पूजा बनी अपने बाप और उनके दोस्त की रंडी

अब तक…

फिर हुँने मोविए देखी खाना खाया और बहुत सारी शॉपिंग भी की. शाम हो चुक्की थी घर जाने का वक़्त आ गया था. मुझे घर का ख़याल आया की पूजा ने पापा को सेदुसे कर लिया होगा क्या पता क्या हुआ होगा.

फाइनली फिर हम घर आ गये.

फिर घर में क्या हुआ. क्या पापा ने पूजा को छोड़ा? यह एक सीरीस है तो अगर आप इश्स कहानी का पूरा मज़ा लेने है तो आप पहले वो सब बाकी के 14 पार्ट भी पद ले…

अब आयेज…

हम घर पहुँच गये पूजा सो रही थी. पापा भी घर नही थे. मैने भी ढयन नही दिया खाना खाया और सो गये. मुझे पता था रात को साथ ही सोना है तब आराम से पूछ लूँगा क्या हुआ..

रात को सबने खाना खाया नेक्स्ट दे मेरा भाई आने वाला था सब उससी की बात कर रहे थे. उसके बाद हम अपने अपने रूम चले गये.

पूजा मम्मी की साथ थी मैं वेट कर रहा था कब वो आए और कब मैं बात सुनू आज क्या हुआ उसको लंड मिला भी या नहीं. थोड़ी देर बाद पूजा आई और रूम बंद किया नाइट सूट डाला और मुझे देख के हासणे लग.

मे:- यार हस्ती रहोगी की कुछ सुनौगी भी. मैं कब से वेट कर रहा हूँ.

दीदी:- हन हन मेरे भाई बटूँगी ज़रूर.

आयेज की कहानी दीदी की ज़ुबानी……

कानू और सुमन के जाने के बाद मैं तो सोच में पद गयी. की क्या करू कैसे करू. फिर मैने पहले पापा को देखा की वो क्या कर रहे है.

मैने सोचा अगर पापा का लंड देखना है तो एक काम करना पड़ेगा पापा का लंड खड़ा करना पड़ेगा. मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया पापा को सिड्यूस करने का.

मैं रूम में आई अपनी ब्रा खोली और सिर्फ़ टशहिर्त डाली वो भी बहुत टाइट जिसमे में मेरे 34द साइज़ के बूब्स सामने दिख रहे थे. और उसका गला भी डीप था जिस से आधे बूब्स तो ऐसे ही दिख जाए.

फिर मैने एक स्लेक्ष डाली वाइट एक दूं टाइट जिसमे मेरी रेड कलर की पनटी सॉफ दिख दिख रही थी और पीछे से पूरी गांद की शेप भी. जो एक बार देख ले उसका लंड खड़ा होके रहेगा फिर वो चाहे बाप क्यूँ ना हो.

मैने तोड़ा पानी लिया और अपने बॉडी में फैंका टके देखने में पसीना लगे और बूब्स भी विज़िबल हो जाए.

मैं पापा के रूम में गयी झाड़ू लगान के बहाने वो न्यूज़ पेपर पद रहे थे. मैने कुछ नही कहा झाड़ू लगाने लगी मैं जुख कर झाड़ू लगा रही थी. ताकि पापा मुझे देखे और उनका लंड खड़ा हो जाए.

पर पापा पता नहीं क्या पद रहे थे मेरी ट्राफ् देखा तक नही. मैं जान पूछ के पापा को पूछा पापा कुछ लौन आपके लिए छाए या कॉफी पापा ने बिना मेरी ट्राफ् देखे ना बोल दिया.

मैं उनकी ट्राफ् अपनी गांद की घोड़ी की शेप में बेंड होके टेबल सॉफ करने लगी. पापा का ग्लास टेबल पर पड़ा था मैने जान पूछ के उसको गिरा दिया ताकि पापा पीछे से मेरी गांद देखे.

पापा की कोई आवाज़ नहीं आई शायद पापा ने नोटीस नही किया. फिर मैं रूम से चली गयी.

मुझे लगा यह आइडिया फैल हो गया कुछ और सोचना पड़ेगा. मैं इतनी एग्ज़ाइटेड हो रही थी पापा का कला बड़ा सा लंड देखने के लिए. की मुझे साँझ नहीं आ रहा था मैं क्या करू.

फिर अचानक डोर बेल बाजी. मुझे लगा शायद कानू और सुमन जल्दी आ गये लगता है. और मॅन ही म्नन उदास हो गयी की अब पापा का लंड नही देख पौँगी!

मैं डोर खोलने उससी कंडीशन में चली गयी मैने दुपटा तक न्ही लिया.

जैसे मैने डोर खोला सामने एक हटता कटता आदमी क्लीन शेव. मुझे उपेर से नीचे तक घूर्ने लगा. और मेरी बॉडी देख के तो मानो उसके मूह में पानी आ गया.

