हलो दोस्तों मेरा नाम अनन्या हे और मैं हिंदी पोर्न स्टोरीस के ऊपर काफी दिनों से सेक्स की कहानियाँ पढ़ रही हूँ. और फिर मैंने अपने सेक्स के अनुभव को भी आप लोगो से शेयर करने का सोचा. आप भी पढ़े और अपने लंड को खड़ा करे और चूत में ऊँगली करे!
चलिए मेरे फिगर से ही स्टार्ट करते हे. मेरा फिगर 34D-30-36 का हे. कलर घेहूँआ हे और मैं एक लम्बी लड़की हूँ.
मैं अपनी पढ़ाई के लिए पूना में आई हुई थी. यहाँ आने से पहले में एक सीधी और वर्जिन लड़की ही थी. 10वी की एग्जाम पास करने के बाद मैं पढ़ाई के लिए यहाँ आई थी. मेरे पापा ने मम्मी को डिवोर्स दिया था और अलिमनी में भारी भरकम रकम दी थी इसलिए पैसे तो बहुत हे हम लोगों के पास. मैं जिस रूम में रहती थी वो कुल 3 लड़कियों के बिच शेयरिंग में था.
कोलेज की लाइफ नए दोस्तों के साथ स्टार्ट हुई. पूना जिसने देखा हे उसे पता हे की यहाँ की नाईट लाइफ कितनी मस्त हे. मैं रात को अपने दोस्तों के साथ पब में और खाने पिने के लिए घुमती थी. खाना पीना, वगेरह कभी कभी लेट नाईट तक चलता था इसमें कोलेज की अटेंडेंस के ऊपर असर दिखने लगी. और फिर कोलेज के अन्दर एक नोटिस लगी कम अटेंडेंस वालों की जिसके अन्दर मैंने टॉप में जगह बनाई थी.
मेरे क्लास टीचर मिस्टर शर्मा मेरे ऊपर बहुत गुस्से हुए थे. और उन्होंने मुझे कहा की मुझे मेरी मोम को कॉल करना ही पड़ेगा और उन्हें बात करवानी पड़ेगी. उन्होंने कहा की आगे क्या करना हे वो मैं तुम्हारी मदर के साथ ही डिसकस करूँगा.
मैं (रोते हुए): सर आई एम रियली सोरी, प्लीज मेरी गलती के लिए आप मेरी मोम को कॉल मत कीजिये.
सर गुस्से में बोले: पार्टी करो, फेसबुक के ऊपर इवेंट बना के सब को बुलाओ और फिर इन्स्टाग्राम के ऊपर उसके पिक्स डालो. और तुम्हारे तो मार्क्स भी बहुत कम हे वैसे. अगर तुम्हारे मार्क्स होते ठीकठाक तो मैं शायद तुम्हारी कुछ मदद भी कर देता. अब मैं तुम्हारी मोम को बुला के तुम्हे कुछ दिन घर पर ही बिठाता हूँ!
मैं (रोते हुए): सर प्लीज़ माफ़ कर दीजिये ना, आगे से ऐसी गलती नहीं करुँगी. मुझे मदद कीजिये सर प्लीज़.
सर: वैसे एक रास्ता हे इसमें से निकलने का.
मैं (बिना कुछ सोचे): हां मुझे मंजूर हे सर, आप जितने कहो उतने असाइनमेंट लिख दूंगी मैं.
सर: असाइनमेंट तो सिर्फ फोर्मलिटी होते हे डियर, तुम्हे तो अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करना पड़ेगा.
मैं: सर आप को पैसे चाहिए, बताइए ना कितने?
सर ने कहा, रिया तुम्हारी दोस्त हे न?
रिया सच में मेरी दोस्त हे और मेरे सर्कल की ही हे. उसका फिगर32C-28-34 हे.
मैं: हां सर, क्यूँ?
सर: उसको पूछ लेना की मुझे क्या चाहिए, वो बता देगी.
मैं: ठीक हे सर.
मैं वहां से ख़ुशी ख़ुशी निकल गई और मैं शाम को रिया को मिली.
मैं: रिया यार तेरे को कुछ पूछना था?
रिया: हां बोल ना.
मैं: सर ने मुझे कहा की रिया को पूछ लेना की जिनकी कम अटेंडेंस हे उसकी पनिशमेंट रिया को पूछ लेना? तो क्या पनिशमेंट करते हे सर?
रिया: बेन्चोद, क्या उसने सच में ऐसे कहा तुझे?
