पड़ोसन मुस्लिम लड़की को पोर्न दिखा के चोदा

चुदाई की मस्त कहानियाँ पढ़ के भला किसका लंड खड़ा नहीं होता हैं. मैं खुद अपनी आपबीती एक ज़माने से लिखने की सोच रहा था. पर डर भी था. की कही लिख नहीं पाऊंगा अच्छे से. कहानी ओ सालों पुरानी हैं लेकिन लिखने की हिम्मत नहीं जूटा सका. अब आप के लिए लिख दी हैं, गलती हो तो क्षमा का प्रार्थी. (कहानी से पहचान को छिपाने के लिए पात्रो के नाम काल्पनिक किये हुए हैं)

जब ये बात हुई तो मेरी उम्र 20 साल की थी और मैं कोलेज के अन्दर पढ़ाई कर रहा था. मैंने अपनी वर्जिनिटी जिस मुस्लिम लड़की की चूत को चोद के दूर की उसका नाम नरगिस था. वो देखने में बड़ी ही सेक्सी लड़की थी. उसे देखने भर से ही मेरा लंड खड़ा होने लगता था. मैंने उसके बदन के बारे में बहुत बार सोच सोच के अपने लंड को हिला चूका हूँ. नरगिस का फिगर भी बड़ा ही सेक्सी था. वो थी तो 18 साल की लेकिन उसकी उम्र किसी भरी हुई 23-24 साल की लगती थ. नरगिस की उंचाई करीब साड़े पांच फिट जितनी थी.

नरगिस अपनी पढाई के साथ में कंप्यूटर का क्लास भी करती थी. उसके घर पर सिस्टम नहीं था. मेरे घर पर कम्प्यूटर था इसलिए वो सिखने के लिए हमारे घर आने लगी. एक शाम को जब वो घर आई तो उसने मस्त पिंक सलवार पहनी हुई थी. और वो इस सलवार के अन्दर बड़ी ही मस्त लग रही थी. और उसने मुझे देख के स्माइल दे दी. और मैं भी समझ गया की अब ये हंसी तो फंसी! और फिर तो ये स्माइल की रोज रोज लेन देन होने लगी.

एक दिन ऐसा हुआ की मैं घर पर अकेला ही था. सब लोग किसी फंक्शन के लिए बहार गए हुए थे. और आज मैंने सोच के रखा था की कम से कम नरगिस के बूब्स को जरुर टच करूँगा. और अगर उसने गुस्सा किया तो बात को सोरी बोल के रफा दफा कर दूंगा. और अगर उसने कुछ नहीं कहा तो शायद अकेले में उसकी चूत चोदने को मिलेगी.

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कुछ देर में वो आ गई और कंप्यूटर के सामने बैठी हुई थी. आज भी उसने मुझे स्माइल दी थी. मेरे अन्दर जैसे हिम्मत की कमी थी अभी भी. मैं उसके पीछे खड़ा हुआ और उसके साथ उसकी कोलेज के बारे में बातें करने लगा. और फिर मैं उसे बॉयफ्रेंड वगेरह के बारे में पूछने लगा तो वो शर्मा रही थी. मैंने साथ ही में सेक्स की बातें भी जोड़ दी. और वो और भी पानी पानी हूँ गई शर्म से.

मैंने नरगिस से पूछा, क्या तुमने गन्दी मूवी देखी हैं?

नरगिस ने कहा: नहीं.

मैंने उसके आगे झुक के कंप्यूटर के एक छीपे हुए फोल्डर से एक सेक्सी फिल्म निकाली. वो एक थ्रीसम का सिन था जिसमे एक लड़का दो लड़कियों को साथ में चोद रहा था. नरगिस ऐसा ओपन सिन देख के शर्मा गई. और उसने अपने हाथो से मुहं को छिपा लिया. मैं नरगिस के चहरे के ऊपर से हाथ को हटा के कहा: आज मिल रहा हैं तो देख लो, फिर ये कभी देखने को नहीं मिलेगा.

नरगिस ने कहा: तुम ये सब रोज देखते हो क्या?

मैंने कहा, हां मैं तो रोज रात को देखता हूँ और ऐसा करना चाहता भी हूँ.

ये सुन के नरगिस ने अपने हाथ को हटा लिया और वो अब क्लिप देकने लगी. मैं जानता था की यही सही मौका था मेरे ले. मैंने धीरे से अपने हाथ को नरगिस के कुरते के ऊपर रख दिया और उसके बूब्स को हलके से दबाये. पहले पहले तो नरगिस ने मना और विरोध किया लेकिन फिर वो मान गई. मैंने अपने एक हाथ को कुरते के अन्दर घुसा दिया और मजे से उसके बूब्स को दबाने लगा. और दुसरे हाथ को मैंने उसकी सलवार में भी घुसा दिया. बाप रे इस हॉट लड़की की चूत तो पहले से ही गीली थी. मैं अपनी ऊँगली को उसकी चूत के अन्दर आगे पीछे करने लगा. अब नरगिस भी जैसे अपने ऊपर का कंट्रोल खो रही थी.

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नरगिस ने मुझे हलके से किस करते हुए कहा ऊँगली से कुछ नहीं होगा, डालना हैं तो अपना हथियार डालो इसके अन्दर.

और नरगिस के मुहं से मैं ये सुन के एकदम हैरान हो गया. मैने फटाक से नरगिस की पेंटी को निचे कर दिया. वो खड़ी हुई और उसने सही ढंग से अपने कपडे खोले. मैं अपने हाथ में अपने 7 इंच के लौड़े को नचा रहा था.

नरगिस ने लौड़े को देख के कहा, ये तो बहुत बड़ा हैं. मेरे से होगा क्या?

मैंने कहा, डार्लिंग तुम सब कुछ कर लोगी.

और फिर मैंने अपने लौड़े को उसके मुहं में दे दिया. वो पांच मिनिट तक मुझे मस्ती भरा ब्लोव्जोब देती रही. लंड एकदम लाल और कडक हो गया था. मैंने अब नरगिस की टांगो को खोला. लौड़े के सुपाडे को पहले उसकी बुर की फांको के ऊपर घिसा. सुपाडा अन्दर जाते ही वो कराह उठी, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह बहुत गर्म और मोटा हैं ये तो.

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