पत्नी के ससुर बने पति से चुदने की कहानी

मेरा नाम इशिका है. मैं 24 साल की शादी शुदा लड़की हू. मेरे पति का नाम नक्श है, और 27 साल के है. मेरा एक बेटा है 3 साल का, और उसका नाम है कृष.

हमारे साथ मेरे ससुर जी भी रहते है. उनका नाम आशीष है और वो 52 साल के है, पर बहुत फिट है. रेग्युलर एक्सर्साइज़ करते है और अपनी बॉडी का ध्यान रखते है. मेरी सासू मा का नाम निहारिका था, जिन्हे मॅर हुए 2 साल हो गये. उनकी मौत कॅन्सर की वजह से हुई थी.

पापा और हम सब ने अपने आप को बड़ी मुश्किल से संभाला. नक्श शुरू में बहुत परेशन रहे, पर अपने आप को संभाल लिया ताकि वो अपने पिता को संभाल सके.

धीरे-धीरे सब ठीक हो गया, और दिन निकालने लगे. पर कुछ महीनो से ऐसा लग रहा था की बक्ष कुछ कहना चाह रहे थे, पर बता नही पा रहे थे.

वो अक्सर काम के लिए बाहर रहते है. महीने में 15-20 दिन बाहर ही रहते है. कुछ दीनो से नक्श पापा के सामने ही मुझे च्चेड़ने लगे थे. मेरी कमर में हाथ डाल देते, तो कभी मुझे गाल पर किस कर देते, तो कभी मेरे बूब्स दबा देते.

मेरी नज़र जब पापा पर पड़ती, तो वो भी हमारी तरफ ही देख रहे होते थे. मुझे शरम भी आती थी. तो मैं नक्श को बोलती थी की ऐसा मॅट किया करे. लेकिन वो मानते नही थे.

फिर एक दिन नक्श ने मुझे और पापा को लिविंग रूम में बुलाया, और कहा की एक बात करनी थी उनको. तब तक मैं कृष को सुला चुकी थी. जब से मेरी सास नही रही थी, पापा कृष को अपने साथ ही सुला लेते थे रात में. कृष को अपने दादा जी के कमरे में सोने में अछा लगता था, और उनका अकेलापन भी डोर हो जाता था.

पापा ने नक्श से पूछा की क्या बात थी, और जो बात मुझे पता चली, वो सुन के तो मेरे होश ही उडद गये. मेरे पति ने हमे बताया की उनका अफेर चल रहा था अपने बॉस की बीवी के साथ, और बॉस की रज़ामंदी से.

नक्श ने हमसे माफी भी माँगी की उन्होने जो किया, वो नही करना चाहिए था. पर अब वो ये सब बंद नही कर पाएँगे.

नक्श: इशू मैं जानता हू तुम्हे बहुत बुरा लगा है. पर मैं ये चाहता हू की तुम भी अपनी ज़िंदगी के मज़े लो.

फिर नक्श ने पापा से कहा: आप भी बहुत अकेले हो गये हो मा के जाने के बाद.

मैने नक्श से पूछा: कहना क्या चाह रहे हो?

तो उन्होने जो बताया वो सुन के तो मैं सकते में आ गयी.

पापा ने नक्श से कहा: तुम पागल तो नही हो गये हो? ये क्या कह रहे हो. शरम नही आती तुम्हे ये कहते हुए?

नक्श बोले: इसमे कों सी शरम आने वाली बात है? आज कल तो सब करते है.

और मैं तो सिर्फ़ आप दोनो का अकेलापन डोर करना चाहता हू. इसलिए तो आप दोनो से कह रहा हू की आप दोनो आपस में चुदाई करना शुरू कर दो.

नक्श: वैसे भी मैं बहुत दीनो के लिए बाहर रहता हू. कृष भी पापा के कमरे में ही सोता है.

तब आप दोनो हमारे बेडरूम में आराम से चुदाई कर सकते हो. और आपको डिस्टर्ब करने वाला भी कोई नही होगा.

नक्श: देखिए मुझे तो बाहर चुदाई करने को मिल जाती है. पर तुम दुखी रहती हो इशू. और ये मैं जानता हू. इसीलिए कह रहा हू.

