सेक्सी मम्मी के जिस्म के मज़े लिए

घर आने के बाद मई अपने रूम मई चला गया था दाद फले ही घर आए हुए थे.

मई दोस्त के पास जाने के लिए निकल ही रहा था मैने देखा दाद मों के किस कर रहे है और मों की गांद दबा रहे थे. जिससे देख कर मई आंदार ही रुक गया.

मैने अपना बाहर जाने का प्लान कॅन्सल किया क्यूकी मई साँझ गया था की क्या होना था.

खाना खाने के बाद मई सीधा अपने रूम मई चला गया और इंतेज़ार करने लगा थोड़ी देर बाद मों आंड दाद की बाहर से आवाज़ नही आ रही थी मई साँझ गया वो आब बाहर नही है.

मैने बाहर देखा तो बाहर खाली आल्कोहॉल की बॉटल रखी थी. मई रूम की तरफ बढ़ा और वो खिड़की हल्की सी खोली जिससे मई फले ही अनलॉक कर रखी थी.

फिर मई खिड़की से झकने लगा. आंदार का नज़ारा देखा तो मों ने जुड़ा बना रखा था और मों दाद के अप्पर बैठी थी और दाद लेते हुए थे. मों खाली ब्रा मई थी और दाद के लंड पे बैठी थी दाद आराम से लेते हुए थे. मों खुद ही अपनी गांद को हिला कर चुदाई करवा रही थी.

मई ये देख कर देखता रहा गया क्यूकी मैने कभी मों खुद से ऐसे करते नही देखा था. मों दाद के अप्पर लेट गयी अपनी गांद को धीरे धीरे तोड़ा तोड़ा अप्पर नीचे कर रही थी.

मों दाद से लंबी थी दाद का लंड छोटा होने के बद्वजूद मों दाद के लंड को इश्स पोस्टीओं मई भी आंदार बाहर कर पा रही थी.

मेरा लंड हाथ अपने लंड को मसालने के लिए गया पर लंड पठार जैसा सख़्त हो गया था. मों को ऐसे देख लग रहा था की मों को दाद से चूड़ना है ना दाद को छोड़ना है.

ऐसा लग रहा था मों अपनी चुदाई का मज़ा खुद दाद के लंड को दे रही है.

मों और मैने कभी ऐसे चुदाई नही की थी मुझे लग रहा था की मों ने मुझे अपने इश्स खूबसूरत बदन का का कभी चुदाई का असली मजा नही दिया था जैसा दाद को देती है.

उनके गोरे बदन को दाद छू भी नही रहे थे बस लेते हुए थे मों के खड़ा बूब्स अभी तक ब्रा मई ही थे जिन्हे अभी तक नंगा भी नही किया गया था.

मों की गोल गांद देख मुझे याद आ रहा था की कैसे चुदाई के वक़्त ये गांद कितनी सॉफ्ट सॉफ्ट लगती है और इससे झटके देने मई और मज़ा आता है जिससे गांद लाल हो जाती है. अप्पर से मेरे मोटे लंड को मों की छूट मेरे लंड को इतना टाइट्ली चुस्ती है मई झाड़ जाता हू.

पर मों की ये गोरी सॉफ्ट उछालती गांद मुझे और टककत से झटके देने पे मजबूर करती है और मई झादेते हुए भी झटके देते र्हता हू.

मुझसे रहा नही जा रहा था मों के बदन और गांद को देख कर. मई आंदार जाने लगा पर रूम आंदार से लॉक था. मई दोबारा खिड़की से देखने लगा तो देखा मों सीधी हो गयी थी और दाद के लंड पे बैठी थी.

मुझे दाद आँड मों की गांद की नीचे दिख रहे थे मों और दाद कुछ बात कर रहे थे. मुझे ये देख के भी मेरा लंड फाना रहा था की कैसे इतनी सुंदर औरत नंगी आपके लंड पे बैठी बाते कर रही है.

मों एक दूं से उठी और दाद के लंड पे से कॉंडम हठाया और आइ मास्क लगा के लेट गयी.

