सीनियर ने अपनी जूनियर पर हाथ डाला

हेलो एवेरिवन. कैसे हो आप सब लोग? मेरा नाम फरहान है, और मेरी पुरानी स्टोरी को बहुत लोगों ने पढ़ा है “काम से कामसूठरा तक“. उसका रिव्यू भी बहुत अछा आया है.

कोई भी अनसॅटिस्फाइड लड़की या आंटी मुझसे कॉंटॅक्ट करना चाहती है, तो प्लीज़ मेरी मैल ईद पे मैल करिए. और ये स्टोरी कैसे लगी ये भी ज़रूर कहिए. मेरी मैल ईद है: [email protected].

ये कहानी है मेरी और मेरे जूनियर वर्कर के बीच की. मैं एक रिप्यूटेड कंपनी के लिए काम करता हू, और मैने सैईस्ता को आस आ जूनियर काम में लिया था. तो चलिए स्टार्टिंग से बताता हू.

मुझे हमेशा मेरे काम से ट्रॅवेल करना पड़ता है, और काम भी हेवी हो जाता है क्यूंकी मैं पूरा कर्नाटका संभलता हू. तो मेरे बॉस ने मुझे सजेशन दी के किसी जूनियर को रख लू.

इसलिए मैने बहुत सी वेबसाइट्स पे वेकेन्सी डाली, और काफ़ी सारे इंटरव्यू के लिए आए. लेकिन लास्ट में सेलेक्ट सैईस्ता हुई.

सैईस्ता एक 27 एअर अनमॅरीड लड़की है, और कमाल की फिगर है उसका जो की 34-28-32 है. पहले जब मैने इंटरव्यू लिया उसका, तो मेरे दिल में उसके लिए वैसे गंदे ख़याल नही आए.

बाद में आहिस्ता-आहिस्ता जैसे हम काम करने लगे, ट्रॅवेल करने लगे, तो हमने एक-दूसरे को अपना लिया.

बात शुरू होती है तब से, जब मेरे और सैईस्ता का 3र्ड ट्रिप था साथ में, और हम हुबली से बंगलोरे जेया रहे थे एक पार्टी से मीटिंग के लिए. तो हमने ट्रेन बुक की, और हमारी टिकेट रॅक में आ गयी.

ट्रेन फुल पॅक थी, तो हमारे पास दूसरा कोई रास्ता नही था और हमे मजबूरन अड्जस्ट करना पड़ा. स्ल की टिकेट थी तो जैसे ही हमने ट्रेन बोर्ड की, रात में, तो ट्रेन में निकलते ही एक झटका से महसूस हुआ.

झटके से सैईस्ता फिसल के आयेज आके मुझसे टकरा गयी, और ये मेरा पहला ऐसा इन्स्टेंट था सैईस्ता के साथ. टकराने की वजह से मेरे हाथ से उसके बूब्स डब गये, जो बहुत ही ज़्यादा सॉफ्ट थे. बस मज़ा आ गया.

उसने अड्जस्ट करते हुए सॉरी कहा और मैने भी स्माइल देके इट’स ओक कहा. अब यहा से शायद हमारे बीच में कुछ अलग फीलिंग स्टार्ट हो गयी थी.

जैसे-तैसे हम सीट पे थोड़ी देर बातें करते बैठे रहे, और फिर हमे नींद भी आने लगी थी. क्यूंकी टाइम भी 1:30 के करीब हो गया था. तो मैने उसको कहा-

मे: सैईस्ता तुम सो जाओ. मैं तुम्हारे पैर के पास बैठा रहूँगा.

सैईस्ता: नो सिर, आप सो जाओ. मैं बैठूँगी.

तो ऐसे ही चलता रहा. फिर मैने एक डिसिशन लिया

मे: तो एक काम करते है. तुम पैर मेरे फेस की तरफ करके सो जाओ. मैं पैर तुम्हारे साइड करके सो जौंगा.

सैईस्ता: ओक सिर.

फिर हम ऐसे ही थोड़ी देर सो गये. लेकिन हम कंफर्टबल नही थे, तो मैने हिम्मत करके कहा-

मे: सैईस्ता बुरा ना मानो तो एक काम करे? देखो इसके अलावा हमारे पास कोई रास्ता नही है. क्यूंकी हमे कल बंगलोरे जाके मीटिंग भी अटेंड करनी है, और इसके लिए सोना ज़रूरी है. अगर नींद पूरी होगी तो हम कल फ्रेश होगे.

