चुदासी आंटी की चूत और गांड को चोदा उसके घर में

हल्लो मस्त Antarvasna बड़ी गांड वाली औरतो और लड़कियों को मेरा सलाम. मेरा नाम वसीम हे और मैं हैदराबाद का हूँ. मेरी एज 29 साल हे और आज मैं अपनी रियल हिंदी सेक्स कहानी आप लोगो के साथ शेयर करने के लिए आया हूँ.

ये मेरे पड़ोस की एक आंटी की कहानी हे जो की कुछ दिनों पहले ही रहने के लिए आई थी. उसके पति अब्रोड में हे और वो अपने बच्चो के साथ रेंट पर रहने लगी. आंटी की उम्र 37 साल की थी और वो दिखने में एकदम गोरी हे. उसकी बड़ी गांड हे जो की पहले से ही मेरी कमजोरी रही हे. आंटी की गांड का साइज़ करीब 40 इंच का होगा और उसके बूब्स भी बडे थे लेकिन वो गांड से छोटे ही थे. आंटी देखने में एकदम भोली और सेक्सी सी हे.

आंटी को अक्सर मैं छत पर देखता था. मैंने तो पहले से ही उसको पटाने के लिए अपने काम चालू कर दिए थे. लेकिन वो पहले तो मुझे भाव ही नहीं देती थी. मैं स्माइल देता था और उसकी तारीफ़ भी करता था. लेकिन साला बहुत टाइम खा लिया आंटी ने पटने में!

आंटी के साथ मेल जोल बढ़ने पर पता चला की वो अपने पति के व्यवहार को ले के बड़ी दुखी थी. वो दुबई पैसे कमाने के लिए गया था और दो तिन सालों तक वो इंडिया आता ही नहीं था. उसकी कम्पनी उसे छुट्टी देती थी लेकिन वो टिकट के पैसे ले लेता था छुट्टी पर आने के बदले में. आंटी ने कहा की वो शादी के कुछ ही दिनों में चला गया दुबई और फिर वो 2 साल तक वही रहा. आंटी की पहली बेटी भी शादी के पांच साल के बाद हुई थी. वो दुखी थी और मैं मन ही मन सोच रहा था की वो सच में लंड लेने के लिए तडप रही थी और मैं कब उसको चोद पाऊंगा!

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देखते ही देखते वो दिन भी आ ही गया. मैं बात करते करते आंटी से काफी क्लोज हो चूका था. एक दीन मैंने आंटी से पूछा की आप के पति ऐसे बहार ही रहते हे फिर आप अपने बदन की प्यास को कैसे बुझाते हो? वो पहले तो शर्मा गई और कुछ नहीं बोली. लेकिन जब मैंने बहुत फ़ोर्स किया तो उसने कहा की पहले कोई बॉयफ्रेंड था उसका. लेकिन अब कोई भी नहीं हे और वो बिच बिच में अपनी चूत की फिंगरिंग कर लेती हे.

मैंने भी सही मौका देखा तो आंटी से पूछा की बॉयफ्रेंड बनाने का इरादा हे क्या? वैसे मैं भी बनने के लिए रेडी हु आप का बॉयफ्रेंड तो!! तभी उसने कहा की मैं तो ये सुनने के लिए काफी टाइम से वेट कर रही हूँ पर तुम तो बहुत स्लो हो! मैंने कहा यार तुम्हारी इतनी मस्त गांड को देख कर मैं तो काफी दिनों से उसका आशिक हो चूका हूँ. वो शर्मा गई और कहने लगी की कब दोगे अपना मुझे? मैं समझ चूका था उसके इशारे को और कहा जब भी तुम कहो मैं तो तैयार हूँ हों लेने के लिए और देने के लिए भी.

आंटी ने कहा की अगले हफ्ते मेरे बच्चे कुछ दिनों के लिए अपनी दादी के पास जानेवाले हे तभी कोई टाइम पर कर लेंगे. मैंने कहा जल्दी से भेजो बच्चो को तो वो बोली की इतना वेट किया हे तो कुछ दिन और वेट कर लो. मैंने आंटी के बूब्स मसल के कहा की तुम्हारी सेक्सी गांड के लिए तो मैं एक जन्म भी इन्तजार कर लूँगा मेरी जान. लेकिन जब तुमने कहा की मैं स्लो हूँ तो मैं अब सब कुछ एकदम जल्दी कर लेना चाहता हूँ तुम्हारे साथ.

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वो बोली, अभी कुछ दिन ही सब्र करनी हे बस, बच्चो को तो जाने दो. मैंने कहा ठीक हे आंटी आप के लिए इन्तजार करूँगा मैं.

एक हफ्ते में ही उसके बच्चे अपनी दादी के पास चले गए और वो भी फ्री हो गई. फिर उसने मुझे कहा की रात को 2 बजे तुम आ जाना मैं डोर ओपन रखूंगी. मैंने कहा ठीक हे. मैं अब बेसब्री से रात के 2 बजने का इन्तजार कर रहा था. और वो टाइम आ ही गया.

मैं डरता हुआ उसके डोर पर पहुंचा तो डोर उसने ओपन ही रखा हुआ था. मैं सीधे अन्दर चला गया और डोर को बंद कर दिया. जैसे ही डोर बंद कर के मैं पलटा तो मेरी नजर सीधे ही आंटी के ऊपर पड़ी. वो क्या मस्त लग रही थी. उसने गाउन पहना हुआ था ब्ल्यू कलर का. और उसके अंदर वो एकदम सेक्सी पारी के जैसी लग रही थी.

मैं सीधे ही उसे स्मूच करने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा. और फिर मैंने अपने हाथ से उसकी मोटी गांड को भी दबाया. वो भी मुझे किस करने लगी और मेरा लंड कदा हो गया. वाऊ उसने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था. मैंने उसका गाउन उतार दिया एकदम नेकेड कर दिया. वो मेरे सामने ही थी और मस्के की तरह उसके बूब्स चिकने थे और चूत के ऊपर के बाल भी उसने मेरे लिए निकाले हुए थे.

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