मुझे कुछ आइडिया नही आया तो मैने अपना पुराना आइडिया उसे करने का सोचा और अपने फ्न से लिविंग रूम मई लगे लंडलिने पे कॉल कर दी ताकि रूम का दरवाजा खुले और मई चुप गया.

मैने देखा बाहर दाद आए थे कॉल पिक करने के लिए ना की मों बुत मई रूम के आंदार चला गया.

आंदार जाके देखा तो मों बेड पे सिर्फ़ ब्रा मई ही लेती हुई थी और साइड मई एक दारू के ग्लास और रखा था. शायद दाद ने मों को भी पीला दी थी मई मों के अप्पर जाने लगा.

मों – आ गये आप..

मैने रूम के दरवाज़ा बंद कर दिया लॉक नही लगाया.

मों को शयद लग रहा था की मई दाद हू, मैने बेड पे चाड कर मों की ब्रा खोल दी. मैने मों की टांगे खोली और अपने लंड के मूह को छूट के मूह पे रखा ही था.

दाद बाहर से एक दूं से बोले की मई एक दो पेग लगा के आता हू. मों ने अपना आइ मास्क हटाया पर तब भूत देर हो चुकी थी. मेरा लंड का मूह आब छूट के मूह मई जा चुका था.

मों – आशु हटो तुम्हारे पापा बाहर है और तुम जागे हुए हो??

मई के अप्पर लेता मेरा और मों का मूह इतना पास था ह्यूम दूसरे की साँसे मूह पे लग रही थी. मों के नेंगे बूब्स के निपल मुझे हल्के हल्के छू रहे थे.

मई बोला – मों मई सब देख रहा था और पता है अपने मुझे कितना सख़्त कर दिया है..!

मैने मों की ट्राफ् देखते हुए अपना लंड तोड़ा आंदार डाला तो. मों तिल मिला उठी और मों की साँसे तेज हूने लगी मों की छूट टाइट और भट्टी जैसे गरम थी.

मेरा अभी आधा भी लंड आंदार नही था पर मों पूरी काँप रही थी. शायद मों की छूट मुझे टाइट लग रही थी और भट्टी जैसे गरम थी. मेरा अभी आधा भी लंड आंदार नही था पर मों पूरी काँप रही थी.

शायद मों की छूट मुझे टाइट लग रही थी और या शयद मेरे लंड मों के लिए बड़ा था जीसी मों की छूट खुल रही थी. मैने मों को शांत होने दिया.

मैने मेसूस किया मेरा लंड पूरा गीला हो चुका था मैने देखा तो मों की छूट से कुछ पानी मों की गांद से होता हुआ बेडशीट पे गिर रहा था.

मों इतनी गरम थी शयद मेरे लंड के दबव से उनकी छूट ने हल्का पानी चोर दिया था. उनका मूह खुला हुआ था मों ने खुद पे कंट्रोल किया.

मों – आशु न्हीई मत करो प्लीज़ हम फस जयनगे..

मों के एक्सप्रेशन आज कुछ अल्ग ही लग रहे थे. मैने मों के दोनो हाथो को अपने हाथो से बेड पे जाकड़ लिए.

अब सिचुयेशन ये थी की मेरे आधा लंड छूट मई था और मों के हाथो को मैने जाकड़ रखा था और मों के खड़े गोरे बूब्स मेरे सामने नंगे थे.

मैने मों की ट्राफ् देखा तो मों मुझे ही देख रही थी. तो मैने एक बूब पे मूह रखा और उससे चूसने लग गया मों की साँसे और तेज हो गयी थी.

मों मुझे हट्टाने की कोसिस कर रही थी. पर मैने दूसरे हाथ से मों के दूसरे बूब के निपल को दबाते हुए छूट मई लंड तोड़ा और घुसा दिया. जिससे मों की सिसकी भारी आवाज़ निकल गयी.

मैने बूब के निपल को होतो से चूस्ते हुए छोरा. तो देखा मों का चेहरा लाल पद गया था और मों के बूब्स भी. मों दूसरी ट्राफ् देख रही थी मों के हाथ मेरे शोल्डर पे थे.

