हेलो फ्रेंड्स, कैसे हो आप सब? काई मंत्स से मैने कोई स्टोरी पोस्ट नही की, उसके लिए मैं माफी चाहता हू. क्यूंकी मैं तोड़ा बिज़ी था. तो आज मैं आपको अपनी एक और स्टोरी बताने जेया रहा हू, जिसमे मैने एक सब्ज़ी वाली भाभी को छोड़ा.
बात जुलाइ मंत की है. मैं 2 वीक के लिए सतेंडर के पास सिटी चला गया. मेरे गूव्ट. एग्ज़ॅम होने वाले थे. वो वहाँ प्ग में रहता था. तो जिस घर में वो रहता था, उस घर के बाहर एक भाभी सब्ज़ी बेचती थी.
सतेंदर वहीं से सब्ज़ी लेता था, तो मैं भी शाम को भाभी के पास से सब्ज़ी ले आता था. भाभी की नाम सुजाता है. उमर करीब 35 की होगी. रंग सावला और भाभी सारी पहनती थी. वो शाम को 5 से 6 बजे आ जाती थी सब्ज़ी बेचने 4 से 5 दिन जाने के बाद.
मेरी भाभी से थोड़ी जान-पहचान हो गयी. 1 वीक बाद सतेंडर भी एग्ज़ॅम देने लुक्कणोव चला गया था. उपर से गर्मी के दिन थे, और बारिश भी होती थी बीच-बीच में. ऐसे ही एक दिन शाम के टाइम करीब 6 बजे अचानक से ज़ोर से बारिश होने लगी.
मैं रूम में स्टडी कर रहा था. फिर मैं टेरेस पर अंब्रेला लेकर आया तो मैने देख सुजाता भाभी अपनी सब्ज़ियाँ ढकने लगी. पर बारिश तेज़ थी, तो उनकी सब्ज़ियाँ गीली हो रही थी. मैं भी नीचे गया जल्दी-जल्दी, और उनकी सब्ज़ियाँ उठा-उठा अंदर रखवाई.
करीब 5 मिनिट में सब कुछ हुआ. अब हम दोनो भीग चुके थे, और हवा भी तेज़ चल रही थी. तो सुजाता भीग चुकी थी, और उसके होंठ काँप रहे थे. मैं उसको उपर ले गया. भाभी बातरूम में गयी, और अंदर से मेरे को कोई कपड़ा माँगा पहनने के लिए.
पर उस वक़्त मेरे पास नॉर्मल में एक निक्कर और त-शर्ट थी. मैं भी बस निक्कर में था, तो मैने भाभी को दिया और बोला-
मैं: भाभी इस वक़्त यही है.
तो वो पहन कर अंदर आई उपर टवल डाल कर. कसम से क्या माल लग रही थी. उसके 34″ साइज़ के बूब्स त-शर्ट्स में उभर कर बाहर आने को थे. और निक्कर में उनकी गांद और ज़बरदस्त लग रही थी.
वो अंदर आई. मैं उनको अब वासना की नज़र से देख रहा था. फिर मैने उनको छाई पूछी, तो वो बोली वो बना देगी. मैं बेड पर बैठ कर बस भाभी को ही देख रहा था, की तभी भाभी फिर बाहर की तरफ गयी. फिर भाभी जब अंदर आई, तो तेज़ बारिश की वजह से वो फिर भीग गयी थी, जिससे भाभी के बूब्स त-शर्ट में से दिख रहे थे.
वो अपना फोन लेने गयी थी. अब भाभी छाई बनाने लगी. उनकी भीगी गांद मेरे को दिख रही थी. मेरे से कंट्रोल नही हो रहा था. भाभी चीनी का डिब्बा उपर से उतार नही पा रही थी, तो मैं उनके पीछे गया, और उनकी गांद से सतत कर डिब्बा उतार के दे दिया.
