दोस्तों उमीद है आपने मेरी सेक्स कहानी का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा. आपकी फीडबॅक के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. अब आयेज की कहानी की तरफ बढ़ते है.
अगले दिन रोहन ने मुझे एक कंपनी का अड्रेस दिया था. मुझे वहाँ सोनिया के साथ जाना था. सुबह मैं उठी, घर का काम वग़ैरा किया. ज़्यादा टाइम था नही तो मैं रेडी हुई. मैने सारे डॉक्युमेंट्स समेटे. फाइल वग़ैरा रेडी की. ये सब काम करते-करते सुबह के 9 बाज गये थे. फिर मैने सोनिया को कॉल किया और बोली-
मैं: सोनिया मैं रेडी हू, बताओ कब चलना है हमे?
सोनिया: भाभी, मेरी बात काव्या से हुई है. 11 बजे का बोला है उसने. मैं आपको 10:15 बजे कॉल करूँगी.
मैं: ठीक है.
मेरे को नयी जॉब की टेन्षन प्लस एग्ज़ाइट्मेंट थी, तो एक घंटा कैसे बीता पता ही नही चला. मैं सोनिया से मिली. मैने कॉर्पोरेट के हिसाब से ड्रेस पहनी थी. सोनिया ने एक ब्लू कलर की वन पीस ड्रेस पहनी थी. मेरी सोनिया से ज़्यादा बात नही हुई थी.
सोनिया: भाभी, आप रेडी हो ना?
मैं: हा, मैं रेडी हू. सोनिया, तुम भाभी नही बोला करो, कॉल मे मनीषा.
सोनिया: ठीक है मनीषा. वैसे कल की चुदाई कैसी रही?
मैं: क्या बोल रही हो तुम?
सोनिया ने अचानक से ये बोला तो मैं कुछ ज़्यादा रिक्ट नही कर पाई.
सोनिया: अर्रे, क्या शर्मा रहे हो? मैं रोहन के साथ वाली चुदाई की बात कर रही हू. उसने मुझे सब बता दिया है.
मैं: अछा. तो तुमको कोई प्राब्लम नही होती इस सब से?
सोनिया: नही, उसने मुझे प्रॉमिस किया है की वो सब बात मुझे बताएगा.
ऐसे ही बातों-बातों में हम उस ऑफीस में पहुँच गये. काव्या का कॅबिन टॉप फ्लोर में था. मुझे रोहन ने रेकमेंड किया था तो हम सीधे काव्या के पास गये. मैं काव्या से पहली बार मिल रही थी. हम उनके कॅबिन में गये. उन्होने मेरी क्वालिफिकेशन्स देखी, और मेरा वर्क एक्सपीरियेन्स देखा.
काव्या: सो योउ अरे मनीषा, रिघ्त?
मैं: एस, माँ.
काव्या: तुम्हारा क्वालिफिकेशन्स आंड वर्क एक्सपीरियेन्स सही है. अब रोहन ने रेकमेंड किया है तो कुछ सोच समझ के किया होगा.
मैं: थॅंक योउ, माँ.
काव्या: मनीषा, एक काम करो, तुम एक ह्र रौंद करना होगा. इट’स जस्ट आ फॉरमॅलिटी. आंड अबौट थे सॅलरी, वी विल गिव योउ 25% इनक्रिमेंट ओं युवर प्रीवियस सॅलरी. गॉट इट?
मैं: एस, माँ.
काव्या ने एक कॉल किया और 2 मिनिट्स में एक एंप्लायी आ गयी. उसका नाम प्रिया था (कॅरक्टर फ्रॉम स्टोरी मदद का हाथ बाइ योरो).
काव्या: प्रिया, लिसन. टके हेर तो थे ह्र आंड आफ्टर हेर ह्र रौंद इनको ऑफीस दिखा देना. ये कल से जाय्न करेंगी.
प्रिया: ओके, माँ.
काव्या का ऑरा कुछ अलग था. दिखने में एक-दूं स्ट्रिक्ट. सिर्फ़ अपने काम से काम रहने वाली, जिसके सामने कोई कुछ बकवास नही करता हो. मैं और प्रिया ह्र के पास जाने लगे. सोनिया अभी काव्या के साथ थी.
