहर आ गयी.

मैने कहा: माँ आप छूट का ख़ास ध्यान रखती हू. कोई बाल नही, बिल्कुल कोरी थी.

वो हासणे लग गयी, और हम दोनो बाहर आ गयी. मेडम कुछ लिख रही थी. इतने में मेडम को कॉल आ गयी, और वो घर चली गयी.

वो मुझे बोली: जो लिखा है इनको बता देना.

मैने हा जी कहा और चेर पर बैठ गयी. फिर लड़की को मेडिसिन बताई, और मॉर्निंग उनके हब्बी को बोला-

मैं: आप 1 बजे आना, 2 बजे क्लिनिक ऑफ हो जाता है. ड्र. माँ किसी और हॉस्पिटल जाती है.

अभी 11 बजे थे. वो चले गये. फिर मेडम का कॉल आया, की वो नही आएँगी.

उन्होने कहा: जो कपल आया था. उसके हब्बी का स्प्रेम कलेक्ट करना, और लब ढेज देना. जो भी आए, उन्हे मॉर्निंग का टाइम देना.

1 बजने वाला था. वही लड़का आ गया. मैने फिर उनको एक फ्रेश छ्होटी सी डिब्बी दी, और उनको कहा की वो अंदर जेया कर उसमे स्पर्म कलेक्ट करके ले आए. वो मेरी तरफ देखने लगे और बोले-

वो लड़का: वो कैसे करू?

मैने कहा: हाथ से.

और हस्स कर अंदर चली गयी. 15 मिनिट बाद मैने पूछा-

मैं: हुआ के नही?

वो बोले: नही.

और उसने मुझे अंदर बुला लिया. मैने क्लिनिक का डोर लॉक किया, अंदर गयी. वो न्यूड खड़ा था. उसका लंबा मोटा लंड लटक रहा था.

वो बोला: माँ इसे मेरी वाइफ रोज़ खड़ा करती है. अब ये खड़ा नही हो रहा है. मेरी हेल्प करो.

मैने कहा: मैं क्या कर सकती हू? आप जल्दी करो, मुझे घर जाना है. सॅंपल भी भेजना है.

उसने जल्दी से मेरा हाथ पकड़ा, और अपने लंड पर रख दिया.

मैने कहा: क्या कर रहे हो?

वो बोला: आप अपने पेशेंट की हेल्प नही कर सकती?

मैने कहा: चलो ठीक है.

फिर मैं उसके लंड को हाथ से हिलने लगी. वो धीरे-धीरे टाइट हो रहा था. मैं चाह कर भी उसको छ्चोढ़ नही पा रही थी. वो टाइट और गरम हो रहा था. मुझे अजीब सा फील हो रहा था. मैने टॉप और स्कर्ट पहनी थी, और उसका हाथ मेरी आस पर था. मैने कोई विरोद नही किया. फिर जब 15 मिनिट हिलाने पर भी वो डिसचार्ज नही हुआ, तो मैने फिर कहा-

मैं: अब क्या करू मैं? मुझे घर जाना है.

वो बोला: जो करना है आप करो.

मुझे गुस्सा आ रहा था, और मज़ा भी. मैं उसके पैरों में बैठ गयी, और उसका लंड मूह में ले लिया. फिर मैं उसको चूसने लगी जैसे लॉलिपोप हो. फिर 15 मिनिट बाद वो बोला-

वो लड़का: मैं झड़ने वाला हू. मैने डिब्बी ली, और उसने सारा माल उसमे डाल दिया. अब मैने सॅंपल लिया, और बाहर टेबल पर रख दिया. अब इतना सब होने पर रहा कैसे जाए? वो अभी अंदर था. उसको पता था की उसने चिंगारी दी थी, तो आग तो लगेगी.

मैं भी समझ गयी थी. फिर मैं अंदर गयी. वो टोटली न्यूड था. लंड पूरा टाइट, और आँखों में हवस थी. मैने उसका लंड टिश्यू से क्लीन किया, और कहा-

मैं: मैं कुछ अलग ट्राइ करना चाहती हू.