मैं भाभी के पीछे ही खड़ा रहा, और अब मैं पूरा नंगा हो गया. फिर पीछे से उनकी निक्कर नीचे कर दी, और लंड को गांद में फ़ससा दिया. भाभी चौंक गयी और मैने भाभी की त-शर्ट खींच के फाड़ दी. फिर पीछे से उठा कर उनको बेड पर लिटा दिया, और पीछे से भाभी की गांद पर चढ़ गया मैं.
भाभी चौक गयी और बोली: आ सूरज.
उधर मैने अपना लंड उनकी गांद की दरार में फ़ससा दिया.
भाभी: सूरज नही ये सब ठीक नही है. कोई आ जाएगा.
मैं: कोई नही आएगा सुजाता.
और मैं भाभी की छूट के उपर लंड रगड़ने लगा.
भाभी: नही सूरज, ये सब ग़लत है आअहह. मेरी उमर देखो ना.
मैने लंड उनकी छूट में डाल दिया. सूखी छूट थी, तो भाभी की चीख निकल गयी.
भाभी: आअहह आहह सूरज, उफफफ्फ़ निकालो, मा.
लेकिन मैं नही माना और भाभी की छूट में 2 से 5 ज़ोर के धक्के मारे और फिर रुक गया. मैं अब लंड को अंदर ही रगड़ने लगा, और भाभी के बूब्स नीचे से दबाने लगा, नोचने लगा.
उफफफफ्फ़ भाभी भी अब मदहोश होने लगी, और मेरे सर में अपना हाथ चलाने लगी. मैं अब भाभी के होंठो को पीने लगा.
भाभी: अफ सूरज करो, और हा एयेए.
मैने एक उंगली उनकी छूट में डाल दी.
भाभी: आहह सूरज, हा. (भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया) आ क्या मज़ेदार लंड है तेरा उफफफ्फ़.
और अपनी छूट पर रगड़ने लगी थी. एयाया हाअ, अब मैं नीचे एयेए गया, और भाभी की टाँगें फैला दी. फिर छूट फैला कर उनकी छूट चाटने लगा. उउउफफफफफ्फ़ भाभी की छूट का नमकीन पानी मेरे अंदर और उत्तेजना पैदा कर रहा था, और भाभी की उफफफ्फ़ आअहह की आवाज़े तेज़ हो चुकी थी.
वो मेरा सर अपनी छूट में दबा रही थी: आअहह सूरज छातो, उफफफफ्फ़ हा.
और एक हाथ से मैं उसके बूब्स को दबा रहा था. करीब 2 मिनिट छूट चाटने के बाद अब मैं भाभी के मूह के पास आ गया, और लंड उनके मूह में डाल दिया. भाभी भी मेरा लंड मूह में लेकर चूसने लगी. उफफफफ्फ़ एक-दूं भाभी लंड को पूरा मूह में ले रही थी, और मैं उसके बूब्स को चूस रहा था.
बाहर ज़ोर-ज़ोर की बारिश हो रही थी, और शाम के 6 बाज चुके थे. अब मैने अपना लंड मूह में से निकाल कर भाभी की टाँगें फैला दी. फिर छूट के मूह पर लंड रख भाभी की छूट में एक ज़ोर का धक्का मारा. लंड पूरा छूट में घुस गया.
भाभी: आहह सूरज, उफफफ्फ़
और वो मेरी गांद में अपने नाख़ून दबाने लगी. मैने 4 से 5 ज़ोर-ज़ोर के धक्के मारे. भाभी ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाई, और मैं अब उनकी छूट छोड़ने लगा. उसने अपनी दोनो टाँगें मेरी कमर में फ़ससा ली.
भाभी: आहह सूरज, छोड़ आ अफ छोड़ो.
अब मैं भाभी के दोनो हाथ फैला कर उनके बूब्स चूसने लगा था, और उनके उपर से चुदाई कर रहा था. भाभी भी नीचे से गांद उठा-उठा छुड़वा रही थी. अब नीचे से पच पच की आवाज़ आ रही थी. करीब 10 मिनिट बाद मैने पोज़ चेंज किया.