मैने पूछा जी. आप कों?

उसने मेरे पापा का नाम लिया राजेश जी हैं? मैं उनका दोस्त हूँ.

मैने कहा अंदर आ जाओ अपने रूम में है.

मैं जब गाते बंद कर रही थी वो मूड के मेरी गांद को देख रहा था.

वो पापा के रूम गया. मैं किचन में चली गयी पानी लेने के लिए. मैने दुपपता लिए अपने माममे धक्के और सोचा चूड़ना तो दूर की बात पापा का लंड दिखना भी नसीब नही हुआ.

पर मुझे नही पता था मेरे साथ क्या होने वाला है. मैं जैसे ही उनके पानी लेके जा रही थी वो लोग बातें कर रहे थे. मैं सोचा थोड़ी सुन लेती हूँ.

पापा:- और रवि कैसे आने हुआ?

मुझे नाम सुनके याद आया यह पापा के दोस्त है जो आर्मी में थे जब हम छोटे थे.

रवि:- सेयेल कुत्ते अकेले अकेले माल सॉफ कर रहा था तू आज!

पापा:- कॉन्सा माल??

रवि:- कामीने तूने इतनी हॉट रंडी घर में लाई है और मुझे बुलाया तक नही. तभी मैं काहु घर में आज कोई न्ही है. और तू सेयेल अकेले अकेले मज़े ले रहा था!

क्या गांद है यार इश्स साली की. नाम क्या है इसका??? कहा से लाई तूने??? मेरा तो लॅंड खड़ा हो गया इसका बदन देख के!

पापा:- तू किसकी बात कर रहा है मुझे कुछ साँझ न्ही आ रहा.

रवि:- अरे जो अभी घर में है जिसने अभी गाते खोला?

पापा:- आब्बी सेयेल वो पूजा है मेरी बेटी क्या हो गया है तुझे!!

रवि:- यार यह पूजा है? ऑम्ग यार यह कितनी हॉट हो गयी है. क्या फिगर है यार, मैने बचपन के बाद आज देख इसको बहुत हॉट माल बन गयी है.

पापा:- क्या बोले जेया रहा तू!

रवि:- क्यूँ तू जब मेरी बेटी की गांद मारता है तब तुझे मज़ा आता है, आज मिर्ची क्यूँ लग रही है सेयेल!!

मैं यह सब सुन के पागल सी हो गयी. इसका मतलब कानू सही कह रहा था पापा बहुत हरामी है. फिर मैने अपना दुपपता साइड में रखा और बिना दुपट्टा के अंदर चली गयी.

जैसे मैं अंदर गयी.

पापा:- आओ बेटा आओ. बेटा यह रवि अंकल है पहचाना इन्हे?

मे:- अछा रवि अंकल आर्मी वेल. नमस्ते अंकल सॉरी मैने पहले आपको पहचाना नही.

रवि अंकल खड़े हुए और मुझे गले से लगा लिया. इश्स पहले मैं कुछ बोलती उन्होने टाइट हग करा मुझे और मेरी गांद में भी हाथ लगा लिया. मुझे इतना कुररणत सा पड़ा. मेरे दोनो माममे उनके चेस्ट के साथ चिपक गये एक दूं. और फिर 1 मिंट बाद अलग हुए.

रवि:- सॉरी मत बोलो बेटा तुम इतनी सनडर और सेक्सी हो गयी हो, मैने भी नही पहचाना तुम्हे.

मैने देखा पापा का ढयन सिर्फ़ मेरी फिगर में था.

पापा:- बेटा तुम कुछ ब्ना दो छाए के साथ.

मे:- ओक मैं अभी लाती हूँ.

मैं रूम से आ गयी और 2 मिंट्स बाहर ही खड़ी रही उनकी बातें सुन्न्ने के लिए मुझे. यकीन था वो कुछ ज़रूर बोलेंगे मेरे लिए.

रवि:- यार राजेश क्या पताका है यार तेरी लड़की इसकी गांद भी मस्त है, तूने छोड़दा या नही अभी तक इसको??

पापा:- यार रवि सच काहु तो इसको इश्स रूप में मैं भी पहली बार देख रहा हूँ, इश्स पहले कभी ढयन नही गया इश्स पर.

मुझे यह सब सुनके बहुत अछा लगा की पापा ने आज कम से कम नोटीस तो किया, और मेरी फुददी नीचे से गीली होने लगी.

रवि:- फिर सोच क्या रहा है आज ही उधघाटन कर देते है. वैसे भी घर पर कोई नही है.

पापा:- पर कैसे यार कुछ गड़बड़ हो गयी तो मूह दिखाने के काबिल नही बचेंगे.

रवि:- वो तू मुझ पर छोड़ दे.