मैने मों के दोनो बूब्स दब्ए और मों के निपल्स को पकड़ा के दबया. मई जब कर रहा था तो मों की छूट मेरे लंड बार बार दबा रही थी. मैने निपल को और दबाया तो मों मेरी ट्राफ् देखनी लगी. फिर मैने मों के उससी बूब को फिर चूसा जिससे फले चूस रहा था और दूसरे बूब को डबता रहा.

मों – आशु तेरे दाद ने देख लिया तो सोचा है क्या होगा?? जल्दी हॅट जाओ मेरे उपर से आप अग्र हो गया है तो!

मैने मों के बूब्स छोरे और मों के अप्पर से उठा और मों को बोला – मों नीचे देखो एक बार.

मों – नही आशु मई नही देख रही.

मैने मों के निपल्स को हल्का सा दबाया मों तड़प उठी.

मों – मत करो ऐसा आशु..

मई – मों देखो एक बार.

मों – कहा देखना है?

मई – मों आपको पता है.

मों देखते हुए बोली – आशु प्लीज़ र्हाने दो आब..

मेरा लंड अभी भी आधा बाहर था. मई मों के मूह के पास गया और मों के अप्पर लेट गया. मों के बूब्स मेरे छाती के नीचे दबे हुए थे और मों के निपल्स मुझे चूबते हुए अलग ही मजा दे रहे थे.

मों साँझ गयी थी की मई आब पूरा लंड आंदार डालने वाला हू.

वो मंडी हिला कर माना कर रही थी पर धीरे धीरे लंड आंदार डालने लगा. मों ज्यदा आवाज़ ना निकले इसलिए मैने मों को मूह अपने मूह से किस करते हुए बंद कर दिया.

मई मों के अप्पर से उठा और मों की ट्राफ् देखते हुए एक झटके मई लंड पूरा आंदार डाल दिया.

मों कमर से उठ सी गयी थी और मों साथ की साथ झाड़ भी गयी थी. मई मों के अप्पर दोबारा लेट गया और मों को झटके देने लगा.

पर तभी मुझे बाहर लिविंग रूम के डोर की ज़ोर से आवाज़ आई दाद रूम मई भी आ सकते थे पर आज ये लंड बाहर नही निकलेगा.

एकद्ूम से दाद रूम मई आके बेड पे लेट गये रूम मई अंधेरा और दाद नशे मई थे. मई फले मों को कमर से पकड़ कर पलटी ख़ाता हुआ बेड साइड मई फ्लोर पे आ गया था.

मेरा दहयान दाद की ट्राफ् था की दाद क्या कर रहे है. दाद नशे मई दूसरी तरफ करवट करके सो गये थे.

आब मैने मों की ट्राफ् देखा तो मई मों को देखता रहा गया.

मों का मूह हल्का सा खुला हुआ था और मों मेरी तरफ देख रही. मों ने खुद एक शोल्डर पकड़ रखा था जिससे मों के हाथ से मों के एक बूब डब रहा था. और दूसरे हाथ भी मों ने अपने दूसरे बूब के पास लगा रखा था.

पर इसके कारण मों के दोनो बूब्स एक दूसरे से चिपक गये थे. मों की टाँगे खुली हुई थी और छूट मई आधा लंड था.

मों इतनी लस्ट मई थी मों मेरे लंड को लिए हुए ही ऐसे ही टन से लेती हुई थी. मई मों के अप्पर लेता और मों को पकड़ के प्लाट गया जिससे मों आब मेरे अप्पर आ गयी थी.

मैने मों के दोनो बूब्स दबाने लगा और मों को बूब्स से पकड़ के अपनी ट्राफ् किचने लगा. मई हल्का सा उठा और दोनो बूब्स के निपल मेरे मूह के सामने थे.

मों का सिर दाद की डाइरेक्षन मई था पर मों मुझे देख रही थी. जैसे ही मैने मों को दोनो निपल्स एक साथ चूसने स्टार्ट किया मों ने दोनो हाथो से मेरा सार पकड़ लिया और आँखे बांड करके मंडी मेरी ट्राफ् कर ली.

