सेक्सी विधवा चाची पर भतीजे ने डाला हाथ

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम राहुल है. मेरी उमर 25 साल है, और मैं अभी जॉब करता हू. कोविद की वजह से अभी घर पर ही काम चल रहा है. मेरे घर में कुल 5 लोग रहते है. मैं, मेरी मा, मेरे पापा, छ्होटा भाई, और मेरी छ्होटी मा (चाची).

मेरी छ्होटी मा की उमर 30 साल है. मेरे चाचा की डेत के बाद वो हमारे साथ ही रहती थी. मेरी और मेरी छ्होटी मा की बहुत अची जमती थी.

उनकी और मेरे चाचा की शादी को बस 5 साल ही हुए थे, और शादी के 3 साल बाद ही कोविद में चाचा की डेत हो गयी थी. तबसे वो और उनके बच्चे हमारे साथ ही रहते है.

मेरी छ्होटी मा की बात करू तो वो बहुत ही सुंदर है. गोरा शरीर, गड्राया हुआ बदन, बिल्कुल एक 30 साल की चब्बी मिलफ. उनके 2 बच्चे है. हम लोगों का परिवार बहुत ही शरीफ और सीधा है. पर कहते है ना की दिन की शरीफी रात होते-होते और बिस्तर पर जाते-जाते कुछ और ही हो जाती है. यही हाल मेरे घर का था.

मेरे पापा मम्मी इतनी आगे में भी शायद रोज़ ही चुदाई करते थे, और धमाकेदार चुदाई होती थी उनकी. उनकी कहानी कभी और लेकर अवँगा. पर आज बात मेरी और मेरी छ्होटी मा यानी मेरी चाची के बारे में है.

सच बतौ तो मुझे मेरी छ्होटी मा हमेशा से पसंद थी, और चाचा के बाद तो लगता था की उन्हे कभी पकड़ कर छोड़ डू. उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ, उनकी बड़ी सी गांद, जो सारी में और भी सुंदर दिखती थी.

बस मॅन करता था की दबा कर चूस लू, और पूरा खा जौ. उनकी गांद भी बड़ी रसीली और चूचे तो पूछो ही मत. ऐसा लगता था जैसे ब्लाउस से फाड़ कर निकल आएँगे. चलिए अब कहानी पर आते है.

ये बात 2021 की है, जब कोविद का 2न्ड फेज़ चल रहा था. चाचा की डेत के बाद मेरी मा और मेरी छ्होटी मा अपने बच्चो के साथ एक ही कमरे में सोते थे. एक बार मेरे कमरे का पंखा खराब हो जाने की वजह से मम्मी ने मुझे उसी कमरे में सोने को बोला.

उस कमरे में ज़्यादा गर्मी नही लगती थी, और जून/जुलाइ की गर्मी और वो भी नॉर्थ इंडिया में, आप सब को तो पता ही होगा की कितनी ज़्यादा होती है.

एक ही बेड पर हम 5 लोग लेते हुए थे. उस रात मेरे दिल में एक हलचल सी थी, की इतना करीब था उनके, तो क्यूँ ना कुछ ट्राइ किया जाए.

रात में मैने उनके पैर पर हाथ रखा. सोते वक़्त वो गाउन पहन कर सोती थी, और उसके नीचे पेटिकोट और ब्लाउस.

मैं उनके पैर की साइड में लेता हुआ था, तो मैने धीरे से अपना हाथ गाउन के अंदर नीचे से घुसा दिया, और उनके पैर को टच करने लगा. पैर बिल्कुल मक्खन की तरह थे, और क्यूंकी कमरे में अंधेरा था, इसलिए मैं कुछ ज़्यादा देख नही पाया. उस रात इतना ही हुआ, और मैं सो गया.

उसके बाद से मैं नीचे ही लेटने लगा उनके साथ. और हर रात मैं बस अपना हाथ घुसा कर रखता, और कभी-कभी धीरे-धीरे उन्हे सहलाता भी. एक रात की बात है, मम्मी सो चुकी थी, और मैं वैसे ही लेता था. मैं छ्होटी मा के पैर के पास था. मुझे कुछ ठीक से लेट-ते हुए बन नही रहा था. इसलिए मैं बार-बार करवट ले रहा था.

