राज और उसकी पड़ोसी सेक्स कहानी 2

गतान्क से आगे…………….राज और उसकी पड़ोसी सेक्स कहानी
10 मिनट तक चुदवाने के बाद भाभी दूसरी बार झाड़ गयी और बोली, अभी मेरी चूत की आग केवल थोड़ी सी ही बुझ पाई है. खूब ज़ोर ज़ोर से चोदो. फाड़ दो आज मेरी चूत को. मैं पूरे जोश और ताक़त के साथ भाभी को चोद्ता रहा. वो भी जोश से पागल सी हुई जा रही थी. भाभी अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ दे रही थी. मेरा बाकी का लंड भी धीरे धीरे भाभी की चूत में घुस गया लेकिन वो इतनी ज़्यादा जोश में थी कि उन्हें पता ही नहीं चला. 10 मिनट तक और चुदवाने के बाद वो तीसरी बार झाड़ गयी लेकिन मैं रुका नहीं. मैं भाभी को बहुत ही बुरी तरह से चोद रहा था और वो एक दम मस्त हो कर चुदवा रही थी.

5 मिनट तक और चोदने मैं भी झाड़ गया. लंड का सारा जूस भाभी की चूत में निकाल देने के बाद मैने अपना लंड बाहर निकाला और हट गया. भाभी ने कहा, आज तुमने मेरी बहुत ही अच्छि तरह से चुदाई की है और मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है. अब मैं तुमसे खूब चुदवाउंगी. अगर तुम आज मुझे ठीक से नहीं चोद पाते तो मैं तुमसे फिर कभी नहीं चुदवाती. अगली बार जब मैं तुम्हारा पूरा का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर लूँगी तब मुझे और ज़्यादा मज़ा आएगा. मैने कहा, जब तुमने और तेज और तेज कहा तो मैने अपनी स्पीड बहुत तेज कर दी थी. उस स्पीड से चुदवाने में ही धीरे धीरे मेरा पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत में घुस गया था. तुम बहुत ज़्यादा जोश में थी इस लिए तुम्हें पता ही नहीं चला. तुम तो मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर ले चुकी हो. वो बहुत खुश हो गयी. भाभी की चूत एक दम सूज चुकी थी.

रात के 7 बजे मैने भाभी को फिर से चोदा. 30-35 मिनट तक चोदने के बाद मैं झाड़ गया तो वो बोली, काश तुम मुझे और देर तक चोद्ते. मैने कहा, मैं अकेला एक बार में 30-35मिनट से ज़यादा नहीं चोद सकता. अगर तुम कहो तो मैं अपने दोस्त जय को बुला लूँ. वो बोली, तुम पागल हो गये हो क्या. इतना अच्छा लंड अपनी चूत के अंदर लेने के बाद मैं भला किसी छ्होटे लंड से क्यों चुदवा कर अपना टेस्ट खराब करूँ. मैने कहा, उसका लंड बहुत ही अच्च्छा है तुम्हें पसंद आएगा. भाभी ने कहा, तुम उसी जय की बात कर रहे हो जो एक दम गोरा चितता और गातीले बदन का था. मेरी शादी में हमेशा तुम्हारे साथ साथ ही था और मुझसे बहुत मज़ाक कर रहा था. मैने कहा, हां, वही. वो बोली, अगर उस ने किसी से कुच्छ कह दिया तो. मैने कहा, वो किसी से कुच्छ भी नहीं कहेगा. भाभी ने पूछा, वो कहाँ रहता है. मैने कहा, बस थोड़ी ही दूर पर उसका घर है. मैं होटेल से खाना लाते समय उसे बुला लाउन्गा. थोड़ी देर सोचने के बाद वो बोली, ठीक है, बुला लाना.