मैं: हां यार, लेकिन तू इतना चौंक क्यूँ रही हे?
रिया: उसने कुछ और तो नहीं कहा था?
मैं: नहीं और कुछ नहीं कहा.
रिया: यार मैं कुछ नहीं कहूँगी. एक काम कर कल शाम को कोलेज के बाद उन्के केबिन में जा के एक सिम्पल टास्क कर ले.
और उसने ये कह के मुझे आँख मारी.
मैं: ओह ओके, ठीक हे चल.
फिर दुसरे दिन शाम को मैंने सर का केबिन नोक किया.
मैं: में आई कम इन सर?
सर (ख़ुशी से): ओह यस कम इन. डोर को लोक कर देना प्लीज़.
मैंने अन्दर घुस के डोर को लोक किया.
सर: तो रिया ने तुम्हे बताया?
मैं: हां सर उसने बोला मुझे इवनिंग में आप की केबिन में टास्क करना पड़ेगा.
सर: ठीक हे फिर यहाँ आओ और वो ऊपर से बुक्स पकडाओ मुझे.
मैं: ओके सर.
मैं ऊपर से बुक्स को ले रही थी. शेल्फ थोड़ी ऊँची थी और सर पीछे से मेरी टमी और कमर को देख रहे थे. और फिर सर ने एकदम से मुझे कमर से पकड़ लिया. मैं घबरा गई की ये क्या होर रहा हे!
मैं: सर आप क्या कर रहे हो ये?
मैं ये थोड़े गुस्से से कहा था.
सर ने मुझे एक तमाचा मारा और बोले, साली कुतिया किसके ऊपर गुस्सा करती हे.
सर के मुहं से ऐसे शब्दों को सुन के मुझे बड़ा अजीब सा लगा. सर ने मुझे टेबल की तरफ धकेल दिया और मैं और भी डर गई. उन्होंने मुझे कमर से पकड़ लिया और मैं उन्के एकदम करीब था. उन्होंने मुझे कमर से पकड़ लिया और मेरे एकदम करीब आके कहा की तुम्हे पता हे की रिया के मार्क्स इतने अच्छे क्यूँ हे और उसकी कम अटेंडेंस के बावजूद भी उसके माँ बाप को कोई शिकायत नहीं की गई थी.
मैंने घबरा के पूछा, क्यों?
सर: क्यूंकि उसने मुझे अपने कीमती बदन की भेट जो दी थी.
मैं: नहीं नहीं सर मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ!
मैंने उन्हें धक्का देना चाहा लेकिन उनकी पकड़ कम मजबूत नहीं थी. और सर ने फट से अपने होंठो को मेरे होंठो के ऊपर लगा के जबरन चुसना चालू कर दिया. और फिर उनका हाथ मेरे शर्ट के अन्दर आ गया और वो मेरे निपल्स को टच करने लगे. इसकी वजह से मेरे पुरे बदन के अंदर एक खुजली सी उमड़ गई. और मेरे मुहं से एक हलकी सी मोअन निकल गई. मैं भी चुदास के मारे सर को रिस्पोंस देने लगी थी. हमने एक लम्बी किस की और वो मेरे बूब्स को मसल रहे थे और दबा रहे थे. मैं अब एकदम उत्तेजित हो गई थी और मेरी पुसी एकदम गीली.
फिर सर ने भी अपनी पेंट को खोल दी. और मेरे बालो को पकड़ के उन्होंने मुझे घुटनों पर बिठा दिया. मैंने कहा की सर मैंने ये सब पहले कभी नहीं किया हे. लेकिन तब तक तो उन्होंने अपनी ज़िप खोल के 6 इंच का काला लंड निकाल के मेरे मुहं के सामने निकाला. कुछ कहूँ उसके पहले मेरे मुहं को दबा के उन्होंने लंड अन्दर डाल दिया.
सर: सच में पहली बार हे?
मेरे मुहं में लंड था इसलिए मैं सिर्फ हां में हिला दिया.
सर ने अपने लंड को गले तक डाला, और ये मेरे लिए एकदम नया था. फिर उन्होंने मुझे टेबल के ऊपर बिठा के मेरी स्कर्ट को उतार दी. और पेंटी भी निकाली. पहली बार मेरी जवान पुसी को मेरे सिवा किसी ने देखा था. उन्होंने उसे हाथ लगाया और मेरे मुहं से आह्ह्ह निकल गया. बड़ा मजा आ रहा था. सर ने निचे झुक के चूत को चुम्मा दिया और उसे चाटने लगे. मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था.
