एक शादी शुदा औरत मेरे लंड पे अपना मंगलसूत् लगा ली

मेरा नाम अरिजीत मुखर्जी है. मैं 18 साल का हूँ, और अपनी 42 बरस की माँ, गौरी मुखर्जी के साथ मुंबई में रहता हूँ. मेरी माँ एक बेहद खूबसूरत बंगाली औरत है, कद 5’4’’, फिगर 37D-30-38 ज़्यादा मोटी नही है पर उसका बदन एक दम गदराया हुआ है. और बंगाली औरतों से हटके वो बेहद गोरी है. वो मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है. शादी के कुछ सालों बाद तक वो हमेशा साड़ी ही पहनती थी, पर आजकल सलवार सूट पहनती है. साड़ी कभी कभी त्योहार के टाइम पर ही पहनती है. पर सलवार सूट में भी लोग उसको घूरते थे, 40 की उमर में भी वो किसी भी मर्द को आकर्षक लगती थी.

मेरे पापा देव मुखेर्जी, ONGC में काम करते हैं. ज़्यादातर घर से बाहर ही रहते हैं. सेक्स में मेरी रूचि तब पैदा हुई जब में 14 साल का था. मेरी क्लास में एक दोस्त था, क़ासिम, जो मुझे ब्लू मूवीस और प्लेबाय मॅगज़ीन्स दिखता था. हमाँरा बांद्रा में एक बड़ा फ्लॅट था. मैं अक्सर अपने माँ बाप का सेक्स देखता था. दर असल उनके और मेरे रूम में एक खिड़की थी जहाँ से मैं चुप के सब देख सकता था. उनकी चुदाई कभी भी 10 मिनिट से ज़्यादा नही होती थी. कई बार मैने उनके सेक्स के बाद माँ को अपनी चूत में उंगली करते देखा था. बात तबकि है जब मैं 17 साल का था और 12 वीं क्लास में था. पापा ने एक प्राइवेट कंपनी में ट्रान्स्फर करा लिया और सूडान चले गये. वहाँ से उनका इंडिया आना मुश्क़िल था, साल में एक बार 15-20 दिन की छुट्टी मिलती थी. माँ का सेक्स और कम हो गया था. एक दिन मैने उसको किसी सहेली से बात करते हुए सुना, वो कह रही थी “पूरे 2 साल हो गये सेक्स किए हुए. पति को सेक्स में ज़रा भी रूचि नही है.

उंगली से ही काम चलती हूँ”. मैं रात में कई बार अपनी माँ को देखता था, वो पूरी नंगी हो के इंटरनेट पे लौड़ों के तस्वीरें देखती और अपनी चूत में उंगली करती और अपने बूब्स दबाती. मैं माँ का लॅपटॉप भी देखता था जब वो ऑफीस होती थी, उसने खूब सारी ब्लू मूवीस डाउनलोड कर रखी थी, उसकी इंटरनेट हिस्टरी में  जैसे साइट्स भारी हुई थी. मैं भी सोचता था, माँ sexually unsatisfied है, उसको एक मर्द चाहिए जो उसकी शारीरिक ज़रूरतों को पूरा कर सके. ये मेरी फॅंटेसी बन गयी थी, अपनी माँ को किसी गैर मर्द की बाहों में देखने की. एक दिन बातों बातों में माँ ने कहा उनके बॉस का ट्रान्स्फर हो रहा है, और एक नया बॉस आएगा. पुराने बॉस को मैं जनता था, क्यूंकी वो अक्सर हमारे घर आते थे. माँ ने बताया उनका नये बॉस का नाम जमाल शेख़ जब्बार था.

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नये बॉस के आने के बाद मैने अपनी माँ के चाल चलन में कुछ बदलाव देखे. उसने सलवार सूट छोड़ के साड़ी पहननी शुरू कर दी. फिर कुछ दिन बाद मैने देखा माँ ने अपनी पुरानी साड़ियाँ निकाली जो वो शादी के कुछ सालों बाद तक पहनती थी, इन साड़ियों के ब्लाउस sleeveless थे. उनकी फिगर गदराने के बाद ये ब्लाउस और भी छोटे हो गये थे. Sleeveless ब्लाउस में उसकी मांसल बाहें और सुडोल वक्ष एक दम साफ दिखाई देते थे. मैने सोचा माँ किसके लिए अपने बदन की नुमाइश कर रही है. और उसने अपने बाल भी खुले रखने शुरू कर दिए थे, पहले वो जूड़ा करती थी. रोज़ रात को माँ उसी तरह नंगी हो के अपनी चूत में उंगली करती. पर उसकी इंटरनेट हिस्टरी देख के मुझे एक Shock लगा. उसकी हिस्टरी में “Circumcised BIG Cocks”, “Bull OR Cow””Women Affair with Men”, “Women OR Men Sex Stories”, “m Men Fucking Women” जैसी सर्च थी.

फिर उसकी हिस्टरी में मेरी नज़र एक साइट पर पड़ी. मैने इस साइट के सारी एंट्रीस पढ़ी. पहले मुझे बहुत गुस्सा आया. फिर मुझे अजीब सी excitement होने लगी. पर औरतों और मर्दों पर बहुत सारी एंट्रीस थी. मैं हैरान था, मेरी माँ एक गैर मर्द से चुदना चाह रही थी. ज़रूर इसका कारण उसका बॉस जमाल था. क्या मेरी माँ शादी शुदा होते हुए भी एक गैर मर्द, और वो भी एक मर्द, से शारीरिक रिश्ता बनाएगी? उसके लॅपटॉप में मैने बहुत सारे लौड़ों की तस्वीरें देखी. सब लंबे लंबे कसे हुए लंड थे. और इन लौड़ों को देख के मेरी माँ गरम हो जाती थी और उसकी चूत गीली हो जाती थी, और वो अपनी चूत में उंगली करके अपने आप को शांत करती थी. मुझे अब यकीन हो गया था की मेरी माँ ज़रूर जमाल से चूदेगी. मुझे एक अजीब सी excitement थी,

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अपनी माँ को जमाल के बाहों में नंगी देखने की. मेरी Fantasy जल्द ही पूरी हुई. मेरे क्लास 12 के exams हो गये थे. में अब फ्री था. माँ ने एक दिन कहा की उसकी ट्रेनिंग लग रही है, दिल्ली में 3 हफ्ते के लिए. इसलिए मैं 3 हफ्ते तक अपने नाना-नानी के पास कोलकाता में रहूँगा. आजतक माँ कभी ट्रेनिंग के लिए नही गयी थी, मुझे लगा दाल में कुछ कला है. एक दिन माँ ऑफीस से आई तो एक बड़ा सा शॉपिंग बैग साथ लाई. वो कहीं से शॉपिंग करके आ रही थी. उसने जल्दी से वो बैग अपने कमरे की कपबोर्ड में छुपा दिया, जैसे मुझसे कुछ छुपा रही हो. जब शाम को वो मंदिर गयी मैने झट से वो शॉपिंग बैग निकाला. उसमें ढेर सारे नये कपड़े थे. Packet अभी बंद थे, पर बाहर मॉडेल्स की तस्वीरें थी, जिससे पता चल रहा था की अंदर क्या है. 5 नयी साड़ियाँ थी, सारी साड़ियाँ Sleevless और बेहद छोटे ब्लाउस वाली थी, जिससे पूरा Midriff सॉफ दिख रहा था. साड़ियाँ transparent भी थी. 5 Night Dress थे, Bra Panty Set और उपर से Cape. Cape भी Sleeveless और transparent थे और जांघों तक ही पहुँच रहे थे,

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