मैं होटेल खाना लेने जाने लगा. होटेल से वापस आते समय में जय को बुला लाया. घर पहुचने के बाद मैने बहुत धीरे से दरवाज़ा खोला जिस से भाभी को पता ना चले. ड्रॉयिंग रूम में मैने जय से एक दम नंगा हो कर बैठ जाने को कहा. वो एक दम नंगा हो गया. मैं भाभी के बेडरूम में गया. जब उन्होने मेरे साथ जय को नहीं देखा तो बोली, जय को साथ नहीं लाए क्या. मैने कहा, नहीं. वो बहुत ही ज़्यादा उदास हो गयी और बोली, मैं बड़ी बेसब्री से जय का इंतेज़ार कर रही थी. मैने सोचा था कि जब तुम जे को साथ ले कर आओगे तो मैं पूरी रात तुमसे और जय से खूब चुदवाउंगी और मुझे जी भर कर चुदवाने का मौका मिलेगा. तुमने तो मुझे एक दम निराश कर दिया. जाओ मैं तुमसे बात नहीं करती. मैं भाभी के पास बैठ गया. उनकी आँखों में आँसू आ गये तो मैने कहा, मैं तो मज़ाक कर रहा था और तुम रोने लगी. वो बोली, कहाँ है जय. मैने कहा, बाहर ड्रवेयिंग रूम में बैठा है. भाभी ने कहा, उसे जल्दी से अंदर बुला लो. मैं उसका लंड देखना चाहती हूँ. मैने जैसे ही जय को बुलाया तो भाभी ने चादर ओढ़ ली.

जय बेडरूम में आ गया. जय का लंड मेरे लंड के जितना ही मोटा था लेकिन उसका लंड मेरे लंड से 2″ ज़्यादा लंबा था. जैसे ही भाभी ने जे का 9″ लंबा लंड देखा तो वो खुशी से झूम उठी. भाभी ने मेरे गालों को चूम लिया और बोली, जीयो मेरे राजा, तुम तो मेरे लिए बहुत ही अच्च्ची चीज़ ढूँढ कर लाए हो. अब तो पूरी रात खूब मज़ा आएगा. भाभी ने जोश के मारे अपने उपर से चादर हटा दी और जय को अपने पास बुलाया. जय भाभी के पास आ कर बैठ गया. जय का लंड तो पहले से ही खड़ा था. भाभी ने जय का लंड अपने मूह में ले लिया और चूसने लगी. जैसे ही भाभी ने जय का लंड अपने मूह के अंदर लिया तो जे बोला, आप को मेरा लंड अपनी चूत के अंदर लेने में ज़्यादा तकलीफ़ नहीं होगी. भाभी ने पूछा, क्यों. जय ने कहा, औरत की चूत के साइज़ का अंदाज़ उसके मूह से हो जाता है. औरत का मूह जितना बड़ा होता है उसकी चूत का मूह भी उतना ही बड़ा होता है. भाभी ने कहा, ऐसी बात है. जय ने कहा, हां, ऐसा ही होता है. भाभी ने मुझसे कहा, तुमने लता को तो देखा ही है. उसका मूह तो बहुत ही छ्होटा है. मैने कहा, हां उसका मूह तो बहुत ही छ्होटा है. जय ने कहा, अगर वो हम दोनो से चुदवाने के लिए तय्यार हो जाए तो मज़ा आ जाएगा. वो राजू का और मेरा लंड अपनी चूत के अंदर आसानी से नहीं ले पाएगी. उसे बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी. हो सकता है कि लता की चूत हम दोनो से चुदवाने में कुच्छ ज़यादा कट फॅट जाए. भाभी ने कहा, लता भी बहुत सेक्सी है. एक दिन वो मुझसे कह रही थी कि उसे अपने पति से चुदवाने में ज़्यादा मज़ा नहीं आता. वो राजू से चुदवाना चाहती है. मैने कहा, नेकी और पूच्छ पूच्छ. उसे भी बुला लो. भाभी ने कहा, ठीक है, मैं कल उसे बुला लूँगी.
रात के 9 बज रहे थे. भाभी अभी जय का लंड चूस ही रही थी कि कल्लबेल्ल बजी. हम सब घबडा गये कि इस समय कौन आ गया. मैने जल्दी से चड्धि पहनी और अपने कंधे पर एक टवल रख लिया. मैने दरवाज़ा खोला तो दरवाज़े पर लता थी. वो बोली, राजा जी, तुम इस समय इस ड्रेस में क्या कर रहे थे. वो भी भाभी की तरह मुझसे बहुत मज़ाक करती थी. मैने कहा, तुम तो जानती हो कि भैया 2 महीने के लिए बाहर चले गये हैं. भाभी की चूत में बहुत खुजली हो रही थी. मैं भाभी की चुदाई कर के उनकी चूत की खुजली मिटा रहा था. लता बोली, दीपा ने तुम्हें नहीं बताया कि मुझे भी तुमसे चुदवा कर अपनी चूत की खुजली मिटानी है. विमल भी अभी थोड़ी देर पहले ही 10 दिनो के लिए बाहर चले गये. मैं तो तुमसे चुदवा कर अपनी चूत की खुजली ही मिटाने आई थी. अब मेरा क्या होगा. मैने कहा, तुमने अभी तक मेरा लंड नहीं देखा है. देख लोगि तो मुझसे चुदवाने का इरादा छ्चोड़ डोगी. लता ने मेरी चड्धि को नीचे करते हुए कहा, ज़रा देखूं तो तुम्हारा लंड. जैसे ही उसने मेरा लंड देख तो बोली, हाए दैया. तुम्हारा लंड तो वाकाई बहुत ही लंबा और मोटा है. मैने कहा, अब क्या इरादा है. वो बोली, इसे देख कर तो मेरी चूत की खुजली और ज़्यादा बढ़ गयी है. अब तो मैं तुम्हारे लंड से अपनी चूत की खुजली ज़रूर मिटाउंगी. मैने कहा, ठीक है अंदर आ जाओ. मैं तुम्हारी चूत की खुजली मिटा देता हूँ.