सर अब मेरी पुसी को और भी जोर जोर से चाट रहे थे. मेरा बदन उत्तेजना के मारे एकदम हिल रहा था. सर ने पुसी को चाटना चालू ही रखा और वो मेरी सेक्सी गांड से भी खेलने लगे. सर को पुसी चूसते हुए पता चल गया था की मैं सच में वर्जिन ही थी. फिर उन्होंने खड़े हो के अपने लंड को मेरी चूत पर लगाया. मैं घबरा रही थी.
मैं: सर मुझे बहुत डर लग रहा हे आप के पेनिस से!
सर: डार्लिंग तुम्हे मजा आएगा अभी कुछ पलों में, घबराओ नहीं.
फिर सर ने कहा, तुम्हारी उम्र की बहुत लड़कियों को मैंने चोदा हे इसी केबिन में. पहले पहले सब को दर्द हुआ हे लेकिन फिर सब ने यही इस टेबल के ऊपर मुझे अपनी जवानी दे के अपने मार्क्स बढवाए हे. तुम मुझे जितना खुश करोगी मैं उतना ही तुम्हे खुश करूँगा मेरी जान!
और वो सब बातें करते हुए उन्होंने अपने लंड का एक धक्का मेरी पुसी में लगा दिया. मैं दर्द के मारे उछल पड़ी और रोने लगी थी. अब मैं वर्जिन नहीं रही थी. सर ने अपना लंड मेरी पुसी में घुसा जो दिया था. दर्द एकदम असह्य था मेरे लिए. सर ने धीरे से लंड को अन्दर बहार करना चालू कर दिया. और सच में कुछ देर में मुझे मजा आने लगा था.
मैं अपनी गांड को उठा उठा के मोअन कर रही थी, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह.
सर: मजा आ रहा हे ना छिनाल तेरे को भी अब?
मैं: हाँ सर जोर जोर से चोदो मुझे, अह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह उईईई अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह.
सर: अच्छे मार्क्स और अटेंडेंस चाहिए मेरी जान को!
मैं: हाँ अह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्हह्ह!
सर चोदते हुए बोले, फिर मैं जब बुलाऊं तब तुम्हे इस केबिन में अपनी जवानी मुझे देनी होगी!
मैं: हां सर चोदो मुझे और जोर जोर से अह्ह्ह अहहह …..
सच में मुझे भी बहुत मजा आ गया सर का लंड पम्प करवा के अपनी चूत में. मैंने सेक्स के हर लम्हे को बड़े ही बहतरीन ढंग से भोगा. और फिर सर के मुहं से एक लम्बी मोअन निकली. मेरी चूत की दीवारों पर उन्के लंड का प्रवाहि मुझे महसूस हुआ! सच में वो अनुभव भी एकदम सुहाना था. मैं जैसे सातवें आसमान के ऊपर थी. उन्होंने अपने लंड को बहार निकाला. उसके ऊपर मेरा खून और उनकी मुठ लगी हुई थी. मैं खुश थी और उन्हें देख के स्माइल दे दी मैंने.
सर ने मुझे कहा की जाओ कपडे पहन लो और नाहा लो जल्दी से.
मैं बगल में ही वाशरूम था वहां जा के अपनी चूत को धो के आई.
सर: तुम्हे पिछली बार पीरियड्स कब आये थे अनन्या?
मैंने कहा, चार दिन पहले.
सर ने अपने ड्रावर को खोला और अन्दर से एक दवाई की स्ट्रीप निकाली. उन्होंने कहा, शाम को खाने के बाद ये गोली भूले बिना खा लेना.
उन्होंने कहा, ये गोली खाने से गर्भ नहीं ठहरेगा.
और फिर तो मैं हफ्ते में एक बार मिस्टर शर्मा के केबिन में उनका लंड लेने के लिए जाने लगी. पहले पहले वो मुझे बुलाते थे. और फिर मैं सामने से ही उनका लंड लेने के लिए जाते थे. रिया भी उनका लंड लेती हे वो मुझे पता हे. अब भला फ्री में सेक्स करने को मिले और अटेंडेंस और मार्क्स की लोड न हो फिर भला कोई इस डील का फायदा क्यूँ नहीं लेगा!
Nice chudai….koi housewife girls jo chudai s unsatisfied ho…mere Lund ka maza lena ho apni chut gaand ko chatwana or chudwana chahti ho to what’s aap kro 8858354885