सेक्सी भाभी के साथ रंगीली रात

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहित है. में दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 26 साल है. दोस्तों में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़ता आ रहा हूँ. मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़ा जो मुझे अच्छी लगी, लेकिन आज में पहली बार अपनी भी एक सच्ची चुदाई की घटना मेरा सेक्स अनुभव आज आप लोगों के लिए लेकर आया हूँ जिसको लिखकर आप तक पहुँचाने में मैंने बहुत मेहनत की है तो आज आप उसको सुनिए और मुझे इसके बारे में बताना ना भूले. दोस्तों आप सभी को आज अपनी कहानी सुनाने से पहले में अपने परिवार का परिचय आप लोगों से करवा देता हूँ.

मेरे परिवार में पापा मम्मी और हम दो भाई रहते है, मेरे पापा मम्मी और मेरा भाई गाँव में रहते है और में अकेला दिल्ली में अपना बिजनेस करता हूँ. में दिल्ली में जहाँ पर रहता हूँ वहां पर नीचे वाली मंजिल पर मेरे दूर के रिश्तेदारी में मेरे एक भैया और भाभी रहते है. उन दोनों की शादी को पूरा एक साल हो चुका है, लेकिन अभी तक उनके कोई बच्चा नहीं है. मेरे भैया एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी पोस्ट पर नौकरी करते है. मेरी भाभी का नाम मेघा है और वो बहुत ही सुंदर है.

उनको देखकर हर बार मेरा लंड खड़ा हो जाता है, क्योंकि वो बहुत ही सेक्सी है और वो क्या मस्त लावजवाब दिखती है? और उनके बूब्स बड़े आकार के है जिसका आकार 34-28-34 है वो मुझे बहुत ही अच्छी लगती है. इसलिए मेरी बस एक ही इच्छा थी कि में कैसे भी उनकी पूरी रात जमकर बहुत मस्त चुदाई करूं और उनके साथ बड़े मज़े करूं, लेकिन मेरे हाथ ऐसा कोई भी मौका नहीं लग रहा था.

यह कहानी भी पड़े  पति की गैर मौजूदगी में मैं ससुर जी का मोटा लंड चूस चूस कर चुद गयी

दोस्तों मेरे भैया की भाभी से बहुत अच्छी जमती थी, इसलिए वो दोनों बहुत खुश रहते थे और में कभी कभी भाभी से मज़ाक भी कर लिया करता था तो भाभी भी हंसकर मुझसे मज़ाक कर लिया करती थी, इसलिए भाभी की चुदाई करने का ख्याल मेरे दिल में हमेशा आया करता था. अब तो मेरी हमेशा बस यही कोशिश रहती थी कि में कैसे अपने इस सपने को पूरा करूं में यही बातें सोचता रहता था.

फिर शायद भगवान को भी कुछ दिनों बाद मुझ पर तरस आ ही गया. उस समय भैया को अपनी कंपनी के किसी जरूरी काम से दस दिनों के लिए इंदौर जाना पड़ा और भाभी वो बात सुनकर बहुत ही उदास थी, क्योंकि भैया ने पिछले एक साल के इस समय में भाभी को कभी भी अकेला नहीं छोड़ा था और फिर भैया ने भाभी को कहा कि अगर तुम्हे किसी भी चीज की कोई ज़रूरत हो तो तुम रोहित को बुला लेना और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम अपनी भाभी का पूरा ख़याल रखना और हम दोनों से यह बात कहकर वो दूसरे दिन सुबह की पहली फ्लाइट से ही इंदौर के लिए चले गये.

में मन ही मन बहुत ही खुश था कि चलो शायद मुझे कोई अच्छा मौका मिल जाए में सुबह दस बजे भाभी के पास चला गया और मैंने उनसे कहा कि भाभी आपको कोई काम हो तो मुझे बता दो में वापस आते समय कर दूंगा. तो भाभी ने हल्के से मुस्कुराकर कहा कि कोई काम नहीं है, लेकिन अगर जब मुझे तुमसे कोई काम होगा तब में तुम्हे वो जरुर बता दूंगी. फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है भाभी और में अपने काम पर चला गया, लेकिन वहां पर किसी भी काम में मेरा बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था. मुझे तो हर तरफ सिर्फ़ मेघा भाभी ही नज़र आ रही थी. में शाम को जल्दी घर आ गया और भाभी के पास चला गया. फिर भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम आज इतनी जल्दी कैसे आ गए?

यह कहानी भी पड़े  मम्मी की चुचि का दूध पिया

मैंने उनसे कहा कि भाभी आज मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए में जल्दी घर चला आया. फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या हुआ? तो मैंने उनसे कहा कि मेरे सर में दर्द है तो भाभी ने कहा कि में दबा देती हूँ. अब मैंने कहा कि नहीं भाभी अपने आप ठीक हो जाएगा, लेकिन भाभी नहीं मानी और वो मेरा सर दबाने लगी. दोस्तों उनके नरम मुलायम हाथ मेरे माथे पर छूते ही मेरे पूरे जिस्म में एक अजीब सी सनसनी होने लगी और में मदहोश होता जा रहा था.

मैंने किसी तरह अपने पर कंट्रोल किया और अपने घर आ गया. फिर रात को भाभी मेरे पास आ गई और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हे खाना मेरे साथ ही खाना है. दोस्तों अंधे को क्या चाहिए दो आखें जो मुझे भगवान खुद दे रहे थे, इसलिए मैंने मन ही मन बहुत खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है भाभी, आप चलो में अभी आता हूँ और फिर में मुहं हाथ धोकर भाभी के यहाँ पर चला गया और तब मैंने देखा कि भाभी उस समय किचन में थी और वो खाना परोसने की तैयारी कर रही थी.

Pages: 1 2 3 4 5

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!