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मैने ड्रॉयिंग रूम में ही लता के कपड़े उतार दिए और उसे एक दम नगा कर दिया. उसे ज़रा भी शरम नहीं आई. उसके बाद मैं लता को लेकर भाभी के बेडरूम में गया. बेडरूम में पहुचते ही जैसे उसने जय को देखा तो वो अपना बदन च्छुपाने के लिए मेरे पीछे खड़ी हो गयी और बोली, ये कौन है. भाभी ने कहा, ये जय है, राजू का दोस्त. शरमाओ मत, आ जाओ. पहले तो राजू ने मेरी चूत की खुजली थोडा सा मिताई थी. अब ये दोनो मिल कर मेरी चूत की खुजली मिटाने जा रहे थे कि तुम आ गयी.

जय ने लता के मूह का साइज़ देखा तो बहुत खुश हो गया और भाभी से बोला, लता को तो हम दोनो का लंड अपनी चूत के अंदर लेने में बहुत ही मज़ा आएगा. लता बोली, ज़रा मैं भी तो देखूं तुम्हारा लंड. जय ने अपना लंड लता की तरफ कर दिया. लता ने जब जय का लंड देखा तो बोली, ये तो राजू के लंड से भी ज़्यादा लंबा है. मैं तो केवल राजू से ही चुदवाउंगी. भाभी ने कहा, जय क्या बैठ कर तुम्हारी चुदाई का तमाशा देखेगा. अब तुम यहाँ पर आ ही गयी हो तो जय और राजू दोनो ही तुम्हारी चुदाई करेंगे. लता बोली, ठीक है. पहले मैं राजू का लंड अपनी चूत के अंदर लूँगी उसके बाद जय का लंड भी मैं किसी ना किसी तरह अपनी चूत के अंदर ले ही लूँगी. पहले तुम दोनो से चुदवा लो उसके बाद मैं चुदवा लूँगी. भाभी बोली, राजू अभी थोड़ी देर पहले मुझे चोद चुका है. मैं अब जय से चुदवाने जा रही हूँ. अगर तुम चाहो तो तब तक राजू से चुदवा लो. वो बोली, ठीक है, मैं राजू से चुदवा लेती हूँ तब तक तुम जय से चुदवा लो. भाभी ने कहा, ठीक है.

जय ने भाभी को लिटा दिया और उनकी टाँगों के बीच आ गया. उसने भाभी के पैरों को मोड़ कर उनके कंधे के पास दबा दिया और अपने लंड का सूपड़ा भाभी की चूत पर रख दिया. उसके बाद जैसे हो उसने एक धक्का लगाया तो भाभी के मूह से हल्की सी चीख निकल पड़ी. जय का लंड भाभी की चूत में 3″ तक घुस गया. उसने भाभी को चोदना शुरू कर दिया. जय बहुत ही तेज़ी के साथ भाभी की चुदाई कर रहा था. भाभी के मूह से आअहह ऊओ की आवाज़ निकलती रही और जय का लंड धीरे धीरे भाभी की चूत में घुसने लगा. थोड़ी ही देर में जब जय का लंड 7″ तक भाभी की चूत में घुस चुका तो भाभी को तकलीफ़ होने लगी. जे ने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और बहुत ही ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाते हुए तेज़ी के साथ भाभी की चुदाई करने लगा. थोड़ी ही देर में जय का पूरा का पूरा 9″ का लंड भाभी की चूत के अंदर घुस गया. भाभी चीखती रही और जय बहुत तेज़ी के साथ भाभी को चोद्ता रहा.

