खूबसूरत भतीजी की कुंवारी चूत बेरहमी से चोदी

हेल्लो दोस्तों मैं रमेश आप सभी का में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है। मै बहराइच के पास एक गांव में रहता हूँ। मेरी उम्र 37 वर्ष है।मेरा कद 5 फ़ीट 11 इंच है। मै देखने में किसी हीरो से कम नहीं लगता। मेरा लंड 8 इंच का है। बहुत ही मोटा और आकर्षक है जिससे मैंने कई लड़कियों की चूत फाड़ी है।लड़कियां भी मेरे मोटे लंड से बहुत प्रभावित होती है। दोस्तों मै आपका ज्यादा टाइम न ख़राब करके। मै अपनी कहानी पर आता हूँ।

बात उन दिनो की है जब मैं दिल्ली में रहता था। पूरा परिवार भी था। मै उन गर्मियों के दिन को नहीं भूल सकता। जिसमे मैंने अपने भतीजी की चूत का दर्शन करके चोदा था। मेरा घर एक गांव में है। मै वहां रूम ले के रह रहा था।गर्मियों के दिन थे।मेरे बड़े भाई अपनी बेटी रूही के साथ मेरे यहाँ दिल्ली में आये। रूही को देखते ही मेरा लंड अपना फन फ़ैलाने लगा। मैं उस कमसिन कली को बड़े दिनों बाद देखा था। मैं तो उसे देखता ही रह गया। उसका 38,32,36 का फिगर देख के मेरे तो लंड का बुरा हाल हो रहा था। मैंने किसी तरह अपने को संभाला। मै उसके पास गया और उसके मम्मे को अपने सीने से स्पर्श कराते हुए उसे चिपका कहने लगा “रूही तू कितनी बडी हो गयी है” रूही ने अपना एक हाथ निचे करके मेरा लंड पेंट के ऊपर से मसल दिया, मैं समझ गया ये पक्कड़ चुड़क्कड़ है।

मुझे उसे चिपका के राहत मिल रही थी। लेकिन मेरा लंड तो अपनी ही धुन में मस्त खड़ा रहा। मै उससे दूर हुआ। सब लोग खाना खाएं। फिर ढेर सारी बातें हुई। लेकिन मैं तो बस रूही के बारे में सोच रहा था। मैं वहाँ से उठा, बॉथरूम में जा के मैंने मुठ मारी। थोड़ा शांत होने के बाद मैं फिर आ गया।

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अब रात हो चुकी थी। सब लोग खाना खा के अपने बिस्तर पे चले गए। मै भी लेट गया। लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। रूही की मस्त बूब्स मुझे सोने नहीं दे रहे थे। उसकी गांड तो हलचल मचा रही थी। रात के करीब 2 बजे मै उठा। रूही का बिस्तर मेरे बिस्तर से थोड़ा दूर था। मै गया और उसकी चूची को धीरे से छुआ। मेरा हाथ उसके बूब्स पे पड़ते ही नीचे घुस गए। ऐसा लग रहा था।किसी गद्दे पर हाथ रखा हो। उसकी बूब्स बहुत ही कोमल थी। मैंने एक हाथ से अपने चैन को खोलकर अपना लंड निकाला। दुसरे मम्मे को मैं लंड से धीरे २ दबा रहा था। मैंने मुठ मारना शुरू कर दिया। उसके बूब्स को अब कुछ तेज दबा रहा था। वो सो रही थी। मैंने मुठ मार कर अब झड़ने वाला हो गया। अपना सारा माल उसके बूब्स पर गिरा दिया। अब जा के मुझे थोड़ी राहत मिली। वो काले रंग का टी शर्ट पहने थी।इसलिए मुझे उसके टी शर्ट पर दाग पड़ने का कोई डर न था। मै आ के बिस्तर पर लेट गया। अब मैं उसे जल्द ही चोदने के लिए बेचैन हो रहा था, मुझे पता था रूही की चुत में आग लगी हुई है चुदवाने के लिए ।

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रूही को बहुत तेज बुखार था। तो मैंने भी जाने से इंकार कर दिया। बहाना बनाया की मुझे मेरे फ्रेंड के यहाँ जाना है। सब लोग चले गये। अब घर पर मै और रूही ही थे। रूही को बुखार होने से वो बिस्तर पर लेटी थी। मै दवा ले के आ गया। उसने दवा खायी। मै अब उसके पास ही बैठ गया। वो भी बैठी थी। मैंने उसे अपने से चिपकाया। कहने लगा तू जब छोटी थी। मैंने तुझे अपनी गोद में बिठाया था। इतना सुनते ही वो मेरी गोद में बैठ गयी। मेरा लंड खड़ा था। उसकी गांड में चुभ रहा था। उसने मेरे गोद में ही अपना गांड इधर उधर किया। जिससे मेरा लंड न चुभे। अब मैंने उसे कस के पकड़ लिया। जिससे वो जाने न पाए। उसे किस करने लगा “कितनी प्यारी है तू कितनी सुन्दर है” कह के खूब किस कर रहा था। अब मैंने अपना हाथ उनके बूब्स पर रख दिया। उसको अपने साथ हिला करके। उसके बूब्स को दबा लेता था। कुछ आपकी जिप में चुभ रहा है। मैंने कहा छू के देख लो क्या चुभ रहा है। उसने मेरे लंड को छुआ। उनके छूते ही मेरा लंड बड़ा हो गया। उसने झट से अपना हाथ हटाया। कहने लगी चाचू आपकी जिप में कुछ है। मैंने कहा देखोगी क्या है। उसने कहा -हाँ। मैंने अपना पैंट निकाला। मेरा लंड अब अंडरवियर से बाहर आ रहा था। वो मेरे लौड़े को देख के चौक गयी। रूही दूसरे कमरे में चली गयी। कहने लगी चाचू आप अपनी पैंट पहन लो। मुझे डर लग रहा है।

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