सज़ा के बाद थ्रीसम चुदाई

तो दोस्तों चलते है नौकरानी सेक्स कहानी पर.

खाना खाते वक़्त रोहन सिर और मेडम की बात सुनने के बाद मैं थोड़ी खुश थी. क्यूंकी भले ही मुझे सिर ने धोखा दिया. पर वो मेरे साथ आचे से बिहेव भी करते थे. बस सेक्स के वक़्त बेरहम हो जाते थे.

खाने के बाद सिर और मेडम दोनो आराम करने चले गये. और मैं भी अपने काम करके रूम में चली गयी. शाम को छाई के वक़्त मैं वापस आ गयी. मैने छाई बनाई और तब तक मेडम भी आ चुकी थी ऑफीस से.

छाई के बाद मैं खाने के काम में लग गयी. खाना बना रही थी, तभी रीना मेडम, मतलब रोहन सिर की बीवी (सॉरी मैं आपको उनका नाम बताना भूल ही गयी थी), वो पीछे से आई. उन्होने मुझे हग किया, और मेरे बूब्स दबाते हुए मुझे किस करने लगी, नेक पर, गालों पर. उनके ऐसा करने से मुझे कुछ होने लगा.

उन्होने मुझे घुमाया. हम दोनो अब एक-दूसरे को चूम रही थी. इतने में उन्होने अपना हाथ मेरी लेगैंग्स में डाला, और मेरी छूट में कुछ डाल दिया. फिर 2 मिनिट किस करने के बाद जब वो डोर हुई, मैने उनसे पूछा-

मैं: ये क्या है?

तभी उन्होने एक रिमोट निकाला, और उसका बटन दबाया. बटन दबाते ही मेरी बॉडी में करेंट दौड़ने लगा. मेरी छूट में हुलचूल होने लगी.

तभी मेडम बोली: मंजू ये एक वाइब्रटर है. आज के बाद ये हमेशा तुम्हारी छूट में रहेगा. अगर तुमने ये निकाला, तो तुम्हारी गांद में भी ऐसा और एक डालूंगी. जैसे ही ये वाइब्रट होगा, तुम मेरे पास आओगी. और अगर तुम मेरे पास आने से पहले झाड़ गयी, तो तुम्हे सज़ा मिलेगी.

मैने कहा: ठीक है मेडम, जैसे आप कहो.

इतना कहते ही उन्होने मेरे बाल. पकड़े, और मुझे नीचे बिता दिया. मैने बिना कुछ बोले उनकी पनटी नीचे की, और छूट चाटने लगी. मैं बड़े मॅन से छूट चाट रही थी. मेडम को भी मज़ा आ रहा था. मेडम अम्म अम्म मंजू मज़ा आ रहा है आ आ, ऐसे ही सिसकारियाँ लेते हुए मोन करने लगी. फिर अचानक उनकी छूट से फव्वारा निकल गया. उनकी छूट का पूरा पानी मैने पी लिया, और जो नीचे गिरा था, वो भी चाट लिया.

तभी उन्होने मुझे उठाया, और मेरे लिप्स पर किस करने लगी, काटने लगी, और मेरे बूब्स को ज़ोर से मसल दिया.

फिर वो बोली: चलो अभी अपना काम करो. और जैसे ही मैं ऑर्डर डू, मेरे सामने आ जाना.

मैने कहा: ठीक है मेडम.

और मैं अपना काम करने लगी. 20 मिनिट हो चुके थे. मैं रोटी के लिए आता गूँथ रही थी. तभी अचानक वाइब्रटर चालू हो गया, और मेरी छूट में हुलचूल मचने लगी. मैं जैसे-तैसे हाथ धो कर मेडम के पास हड़बड़ते लंगदाते हुए गयी. मेडम मेरी हालत देख कर हस्स रही थी और बोली-

मेडम: गुड गर्ल मंजू. चलो जल्दी से अपने काम ख़तम करो, और मेरे पास आओ. मुझे तुम्हे कुछ दिखना है.

मैने खाना बनाया और सारे काम करके बस बैठी, और एग्ज़ाइटेड हो कर मैने वाइब्रटर निकाला. सोचा बस देख कर वापस डाल लूँगी. पर जैसे ही मैने उसको बाहर निकाला, उसमे से कुछ आवाज़ आई, और तभी मेडम ने मुझे आवाज़ लगाई.

मैं दर्र के मारे वापस वाइब्रटर डालने लगी. इतने में मेडम ने मुझे देख लिया, और गुस्से से रूम के अंदर चली गयी. वो जब बाहर आई, तो उनके हाथ में बड़ा लंड जैसा कुछ था, और एक बॉल जैसा.

वो मेरे पास आई, मेरे बाल, पकड़े, और बोली: साली रांड़, तुझे बोला था ये मत निकालना, वरना तुझे सज़ा दूँगी.

मैं घबराते हुए बोली: मेडम माफ़ कर दीजिए, मैं बस देख रही थी क्या है, और वापस डाल रही थी.

मेडम गुस्से से बोली: साली तुझे देखना है ना क्या होता है ये? रुक!