मे:- मैं फटाफट यह सुन के किचें में आ गयी, और सोचने लगी थॅंक गोद प्लान नही सही मेरी ड्रेस ने कम कर दिया. अब मुझे बस नाटक करना ना करने का.

मैं किचें में आ गयी छाए ब्नाने लगी, और मान ही मान सोचने लगी क्या करेंगे आज पापा मेरे साथ कैसे कैसे छोड़नगे. बस यह सोच के मदहोश हो रही थी.

तभी रवि अंकल भी किचन में आ गये. मैने देखे पापा किचन के बाहर से चोरी चोरी ह्यूम देख रहे है.

किचन में आते ही रवि अंकल ने कहा – पूजा..

मे:- जी अंकल?

रवि:- तुम्हे पता है. सोनिया (रवि अंकल की बेटी) भी तुम्हारी त्राह हॉट और सेक्सी है बहुत.

अंकल की बातें सुन कर मुझे लगा अंकल बातों से शायद कुछ पता करना चाहते है. मैं भी उणजान बनकर उनकी हन में हन मिला रही थी. क्यूकी मुझे पता था इसी में मेरा फाइयदा है.

मे:- अछा अंकल जी, पर मैने तो बचपन में देखी थी उसके बाद तो आप छल्ले गये थे यहा से.

रवि:- अब वो बहुत सेक्सी हो गयी है, उसके बूब्स तुमसे थोड़े छोटे है पर गांद बिल्कुल तुम्हारी त्राह गोल है.

अंकल की बातें मुझे और मदहोश कर रही थी. पर मैं उनको फील नही होने दे रही थी, मैं भी अब मज़े ले रही थी.

मे :- ओक

रवि:- पूजा तुम्हे बुरा नही लगे अगर तो मैं तुम्हे हग करलू पीछे से? मुझे सोइना की बहुत याद आ रही है.

मे:- 2 मिंट्स के लिए अंकल की बात सुन के मुझे त्रास भी आया. मैने सोचा सच में याद आ रही होगी. मैने बोला अंकल छाए ब्ना लूँ फिर आप आराम से हग कर लेना.

मेरा इतना कहते ही अंकल ने मुझे पीछे से टाइट हग कर दिया, मैं एक दूं से चोवोक गयी.

मेरे मूह से छींक निकल गयी.

रवि:- घबराव नही पूजा तुम अपना काम करती रहो मुझे बस हग करना है.

अंकल का लंड मुझे गांद में फील हो रहा था. अंकल मुझे कमार से मसल रहे थे. और मेरे कान में आअहह आआहह की सिसकियाँ ले रहे है.

मे:- आआहह अंकल जी यह क्या कर रहहे हूओ आप. मुझे अजीब सा लग रहा है आआहह आआहह प्लीज़ दूर हो जाओ, पापा आ जाएँगे.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मेरा पानी निकलते जा रहा था. कची पूरी त्राह से गीली हो गयी थी, मैं और मदहोश होती जा रही थी. अंकल ने मेरी त शर्ट के अंदर हाथ डाला और मेरे बूब्स को मसालने लगे. मेरे अंदर आग डोड़ने लगी, मुझसे अब रहा नही जा रहा था.

मेरी सिसकियाँ बदते जा रही थी आअहह आआहह आआहह..

अंकल ने कब अपना लोड्‍ा बाहर निकाला मुझे पता ही नही छल्ला और मेरा हाथ पकड़ के उसके उपेर रख दिया. मैं इतनी मदहोश थी की मुझे पता ही नही छल्ला मैं उनका लंड हिलने लग पड़ी.

फिर अंकल ने मुझे घुमाया और अपने होंटो को मेरे लाल होंटो पर रख के सारे होंठ छ्छूस लिए. अब मेरे सबर का भांड फट गया. मैने अंकल को ज़ोर हग किया और मेरे मूह से निकल गया – छोड़ो मुझे! आअहह प्लीज़ छोड़ो.. !

रवि:- हन मेरी रंडी आज तुझे चौदूँगा और अकेला नही तेरा बाप भी छोड़ेगा तुझे!

मुझे अब बिल्कुल होश नही थी. मैने धीमी आँखो से देखा पापा भी पूरे नंगे किचन में अपना 10 इंच लंबा लंड हाथ में हिला रहे थे.

फाइनली मैने उनका लंड देख लिया. कानू सच कह रहा था बहुत लंबा है! अंकल ने मुझे उठाया और पापा के रूम में ले गये. उसने मेरी टशहिर्त को खींच कर फाड़ दिया और मेरी स्लेक्ष को निकल दिया.

अब मैं सिर्फ़ कची में उनके सामने लेती हुए थी. तभी पापा अंदर आए अपना लंड हिलाते हुए.

पापा:- वा बेटी तेरा जिस्म तो बहुत कातिलाना है, मुझे यकीन नही होता तू भी रंडी है साली मदारचोड़!

