सासु को ससुराल में चोदा

”सासु को ससुराल में चोदा” तुम्हे विश्वास नहीं हो रहा होगा पर ये घटना सौ टका सही सही है ! इस सही घटना को सुनने/ जानने के बाद तुम्हे ये विश्वास हो जाएगा की महिलाये सेक्स सुख के लिए सभी रिश्तों को ताक पर रख देती है सौ फीसदी सत्य घटना सुना रहा हूँ !
मेरी ससुराल गाँव में है जो बहुत ही सम्पन्न है लम्बी खेती बाड़ी है, बड़ा सा पक्का मकान है, 2 ट्रेक्टर 1 बुलेरो 1 टाटा सूमो गाडी है ! मेरे ससुर जी अपने सभी भाइयों में सबसे बड़े है उनसे 2 छोटे भाई है सभी की शादी हो चुकी है और बड़े-बड़े बच्चे भी है ! मेरे ससुर के सबसे छोटे भाई (मेरे ककिया ससुर) मेरे से उम्र में 2 साल छोटे है उनकी शादी भी मेरी शादी के बाद हुई थी ओ अभी भी फौज में है क्योकि प्रमोसन मिलने के कारण उनकी नौकरी बढ़ती जा रही !

उनके दो लड़के है एक 8 वी में और दुसरा 10 वी में दोनों गाँव से दूर के हास्टल में रहकर पढ़ाई करते है ! गाँव में मेरे ससुर,सास,और सेकण्ड नंबर के काका ससुर उनकी दो लडकिया और सबसे छोटी सास ”मंजू चाची” सभी ज्वाइंट फेमली में रहती है ! मेरी शादी के 3 साल बाद मंजू चाची आई ससुराल में बहु बनकर जो की गजब की खूब सूरत, चंचल, सोख हसीना लगती है ! जब भी ससुराल जाता हूँ तब मंजू चाची का दामाद होने के कारण ,मेरे पाँव छूती और मेरा खूब आवभगत करती है और साली नहीं होने की पूरी कमी पूरी कर देती है अकेले मौका देखकर हल्का फुल्का हँसी मजाक भी कर लेती है !

मेरी शादी हुए करीब 20 साल हो गए , मंजू चाची की उम्र करीब 34-36 के आसपास होगी ! न तो ज्यादा मोटी और न ही ज्यादा दुबली पतली,एकदम से फिट सेक्सी गदराये हुए वदन की मालकिन है ! अभी 10 साल से जब भी ससुराल जाता तब मंजू चाची कोई न कोई बहाना बनाकर मेरे और मेरी पत्नी के साथ बुलट में 10 KM दूर बाजार करने जरूर जाती ! क्योकि काका ससुर जी तो फौज में है और बाकी दोनों ससुर मंजू चाची के जेठ जी लगे तो उनके साथ नहीं जा सकती ! मई 2014 की बात है ससुराल के पास ही मैं एक शादी में गया था सोचा ससुराल भी घूम और ससुराल पहुंच गया तो खूब आवभगत हुई मेरी ! दिन की भयंकर गर्मी में साले के कूलर लगे कमरे में ही सोता क्योकि साले साहब बहुत अच्छे वकील है जो पास के ही शहर में रहते है अपने पत्नी बच्चो के साथ ! मंजू चाची ने अकेले कमरे में बड़े प्यार से खाना खिलाया हँसी मजाक भी किया !

यह कहानी भी पड़े  पापा ने रात भर रेप किया

आज मंजू चाची खूब सजी सवरी थी लाल साडी में बहुत ही सेक्सी लग रही थी, खाना परोसते समय कई बार साडी के पल्लू को गिराया जिसमे उनकी बड़ी बड़ी चूचियों की घाटी साफ़ साफ़ दिखाई देती थी मैं भी तिरक्षी नजर और ललचाई निगाह से चूचियों तरफ देखता तो मंजू चाची हलके से मुस्कुरा कर पल्लू ठीक कर लेती ! खाना खिलाते समय मंजू चाची बोली ” कुछ काम है साम को बाजार चलेंगे मेरे साथ ” मैंने हां कर दिया और बोला ” घर वाले जाने देंगे मेरे साथ अकेले” तो मुस्कुराते हुए बोली ”उसकी चिंता आप छोड़िये मैं बड़ी जीजी जी से पूछ लूंगी ” ! बड़ी जीजी से मतलब मेरी सासु माँ से है !

इसके बाद मैं खाना खा कर कूलर की ठंढी हवा में सो गया तो मेरी नींद करीब 5 बजे खुली , कुछ ही देर में मंजू चाची आई और बोली ” पानी लाऊ ” तो मैंने हां हिला दिया तो ओ गई और कुछ ही देर में फ्रिज का ठण्डा पानी ले कर दिया और फिर सरबत लाइ जिसे पीने के बाद मंजू चाची बोली ” जीजी से पूछ लिया है 6 बजे तक तैयार हो जाइयेगा” मैंने फिर से गर्दन हिला दिया और मंजू चली गई ! मैं 6 बजे तैयार होकर घर के बाहर पुरुषो के बैठक हाल में आ गया जहा पर ससुर जी पहले से ही बैठे हुए थे !

मेरे आने के तुरंत बाद मेरी सासु माँ आई और ससुर जी से मंजू चाची के मेरे साथ बाजार जाने की बात किया तो ससुर जी बोले ”अरे दामाद तो लड़के जैसा होते हैं उनके साथ जाने में कोई परेसानी वाली बात ही नहीं” इतना कहने ससुर जी ने नौकर को आवाज दिया और बोले ”बुलट बाहर निकालकर किसी साफ कपडे से पोछ दे” नौकर ने अपना काम 10 मिनट में कर दिया ! इतने में सासु माँ और बोली ”बेटवा,मंजू पीछे वाले दरवाजे में खड़ी है” मैं समझ गया की मंजू चाची अपने जेठ जी के सामने मेरे साथ बुलट में नहीं बैठेगी ! तब मैं उठा और बुलट को सेल्फ से स्टार्ट किया और पीछे वाले दरवाजे (गाँव में एक दरवाजा घर के पीछे या बगल में होता है जहाँ से ज्यादातर घर की महिलाओं का प्रवेश/बाहर होता है)के सामने गया जहा पर मंजू पहले खड़ी थी !

यह कहानी भी पड़े  बहन के लिए लंड का इंतजाम

Pages: 1 2 3 4 5

error: Content is protected !!