एरॉटिक सेक्स स्टोरी अब आयेज-
तो अब मैं और मेरा पति आकाश मैके पहुँच गये थे. कहानी में आयेज बढ़ने से पहले मैं आपको कहानी के पत्रों से आपका इंट्रोडक्षन करवा डू. मेरा नाम अंकिता आगे 29 आंड मेरा साइज़ 36-30-38 है. मेरे हज़्बेंड आकाश 30 है और उनका साइज़ है 6 इंचस योउ नो वॉट ई मीन. फिर मेरी फॅमिली में मेरी मा ममता, उनकी आगे 55 साल है. दिखने में गोरी-चित्ति पर थोड़ी सी चब्बी है. उनका साइज़ है 40-36-44.
फिर आते है मेरे पापा जिनका नाम है विवेक, इनकी आगे 57 साल है और ये एक लॉ फर्म में रेप्युटबल आड्वोकेट के जैसे वर्क करते है. दिखने में ठीक-तक और इनका साइज़ 7 इंचस. ये मुझे कैसे पता ये आयेज स्टोरी में पता चलेगा.
फिर आती है मेरी बेहन प्रीति. उसकी आगे 23 साल है. शर्मीली सी हमारे सामने, पर असल का किसको पता रहता है. इसका साइज़ 32-28-34 है. वैसे इस फॅमिली में मेरे मामा-मामी मतलब मनीषा के पापा-मम्मी भी रहते थे. पर अभी वो कहीं गये है. उनके रूम में हम रहने वाले थे. उनके इंट्रो बाद में देंगे.
मेरे और मेरे हज़्बेंड सिंपल बुत चुदाई से भारी लाइफ एंजाय करने का सोचते है. मेरी हज़्बेंड की फॅमिली में मेरी सास, जेठ और जेठानी है. मेरी सास जिनका नाम सुधा है और इनकी आगे 56 है. ये मॉडर्न विचार धारा वाली है, तभी मैं अपने माइके रहने आ पाई. इनका साइज़ 36-32-38 है.
फिर आती है मेरी जेठानी अनुपमा. इनकी आगे 34 है प्लस. कहने को मेरी जेठानी है, पर प्यार मुझे बड़ी बेहन जैसे करती है. इनका साइज़ है 36-32-36. फिर लास्ट में आते है मेरे जेठ अनीश, जिनकी आगे 36 साल की है. ये मेरे बड़े भाई जैसे है और ये स्वाभाव से बड़े ही बहनचोड़ है. अब समझदार को इशारा काफ़ी.
ये बात तो मेरे पति को भी नही पता थी. हर इंसान के कुछ ना कुछ राज़ होते है, और मेरा ये राज़ था की मुझे अपने जेठ से चूड़ने का शौंक था. मैने अपने लंड के अलावा दूसरा लंड जिसका लिया वो मेरे जेठ थे.
तभी तो जब मुझे मनीषा के साथ स्वापिंग की बात पता चली, तब मुझे एक मौका मिला की अगर मैं आकाश के सामने किसी और से चुड गयी, तो उसे मैं ये बात बता सकती थी, और ओरों के साथ भी सेक्स करती तो आकाश को कोई दिक्कत नही होती.
पर उस स्वापिंग के बाद जब मैं ये बात आकाश को बताने गयी, उससे पहले ही मेरे जेठ ने माना कर दिया. तो मैने ये बात नही ब्ताई और सब कुछ ऐसे ही चलता रहा. फिर वो घड़ी आ गयी जब हमे देल्ही के लिए रवाना होना था, पर उससे एक दिन पहले की बात है.
मेरे हज़्बेंड अपने फ्रेंड्स को एक फेरवेल पार्टी दे रहे थे. मेरी सास और जेठानी मार्केट गये हुए थे, और मेरे जेठ अपने काम में लगे हुए थे. वो स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर थे तो ज़्यादातर काम घर से करते थे. मैने अपनी सारी पॅकिंग करी थी. तभी मेरे जेठ मेरे रूम में आए और मुझे देख के बोले-
अनीश: अंकिता ये तूने ठीक नही किया.