थोड़ी देर में ही भाभी शांत हो गयी और उन्हें मज़ा आने लगा. 5 मिनट बाद ही वो झाड़ गयी. जय उन्हें बहुत ही तेज़ी के साथ चोदता रहा. एक बार झाड़ जाने के बाद भाभी की चूत में जय का लंड आराम से अंदर बाहर होने लगा तो भाभी ने चूतड़ उठा उठा कर जय से चुदवाना शुरू कर दिया. 10 मिनट बाद ही वो फिर से झाड़ गयी. जय ने भाभी को लगभग 35 तक चोदा और झाड़ गया. भाभी ने भी एक दम मस्त हो कर जय से चुदवाया और पूरी चुदाई के दौरान 3 बार झाड़ चुकी थी.

लता मेरे लंड को चूस रही थी. जब मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैने लता को डॉगी स्टाइल में कर दिया. मैने उसकी चूत की लिप्स को फैला कर अपना लंड बीच में रख दिया. मेरे लंड का सूपड़ा ही लता की चूत के लिप्स के बीच बहुत ज़्यादा टाइट था. मैने लता की कमर को पकड़ कर एक बहुत जोरदार धक्का मारा तो लता दर्द से तड़प उठी और उसकी टाँगें थर थर काँपने लगी. उसकी चीखों से पूरा रूम गूँज उठा. उसकी चूत से खून आ गया. वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी, दीपाआ… मुझे…. बचा…. लो…. लता की चूत हद से ज़्यादा टाइट थी. इस जोरदार धक्के के बाद उसकी चूत में केवल मेरे लंड का सूपड़ा ही घुस पाया.

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लग रहा था कि जैसे मेरे लंड का सूपड़ा उसकी चूत में फस गया हो. मैने पूरी ताक़त लगाते हुए फिर से बहुत ही जोरदार धक्का मारा तो वो आगे की तरफ खिसक गयी और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने और रोने लगी. उसकी चूत के अंदर मेरा लंड केवल 1 1/2″ ही घुस पाया. वो चीखती रही. मैं अपना लंड धीरे धीरे उसकी चूत के अंदर बाहर करता रहा. धीरे धीरे उसकी चीखे कुच्छ कम हो गयी तो मैने फिर से बहुत ही जोरदार धक्का लगा दिया. वो फिर बहुत ज़ोर से चिल्लाई और मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ 3″ तक घुस गया.

अब मैं ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाते हुए लता की चुदाई करने लगा. उसकी चीखें रूम में गूँजती रही. भाभी उसके सिर को सहलाने लगी और जय उसकी चुचियों को मसल्ने लगा. थोड़ी देर की चुदाई के बाद वो कुच्छ शांत हो गयी लेकिन मैने अपना लंड उसकी चूत में और ज़्यादा घुसाने की कोशिश नहीं की और तेज़ी के साथ उसे चोदता रहा.

5 मिनट चुदवाने के बाद लता झाड़ गयी. अब उसकी चूत गीली हो चुकी थी. मैने फिर से एक बहुत जोरदार धक्का लगा दिया. पूरे रूम में उसकी बहुत ही जोरदार चीख गूँज उठी और मेरा लंड लता की चूत को चीरता हुआ 4″ तक घुस गया. लता की चूत से फिर खून निकलने लगा लेकिन मैं रुका नहीं. मैने बहुत ही तेज़ी के साथ लता को चोदना शुरू कर दिया. उधर भाभी लता की चुदाई के लिए जय के लंड को चूस कर फिर से तय्यार करने लगी.

5 मिनट की चुदाई के बाद लता धीरे धीरे शांत हो गयी और फिर 2 मिनट तक और चुदवाने के बाद झाड़ गयी. अब उसकी चूत बहुत ज़्यादा गीली हो चुकी थी. लोहार जैसे लोहे को खूब गरम करने के बाद उस पर हथोदे से बहुत ज़ोर ज़ोर से वॉर करता है ठीक उसी तरह मैं भी उसकी एक दम गरम हो चुकी चूत पर वॉर पर वॉर करने लगा. सारा रूम उसकी चीखों से गूंजने लगा. वो पसीने से एक दम लठ पथ हो गयी थी और बहुत ही ज़ोर ज़ोर से चीख रही थी.

