सॉरी गाइस, एक छ्होटी सी गड़बड़ हो गयी. ये वाला पार्ट स्किप होके इसके बाद वाला पार्ट पहले उपलोआड हो गया था. सो प्लीज़ इसके पहले जो पार्ट आया था “सफ़र नयी ज़िंदगी का-8” वो इसके बाद पढ़े. अब आयेज की स्टोरी-
जैसे ही मैं पलटी, मेरे मूह से चीख निकल गयी. ये चीख अंदर तक चली गयी. अब अंदर वालों ने हमें देख लिया. मेरी सास अपना बदन ढकने लगी और दूसरी तरफ सुमन आंटी और मधु आंटी शॉक में थी. हमारा भांडा फूट चुका था. उनको पता चल चुका था की हम उनको चुपके से देख रहे थे.
मैं अभी तक जिसको दीपक समझ रही थी, वो रोहन था. वो मुझे देख रहा था. जैसे ही मेरी चीख निकली, रोहन ने अपना लंड शॉर्ट्स में डाल दिया और उसने अपना हाथ भी मेरी छूट से निकाल दिया. अब सब लोग मुझे देख रहे थे. रोहन ने जो उंगली मेरी छूट में डाली थी, वही उंगली मेरे मूह में डाली और बोला.
रोहन: दीपक भैया, बड़ी वाइल्ड पत्नी है आपकी.
फिर वो अंदर की तरफ देखा और बोला-
रोहन: देखो, दो कबूतर पकड़े गये है ताका-झाकी करते हुए. क्या करना है इनका?
मेरी सास और दीपक के चेहरे का रंग उडद चुका था. मधु आंटी और सुमन आंटी को कुछ फराक नही पड़ा था हमारे होने से. दीपक या मैं कुछ बहाना बनाते, लेकिन मेरी सास नग्न और दीपक के बगल में मेरी छूट का प्रदर्शन चल रहा था. तभी रोहन हुमको अंदर ले गया.
रोहन: नंदानी जी, शरमाइए नही.
सास: पर मेरा बेटा यहीं खड़ा है.
रोहन: ये देखो, मेरी मम्मी भी तो मेरे सामने नंगी खड़ी है. एक और चीज़.
इतना बोलते ही रोहन अपना लंड बाहर निकाल देता है और मधु आंटी को लिप्स में किस करने लगता है. मधु आंटी रोहन का लंड पकड़ लेती है. दीपक ये देख के हैरान रह जाता है. मेरे और नील की बात तो उसने मॅन में सोची थी, पर रोहन को अपनी मम्मी के साथ ये करता देख, दोनो, मेरी सास और दीपक के होश उडद जाते हैं.
दीपक का एरेक्षन सॉफ-सॉफ दिखाई दे रहा था. मेरी सास जो की अपना बदन च्छूपा रही थी, अब वो अपने हाथ हटा देती है. मेरा पाजामा और पनटी मेरे पैर में अटक रहे थे, तो मैं उनको उतार देती हू. अब मैं नीचे से नंगी थी. तभी रोहन अपनी मम्मी से किस तोड़ता है और मेरी तरफ देख के बोलता है-
रोहन: मनीषा, तो आज कैसे मज़े लॉगी?
मैं (तोड़ा झीजकते हुए दीपक को देखा): यार, मैने दीपक के साथ तो करा है, आज मुझे रोहन तेरे साथ करना है.
ये सुन के मेरी सास शॉक्ड हो गयी. उनको हमारे सेक्षुयल आड्वेंचर्स के बारे में नही पता था.
रोहन: दीपक भैया, क्या बोलते हो?
दीपक: ठीक है.
इतना बोलते ही मैं रोहन से चिपक गयी. मैं रोहन को ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगी. मेरी छूट रोहन के लंड पर रग़ाद रही थी. मेरी सास मेरा ये रूप देख के डांग रह गयी. मैं रोहन के गोद में थी. रोहन की नज़र मेरे हज़्बेंड दीपक पर गयी तो उसने देखा दीपक मधु आंटी की तरफ जेया रहा था. ये देख के रोहन मुझे नीचे उतार देता है और दीपक से बोलता है.
