पहले प्यार ने दिया चुत चुदाई का प्यारा तोहफा

मैंने उसको अपनी इच्छा बताई कि मुझे सेक्स करना है।
वो कुछ नहीं बोली, बस गले से लग गई।

फिर एक दिन उसकी सुबह सुबह कॉल आई- आज घर पे अकेली हूँ, मम्मी पापा बाहर गये हैं, रात को लेट आएँगे, आप आ जाना!

मैं कॉलेज के लिये तो तैयार ही था, बस अपनी बाइक घूमा दी पूनम के घर की तरफ!
उसके घर के सामने जाकर फ़ोन किया, तो उसने दरवाजा खोला।

क्या लग रही थी, वाइट टॉप, ब्लैक कैप्री, मैं तो बस देखे जा रहा था।
उसने कहा- अंदर आओ जनाब, या ऐसे ही देखते रहोगे?

अंदर जाते ही मैं शुरू हो गया, गले को चूमता हुआ, होंठों पे, गाल पे, आँखों पे, हर जगह पागलों की तरह चूम रहा था और वो मुझे चूम रही थी।

फिर उसने ही रोका- पहले कुछ खा-पी लेते हैं, फिर पूरा दिन अपना है, आज आपका जो मन करे वो करना, आज पूनम आपकी है।

मैंने जल्दी से खाना खाया और उसको भी खिलाया, बोला- अब तो खाना भी हो गया, अब क्या करें?
पूनम- जो आपका मन करे!
मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और चुम्बन करते हुए उसे उसके रूम में ले गया।

पूनम- परवीन बाबू, प्लीज आज मेरी खुल के चुदने की इच्छा है, यह साली चुत तेरा नाम ले ले कर मुझे बहुत परेशान करती है, फाड़ दो साली को आज, बहुत आग लगी है इसमें!

मैं ये सब सुन कर हैरान था कि यह तो साली रंडी है बिल्कुल! मैंने बोला- पूनम रानी, आज इस चुत का चितौड़गढ़ बना दूंगा, इसने मुझे भी बहुत सताया है।

पहले मैंने उसके होटों को खूब चूसा और उसका वाइट टॉप उतार दिया, नीचे लाल रंग की ब्रा देख कर पागल हो गया, फिर उसको गले से चूमता हुआ उसकी चूची पर पहुँच गया और धीरे से उसकी ब्रा को खोल दिया, 2 कबूतर फड़फड़ाते हुए मेरे सामने आ गए।

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पूनम ने अपने हाथों से पकड़ के अपनी चूची मेरे मुंह में दे दी, वह सिसकारी लेने लग गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ बड़बड़ाने लग गई- सीईईई उईईईई परवीन बाबू मर गई, और जोर से चूसो। आआअ… आआह मजा आ गया बाबू ऐसे ही चूसो!

फिर मैंने उसकी कैप्री भी उतार दी, और देखा कि पेंटी भी लाल रंग की थी- बेबी, मेरी पसन्द का कलर पहन रखा है, आज चुदने का पूरा प्लान था क्या?
पूनम हाँ बाबू, इस चुत ने बहुत रुलाया है आपके बाबू को, आज इसको फाड़ दो।

इतना सुनते ही मैंने पेंटी भी उतार दी, अपने कपड़े भी उतार दिए, अब हम दोनों नंगे थे, वो बस मेरा लंड देख रही थी, बोली- बाबू यह तो बड़ा है, मैं तो मर जाऊँगी।

मैंने अपना लंड उसके हाथ में दे दिया और वो सहलाने लग गई।
मैंने 69 की पोजीशन बनाई और उसकी चुत चाटने लग, चुत पे मुँह लगते ही वो बड़बड़ाने लगी- सीईईई उईईईई माँ उईईईई बाबूऊऊऊ मर्रर्र गईईई!

थोड़ी देर बाद वो भी मेरा लंड चूसने लग गई, मैं जैसे जन्नत में था, मैंने उसकी चुत चाट चाट कर उसका पानी निकाल दिया और सारा पी गया। क्या स्वाद था, नमकीन नमकीन चुत का पानी एक तरफ़ और दुनिया एक तरफ!

फिर उसके चुचे और होटों को चूस कर उसको दुबारा गर्म कर दिया।

पूनम- बाबू, और मत तड़पाओ, डाल दो अपना लंड मेरी छोटी सी चुत में और मुझे अपनी बना लो।
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मैंने देर ना करते हुए मौके को समझा और उसकी टांगों के बीच आ गया, गांड के नीचे तकिया रखा, चुत थोड़ी ऊपर आ गई और खुल भी गई, चुत और लंड पे तेल लगाया, दोनों टांगो को कंधे पे रखा, लंड को चुत पे सेट किया और जोरदार धक्का मारा, लेकिन चुत टाइट थी तो लंड फिसल गया।

फिर बहुत सारा तेल लगाया और तीसरी बारी में लंड का टोपा चुत में… पूनम जोर से चिल्लाई- उईईई माँ मर गईईई, मार दिया रे इस हरामी ने उफ्फ… उईईई… निकल साले अपना लंड, मुझे नहीं चुदवानी चूत!
घर में कोई नहीं था तो मैंने उसको चिल्लाने दिया।

फिर थोड़ी देर उसके होटों को चूसा, चुचों को चूसा, थोड़ी देर बाद उसने नीचे से गांड हिला के इशारा किया तो एक और धक्का… और आधा लंड चुत में!
पूनम फिर बोली- उईईईई माँ मर गईईईई!
और आँखों से आंसू आने लगे।
मुझे भी हल्का सा दर्द हो रहा था, वो बार बार छोड़ने की मिन्नत कर रही थी।

मैंने एक और धक्का मारा और पूरा लंड पूनम की चूत में उतार दिया, वो तो जैसे बेहोश ही हो गई थी।

थोड़ा होश आया तो दर्द से ‘उईईईई माँ मर गईईईईई…’ और आँखों से आंसू आने लग गये।
चुत की साइड से खून निकल रहा था, फिर कुछ देर मैंने उसको चूमा, जब तक वो नार्मल नहीं हुई।

उसने फिर नीचे से गांड हिला कर इशारा किया, मैंने धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ा दी और फिर टप टप, धप धप की आवाज़ से रूम गूंज उठा, वो दो बार झड़ चुकी थी।

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