सेक्सी मामी को चोद के खुश किया

हाई दोस्तों मेरा नाम मनीष हे और आज मैं अपने एक और अनुभव को ले के आपके सामने आया हूँ. मैं मुंबई से हूँ और मेरी एज 19 साल की हे. मेरा लंड का साइज़ पुरे 6 इंच हे और मेरी बॉडी का शेप वगेरह भी एकदम सही हे.

मैंने अपनी वर्जिनिटी अपनी आंटी की चूत को ही चोद के लूज की थी. आज एक और आंटी को कैसे चोदा था उसकी हिंदी सेक्स कहानी आप के लिए ले के आया हूँ. ये आंटी मेरी मामी होती हे रिश्ते में.

मैं पालगढ़ अपने मामा जी के घर पर गया हुआ था कुछ दिन रहने के लिए. मामी का नाम स्वाति हे और उनकी उम्र 41 साल हे. उनका फिगर 36c 38 40 हे. वो थोड़ी काली हे लेकिन फिगर और नखरे ऐसे हे की जैसे अभी वो कोई 30 साल की भाभी हो!

मामी मामी ने मुझे देख के बहुत ख़ुशी दिखाई. मामा जी एक बड़ी कंपनी में जॉब करते हे. और उनका आउटडोर टूरिंग भी काफी रहता हे. महीने में एकाद दो हफ्ते तो वो घर से बहार ही होते हे. मामा जी के साथ मम्मी पापा की बातें कर रहा था. और तभी मामी मेरे लिए पानी ले के आई. जब वो गलास को निचे रखने के लिए झुकी तो मेरी नजर उसके बूब्स पर जा पड़ी. मैंने मन ही मन कहा वाऊ!

मामी के सेक्सी बूब्स देख के मेरा लोडा खड़ा हो चूका था. जिसे मैंने बहुत महनत कर के छिपाए रखा! कुछ ही देर में मुझे बाथरूम में मामी के नाम की मुठ मार के लंड की आग को शांत करनी पड़ी. मामी घर में सिम्पल गाउन पहनती थी. और अन्दर वो 10% टाइम भी ब्रा नहीं पहनती थी इसलिए उसके उछलते हुए आम देखने का मौका ज्यादा ही मिलता था मुझे.

एक दिन मैं मोर्निंग में उठा तो मामा जी अपनी बेग पेक कर रहे थे. मैंने उन्हें पूछा तो वो बोले की कम्पनी में से उन्के बॉस की कॉल आई हे. और उन्हें आज ही कुछ देर में गोवा के लिए निकलना था. मैंने पूछा तो मामा ने बोला की वो अब 4 दिन तक वही होंगे. मैं ये सुन के एकदम खुश हो गया क्यूंकि मामा के ना होने से मामी की चुदाई करने के चांस बढ़ जाते थे. मामा के जाने के कुछ ही देर में उनका बेटा भी स्कुल में चला गया और अब मैं और मामी ही घर में थे.

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मैं नहाने के लिए चला गया. और बाथरूम के अन्दर मुझे मामी की एक गन्दी पेंटी मिली. मैंने उसे अपने लंड के ऊपर घिसा. फिर ब्रा को देखा और मैं जानबूझ के उसके अन्दर अपना वीर्य निकाल दिया. मेरे नहाने के आधे घंटे के बाद मामी नहाने गई. वो नहाने से पहले अपने अंडर गारमेंट्स को धो रही थी तो उसने ब्रा के अन्दर मेरा कारनामा देखा. और तभी से उसका मेरे लिए नजरिया चेंज हो गया.

अब मामी मेरे सामने नोटी वाली स्माइल देती थी. और मेरे लंड को देती रहती थी. और अब वो अपने गाउन को भी जानबूझ के ऐसे बांधती थी की जिससे मुझे उसका क्लीवेज साफ़ साफ़ दिख सके. गांड भी मटका मटका के चलती थी मेरे सामने जिस से मेरा लंड खड़ा हो सके.

अगली दोपहर को मामी मैं किचन में खाना बना रही थी. मैं पानी पिने के बहाने अन्दर गया. मैंने जानबूझ के अपने लंड को मामी की गांड के ऊपर घिसा. वो कुछ नहीं बोली जिसकी वजह से मेरी हिम्मत एकदम से बढ़ गई. मैंने आगे देखा तो मामी की निपल्स एकदम अकड गई थी और गाउन को फाड़ने को रेडी थी. वो देख के तो मेरी हिम्मत और भी बढ़ गई. मैंने उसे अपनी बाहों में ही जकड़ने को ही था की दरवाजे की घंटी बजी. मामी का बेटा आ गया था!

मैं अपने कजिन को और अपने लक को गालियाँ देने लगा. मामी का बेटा अन्दर आया और तब मुझे ख़ुशी हुई क्यूंकि उसने बोला की उसकी स्कुल में कुछ फंक्शन हे इसलिए वो तैयारी करने के लिए अपने दोस्त के घर रहेगा दो दिन. मुझे तो उस पूरी रात को जरा भी नींद नहीं आई. आँखे बंद करता था तो मामी के कडक निपल्स मेरे सामने आ जाते थे. मैंने पूरी रात में तिन बार अपने लंड को हिलाया और सुबह होते हुए ही मुझे नींद आई.

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अगले दिन मामी का बेटा अपने दोस्त के घर जा चूका था जब मैं उठा तब. मैं अब क्या करना वो सोचता हुआ हॉल में ही बैठा हुआ था. और तभी मामी अपने बदन के ऊपर तोवेल लपेट के आइ. हम दोनों की नजरे मिली और फिर मैं उसके बदन को देखने लगा. उसके सेक्सी बदन के ऊपर से पानी की बुँदे निचे गिर रही थी. और मैंने अपने ऊपर जैसे कंट्रोल ही नहीं कर सका. मैं उसके पास गया. मामी ने मेरे से आई कोंटेक बनाया हुआ था. मैंने उसके पास खड़े हो के उसके बड़े आम जैसे बूब्स को पकड़ लिए.

मामी के मुहं से मोअन निकल गई, आह्ह्ह अह्ह्ह आराम से कर दर्द हो रहा हे!

और उसने ये कह के सीधे ही मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे स्ट्रोक करने लगी. और मैं मामी के पुरे बदन के ऊपर किस करने लगा.

और अचानक उसे क्या हुआ की वो बोली, मनीष ये गलत हे मैं रिश्ते में मामी हूँ तुम्हारी किसी को पता चल गया तो क्या होगा?

मैंने बहुत मसक्कत कर के उसे मनाया, मैंने कहा कुछ नहीं होगा किसी को पता नहीं चलेगा मामी आप जरा भी मत डरो.

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