सहेली और मुझे उसके भाई ने चोदा

दोस्तों ये कहानी मेरी बेस्ट फ्रेंड शालीनी और मेरी चुदाई की हे. बात उन दिनों की हे जब मेरी फ्रेंड शालीनी की शादी हुई थी. और वो शादी के बाद अपने मइके में आई हुई थी. यूँ तो शालीनी की शादी भी हम लोगो के होमटाउन में ही हुई हे जैसे मेरी हुई हे. पर जब वो पहली बार घर आई तो मैंने सोचा क्यूँ ना मैं जाकर शालीनी से उसके और उसके हसबंड के साथ सेक्स की बातों का मजा लूँ. यही सोचकर मैं शालीनी के घर के लिए अपनी कार से निकली. मैं शालीनी के घर पहुंची और कार उसके गेट के सामने खड़ी कर दी.

मैं उतरी तो देखा की शालीनी की मम्मी कही बहार जा रही थी. मतो मैं वही गेट पर रुक कर उनके साथ बात करने लगी. हम दोनों बातों में इतने मग्न हो गए की टाइम का ध्यान ही नहीं रहा और आधे घंटे जैसा हो गया. अचानक आंटी को याद आया की वो कही जा रही थी. तो वो मुझे बोली की मैं जल्दी वापस आती हूँ, ये कह के वो चली गई. मैं घर के अन्दर गई और मैंने गेट बंद कर दिया. मैं सीधे ही शालीनी के कमरे में गई तो शालीनी वहां पर नहीं थी. मैं घर के अंदर शालीनी को ढूंढने लगी.

ढूंढते ढूंढते मैं तीसरे फ्लोर पर गई तो मुझे पीछे वाले कमरे से कुछ आवाज सुनाई दी. मैं समझ गई की शालीनी ही हे. मैंने झटके से दरवाजा खोला.

ओह माय गॉड!

मैंने जो नजारा देखा वो देख कर मैं दंग रह गई. शालीनी बिलकुल नंगी लेटी हुई थी और उसका छोटा भाई पिंटू उसकी जोरदार चुदाई कर रहा था. पिंटू मुझे देख कर चौंक गया. और हडबडाके भागने की कोशिश करने लगा. लेकिन शालीनी ने उसको रोका और बोली जाता कहा हे तू चोद ना. शालीनी के बारे में मुझे पता था की वो भी मेरी तरह ही कई लोगो से चुद्वाती हे. लेकिन वो अपने भाई का लंड भी लेती हे वो मुझे पता नहीं था.

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वो अपने सगे भाई को पकड़ के उसके लंड को वापस चूत में डालने लगी. और ये देख कर मेरी उत्तेजना भी जाग उठी थी. मैं उन दोनों की तरफ खिंची चली गई. और उनके पास पहुँच कर मैंने पिंटू के लंड को शालीनी की चूत से निकाला और उसे चूसने लगी. वाह शालीनी की चूत के रस में भीगा हुआ लंड कितना टेस्टी लग रहा था मुझे, मैं शब्दों में वो सुख की बात बता नहीं सकती हूँ आप को. मैं कस कस कर उसका लंड चूसने लगी. मैं एक बार लंड पकड़ कर शालीनी की चूत में घुसाती और एक बार अपने मुहं में डाल के चूसती.

मैंने झट से अपने कपडे उतार दिए और शालीनी के मुहं में अपनी चूत रख के उसके ऊपर बैठ गई. शालीनी मेरी चूत चाटने लगी और पिंटू जबरदस्त चोद रहा था उसे. मैंने अब पिंटू के होंठो पर होंठो को रख के उसे लिप्स कीस किया. अब शालीनी उठी और पिंटू ने मुझे खिंच लिया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाल दिया. मेरी चीख निकली, वाह इसका लंड तो बहुत मोटा और मजेदार हे. पिंटू मुझे जम कर चोद रहा था. अचानक मैं चौंकी क्यूंकि शालीनी ने अपनी ऊँगली मेरी गांड में डाल दी थी. वाह आनंद आ गया मेरी दोनों तरफ से चुदाई जो हो रही थी.

अब पिंटू ने मेरी गांड में अपना लंड घुसेडन शरु किया लेकिन लंड इतना मोटा था की मेरी गांड में जा ही नहीं रहा था. तो शालीनी ने अपने भाई का लंड मुहं में ले लिया और उसको चूस चूस के गिला कर दिया. फिर उसने लंड को मेरी गांड के छेद पर लगा दीया. और वो पिंटू से बोली, अब मार धक्का भाई और फाड़ दे रिंकी की गांड!

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पिंटू ने एक ही धक्के में पूरा लंड मेरी गांड में घुसेड दिया. मैं चीख उठी ऐसा लगा जैसे मेरी गांड फट गई हो. मेरी आँख से आंसू आने लगे लेकिन पिंटू नहीं रुका. उसने अपना लंड मेरी गांड में अन्दर बहार करना शरु कर दिया. मैं जोर जोर से चीख रही थी, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह मर गई, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मारो गांड मेरी अह्ह्ह अह्ह्ह!

मेरी चीखों से जैसे पिंटू को और भी उत्तेजना मिल रही थी. वो शालीनी से बोला, इसके मुहं को बंद करवा दो बहन.

तो शालीनी ने मेरे सामने टाँगे फैला कर मेरे सर को पकड़ लिया. मेरे माथे को उसने अपनी चूत में खिंच लिया. और मैं अपनी सहेली की गरम गरम चूत को चाटने लगी. और इधर उसका भाई पिंटू मेरी गांड चोदने में लगा था. अब मेरी गांड में दर्द होने लगा तो मैंने पिंटू से बोला मेरी चूत को भी चोदो!

पिंटू तो जैसे मेरा आदेश मानने लगा, उसने तुरंत लंड निकाल के मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चूत को चोदने लगा. और मैं फिर से शालीनी की चूत को चाटने लगी. करीब 15 मिनिट चोदने के बाद पिंटू बोला, मेरा निकलने वाला हे. तुरंत मैं और शालीनी उसके लंड के ऊपर झपटे. लेकिन शालीनी ने पहले लंड अपने मुहं में भर लिया और मैं निराश हुई. लेकिन मैंने उसके बॉल्स मुहं में ले ली.

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