प्यासी भाभी को चुदाई से खुश किया

Bhabhi Sex Story : दोस्तों आपका दोस्त राज फिर से नई कहानी लेकर आया हे इस कहानी को पढ़ते अंदर से फील करे बहुत मजा आएगा आप को.
यह कहानी मेरी और मेरे ताऊ जी के लड़के की पत्नी यानि मेरी भाभी की है जो अब हमारे ही शहर में हमारे घर से 2 किलोमीटर दूर रहते हैं। बात आज से दो साल पहले की है.. जब मैं 12वीं के पेपर दे कर फ्री हो गया था। तब मेरे ताऊ के लड़के यानि मेरे भईया ने अपना बिज़नेस चेंज किया और उसके लिए उन्होंने गाँव से आकर हमारे शहर में घर ले लिया। उन्हें अपने व्यापार में दूसरे शहरों में जाकर माल लाना पड़ता था.. जिस वजह से मेरी भाभी घर पर अकेली रह जाती थीं। भाभी हफ्ते में एक-दो बार हमारे घर पर जरूर आती थीं, देवर होने के नाते उनके साथ मेरा हँसी-मजाक चलता रहता था। मेरी भाभी काफी सेक्सी और खूबसूरत हैं।

वैसे भी भाभी चाहे जैसी भी हो.. देवर हमेशा उसको चोदने के सपने देखता है। कुछ दिनों के बाद हमारे शहर में काफी चोरियाँ होने लगीं.. और उन्हीं दिनों भईया को 3 दिनों के लिए बाहर जाना था.. चोरों के डर से उन्होंने मेरे पापा से मुझे उनके घर पर सोने की बात कही.. तो मेरे पापा ने ‘ओके’ बोल दिया। शाम को जब मुझे मेरी मम्मी ने उनके घर पर जाने को बोला.. तो मुझे बहुत ख़ुशी हुई। मैं उनके घर पर गया.. तो उनके पड़ोस में रहने वाली एक लड़की उनके घर पर बैठी थी। मैं उसे देखने लगा.. मेरे आ जाने से वो लड़की अपने घर जाने लगी। वो लड़की काफी हसीन भी थी और कुछ मेरी प्लानिंग भी थी.. ताकि भाभी मुझे उसे देखते हुए नोटिस करें। वही हुआ.. उन्होंने उसके जाते ही मेरे गाल खींच कर मुझसे कहा- ओ हो.. मेरे प्यारे देवर जी को वो लड़की पसंद आ गई क्या? मैं हँस पड़ा और बोला- मैं क्यों बताऊँ.. आपको हमारी क्या फिकर है? वो थोड़ा बनावटी नाराज होकर बोलीं- अच्छा.. तो मत बताओ..उन्होंने दूसरी तरफ मुँह फेर लिया। मैंने उनको मनाते हुए कहा- ओके जी ओके.. सॉरी जी.. वैसे ये मेरे टाइप की नहीं है। भाभी हँसते हुए बोलीं- अच्छा जी.. तो जनाब उसे घूर क्यों रहे थे।

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मैंने कहा- वो तो मैं उसकी टी-शर्ट का ब्रांड देख रहा था। मैंने यह बात अपनी जीभ निकालते हुए बोली..तो भाभी बोलीं- ओके.. तो आपको किस टाइप की लड़की पसंद है? मैंने कहा- बिल्कुल आपके जैसी सुंदर हो.. आप जैसी हसीन हो..मैंने उनसे यह बात कहते हुए उन्हें एक आँख मार दी। भाभी एकटक मेरी तरफ देखती रहीं.. तो मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और बोला- क्या हुआ भाभी?

भाभी बोलीं- बड़ा शरारती हो गया है तू..उन्होंने मेरे गालों पर हाथ फेरा और बोला- अच्छा एक काम कर.. तू नहा ले, फिर हम दोनों खाना लेते हैं। मैंने भाभी को एक प्यार भरी स्माइल दी और नहा कर फ्रेश हो गया। फिर हम दोनों ने खाना खा लिया। हम बातें करने लगे.. तो मैंने भाभी को बताया- मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है। भाभी ने मुझे च्यूंटी भरते हुए कहा- तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले। वो उसके साथ बात करने की जिद करने लगीं.. तो मैंने उनकी उसके साथ यानि मेरी गर्लफ्रेंड जिसका नाम सिमरन है.. से करवा दी। उसके साथ बात करने के बाद भाभी ने मुझे गले लगा कर बधाई दी फिर उन्होंने मुझसे पूछा- कितने साल हो गए तुम दोनों को? मैंने कहा- अभी तो एक महीना ही हुआ है.. जहाँ मेरे पेपर थे.. वहीं इसके पेपर भी थे.. तो वहीं पर हमारा प्यार शुरू हुआ था। ऐसे ही कुछ और बातें हुईं.. फिर हमने सोने की तैयारी कर ली।

मैंने पूछा- मैं कहाँ पर सोऊँगा? भाभी ने कहा- हम दोनों एक ही बिस्तर पर सो जाते हैं। मैं चादर के अन्दर मुँह करके मोबाइल पर बड़ी उम्र की भाभी के साथ चुदाई वाली वीडियो देखने लगा.. जिससे मेरे अन्दर की हवस जाग गई। रात के करीब 12.30 के आस-पास मैं भाभी के पास खिसका और उनके पेट पर हाथ रखा। धीरे-धीरे मैंने अपना हाथ उनके मम्मों के ऊपर रखा और उन्हें सहलाते हुए दबाने लगा। थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ उनकी सलवार की तरफ किया.. तो भाभी थोड़ी सी हिलीं.. मैंने अपना हाथ पीछे कर लिया। जब भाभी कुछ नहीं बोलीं.. तो मैंने फिर से अपना हाथ उनके पेट पर रखा और चूचे सहलाते हुए उनकी सलवार का नाड़ा पकड़ कर खोलने लगा। भाभी ने मेरा हाथ पकड़ कर दूर कर दिया और दूसरी और करवट लेकर सो गईं। भाभी के इस विरोध से मैं डर गया और उनसे थोड़ा दूर हो गया। उनके बारे में सोचते-सोचते कब आंख लग गई.. पता ही नहीं चला। सुबह 5 बजे पेशाब के कारण मेरी आंख खुली.. पेशाब करके आने के बाद मुझे भाभी की चुदाई की लगी और रात का सारा सीन सामने आ गया।

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