प्रेग्नेन्सी में प्यार का एहसास

दोस्तों मेरी अब तक की सेक्स कहानी को आपने बहुत प्यार दिया. अब आयेज की कहानी की तरफ बढ़ते है.

सीमा चाची अपनी प्रेग्नेन्सी के सातवे महीने में अपनी मा के घर पहले बेबी की डेलिवरी के लिए गयी, आस आ ट्रडीशन.

एक दिन मेरी मों और मैं सीमा चाची से मिल्लने के लिए उनकी मा के घर गुरुग्रम गये. सीमा चाची के भैया और भाभी जॉब पर गये थे. सिर्फ़ सीमा चाची की मा उनके पास घर पर थी.

मेरी मों और मैं बहुत सारे फ्रेश फ्रूट्स लेकर सीमा चाची के घर पहुँचे. सीमा चाची की मा ने हम दोनो का बड़ी खुशी से स्वागत किया. उन्होने बताया की चाची बेडरूम में थी. फिर हम दोनो सीमा चाची से मिलने के लिए उनके बेडरूम में गये.

सीमा चाची बेड पर आराम कर रही थी. रूम में जाते ही सीमा चाची की मा बोली-

चाची की मा: सीमा, ओ सीमा. ज़रा देखो तो तुमसे मिल्लने के लिए कों आया है?

तभी सीमा चाची उठी, और उन्होने हमारी तरफ देखा. मों और मुझे देख कर वो काफ़ी कुश हो गयी. फिर वो बोली-

सीमा चाची: अर्रे अंजलि भाभी आप? क्या सर्प्राइज़ है! आइए, कैसी हो आप?

मेरी मों: मैं ठीक हू. तुम मुझे बताओ तुम कैसी हो?

सीमा चाची: मैं भी बिल्कुल ठीक हू.

और फिर वो दोनो अपनी बातों में खो गयी. सीमा चाची ने तो मुझे टोटली इग्नोर कर दिया.

सीमा चाची ने एक ब्लू कलर का गाउन पहना हुआ था. उनके बाल खुले हुए थे. उनके चेहरे पर एक अलग सा ग्लो था. वो स्माइल कर रही थी. वो मोटी हो गयी थी, पर काफ़ी क्यूट लग रही थी. मैं लगातार सीमा चाची को ही देख रहा था. वो मेरी मों से बातें कर रही थी. और बीच-बीच में मेरी तरफ देख रही थी. 20-25 मिनिट्स बाद मेरी मों ने मुझे आवाज़ दी.

मेरी मों: राज. ज़रा वो फ्रूट्स की बाग तो देना.

मैने मों को फ्रेश फ्रूट्स की बाग दी.

मेरी मों: ये लो सीमा. ये तुम्हारे लिए.

सीमा चाची: अंजलि भाभी, इसकी क्या ज़रूरत थी? आप मुझसे मिलने के लिए आई, यही मेरे लिए काफ़ी है. नही तो किसी को तो मेरी याद ही नही आती. ना मिलने के लिए आना? ना ही कोई फोन कॉल? मेरा नही तो अपने बच्चे का ही ख़याल रख लेता कोई?

सीमा चाची इनडाइरेक्ट्ली मुझे ताना मार रही थी.

मेरी मों: सीमा क्या तुम राजेश भैसाब की बात कर रही हो?

सीमा चाची: नही-नही, मैं तो किसी और की ही बात कर रही हू. राजेश जी की नही. वो तो मेरा बहुत ख़याल रख रहे है. हफ्ते में 3-4 बार वो मुझसे मिलने के लिए आते है. डेली मुझे कॉल करते है. अपने होने वाले बच्चे के बारे में पूछते है. ये देखिए राजेश जी ने अभी से ही इतने सारे खिलोने/टाय्स ला कर रखे है उनके बच्चे के लिए (सीमा चाची मेरी तरफ ही देख रही थी).

मेरी मों: चलो सीमा. अब हम दोनो निकलते है. तुम अपना ख़याल रखना.