रोहन: दीपक भैया, शी इस आउट ऑफ थे क्वेस्चन.
और इतना बोलते ही वो सुमन आंटी की तरफ इशारा करता है.
दीपक (कन्फ्यूज़्ड): क्यूँ, ये क्या बात हुई?
रोहन: तेरे अरे सम रूल्स फॉर तीस. आंड मोस्ट इंपॉर्टेंट वन इस प्रिया दीदी, सोनिया, मम्मी और कभी-कभी लिषा अरे आउट ऑफ थे क्वेस्चन.
दीपक: पर क्यूँ, तू भी तो मेरी पत्नी के साथ कर रहा है.
रोहन: देखो भैया, देखो, रूल्स अरे रूल्स. आंड नेवेर अस्क थे रूल मेकर की रूल्स क्यूँ है. क्यूंकी हम यहाँ के बाहुबली है, रूल मेकर है. चलो, इतना सवाल-जवाब नही करो. सुमन आंटी है, नही तो नंदानी जी भी है, इनके साथ कर लो.
दीपक: यार, वो मेरी मम्मी है, मैं उनके साथ कैसे कर लू?
रोहन: चलो, अभी के लिए सुमन आंटी के साथ कर लो. लेकिन कभी ना कभी तो नंदानी जी के साथ करना होगा सोसाइटी जाय्न करनी है तो.
इतना बोलते ही रोहन मुझे नीचे ले गया और उसने अपना लंड मेरे मूह के सामने रख दिया. मैने उसका लंड देखा और एक हाथ से हिलाने लगी. दीपक भी अभी सुमन आंटी की छूट चाट रहा था. अब मैने रोहन का लंड लिया और उसको चूसने लगी.
उसका लंड 7 इंचस के आस-पास और 2 इंच मोटा था. इतना बड़ा लंड मैने अभी तक नही देखा था. मेरी छूट पहले से गीली थी, अब और भी गीली हो चुकी थी. मधु आंटी और मेरी सास आपस में लगे हुए थे. पुर रूम में किस्सिंग और मोनिंग की आवाज़ आ रही थी. तभी रोहन ने मेरा सर पकड़ा और उसने अपना पूरा लंड मेरे मूह के अंदर-बाहर करने लगा.
मेरे मूह से गवक गवक की आवाज़ आ रही थी. तभी दीपक उठा और उसने अपना लंड सुमन आंटी के मूह में दे दिया. सुमन आंटी मेरे हज़्बेंड का लंड आराम से चूस रही थी. मेरी सास भी, मधु आंटी, सब अपने-अपने में लगे हुए थे, तभी एक आवाज़ आई.
मैं: आआआआः उम्म्म्म उफ़फ्फ़ रोहन, मज़ा आ रहा है, करते रह ऐसे ही.
सब हुमको देख रहे थे. रोहन ने मुझे लिटा दिया था, मेरी छूट पहले से ही गीली थी. मेरी छूट पहले से ही मचल रही थी, अभी मुझे फोरप्ले की ज़रूरत नही थी. मुझे चाहिए था तो एक लंड. रोहन का लंड मेरी छूट के गहराइयों तक जेया रहा था, मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.
एक–एक धक्के, एक-एक पुश में मज़ा आ रहा था. हमारी चुदाई को 5 मिनिट हो चुके थे और मैं अपनी सुध-बुध खो चुकी थी. मेरी सास भी मेरे पति के सामने नकली लंड से चुड रही थी. दीपक ने भी अपना लंड सुमन आंटी के अंदर डाल दिया था. उनकी भी चुदाई शुरू हो गयी थी.
दीपक एक तरफ अपनी मम्मी को नकली लंड से चूड़ते हुए देख रहा था और दूसरी तरफ उसकी पत्नी, यानी मैं, किसी और से मस्त होके चुड रही थी. मेरी आवाज़ से उसको लग गया था की रोहन चुदाई करने में एक्सपर्ट था. उसकी समान में मैं झाड़ जाती हू. दृश्या देखने लायक था. मैं बड़े मज़े में स्क्वर्ट कर रही थी.