मैने उसको चेर पर बिता दिया, और टॉप की ज़िप खोल दी. टॉप उतार दिया, स्कर्ट भी खोल दी, जो नीचे गिर गयी. फिर क्या था. आ गया वो भी फुल फॉर्म में और मैं भी. मैं उसकी गोद में जेया बैठी, और मेरे बूब्स उसके मूह पर थे. वो मेरे बूब्स को काट रहा था. अफ मुझे पाईं हो रहा था.

मैने कहा: स्लोली करो, सिर्फ़ सक करो, प्लीज़ काटो ना.

फिर वो मेरे निपल्स को चूसने लगा. दोनो निपल उसने चूस कर टाइट कर दिए. वो बार-बार मेरे चूतड़ दबा रहा था. मैं उसको कस्स कर पकड़े बैठी थी. उसको किस कर रही थी. फिर उसने मुझे तोड़ा उपर होने को कहा.

मैं उठी, उसने लंड मेरी छूट पर रखा, और मुझे स्लोली नीचे किया. उसका लंबा मोटा लंड मेरी छूट में गया, और सीधा गया. लगा की पेट तक चला गया. अफ एयेए आआ उई मा मॅर गयी मेरे मूह से निकल रहा था. वो मुझे हल्का-हल्का उठा कर उपर-नीचे कर रहा था.

मैं भी अब उसका साथ देने लगी. मैं भी उपर से झटके दे रही थी. फिर उसने मुझे उतार दिया, और मुझे उल्टा अपने उपर बिता दिया. मेरी पीठ उसकी तरफ थी. उसने मेरी दोनो लेग्स उपर हवा में उठा दी. फिर मेरी छूट में अपना लोड्‍ा डाल दिया.

मैं उसके लंड पर बैठी थी, और लेग्स हवा में थी. मैने चेर पकड़ी, और उपर-नीचे होने लगी. लाइफ में पहली बार ऐसे चूड़ी थी. ऐसे सिर्फ़ मोविए में देखा था. मेरी छूट गीली हो चुकी थी. एक बार झाड़ चुकी थी मैं, लेकिन वो अभी भी जोश में लगा था.

फिर फूच फूच की आवाज़ आने लगी. मैं भी आ आ कर रही थी. मेरी गांद उसको झटके दे रही थी. इतने में उसका काम होने वाला था. उसने मुझे नीचे उतरा, और मैने लंड मूह में लिया.

5 मिनिट चूसने के बाद मेरे मूह और बूब्स पर माल छ्चोढ़ दिया. फिर मैं बातरूम गयी, फ्रेश हुई, सॉफ किया, और बाहर आ गयी. तब तक वो जेया चुका था. मैने फिर ब्रा-पनटी पहनी, और ड्रेस ठीक करके पहनी. उसके बाद मैने कॅबिन सॉफ किया, और लब वाले को फोन किया.

हाफ आन अवर बाद वो आया. उसने सॅंपल लिया, और चला गया. फिर मैने क्लिनिक ऑफ किया, और घर आ गयी. ईव्निंग को हब्बी का फोन आया की मेरे लिए एक गिफ्ट भेजा था उन्होने, जो मुझे कल मिलने वाला था. मैने कहा ठीक है.

फिर घर की सफाई की, खाना ब्नाया, और खाया. मैं लेती थी, और मुझे वही सब याद आ रहा था. आज की चुदाई यादगार बन गयी. पहली बार पॉर्न आक्ट्रेस की तरह चूड़ी थी. अगर कोई मोविए बना लेता तो हिट हो जाती.

ऐसी ही चुदाई नेक्स्ट स्टोरी में बतौँगी, की कैसे मैं बॉडी स्पा मसाज पार्लर गयी. वाहा कितना एंजाय किया, वो भी आपको शेर करूँगी. और मेरे हब्बी ने जो गिफ्ट किया, वो भी आपको बतौँगी.

और फ्रेंड्स, कैसी लगी मेरी स्टोरी? ये सब स्टोरीस रियल है, और लास्ट एअर की है. कुछ भी झूठ नही है. बस नामे रियल नही. मैं सेक्स की भूखी हू, बस और कुछ नही.

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