मई मों से मों बेड भूत हाइट पे है फ्लोर से हम दोनो नही दिखेंगे. मैने मों के एक बूब मूह से हटाया और उससे निपल के साथ पकड़ के दबाता रहा और दूसरे बूब को चूसने लगा.

उन्होने अपना सर मेरे सर से लगा रखा था और दोनो हाथ से मेरा सार पकड़ रखा था.

मों जो इतनी एलिगेंट है वेल मॅनर्ड हा,ई इतनी सुंदर और गोरा बदन जो घर से बाहर भी निकलता. मेरा लंड से छुड़ाने के लिए नंगा मेरे लंड को अप्पर है.

मों के ये इनोसेंट खड़े बूब्स को मई चूसने से मई खुद को नही रोक पता. उनकी गोल सॉफ्ट गांद बस मेर्से चुड के ही लाल होती है ये सब सोच के मई खुद को रोक नही पता.

मई मों का एक ही बूब चूसे जा रहा था और मेरा लंड आधा लंड छूट के बाहर ही था.

मैने मों के दूसरा बूब मूह लिया जिससे दबा रहा था और उससे चूस्ते हुई ही मों की गांद को पकड़ लिया. और मों के बूब चूस्ते मों को लंड पे बिताने लगा. मों ने अपने दोनो हाथ मेरी थाइ पे रख लिए थे और खुद को बैठने से रोक रही थी.

फिर मैने मों को देखते हुए मों के बाल के जुड़े को खोल दिया और मों के निपल लिप्स चूस्ते हुए कीचते हुए मों की गांद को दबाते हुए पूरे लंड पे बिता दिया.

जैसे लंड पूरा आंदार गया मों अप्पर देखने लगी और मों के मूह से लार निकल रही थी. मैने मों को इतना लस्ट मई कभी नही देखा था या मों आंदार की ऐसी औरत को.

मों और मई फले भी कर चुके थे तो मों को मेरा उनके बदन के लिए प्यास का पता था और शयद दाद ने मों को उत्तेजित करके चोर दिया था. वो फले माना कर रही थी पर मों के एक्सप्रेशन देख के लग रहा था मों छाती है की मई आज उन्हे छोड़ू. और उनको कोई दार भी नही था क्यूकी ये बात सिर्फ़ हम दोनो के बीच र्हती थी.

मई मों के निपल अपने मूह बाहर के लिप्स से कीच कीच के चूस रहा था. और मों ने अप्पर की ट्राफ् मूह करके आँके बंद की हुई थी. मई मों के बूब्स कीच के चूस रहा था.

मैने मों के बूब्स छोरे तो मों थोड़ी पीछे की और हो गयी और मों ने अपने हाथ ज़मीन पे रख लिए थे. मों की छूट मई आभी भी मेरा लंड था और मों मेरी गोड मे.

फिर मैने मों को अपनी तरफ किचा और मों ने मुझे कस कर हग कर लिया.

ऐसा लग रहा था मों मेरी गोड मई बती अपनी छूट मई मेरे लंड के झटको का वेट कर रही थी. मों अपनी झंगो और हाथो से मुझे इतना काज़ के हग कर रही थी की मों के बूब्स मेरी छाती मई ड्गाज़ गये थे.

मैने मों को बालो से सार कीचते हुए मों को किस किया.

फिर मैने मों को कमर से पकड़ा मों ने अपने हाथ मेरे गर्दन के पास रख के पोस्टीओं मई झटको के लिए त्यार हो गयी. मैने मों के हाथो को नीचे किया और उनके हाथो को पीछे उनकी गांद पे रखवा दिया और मों और मों को जाकड़ लिया.

मैने तोड़ा दीवार का सपोर्ट लेते हुए मों को झटके देने सुरू किए. मों के दोनो हाथ पीछे लॉक थे जिससे मों के बूब्स बिल्कुल मेरे सामने हो गये थे और मई मों को झटके दिए जा रहा था. मैने को जकड़ते हुए अपनी रफ़्तार तेज कर दी.