मे:- जिसका बाप इतना बड़ा हरामी हो जो अपनी बहू और दोस्त की बेटी को छोड़ता हो, उसकी बेटी क्या एक लंड से शांत हो जाएगी!!

रवि:- तेरी बेटी तो कमाल की रांड़ है, इसको तो सब पता है, आज इसको ठंडा करते है..

पापा:- हन आज इसकी फुददी का फुड़दा और इसलि गांद का भोसड़ा बनाएगे.

फिर पापा और अंकल दोनो नंगे होके बेड पर आ गये. पापा ने आते ही मेरे मूह में अपना लंड डाल दिया और अंकल मीी फुददी चाटने लगे. मेरी तो जैसे जान निकालने वाली थी. पापा का लंड बहुत मोटा था मेरे मूह में आचे जा भी नही रहा था.

पापा:- आअहह पूजा आज तो तेरी गांद मैं फाड़ दूँगा आअहह चूस आचे से मेरे लंड को!

रवि:- देखा राजेश अगर मैं न्ही बोलता तो यह रंडी रह जाती हुमारे हाथ से.

पापा:- हन रवि. थॅंक्स यार तेरे जैसा हरमज़ड़ा मैने नही देखा आज तक.

फिर पापा ने मुझे घोड़ी बनाया और अंकल मेरे मूह के सामने आ गये. मैने सोचा भी नही आज दो दो लंड मिलेंगे मुझे. पापा ने अपना लंड मेरी गांद में सेट किया और ज़ोर दर झटका मारा.

मे:- आहहह मार गईइई आआहह पापा इसको निकालो!! आआअहह पपाााआआ… !!!

झटका इतना ज़ोर का था लंड पूरा अंदर समा गया. मेरी तो आँखे बाहर आनी वाली थी, बहुत दर्द हुआ. फिर कुछ देर बाद पापा अंदर बाहर करने लगे मुझे बहुत मज़ा आने लगा.

मे:- अओउूऊहह पापा और तेज़ आअहह पापा… !!! आअहह आहह…

उधर अंकल इतनी तेज़ मूठ मार रहे थे उनका पानी भी निकालने वाला था.

रवि:- पूजा सााल्ली मदारचोड़ रंडी!! आआहह…

अंकल ने सारा पानी मेरे मूह में निकल दिया और मैं पी गयी.. आआहह…

पापा भी अब बहुत तेज़ी से छोड़ रहे थे. मैने पापा को कहा बाहर मत निकलना बीच में भर दो अपना पानी.

पापा:- आआहह साअली कुटिया, छिनाइल, तेरी मा का भोसड़ा आआहह आआहह…

पापा ने लास्ट में इतना ज़ोर लगाया मेरी हालत खराब हो गयी. और इन सब में मेरा पानी 3 बार निकला. फिर सब कुछ देर के लिए लाइट गये ऐसे ही, फिर मैं उठी फिर हुँने कुछ खाया और छाई पी.

रवि:- अभी कहानी ख़तम न्ही पूजा तूने तो मेरा लंड लेना है अभी.

मे:- अभी कानू और सुमन आते होंगे, मैं कहा जा रही हूँ मैं यही हूँ. आपका जब मॅन करे तब आप ले लेना. अब तो मैं आप दोनो की पर्सनल रंडी हूँ!

रवि अंकल और पापा हासणे लगे हाहहहहः…

फिर सब फ्रेश हुए और सो गये.

पूजा:-फिर मेरी जब जाग खुल्ली तो तुम आ चूक्के थे तब तक.

कानू:- वा बेहन तूने तो कमाल कर दिया आज, मुझे नही पता था रवि अंकल का लंड तुझे गिफ्ट मिल जाएगा. अब मेरा लंड खड़ा हो गया है क्या करे इसका? बेहन एक चुदाई हो जाए?!

पूजा:- नही कानू आज नही मैं बहुत तक गयी हूँ और गांद भी बहुत दर्द कर रही है. पापा का लंड सच में बहुत मोटा और बड़ा है!

मे:- छल्लो आज तुम्हे माफ़ किया, मैं मूठ मार लेता हूँ तुम्हारे नाम की.

पूजा :- कुत्ता कही का, चल मैं मार देती हूँ तेरी मूठ भी.

मे:- ओक मेरी जान, मुआअहह लोवे योउ.. !!

यह सीरीस जारी रहेगी.

तो दोस्तो फिर हम सो गये.

और आपको कैसा लगा यह पार्ट मुझे मैल ज़रूर करे. “म्यलोवेफोरूह,गमाल. कॉम” मुझे पता है यह पार्ट बहुत लाते आया. पर अब पढ़ते रहिएगा, आयेज आयेज बहुत मज़ा आने वाला है!

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