छ्होटी मा ने मुझे देखा, और अपने पीछे बराबर में लेट जाने को कहा. अब बेड पे पहले मम्मी, फिर दोनो बच्चे, फिर छ्होटी मा, और सबसे लास्ट में मैं लेता था. मैने उनकी चादर ही ओढ़ रखी थी. मतलब एक ही चादर में हम दोनो लेते हुए थे.

रात के करीब 1:30-2 बजे होंगे, और मुझे लगा अब सब सो गये थे. तो मैने थोड़ी हिम्मत दिखाई. मैं उनके पीछे लेता था, और उनकी गांद और पीठ मेरी तरफ थी. मैने अपना हाथ उनके पेट पर रखा, और उनसे चिपक कर लेट गया. मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था, और उनकी गांद में टच हो रहा था.

उनकी तरफ से किसी भी तरह की हलचल ना देख कर मैने थोड़ी और हिमात करी, और अपना हाथ उनके पेट पर गाउन के उपर से ही सहलाने लगा. फिर धीरे-धीरे अपनी कमर आयेज-पीछे कर रहा था.

अचानक से वो तोड़ा सा पीछे की तरफ हिली, तो मेरी हालत खराब हो गयी. मेरी साँसे तो पहले से ही तेज़ हो रही थी, क्यूंकी जिस औरत को मैं देख कर रोज़ रात मूठ मारता था, साला उसी को कस्स कर पकड़ के उसकी गांद में लंड लगा कर आज लेता हुआ था.

मेरे हाथ बस उनके बूब्स के तोड़ा सा ही नीचे थे, जिससे मैं अपनी उंगली से उनके बूब्स की नीचे की साइड को टच कर सकता था. उनके हिलने पर मेरी गांद फटत गयी, और मुझे लगा अब ना जाने क्या होगा. पर फिर भी मैने खुद को रोक लिया, और वैसे ही लेता रहा. कुछ देर बाद छ्होटी मा ने अपना उपर वाला हाथ मेरे हाथ पर रख दिया, और उसे सहलाने लगी.

ये देख कर मेरी थोड़ी सी हिम्मत और बढ़ी, और मेरी साँसे बहुत तेज़ होने लगी. मैं उनके बिल्कुल करीब खिसक गया, और मेरे होंठ अब उनके कान के पास थे, और पूरा शरीर उनसे चिपका हुआ था. मैने अपनी पकड़ और तेज़ कर दी, और उनके पेट को मसालने लगा.

मुझे उनकी साँसे भी सुनाई दे रही थी, और फिर मैने धीरे से उनके कान के पीछ एक किस कर लिया. इस किस से वो और उत्तेजित हो गयी, और उनकी साँसे और भी ज़्यादा तेज़ होने लगी. 34 इंच के उनके बूब्स अब और भी तेज़ उपर-नीचे हो रहे थे, और ऐसा लग रहा था मानो बाहर ही आ जाएगे.

मुझे जोश में होश नही खोना था, और बेड पर हमारे अलावा मम्मी भी थी, तो उनको भी ध्यान में रखना था. एक औरत जो पिछले 2 साल से बिना चुड़े हुए रहे रही थी. उसकी तड़प तो बढ़ ही गयी होगी. किसी भी आदमी के छूटे ही उसके अंदर का हवस का कीड़ा ज़रूर जाग जाएगा और यही यहा भी हुआ.

चाचा के जाने के बाद से वो 2 साल तक बिना चुड़े रही. उनको मुझसे कुछ ज़्यादा ही लगाव हो गया था. इसी वजह से वो अपने आप को शायद रोक नही पाई. और इसी वजह से शायद उन्होने मुझे रोका नही.

उस रात आयेज और क्या हुआ, और कब से वो मेरे लिए अट्रॅक्ट हो रही थी, वो अगले आने वाले पार्ट्स में आपको पता चलेगा.

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