हॉट सेक्स स्टोरी अब आयेज से-
ये बात हम दोनो ने भी सुन ली. आज मुझे पहली बार मेरी सास में एक इंसान दिखाई दी. पहली बार मुझे लगा इतने सालों से मेरी सास के पास कोई ये सब बात तक करने वाला नही था. उनके अंदर भी सेक्स करने की इक्चा थी, पर वो किसको बताती?
2 दिन ऐसे ही बीट गये. अब मेरी सास की तबीयत ठीक हो गयी. इन 2 दीनो में ज़्यादा कुछ नही हुआ, क्यूंकी मेरा बेटा अब मेरे पास था. मेरे हज़्बेंड भी एक-दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होमे’ कर रहे थे. इन दो दीनो में मेरी सास का हाल-चाल जानने के लिए आस-पास वाले सारे लोग आए. अब मेरी सास ठीक हो गयी थी, तो उनका मॅन था की वो बाहर जाए. मुझे सनडे के दिन की बात याद आई. जैसे ही मेरी सास बाहर जेया रही थी, मैने उनसे पूछा-
मैं: मा जी, आज किससे यहाँ मिल रहे है आप लोग?
सास: बेटा, आज मधु के घर में. प्लान तो परसों का था, पर तबीयत ठीक नही थी तो आज मिल रहे है.
मैं: अछा, ठीक है.
इतना बोलते ही वो चले गये. उस समय मेरे पास मेरा बेटा था तो मैं पहले उसको रिया के पास दे आई. फिर मैं रोहन के घर जाने लगी, तभी मेरे हज़्बेंड भी अपना काम करके बाहर को आ रहे थे.
दीपक: कहाँ जेया रही हो?
मैं: चलो मेरे साथ.
दीपक: मगर कहाँ?
मैं: अर्रे, तुम बड़े सवाल पूछते हो. तुमको मम्मी के सनडे वाली बात तो याद है ना, वही.
दीपक: अछा, ठीक है.
हम रोहन के घर पहुँचे तो देखा घर का डोर खुला था. लिविंग रूम में कोई नही था.
दीपक: यार, ऐसे किसी के घर जाना ठीक नही है.
मैं: तोड़ा दर्र तो मुझे भी लग रहा है. लेकिन अगर पकड़े भी गये तो बोल देंगे यहाँ मिलने आए थे.
फिर मुझे याद आया जो चीज़ वहाँ हो रही थी, वो सिर्फ़ मुझे ही पता थी. दीपक को तो कुछ पता ही नही था. लेकिन शायद आज दीपक को भी ये बात का पता चल जाए. फिर हम लिविंग रूम में पहुँचे तो हमने देखा एक बेडरूम का डोर तोड़ा सा ओपन था.
हम दोनो दरवाज़े के पास जेया के देखने लगे. दीपक बेहोश होते-होते बचा. हमने अंदर देखा की तीनो अंदर ब्रा-पनटी में थे सिर्फ़, और मेरी सास और सुमन आंटी एक-दूसरे में लिपटे हुए थे. वो एक-दूसरे को लीप-किस किए जेया रहे थे.
दीपक का लंड खड़ा और मूह से पानी टपकने लगा. दूसरी तरफ मधु आंटी ने अपनी ब्रा-पनटी भी उतार दी. यार, क्या मस्त फिगर बना के रखा था. मैं खुद एग्ज़ाइटेड हो गयी थी. जब ये देख के मैं एग्ज़ाइट हो सकती थी, तो दीपक का तो क्या ही हाल हो रहा होगा. तभी मेरी सास और सुमन आंटी के बीच का किस टूटा.
सास: यार, मेरे पति की डेत के बाद जीवन तोड़ा खाली-खाली सा हो गया था. मुझे लगा नही था की मैं ये सुख की प्राप्ति कर भी पौँगी या नही.