8-10 बहुत ही जोरदार धक्कों के बाद आख़िर मैने अपना पूरा का पूरा लंड लता की चूत में घुसा ही दिया. पूरा लंड उसकी चूत में घुसा देने के बाद मैने उसकी चुदाई शुरू कर दी. 10 मिनट तक तो वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखती रही उसके बाद थोड़ा शांत हो गयी लेकिन उसकी चीखें अभी पूरी तरह से बंद नहीं हुई थी. थोड़ी देर तक और चुदवाने के बाद वो झाड़ गयी. अब उसे थोड़ा थोड़ा मज़ा आने लगा था. वो अपना चूतड़ धीरे धीरे आगे पीछे करते हुए चुदवाने लगी. 5 मिनट तक और चोदने के बाद मैं भी उसकी चूत में ही झाड़ गया.

जय का लंड एक दम टाइट हो चुका था. जैसे ही मैने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तो जय ने एक झटके से अपना लंड उसकी चूत में घुसेड दिया. लता ने जय का लंड 7″ तक तो बड़ी आसानी से उसने अपनी चूत के अंदर ले लिया. लेकिन जब जे ने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए तो वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी. जे रुका नहीं, उसने बहुत ज़ोर ज़ोर के 8-10 धक्के लगाए और अपना 9″ का लंड पूरा का पूरा लता की चूत में घुसेड कर ही दम लिया. लता की चीखें रूम में गूंजने लगी और जय लता को बहुत ही तेज़ी के साथ चोदने लगा.
10 मिनट तक चुदवाने के बाद लता एक दम शांत हो गयी और उसे पूरा मज़ा आने लगा. वो अब पूरी मस्ती के साथ जय से चुदवा रही थी. जय भी एक दम मस्त हो कर लता की चुदाई कर रहा था.
लता को चोद्ते हुए जब जय को 30-35 मिनट हो चुके तो भाभी ने मेरे लंड को फिर से चूसना शुरू कर दिया और बोली, जय के हटने के बाद तुम फिर से शुरू हो जाना जिस से लता को पहली पहली बार में ही चुदवाने का पूरा मज़ा मिल जाए और उसकी चूत का मूह पूरी तरह से खुल जाए. जब लता की चूत का मूह जब पूरी तरह से खुल जाएगा तो वो तुम दोनो से चुदवाने में फिर कभी नहीं चिल्लाएगी और उसे चुदवाने में खूब मज़ा आएगा. मैने कहा, ठीक है. मैं ऐसा ही करूँगा. थोड़ी देर बाद मेरा लंड एक दम टाइट हो गया. मैं जय के हटने का इंतेज़ार करने लगा.

जय को लता की चुदाई करते हुए जब 45-50 मिनट हो गये तो जय झाड़ गया. लता भी जय से चुदवाने में 3 बार झाड़ चुकी थी. जय के हटने के बाद मैने अपना लंड लता की चूत में एक झटके से घुसेड दिया. इस बार उसके मूह से कोई आवाज़ नहीं निकली. मैने एक दम आँधी की तरह लता की चुदाई शुरू कर दी. लता पूरी तरह से एक दम मस्त हो चुकी थी और अपना चूतड़ तेज़ी से आगे पीच्चे करते हुए चुदवा रही थी. मैने पूरे जोश के साथ लता को लगभग 45 मिनट तक चोदा और फिर उसकी चूत में ही झाड़ गया. उसने भी पूरी मस्ती के साथ चुडवाया और इस बार की चुदाई के दौरान भी 2 बार से झाड़ गयी थी. जब मैने अपना लंड लता की चूत से बाहर निकाला तो उसकी चूत का मूह एक दम चौड़ा हो चुका था. भाभी ने लता से पूछा, कैसी लगी चुदाई. लता बोली, पहले तो थोड़ी देर तक बहुत तकलीफ़ हुई लेकिन बाद में इतना मज़ा आया की मैं बता नहीं सकती. आज ज़िंदगी में मुझे पहली बार महसूस हुआ कि असली चुदाई क्या होती है.

लगभग 2 घंटे बाद मैने और जय ने भाभी की चुदाई शुरू कर दी और हम दोनो ने भाभी को लगभग 1 1/2 घंटे तक चोदा. भाभी ने भी एक दम मस्त हो कर चुदवाया. दोस्तो जब तक भैया और विमल नही आए मैने और जय ने लता और भाभी की खूब चुदाइ की दोस्तो कहानी कैसी लगी ज़रूर बताना

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