मों एक दूं से झाड़ गयी और सारा पानी मेरे लंड से होता हुआ मेरे आंदो से भा रहा था. मैने मों को छोरा तो मों मुझे हग करते हुए झड़ती रही. मई मों की गांद दबा रहा था.

मों का ध्यान दाद की ट्राफ् गया तो दाद नशे मई बेड से गिरने वाले थे मों मेरे अप्पर दे उठी और दाद को ठीक किया और बेड पे लेट गयी.

मैने देखा मों करवट करके लेती हुई थी मों की पीठ मेरे ट्राफ् थी और मई भी बेड पे चाड गया. मैने बेड पे चड़ते ही मों को कमर से पकड़ लिया.

करवट लेके लेते हनी के कारण मेरे लंड ईज़िली छूट के अप्पर आ गया, मों इससे पहले कुछ साँझ पति लंड फले ही घुस चुका था.

मई – मेरा लंड एक बार भी नही झाड़ा है इसका पानी.

मई मों को हल्के हल्के झटके देने लग, मों को प्लाटने की कोसिस करने लगा.

मों – आशु नही मई बाहर आती हू चलो.

मई रुक गया और बाहर आ गया, मई बाहर मों का वेट कर रहा था. मों बाहर आई मों ने नाइट गाउन फॅन रखा, मों जैसे ही बाहर आई मों मुझे देख चौक गयी. क्यूकी मई बाहर नंगा अपने खड़े लंड के साथ वेट कर रहा था.

मों का ध्यान मेरे लंड पे गया और मों एकद्ूम से पिच्चे हो गयी और दीवार से लग के खड़ी हो गयी. मई मों के पीछे गया और बोला खुद झाड़ के ऐसे नही सो सकते आप मेरे लंड का पानी अपनी छूट से चूस लेजिए.

मैने मों का नाइट गाउन उतार दिया. मों भी बिल्कुल नंगी हो गयी थी. मैने मों को पीछे से पकड़ के हग किया.

मई – मों चलो पुरानी चुदाई याद करते है.

मैने अपना मों के गांद के बीच फसा दिया और मों की छूट मई एक उंगली डाली. मों की गांद टाइट हो गयी थी जिससे मेरे लंड मों की सॉफ्ट गांद में दबा जा रहा था. मैने आब एक उंगली डाली और आंदार बाहर करने लगा.

मों लस्ट मई अपनी गांद को पीछे करे जा रही थी और मई उन्हे आयेज. उन्होने अपनी गांद इतनी टाइट कर रखी थी की गांद मेरे लंड को मसले जा रही थी.

मैने मों की छूट से उंगली निकली और मों को अपनी तरफ घुमाया. फिर मैने मों की एक टाँग को थाइ से पकड़ के उठाया और छूट मई लंड डाल दिया.

मों के बूब्स मेरी छाती को टच कर रहे थे. मई मों को झटके देने लगा मों और मेरा आइ कॉंटॅक्ट बना हुआ था पर मों ने मुझे हग कर लिया शयद मों अपनी इश्स हालत मई मेर्से आइ कॉंटॅक्ट ब्नाना छाती थी.

मैने भी मों को दूसरी थाइ से पकड़ के उठा लिया.

आब मों को आब मेरे लंड का दबव छूट मई और भी हनी लगा क्यूंकी मों मेरे हाथों और मेरे लंड के शेर ही हवा मई थी. मैने मों को झटके देने स्टार्ट कर दिए.

मैने मों को कस के गांद से पकड़ रखा था और मों ने मुझे अपने पारो से कमर से जाकड़ रखा था और हाथो को मेरी गर्दन मई डाल रखा था.

मई मों को झटके दे रहा था मों बिल्कुल माधोस हो चुकी थी. शायद मों को इश्स पोस्टीओं मई चुदाई नही हुई थी. मों को देख लग रहा था मों को पता है मई उनकी चुदाई किए बिना नही मानूँगा.

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