मैं: अर्रे भैया, टेन्षन क्यूँ लेते हो? 1-2 मंत्स की तो बात है. फिर मैं आपको भी वहीं बुला लूँगी फ्लॅट लेते ही.
अनीश: अर्रे ठीक है, पर मैने बोला था ना की अकेले में मुझे भैया मत बोलना. यार कल तो तू जेया रही है. अभी लास्ट मज़ेदार चुदाई कर ले, पता नही बाद में मिले ना मिले.
मेरे जेठ के भैया बोलने से मुझे मनीषा वाली बात याद आई, की उसके गंगबांग में उसका भाई भी था. सग्गे भाई से वो अपनी छूट चुडवाई, कैसा लगता होगा? मेरा तो भाई है नही. तभी मैने जेठ जी को बोला-
मैं: अर्रे आप मेलोड्रामा नही करो. एक शर्त है अभी करने के लिए.
अनीश: क्या?
मैं: आज आप मुझे भाई बन कर छोड़ोगे और ज़बरदस्त चुदाई करोगे.
मेरे जेठ ने छोड़ने की बात सुनी तो उन्होने मुझे गोदी में उठा लिया, और मुझे ज़ोरों से किस किया. मैं भी उनका साथ दे रही थी. फिर उन्होने मुझे एक दीवार से सता दिया और मुझे लिप्स में किस करते, मेरी नेक में करते.
लीप किस करते समय मेरे होंठ चूज़ और टंग फाइट करते. तभी उन्होने मुझे नीचे उतरा और अपने कपड़े उतारने लगे. तभी मैं भी अपने कपड़े उतारने लगी. जैसे ही हम दोनो नंगे हुए उन्होने मुझे कमर से पकड़ा और उल्टा करके गोदी में उठा लिया. इससे मेरी छूट उनके चेहरे के पास और उनका 7 इंचस का लंड मेरे मूह के पास आ गया.
ऐसे उठा के उन्होने मेरी छूट चटाई स्टार्ट कर दी. मेरे सामने भी एक लंड था, मैने उसको मूह में लिया और चूसने लगी. खड़े-खड़े 69 में पहली बार कर रही थी. बहुत मज़ा आ रहा था.
मैं उनके लंड से खेलती उनको चूस्टी और कभी-कभी उनकी बॉल्स को मूह में ले लेती. वो भी मेरी छूट चूस रहे थे. टंग अंदर-बाहर करते और कभी-कभी अपनी उंगलियों से मेरी छूट के अंदर का ग-स्पॉट रब करते. बहुत मज़ा आ रहा था.
उनके लंड से तोड़ा प्रेकुं भी ड्रिप कर रहा था. फिर उन्होने मुझे नीचे उतरा और मेरी छूट में अपना लंड रखा, और एक बार में अपना लंड मेरी छूट में डाल दिया. मुझे एक मीठे दर्द की अनुभूति हुई और उन्होने मुझे छोड़ना स्टार्ट किया.
मैं: अया भैया छोड़ो मुझे. उम्म्म आज बिना कॉंडम के छोड़ रहे हो, मज़ा आ रहा है. पर ध्यान देना.
अनीश: अया बहुत मज़ा आ रहा है. देख तेरी छूट का कैसे भोंसड़ा बना रहा हू.
मैं: उम्म्म उफफफ्फ़ एस एस एस एस ऐसे ही अया मज़ा आ रहा है. छोड़ते रहो भैया अपनी बेहन की छूट.
ऐसे भाई बेहन का रोल प्ले सेक्स बड़ा मज़ा आ रहा था. अनीश भी मेरे बूब्स को चूस रहा था छोड़ते हुए. फिर ऐसे छोड़ते-छोड़ते अनीश ने अपनी चुदाई की स्पीड बधाई और मेरी छूट के अंदर झाड़ गये.
मैने उनको रोकना चाहा, पर उनकी इक्चा थी की अब इतने टाइम तक चुदाई नही होती, तो एक बार रॉ सेक्स में क्रेआमपीए करना चाहते थे. वैसे डरने की बात नही थी, मैं बर्त कंट्रोल में थी.
मेरी सास ने मुझे और मेरी जेठ को ये सब करते देख लिया था, और ये बात मुझे उनके यहाँ यानी देल्ही आने के बाद पता चली.
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