मैं: अपना और बच्चे का ख़याल रखना सीमा चाची. हम जाते है.

सीमा के तानो से मैं नाराज़ हो गया. झूठी स्माइल करके मैं वहाँ से निकालने लगा. सीमा चाची ये सब समझ गयी.

सीमा चाची: अर्रे रुकिये अंजलि भाभी. आप इतनी डोर से मुझसे मिलने के लिए आई हो. मैं आप को बिना खाना खाए कैसे भेज सकती हू? आप ज़रा रुकिये.

मेरी मों: इसकी कोई ज़रूरत नही है सीमा. हम दोनो चलते है.

पर सीमा चाची के बहुत कहने पर हम दोनो लंच के लिए रुक गये. सीमा चाची ने अपनी मा को आवाज़ दी.

सीमा चाची: मा. फ्रिड्ज में चिकन मेरिनेट करके रखा है. उसे जल्दी से बना दीजिए ना प्लीज़. राज को चिकन बहुत पसंद है.

मेरी मों: सीमा, इसकी कोई ज़रूरत नही.

सीमा चाची: मेरी मा बहुत अछा चिकन बनती है. आप दोनो को पसंद आएगा. सिर्फ़ 20-25 मिनिट्स ही टाइम लगेगा. सब ऑलरेडी तैयार है.

सीमा चाची की मों चिकन बनाने के लिए किचन में गयी. मेरी मों भी उनकी हेल्प करने के लिए किचन में गयी. अब बेडरूम में सीमा और मैं अकेले थे.

सीमा चाची: राज, इतनी डोर क्यूँ खड़े हो? मेरे पास आ कर बैठो ना.

मैं फिर बेड के पास चेर पर बैठ गया. तभी वो बोली-

सीमा चाची: वहाँ नही, मेरे पास बेड पर. दररो नही. पहले दरवाज़ा बंद कर लो. वो दोनो किचन में है. अब आधे घंटे तक कोई नही आएगा.

मैने पहले बेडरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया. फिर जेया कर सीमा चाची के बगल में बेड पर बैठ गया.

मैं: तुम कैसी हो सीमा? हमारा बच्चा कैसा है?

सीमा चाची: मैं ठीक हू.

सीमा चाची की आँखों से आँसू आ गये. उन्होने अपना गाउन उपर किया. सीमा चाची मेरा हाथ पकड़ा, और अपने बढ़े हुए पेट पर रख दिया. मुझे बहुत थ्रिलिंग फील हुआ. सीमा चाची के बढ़े हुए पेट में मेरा बच्चा था. मैने सीमा चाची के पेट पर बड़े प्यार से किस किया.

फिर मैने सीमा चाची के माथे पर, आँखों पर, नाक (नोस) पर किस करने लगा. सीमा चाची के होंठो के पास जेया कर मैं रुक गया.

सीमा चाची: क्या हुआ राज? तुम रुक क्यूँ गये?

मैं: कुछ नही. वो बस ज़रा.

सीमा चाची ने आयेज बढ़ कर मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए. हम दोनो के बीच 10-15 मिनिट्स तक पॅशनेट किस्सिंग हुई. तभी मेरी मों ने मुझे आवाज़ दी.

मों: राज, राज, चलो. सीमा को लेकर डिन्नर टेबल पर आओ.

मैने जल्दी से बेडरूम का दरवाज़ा खोला, और बातरूम में चला गया. सीमा चाची ने भी अपने आप को काम किया. फिर मैं सीमा चाची को लेकर डिन्निंग टेबल के पास गया. बहुत महीनो बाद आज मैने और सीमा चाची ने एक साथ लंच किया.

सीमा बहुत खुश थी. लंच के बाद मेरी मों और मैं अपने घर वापस आ गये.

अगली कहानी में पढ़े ड्र. आइयर्षा मेहता ने मुझे अपना स्पर्म डोनेट करने के लिए कैसे कन्विन्स किया? मेरे कॉलेज के ट्रस्टी की बेटी के साथ मेरी फ्रेंडशिप कैसे हुई?

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