रसीली सालियां की चुदाई कहानिया – 2

दुसरे दिन सुबह ..लीना अब कुंवारी नही थी…और चादर पर खून के छिंटे उसकी औरत बनने की गवाही दे रहे थे….सुबह लीना ने उठकर रवि को उठाया . रात की मस्ती झड़ी नही थी .रवि ने लीना को नंगी देखा तो फ़िर से अपने पास खींच लिया..चूमा चाटी शुरू हुयी और लंड लोहे जैसा हो गया… एक बार फिर दोनों आपस मे लग कर चुदाई शुरू कर दी . रवि लीना को नीचे ले कर उसकी दोनों टांगो को आसमान मे फैला कर और उसके चूतड के नीचे दो तकिये रख दिए..जिससे उसकी उभरी हुयी चूत और उभर आयी थी. अभी भी..रवि ने जैसे ही अपना लंड उसकी गीली हो रही चूत के अन्दर घुसाया..लीना चीख पड़ी..

रवि ने दो धक्को मे पूरा लंड चूत के अन्दर डाल दिया था..और कस कस कर उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया . सिस्कारियों से कमरे का वातावरण काफी मदहोश हो गया . लीना नीचे से हर धक्के का जवाब अपनी सिस्कारी से दे रही थी .आह्ह..अह्ह्ह.औच..आ..ऊ..च….आह्ह…जिजू….सच मुच तुम्हारा लंड लाजवाब है और बहुत लंबा और मोटा है . उस लड़की को बहुत मजा आएगा जो तुमसे चुदवायेगी ,” लीना रवि से चुदवाती हुयी बोली .रवि कस -कस कर धक्के मरते हुए बोला , “हाँ जाने -बहार , तुम्हारी चूत भी एकदम लाज़वाब है .एकदम तिघ्त, उभरी हुयी..कितनी गरम और नरम है..हाय.और इसकी गुलाबी रंगत… लगता है इसे चोद्ता ही जाऊं .”नीचे से लीना सिस्कारी मरते हुए बोली , “ओह्ह ! मेरे राजा और पेलो और पेलो अपनी रानी की चूत मे अपना मोटा लंड . आह ! ..मेरी चूत तुम्हारा लंड खा कर और अपनी सील तुड़वा कर निहाल हो रही है .

हाय ! लंबे और मोटे लंड की चुदाई ही कुछ और ही होती है . बस मज़ा आ गया . हाँ हाँ , तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरी चूत मे अपने लंड से धक्का मारते रहो . मेरी चूत को भी बहुत दिनों से शौक था मोटे और लंबे लंड से सील तुड्वाने का.और फ़िर उससे चुदवाने का.जम कर.. उसको और जोर जोर से खिलाओ अपना मोटा और लंबा लंड .”लेकिन जल्दी ही खत्म हो गई उनकी चुदाई . दोनों का पानी आधे मिनट के फरक पर निकल गया . लीना ऐसी चुदाई प कर मस्त हो गई . रात की चोदाई से ज्यादा कड़क चोदाई उसे सुबह वाली लगी .हॉस्पिटल जाकर रीमा को देखने और रोमा को फ्री करने के कारण रवि को बिस्तर पर से जल्दी उठना पड़ा . बाथरूम मे जाने के बाद पता चला की बाथटब का शावर और नल दोनों ख़राब हो गए है . पानी नही आ रहा था . तो रवि यह कहकर निकल गया की मैं प्लंबर को भेज रहा हूँ .

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अगर जल्दी आ गया तो ठीक है नही तो रोमा को बता देना की प्लंबर से नल ठीक करवाना है . रवि हॉस्पिटल जाकर रोमा को फ्री किया और बोला की घर पहुंचकर लीना को जल्दी भेज देना ताकी वोह ख़ुद ऑफिस जा सके .रोमा घर पहुँची तो लीना बाथरूम से निकल कर अपने कपडे बदल रही थी . बाथरूम मे स्टोरेज किए हुए पानी से उसने अपना काम चला लिया था . लीना के चहरे पर छायी हुयी खुशी को देखकर रोमा समझ गई की रात भर क्या क्या हुआ होगा उसने सोच लिया की लीना की सील कल रात मे खुल गई है..क्युकी बेड रूम की चादर पर खून उसे दिख गया था… फिर भी अनजान बनते हुए उसने लीना को छेड़ते हुए पूछा , “है मेरी जान , बड़ी खुश दिख रही हो . रात भर सोयी नही थी क्या ? लगता है जिजू ने बहुत परेशान किया है .

“”नही तो . ऐसी तो कोई बात नही है .””अच्छा हमसे ही नाटक .””जब कुछ हुआ ही नही तो क्या नाटक करूं .”फ़िर रोमा ने उसे बेडरूम की चादर पर खून दिखाया और बिस्तर के नीचे पड़ी हुयी फटी हुई नाईटी की ओर इशारा किया. तो लीना शरमा गई और फिर धीरे धीरे सारी बात रात की उगल दी लीना ने .रोमा ने कहा जीजू का लैंड बहुत मज़बूत और मोटा है ये तो मैं जानती हु..मैंही कल उनसे चुदवाने के मूड मे थी..लेकिन तेरी लॉटरी लग गई. बहुत मज़ा आया होगा ना?..और दोनों फ़िर रस ले कर बातें करने लगी . रोमा और लीना रात की बात करते करते दोनों ही उत्तेजित हो गए . आपस मे अनजाने ही एक दूसरे के बदन को सहलाने लगी . दोनों की चूतें अन्दर की गरमी से पिघलने लगी . तभी टेलीफोन की घंटी बजी .

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लीना ने फ़ोन उठाया .”मैं रवि बोल रहा हूँ .””बोलो जिजू , मैं लीना बोल रही हूँ .””देखो प्लंबर को बोल दिया है . थोड़ी देर मैं आ जाएगा . लेकिन तुम जल्दी आ जाओ . मुझे कुछ दवाई लाना है फिर मैं ऑफिस निकल जाऊंगा .”लीना जल्दी ही हॉस्पिटल के लिए निकल गई साथ मे कह कर गई की बाथरूम का नल ख़राब है , प्लंबर आएगा . रोमा मन मसोस कर रह गई . रात मे भी मौका नही मिला और अब सुबह थोड़ी बहुत गरमी शांत होती वह भी नही हुयी .उसे रवि पर ग़ुस्सा आ रहा था..ऐसे तो मेरी चुन्ची दबाते है…गांड दबाते है..आज छुट्टी ले कर घर रुक जाते तो मै भी उस मोटे और लंबे लंड से एक बार तो चुदवा लेती.. आख़िर चूत तड़पती ही रह गई . वोह उसे शांत करने के लिए जीजी की एक नाईटी पहन कर बाथरूम मे चली गई .

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