सेक्सी दीदी ने अपने यार का बड़ा लंड लिया

दोस्तों मेरा नाम रोहित हे और मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ जिसमे मैं मेरी मम्मी और पापा हे. मेरी एक बड़ी बहन भी हे जिसकी शादी 10 साल पहले एक इंजीनियर के साथ हुई हे. ये कहानी मेरी दीदी की हे जो मेरे जीजा से चीटिंग करती हे.

पहले मैं आप को अपनी दीदी के बारे में बता दूँ. वो एक पेरफ़ेक्ट इंडियन हाउसवाइफ हे जिसका बदन एकदम सेक्सी हे. वो एकदम सेक्सी और खुबसुरत लगती हे. वो कलर में एकदम साफ़ हे और उसके बूब्स का साइज़ 34D हे. वो डीप नेक वाली ब्लाउज पहनती हे. इसलिए उसका क्लीवेज हमेशा साफ़ साफ़ दीखता हे. उसके बाल लम्बे और एकदम काले हे. दीदी की गांड का साइज़ करीब 38 इंच का हे और उसके कुल्हे गोल मटोल हे. वो अक्सर साडी में ही होती हे. उसकी कमर गांड की अनुपात में कम हे करीब 32 इंच की. उसकी नाभि का बटन चमकीले पेट के ऊपर एकदम हॉट लगता हे. उसकी मांग में हमेशा सिंदूर होता हे और गले में मंगलसूत्र. मंगलसूत्र उसके बूब्स के बिच में होता हे तो बहुत ही सेक्सी लगता हे. दीदी की एक 7 साल की बेटी भी हे. लेकिन दीदी को देख के लगता ही नहीं हे की उसको बच्चा भी हे. वो 30 के ऊपर की हे लेकिन लगती सिर्फ 25 साल की हे.

ये किस्सा तब घटा जब मैं पिछले समर वेकेशन में दीदी के घर गया था. मैं अक्सर दीदी के घर वेकेशन के लिए जाता हूँ.

वेकेशन के 10वें दिन मैं उनके घर गया था. वो मुझे देख के बड़ी खुश हुई. जीजू भी किसी काम से बहार गई हुई थी. मेरी भांजी भी अपने चाचा की बेटी के साथ पिकनिक के लिए 3 दिन के लिए बहार गई हुई थी. जीजा के सभी पडोसी मुझे जानते हे क्यूंकि मैं हमेशा वेकेशन में वहां जाता रहता हूँ. मेरे वहां काफी दोस्त भी हे जिनके साथ में मैं क्रिकेट, कार्ड्स खेलता हूँ और घूमता हूँ.

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उन सब में राकेश मेरा सब से अच्छा दोस्त हे. वो 19 साल का हे. उसका रंग सांवला हे और उसकी हाईट 5 फिट 9 इंच हे. वो बॉडी में भी एकदम हेल्धी हे. वो मेरी दीदी के घर के एकदम पास ही रहता हे. और मुझे मिलने के लिए वो अक्सर दीदी के घर पर आता हे.

एक दिन जीजू ने अपने दोस्तों के साथ मूवी देखने जाने का प्लान किया था. वो दीदी को बोल के चले गए. दीदी फिर नाहने के लिए चली गई. जीजा ने मुझे आ के बोला था साथ में चलने के लिए. लेकिन मुझे आलस आ रही थी इसलिए मैंने मना कर दिया. उन्होंने जाते हुए मुझे कहा की दीदी को बोल देना की मेरा खाना ना बनाए. मैंने दोस्तों के साथ आज नॉन वेज खाने भी जाऊँगा. उनके जाने के बाद मेरी नींद लग गई और मैं एक घंटे तक सोया रहा.

मैं जब उठा तो मुझे याद आया की दीदी को जीजा का मेसेज तो दिया ही नहीं. सुबह के 12 बजे हुए थे. मैं ऊपर के कमरे में सोया था और दीदी तब निचे किचन में थी. मैं दीदी के पास आने के लिए उतरा. लेकिन मुझे दीदी के कमरे से उसके हंसने की आवाज आई. और फिर दीदी बोली, तुम सच में बड़े ही नटखट हो!

मेरे पाँव जैसे जमीन से ही चिपक गए. फिर मुझे एक मर्दाना आवाज सुनाई पड़ी, तुम भी बड़ी स्वीट और नोटी ही हो डार्लिंग. जीजू तो घर पर थे नहीं फिर ये कौन था! मैंने डोर को धीरे से धक्का दिया लेकिन वो अन्दर से बंद था. मैंने निचे झुक के कीहोल से अन्दर देखा तो मुझे मेरी आँखों के ऊपर भरोसा ही नहीं हुआ!

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वहां पर दीदी के साथ राकेश था. उसने दीदी को पीछे से पकड़ा हुआ था. और उसके हाथ दीदी के कंधो के ऊपर थे. और इस हरामी की एक ऊँगली मेरी दीदी की नाभि यानी की नावेल बटन में थी. मैंने सोचा की चिल्लाऊ की मादरचोद. लेकिन दीदी भी तो उसके साथ में थी. तभी दीदी पीछे की तरफ मुड़ी. दोनों ने अपने होंठो को एक दुसरे को लगा दिया और किस करने लगे.

मेरा दील जैसे मेरे मुहं में आ चूका था. राकेश ने दीदी की कमर को दबाया और दीदी के गुलाबी होंठो को वो चूसने लगा एकदम जोर जोर से. और फिर वो दीदी के होंठो को एकदम जोर से लिक करते हुए अपनी जबान से दीदी की जबान को चाटने लगा. और वो साथ में मेरी दीदी की बड़ी गांड की फांको को हाथ से दबा रहा था.

दीदी ने अपनी जबान को राकेश के मुहं में डाल दिया. और वो दोनों अपने थूंक को इधर से उधर कर रहे थे. 10 मिनट तक उनकी ये किस चलती रही. मेरा गुस्सा अब शांत हो चूका था और मेरा छोटा सिपाही पेंट के अन्दर जाग चूका था. मैं दीदी और उसके लवर का फॉर-प्ले देख के टाईट हो चूका था.

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