अब भाभी मेरे उपर आ गयी, और उसने लंड छूट में ले लिया. वो मेरे लंड के उपर उछालने लगी. मैं उसके बूब्स दबाने लगा-
मैं: आजा साली सुजाता आहह रंडी मेरी.
भाभी: आ उफफफ्फ़ आहह सूरज तेरा लंड तो बहुत डुमदार है रे सेयेल मदारचोड़ आआआ.
और वो उछाल-उछाल कर छुड़वाने लगी. फिर कुछ देर भाभी तक गयी और मेरे को नीचे से छोड़ने के लिए बोलने लगी. अब भाभी मेरे उपर थी. मैने उसको अपने उपर लिटा लिया, और नीचे अपनी गांद उठा-उठा उसको छोड़ने लगा. 2 मिनिट बाद भाभी की आवाज़े तेज़ हो गयी-
भाभी: आ सूरज हा, और तेज़ उफ़फ्फ़.
और मेरी छ्चाटी को नोचने लगी. मेरे होंठो को काटने लगी. उफफफफ्फ़ एयाया और मेरे लंड के उपर पूरा बैठ कर अपनी गांद मेरी जाँघ पर रगड़ने लगी. फिर अपनी गांद घूमने लगी भाभी. अब वो झाड़ चुकी थी, और मेरे उपर आ कर लेट गयी. हम दोनो अब पसीने से भीग चुके थे.
भाभी तक चुकी थी, पर मेरे में अभी भी जान थी. मैने भाभी को पेट की साइड से लिटा दिया, और नीचे तकिया लगाया. फिर लंड पीछे से छूट में डाल कर उनको छोड़ने लगा. भाभी बेसूध हो कर पड़ी थी, और मैं पीछे से उनकी चुदाई कर रहा था.
रूम में पच-पच होने लगी थी. मैं भी जोश में आ कर भाभी को छोड़ रहा था. अब मैं भी अपने चरमसुख पर आ गया, और भाभी का मूह बिस्तर में दबा दिया, और अपनी स्पीड तेज़ कर दी. भाभी अब तड़पने लगी, और मेरे से छ्छूटने की कोशिश करने लगी, पर मैं अब पुर जोश में था.
अब मेरा चरमसुख पूरा होने वाला था, और मैने अपना लंड निकल पूरा पानी भाभी की गांद और कमर पर निकाल दिया. भाभी अभी भी झटपटा रही थी. मैने उनको ढीला छ्चोढा.
वो हाँफने लगी और बोली: अगर 1 मिनिट और नही छ्चोढता तो मैं मॅर जाती.
भाभी ने अपनी गांद पर हाथ फेरा, और मेरा माल अपनी उंगली में लगा कर अपनी छूट के उपर रगड़ने लगी. अब मैं भाभी के बगल में लेट गया उनके बूब्स के उपर. उफफफफ्फ़ भाभी की आँखों में एक अलग सी चमक थी.
शाम के 7 बाज चुके थे. बारिश थोड़ी हल्की हो गयी थी. फिर भाभी ने एक त-शर्ट और निक्कर पहन ली, और हमने छाई पी.
फिर भाभी बोली: ये सब्ज़ियाँ मैं कैसे लेके जौंगी घर?
तो मैं बोला: रहने दो, कल फिर आओगी सब्ज़ियाँ बेचने तो आज यहीं रहने दो.
फिर भाभी ने एक फोन किया, किसी को बुलाया, और करीब 15 मिनिट बाद एक लड़की आई. उसने नीचे डोरबेल बजाई तो भाभी बोली-
भाभी: जाओ नीचे गायत्री आई होगी मेरी ननद है.
तो मैं नीचे जाने के लिए कपड़े पहनने लगा.
भाभी बोली: ऐसे ही चले जाओ, मेरी ननद माल है.
तो ये थी मेरी और सुजाता की चुदाई की कहानी. आपको कैसी लगी मेरे को ज़रूर बताना. मेरी ईद [email protected] है. थॅंक योउ.