फिर उन्होने मेरी लेग्गिंस फाड़ दी और मेरी पनटी हटा के वो बॉल मेरी छूट में डाल दिया. जैसे ही वो बॉल मेरी छूट में गया, मेडम ने उसका रिमोट ओं किया, और मेरे छूट में करेंट दौड़ने लगा.

मैं: ह अहह मेडम माफ़ कर दीजिए मेडम. अम्म मेडम माफ़ कर दीजिए.

ये कहते हुए मैं ज़मीन पर गिर पड़ी. जैसे ही मैं ज़मीन पर गिरी, मेरी गांद मेडम के सामने नंगी थी. वो मेरी कमर पर बैठ गयी, मेरी गांद को फैलाया, और मेरी गांद में वो बड़ा सा लंड डाल कर उसका एक बटन दबाया. जैसे ही बटन दबाया, वो लॅंड अंदर-बाहर होने लगा. अब मेरे दोनो च्छेदों की चुदाई हो रही थी. मेरी हालत खराब हो रही थी.

मेरे मूह से निकला: माफ़ कर दीजिए मेडम, दोबारा नही करूँगी. आ आ.

तभी उन्होने मुझे उठाया, और अपनी छूट मेरे मूह में लगाने लगी. मैं उनकी छूट बहुत ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगी. मेरी हालत खराब हो गयी. अचानक मेरी छूट से फव्वारा निकला, और मैं झाड़ गयी. पर मेडम ने मुझे छ्चोढा नही.

मेडम मुझे पुर 30 मिनिट वैसे ही तड़पाती रही. उसके बाद उन्होने मुझे अपना पानी 2 बार पिलाया. फिर मेरी छूट का वाइब्रटर बंद किया, और गांद से भी वो डिल्डो निकाल लिया.

गांद से जब डिल्डो निकाला, तो वो पूरा टट्टी से साना हुआ था. मेडम वो देख कर गुस्सा हो गयी, और डिल्डो मेरे मूह में तूस दिया. मुझे वो चूस-चूस कर सॉफ करना पड़ा.

ये सब होने के बाद मैं बहुत तक गयी थी. जैसे-तैसे मैं उठी. फिर मैने सब सॉफ किया, और फिर मैने सब को खाना खिलाया. उसके बाद मैं अपने घर चली गयी. फिर मैं सो गयी.

अगले दिन मैं रोज़ की तरह सुबा काम पर आने के लिए उठी, और नहा कर बंगलो में आ गयी. बंगलो में आते ही मेडम ने वाइब्रटर ओं कर दिया. मैं सबसे पहले मेडम के रूम में दौड़ती हुई गयी. वहाँ गयी तो मेडम और सिर दोनो जाग चुके थे. मेरे डोर ओपन करते ही रोहन सिर ने मुझे पकड़ा और बेड पर फेंक दिया.

वहाँ 1 घंटे तक रोहन सिर और उनकी बीवी ने मुझे एक साथ चोदा. रोहन सिर मेरी गांद मारते तो रीना मेडम मुझसे अपनी छूट चत्वती. वो मेरे बूब्स चूस्टी, और मेरी छूट में उन्होने वाइब्रटर ओं रखा ही था.

दोनो मिया-बीवी ने मुझे अपनी पर्सनल रखैल बना रखा था. 1 घंटे की चुदाई के बाद मैं मेडम के रूम से निकल रही थी. तभी मैं मेडम को बोली-

मैं: मेडम मुझे सॅलरी चाहिए थी. हर मंत बड़ी माँ देती है. बुत जब से आप आए हो, वो यहाँ ज़्यादा रहती ही नही है.

मेडम: हा मैं जानती हू, मम्मी ने बोला था मुझे. तुम एक काम करो, नाश्ता बनाओ, मैं नाश्ता करने अवँगी, तो तुम्हारी सॅलरी दे दूँगी

वैसे तो मेरी सॅलरी बस 12000 थी. पर मेडम ने मुझे पुर 50000 दिए. मैने नाश्ता बनाया, और नाश्ते के लिए रीना मेडम का इंतेज़ार कर रही थी. तभी बड़ी मेडम कहीं बाहर से आई. मैने उनको नाश्ता करने बोला.

तो वो बोली: फ्रेश हो कर आती हू, लगा दो.

तब तक सब आ गये. सब मिल कर नाश्ता कर रहे थे.

तभी रीना मेडम बोली: मम्मी जी, मैं मंजू को हमारे साथ लंडन ले-जाना चाहती हू.

मेडम हैरानी से बोली: रीना ऐसा क्यूँ? वहाँ पर इतनी अची मैड सर्विस है. तुम इसको क्यूँ ले जेया रही हो?

रीना मेडम बोली: मम्मी जी मंजू खाना बहुत अछा बनती है, और हम दोनो मंजू के आगे ग्रूप के है. तो बॉनडिंग भी अची है. प्लीज़ भेज दीजिए ना. रोहन भी यही चाहते है.

मेडम ने रोहन सिर से पूछा तो रोहन सिर ने भी कहा मैं लेजना चाहता हू मम्मी. बहुत अची मैड है ये.

उसके बाद आयेज क्या हुआ? मैं लंडन गयी या नही? और गयी तो आयेज मेरे साथ क्या हुआ, वो जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट पढ़े. सेक्स स्टोरी अची लगी तो रिप्लाइ करना ज़रूर:

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