प्रिया: तो आप न्यू जाय्न कर रही हो?
मैं: हा.
प्रिया: कोई भी दिक्कत हो तो मुझे बताना.
प्रिया मेरे से आगे छ्होटी थी, पर इस ऑफीस में काम करते-करते टाइम हो गया था.
मैं: ठीक है. वैसे मेरा नाम मनीषा है.
प्रिया: और मेरा नाम प्रिया. नाइस मीटिंग योउ.
मैं: थे प्लेषर इस मिने.
बातों-बातों में हम ह्र के पास पहुँच गये. मेरा ह्र रौंद करीब-करीब 20 मिनिट्स तक चला. फिर 5-10 मिनिट्स मुझे ऑफीस देखने में लग गये. तो दोस्तों, आपको अभी तक की स्टोरी नॉर्मल लग रही होगी. आप सोच रहे होगे की ये कैसी स्टोरी है, जो नॉर्मल से अलग है. वो तो आपको अभी पता चलेगा.
फिर करीब करीब 35 मिनिट्स में मेरा सब काम हो चुका था, तो मैने सोनिया को कॉल किया. पर सोनिया कॉल नही उठा रही थी. मैने सोचा की क्यूँ ना काव्या माँ के ऑफीस जाए, उनको थॅंक योउ भी बोल दूँगी और फिर वहीं से हम अपने घर आ जाएँगे.
मैंन काव्या माँ के ऑफीस के बाहर पहुँची, तब तक सब सही लग रहा था. सब नॉर्मल था. पर मैने देखा रूम का डोर तोड़ा ओपन था. मैने तोड़ा डोर नॉक किया तो कोई रेस्पॉन्स नही मिला. मैने तोड़ा डोर ओपन किया तो देखा, दोनो काव्या और सोनिया नंगे होके एक-दूसरे के साथ लगे हुए थे.
अब मुझे समझ आया की सोनिया को लड़कियों में भी इंटेरेस्ट था. सोनिया टेबल पर नंगी बैठी थी और उसके सामने काव्या. मुझे सिर्फ़ सोनिया की पीठ और काव्या के बूब्स दिखाई दे रहे थे. काव्या के बूब्स देख के तो मैं भी गरम हो गयी थी. वो दोनो आपस में किस कर रहे थे. शायद वो दोनो एक-दूसरे की छूट रग़ाद रहे थे या काव्या स्ट्रॅप ओं से सोनिया को छोड़ रही थी.
फिर आचनक क्या हुआ, सोनिया टेबल से उतरी और काव्या का हाथ पकड़ा और उनको सामने वाली चेर में ले आई.
काव्या: सोनिया, ये क्या कर रही है? कोई देख लेगा.
सोनिया: तुझे पता है की कोई इस ऑफीस में बिना तेरी पर्मिशन के नही आता.
काव्या: मनीषा तो है, वो आ गयी तो?
सोनिया: तो उसको भी छोड़ देना, एक नंबर की चुड़क्कड़ है. रोहन ने बताया था.
इतना बोलते ही सोनिया ने चेर का फेस डोर की तरफ किया और उसमे काव्या को बिताया. मैने ऐसा दृश्या अपने जीवन में पहली बार देखा था. काव्या अब चेर में बैठी थी, उसके बाल खुले थे. चश्मा नही लगाया था. अभी वो बहुत सुंदर लग रही थी.
उसके बड़े-बड़े बूब्स, पतली कमर और 8 इंच लंबा लंड. हा, सही पढ़ा, 8 इंच लंबा लंड, और स्ट्रॅप-ओं वाला नही, ज़िंदा माँस वाला फड़फदता लंड. इतना बड़ा लंड, वो भी एक लड़की का? मतलब काव्या एक शेमले थी. ये बात किस-किस को पता थी? क्या ऑफीस वाले जानते थे? मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. फिर सोनिया काव्या का पूरा लंड अंदर ले लेती है, और शुरू होता है लंड का खेल..
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