देखिए मैं आप दोनो को कुछ भी करने को फोर्स नही करूँगा. पर इस बारे में सोचना ज़रूर.

इसके बाद मैं और नक्श बेडरूम में आ गये. फिर नक्श ने मुझे बाहों में भर लिया और चूमने लगे. पर मैं तोड़ा गुस्सा थी उन पर, की ऐसे-कैसे वो अफेर कर सकते थे, और मुझे पता भी चलने नही दिया.

मेरा मूड देख कर नक्श समझ गये की मैं गुस्सा थी. उन्होने मुझसे फिर सॉरी बोला, पर ये भी कहा की अब वो अपनी बॉस की वाइफ के साथ अपना अफेर बंद नही कर पाएँगे.

चलो अछा है मेरे पति मुझसे सच तो कह रहे थे. वरना कुछ पति तो अपनी पत्नियों को अंधेरे में रखते है.

फिर मैने सोचा अगर नक्श चाहते है की मैं पापा से चुदाई करू, और अपनी सेक्स की इक्चा पूरी करू, तो फिर इसमे ग़लत भी क्या था.

नक्श बोले: क्या सोच रही हो?

तो मैं बोली: मैं तैयार हू पापा से चुदाई के लिए.

ये सुन कर बक्ष तो पागल ही हो गये और मुझे चूमने लगे.एल लिप्स पर, मेरे गालो पर, मेरी गर्दन पर. नक्श ने मेरी सारी निकाल दी, और मेरा ब्लाउस खोल दिया, और मेरे बूब्स दबाने लगे ज़ोर से. मुझे भी अछा लगने लगा. ऐसा लग रहा था की नक्श बहुत दिन से चाहते थे की ऐसा कुछ हो.

नक्श: इशू हम रॉल्प्ले करेंगे अभी. चुदाई तो मैं करूँगा तुम्हारी, पर तुम ये सोच कर रिक्षन देना की पापा तुम्हारी चुदाई कर रहे है. देखना तुम्हे कितना मज़ा आएगा.

मैं: ठीक है, जैसा आप कह रहे है, वैसा ही होगा.

और नक्श ने मेरा पेटिकोट निकाल दिया, मेरी ब्रा और पनटी भी निकाल दी. मेरी छूट मैं हमेशा सॉफ रखती हू, और नक्श को मेरी छूट ऐसे ही पसंद है. फिर उन्होने मुझे बेड पर लिटा दिया, और अपने कपड़े निकाल कर मुझ पर आ गये. मुझे वो चूमने लगे, और धीरे-धीरे मेरे बूब्स को पकड़ने लगे, निपल्स दबाने लगे, और चूसने लगे.

मैं आ आह की आवाज़ निकाल रही थी. मुझे भी अछा लग रहा था. फिर नक्श मेरी थाइस को चूमने लगे, और मेरी छूट में उंगली डालने लगे. बहुत दिन हो गये थे हमने चुदाई नही की थी. मैं बस आ आ कर रही थी. फिर नक्श ने अपनी टंग छूट में डाल दी, और और चाटने लगे. मेरी सिसकारी निकल गयी.

मैं नक्श का नाम लेने ही वाली थी, पर याद आया हम तो रॉल्प्ले कर रहे थे. इसलिए फिर मैं पापा का नाम लेकर चिल्लाने लगी.

मैं: और ज़ोर से करिए पापा, बहुत अछा लग रहा है. मेरी पायस बुझा दीजिए. बहुत दीनो से चूड़ी नही हू, आज मुझे छोड़ दीजिए पापा.

ये सुन कर नक्श भी अब मुझसे पापा जैसे बात करते थे, वैसे ही करने लगे.

नक्श: इशू तुम बिल्कुल फिकर मत करो. मैं जानता हू नक्श से तुम्हारी चुदाई ज़्यादा नही हो पति. पर अब मैं हू ना. मैं तुम्हारा ध्यान रखूँगा. तुम्हे इतना छोड़ूँगा की तुम्हे नक्श की बिल्कुल याद नही आएगी.