सुमन आंटी: अर्रे, चिंता मत करो, अभी तो एक सर्प्राइज़ भी है.
मधु आंटी: टेन-ते-दें (उनके हाथ में एक स्ट्रॅप-ओं था)
मधु अब वो स्ट्रॅप-ओं पहन लेती है. इसी बीच वो दोनो भी अपनी-अपनी ब्रा-पनटी भी उतार देती है. अंदर का दृश्या पूरा नगञा-मे था. टीन मिलफ वो भी पूरी की पूरी नंगी, और एक के पास नकली लंड. ये देख के मेरे पति ने अपना लंड बाहर निकाल दिया, और मेरा हाथ उनके लंड में रख दिया.
मेरा ध्यान अंदर ही था. मुझे मेरे पति का एहसास तब आया जब मेरा हाथ एक एरेक्ट लंड पर पड़ा. आज मेरे पति का लंड और दीनो से ज़्यादा मोटा और लंबा लग रहा था. मैने वो लंड हिलना शुरू किया. अब मेरा मॅन भी चूड़ने का करने लगा.
अंदर मेरी सास सुमन आंटी के मूह में बैठी थी. सुमन आंटी मेरी सास की छूट को चूस और चाट रही थी. मेरी सास मधु आंटी के स्ट्रॅप-ओं को ब्लोवजोब दे रही थी. अंदर तीनो लगे हुए थे. अब मेरी छूट भी गीली हो चुकी थी. मैने अपना पाजामा और पनटी नीचे की और दीपक का एक हाथ अपनी छूट में डाल दिया.
आज दीपक अलग ही मूड में लग रहा था. लंड बड़ा और मेरी छूट में अलग तरह से फिंगरिंग कर रहा था. दीपक ने पहली बार मेरी क्लाइटॉरिस को फिंगर्स से रब किया. फिर एक फिंगर अंदर इनसर्ट करके फिंगरिंग करने लगा. आज तो दीपक ने पहली बार में मेरा ग-स्पॉट फाइंड कर दिया और उस स्पॉट में रब कर रहा था. मेरा मॅन मोनिंग करने का कर रहा था, पर अंदर आवाज़ ना चली जाए तो मैं अपनी आवाज़ दबा रही थी.
अंदर अब सीन चेंज हो चुका था. मधु आंटी ने स्ट्रॅप-ओं अब मेरी सास के मूह से निकाल के सुमन आंटी की छूट में सेट कर दिया था, और अब मधु आंटी मेरी सास को किस कर रही थी. मधु आंटी ने एक झटके में वो नकली लंड सुमन आंटी की छूट में डाल दिया. सुमन आंटी की चुदाई शुरू हो गयी.
सुमन आंटी: अया… उम्म… मधु, डार्लिंग, छोड़ अपनी रंडी को और ज़ोर से छोड़.
इसी बीच मेरी सास और मधु आंटी एक-दूसरे को लिप्स में, नेक में, जगह-जगह किस कर रहे थे. उन दोनो के हाथ एक-दूसरे के जिस्म को टटोल रहे थे. बाहर मैं और दीपक अपने-अपने हाथो से एक-दूसरे को सुख देने में लगे हुए थे.
मेरी सास और सुमन आंटी को देख के मुझे भी किस करने का मॅन हुआ तो मैं मेरे पति के साइड पलटी. जैसे ही मैं पलटी, मेरे मूह से चीख निकल गयी. ये चीख अंदर तक चली गयी. अब अंदर वालों ने हमे देख लिया. मेरी सास अपना बदन ढकने लगी और दूसरी तरफ सुमन आंटी और मधु आंटी शॉक में थी. हमारा भांडा फूट चुका था. उनको पता चल चुका था की हम उनको चुपके से देख रहे थे.
पर मैने ऐसा क्या देखा जिसको देख के मेरी चीख निकल गयी, ये जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट का वेट कीजिए. तब तक के लिए बाइ-बाइ.