सैईस्ता: बोलिए सिर, क्या करना है?

मे: दोनो एक ही सीट में एक साइड ही सो जाते है. लेकिन ऐसे सोएंगे की हमारी बॅक आपस में टच हो, मतलब तुम अपना फेस विंडो की साइड कर लेना, मैं ऑपोसिट साइड कर लूँगा.

तोड़ा सोचने के बाद उसने मान लिया. फिर हम सो गये. अब उसकी गांद और मेरी गांद टच होके सोए थे, तो दोनो को सेक्स की गर्मी आहिस्ता-आहिस्ता चढ़ रही थी. उसकी गांद भी वैसे ही सॉफ्ट थी जितना की उसके बूब्स, वाउ!

फिर हम थोड़ी देर सो गये. करीब 3:45 को हमारी नींद खुल गयी क्यूंकी हमे ठंड लगनी शुरू हो गयी थी. तो मैने मेरी शॉल निकाल के सैईस्ता को ओढ़ा दी. फिर उसने कहा-

सैईस्ता: नही सिर, आप ओढ़ लो. मैं वैसे भी बुरखे में हू, तो मुझे ज़्यादा ठंड नही लग रही है.

मे: अछा तो फिर काँप क्यू रही हो?

सैईस्ता: वो सिर बस ऐसे ही काँप रही हू. लेकिन उसका रीज़न ठंड नही आप हो. क्यूंकी ये मेरा पहला ऐसा इन्सिडेंट है जब एक लड़का मुझसे टच होके सो रहा है.

मे: अर्रे कुछ नही, तुम कांपो मत. ऐसा कुछ सोचो मत, और सो जाओ. हालात ही ऐसे है तो क्या कर सकते है?

सैईस्ता: ओक सिर.

फिर मैने उसको शॉल ओढ़ाया, और तोड़ा खुद ओढ़ के सो गया. फिर थोड़ी देर बाद मेरी नींद खुल गयी क्यूंकी मेरे हेड के पीछे मुझे कुछ चुभ रहा था.

मैं देखने के लिए जैसे ही घूमा, मेरा लंड सैईस्ता की गांद को टच हो गया. वाह, क्या फीलिंग थी. नरम-नरम गांद में पे मेरा कड़क लंड. मैने देखा तो वो सैईस्ता का हेर पिन था.

अब मुझे वापस घूम के सोने का कोई मूड नही था, तो मैने तान लिया की देखते है क्या होगा. जो भी होगा देखा जाएगा. तो मैने सैईस्ता को लग के सो गया. शायद वो नींद में थी, क्यूंकी ना तो वो हिल रही थी, और ना ही कुछ मूव्मेंट कर रही थी.

तो मैं मौके का फ़ायदा उठाते हुए उससे और ज़्यादा लग के सोया. वाह! क्या खुश्बू आ रही थी उसके जिस्म से पर्फ्यूम की. मैं तो मदहोश हो गया.

थोड़ी देर ऐसे ही सोते हुए मैने हिम्मत बधाई, और अपना हाथ सैईस्ता के स्टमक पे रखा.

इससे हल्की सी मूव्मेंट हुई, और मैं समझ गया की वो सोई नही है. थोड़ी देर वैसे ही हाथ रखने के बाद मैने और हिम्मत करते हुए पीछे से उसके पीछे गर्दन पे किस किया. इससे वो सिसक उठी.

थोड़ी देर बाद मैने और ज़्यादा हिम्मत बड़ाई, और आख़िरकार मैने मेरा हाथ उसके बूब्स पे रख के दबा दिया. वाउ! क्या बूब्स थे उसके. ऐसा करने पर उसने मेरे हाथ को पकड़ते हुए कहा-

सैईस्ता: प्लीज़ सिर, और नही. ये सब नही. किसी के साथ ऐसा करू ये मुझे पसंद नही. ये ज़्यादा हो रहा है.

आयेज बहुत कुछ हुआ. क्या हुआ जानने के लिए वेट कीजिए पार्ट 2 की. और मेरे बारे में मैं बता डू की मैं 30 एअर का हू. और कोई भी रीलेशन रखना चाहते है, तो प्लीज़ मैल करे स्पेशली फ्रॉम कर्नाटका. ओक बाइ.
[email protected]

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