और ये कह कर मुझे ज़ोर से छोड़ने लगे. फिर नक्श ने अपना लंड मेरी छूट में घुसा दिया और मेरी सिसकारी निकल गयी. मैं ज़ोर से चिल्ला पड़ी. फिर ज़ोर से धक्के लगने लगे.

नक्श: कहो इशू, अपने पापा से चूड़ते हुए कैसा लग रहा है? अची चुदाई कर रहा हू ना तुम्हारी?

मैं: हा पापा, बहुत अछा लग रहा है. मैं तो भूल ही गयी थी चुदाई कैसी होती है. आपने आज याद दिला दिया.

पापा छोड़िए, और ज़ोर से छोड़िए. छूट फाड़ दीजिए अपनी बहू की. रंडी बना लीजिए अपनी बहू को. रोज़ इसी तरह चुड़ूँगी आपसे.

मैं: सुबा, दोपहर, शाम, हर वक़्त चुड़ूँगी आपसे. आपके लंड के अलावा अब कोई और लंड नही जाएगा मेरी छूट में.

नक्श: इशू तुम कितनी अची बहू हो. अपने ससुर का कितनी अची तरह से ध्यान रख रही हो. अब ये छूट सिर्फ़ मेरी है. इस छूट पर सिर्फ़ मेरा हक़ है.

हम हर वक़्त अब बस सिर्फ़ चुदाई किया करेंगे. मेरा तो मॅन कर रहा है तुम्हारी कोख में अपना बच्चा डाल डू. प्रेग्नेंट कर डू तुम्हे.

नक्श: बोलो इशू, मा बनोगी मेरे बच्चे की? नक्श को एक भाई या बेहन डोगी? बोलो इशू, किसी को भी पता नही चलेगा की तुमने अपने ससुर के बच्चे को जन्मा है. सब को लगेगा की ये बचा नक्श का ही है.

मैं: हा बनूँगी आपके बच्चे की मा. और नक्श उसको अपना बच्चा समझ कर पालेंगे.

नक्श: आह ओह इशू, कितनी मस्त छूट है तुम्हारी. तुम्हारी छूट ने मेरे लंड को जाकड़ के रखा है.

मैं: पापा मुझसे अब सहन नही हो रहा. मैं झाड़ रही हू.

और ये कहते कहते मैं झाड़ गयी.

नक्श: आह इशू, मैं भी झड़ने वाला हू तुम्हारी छूट में. आ, लो मेरा पानी अपनी छूट में.

ऐसा कहते हुए नक्श मेरी छूट में झाड़ गये.

नक्श: बहुत दीनो बाद तुम्हे छोड़ा है इशू, मज़ा आ गया.

मैं: हा मुझे भी बहुत मज़ा आया नक्श.

पर आपने जो कहा की मैं पापा के बच्चे की मा बनू. सच में आप ऐसा ही चाहते हो नक्श.

नक्श: हा इशू, मैं चाहता हू की तुम पापा के बच्चे की मा बनो. बनोगी ना?

मैं: हा पर उससे पहले मुझे पापा को पटना पड़ेगा, और मुझे उन्हे सिड्यूस करना पड़ेगा. तब जेया कर हम जो चाहते है वो होगा.

नक्श: अछा इशू, मुझे कल एक हफ्ते के लिए बाहर जाना है. तब तक तुम अपना काम कर पावगी ना? चुड लॉगी पापा से इतने दिन में?

मैं: कोशिश पूरी करूँगी मैं पापा से छुड़वाने की. पर आपके आने तक ये सब नही हो पाया तो आपको मेरी हेल्प करनी होगी.

नक्श: ठीक है, तुम कोशिश करो. नही तो मैं कुछ सोच के तुम्हे कोई और तरीके बता दूँगा.

ऐसा डिसाइड करके हम लोग सो गये, और दूसरे दिन नक्श अपने तौर पर निकल गये. और उस हफ्ते मैने पूरी कोशिश करी पापा से चूड़ने के लिए.

अब मैं पापा से चुड पाई या नही, आप लोगों को पढ़ने मिलेगा अगले भाग में. और ये भी पता चलेगा की हमारा रिश्ता ससुर बहू का ही रहा या बदल गया.

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