हेलो, मेरा नाम जॉनी है, और में 24 यियर्ज़ का हू. मैं कभी मुंबई तो कभी आमेडबॅड में होता हू. और मेरा सूरत, वडोदरा, इंडोरे, जाईपुर एट्सेटरा और भी जगह काम से आना-जाना लगा रहता है. आप सब के मेल्स के लिए थॅंक्स.
ई लीके ओपन माइंडेड लॅडीस आंड कपल्स. ई रेस्पेक्ट एवेरिवन’स प्राइवसी आंड सेफ्टी. किसी भी आगे की लेडी या कपल मुझे बिंडसस मैल कर सकता है. फीडबॅक देने के लिए या मुझे बात करने के लिए इस ईद पर मैल करे [email protected]
तो आपने पिछली सेक्स स्टोरी में पढ़ा की कैसे मुझे एक क्यूक्कल्ड हज़्बेंड का मैल आया. फिर उसने अपनी फॅंटेसी बताई की वो मुझसे अपनी वाइफ को उसके सामने छुड़वाना चाहता था. और फिर हमारी बात हमे के बाद मुझे होटेल में मिलने बुलाया. अब आयेज की कहानी.
क्या छूट थी, एक भी बाल नही थे. चौड़े-चौड़े और लंबे-लंबे फांको के बीच उसकी छूट और भी मनमोहक लग रही थी. उसमे से एक पतली सी पानी की धारा निकल रही थी. मैं तो सिमरन की जवानी अपने लंड से निचोढ़ के उसके बदन को ढीला करना चाहता था.
मैं: सिमरन जी, छूट है या गुलाब का फूल. इतने सालो में तो छूट की शकल लंड खा-खा के बिगड़ जाती है. आपकी छूट तो अभी भी 20 साल की लड़की की छूट को भी मॅट देदे.
सिमरन जोश में बोली: जॉनी, जब छूट से लंड की दोस्ती आचे से ना हो. तो समझिए छूट का यही हाल होता है. जॉनी अब देर ना करो, फाड़ दो इस छूट को. अब ये छूट तुम्हारी है. जॉनी आज मुझे ऐसा छोड़ो की मैं चलने के लायक ना राहु.
मैं: हा जानेमन आज तेरी छूट का भोंसड़ा बना दूँगा, टेन्षन मत लो. आज तुम्हे ऐसा छोड़ूँगा के तुम रोज़ मेरे लंड के लिए तरसोगी.
मैं बेड पे सीधा लेट गया. अब सिमरन झुक कर अपनी गांद उठा कर मेरे लंड को चूसने लगी. पीछे से संदीप ने सिमरन की गांद तोड़ा उपर उठाते हुए उसकी छूट में लंड पेल दिया.
सिमरन: आआ…आअहह. मेरी छूट…. मेरे राजा जी. मेरी छूट के मलिक संदीप, छोड़ ले बाबू. छोड़ने का मज़ा लेले अपनी बीवी की छूट का.
मैं: तेरी बीवी बहुत गरम हो गयी है. छोड़ उसे. आज तू भी अपने लंड की असली ताक़त दिखा.
पति-पत्नी का जोश देख कर मैं समझ सकता था की ये दोनो एक-दूसरे को कितना प्यार करते थे.
संदीप: सिमरन मेरी डार्लिंग, तेरी छूट तेरा पति छोड़ रहा है. कैसा लग रहा है डार्लिंग, और तू किसी और का लंड चूस रही है. बता मज़ा आ रहा है या नही?
सिमरन: जानू, मेरी छूट पे अधिकार आपके लंड का ही रहेगा. छोड़ो बाबू, छोड़ो, क्यूँ रुक रहे हो. पेलो इस छूट में अपना लंड मेरे राज कुमार. मेरे जानेमन.
मुझे सिमरन की कांवासना के बारे में पता चल गया था. फिर मैं खड़ा हुआ और संदीप के पास गया. मैं संदीप को हटते हुए सिमरन के बिल्कुल पीछे गया. संदीप जी मेरे बगल में खड़े हो गये.
फिर मैने सिमरन की छूट पे अपना हवा में लहराता 6 इंच का लंड सेट किया. उसके बाद सिमरन की गीली हो चुकी छूट का पानी तोड़ा छूट पे अपना लंड रग़ाद के लगाया. फिर एक ज़ोरदार झटका मारते हू सिमरन की छूट में लंड पेल दिया.
सिमरन: “हाऐईयईईईई म्म्म्माआ मेरी मा मॅर गयी रे… मॅर जौंगी. संदीप बचाओ, मेरी छूट फटत गयी. अर्रे राम हो…. कैसा लंड है. आअहह आ अया मेरे संदीप बचाओ.
संदीप: डार्लिंग सॉरी, सहन तो करना पड़ेगा. फिर मज़ा ही मज़ा आएगा. जॉनी तोड़ा आराम से करो. मुझसे देखा नही जेया रहा है.
मैं: संदीप चूड़ने का मज़ा हार्डकोर में ही है. धीरे-धीरे उसे भी मज़ा आने लगेगा. जस्ट वेट आंड वॉच. ले और ले, आज तेरी बीवी की सारी प्यास बुझा दूँगा.
संदीप ने ओक कहा. फिर मैं सिमरन की मस्त लेने लगा. उसकी कमर पर हाथ रखा और नेक को पकड़ के ज़ोर-ज़ोर से शॉट मारने लगा. पुर रूम में पच-पच की आवाज़ आ रही थी.
सिमरन की ऐसी चुदाई देख के संदीप भी अपना लंड हिलने लगा. उधर सिमरन अपनी गांद हिलने लगी. अब वो मज़े ले ले कर आवाज़े निकालने लगी और कहने लगी-
सिमरन: थॅंक योउ जॉनी. लंड से चूड़ने का एहसास आज हो रहा है. आपकी रंडी को और ज़ोर से छोड़िए. मत रहें दिखाए. अया अया जॉनी, ऐसे ही लगे रहो. सिमरन की छूट टाइट है. लंड का पानी आचे से अभी नही मिला है. ये बहुत प्यासी है. आ आह उउउंम्म अया अया. मेरी ज़िंदगी में आज बारिश की तरह बरस रहे हो.
मैं: भाभी, बहुत कॅसा हुआ है मेरा लंड, अभी और अंदर जाएगा डार्लिंग. लो, और लो मेरे लंड को अपनी छूट में. तोड़ा और अंदर लो मेरी जान, और ले लो तोड़ा. अहह फक ओह अहह.
मैं सिमरन की छूट के अंदर तक लंड पेल रहा था. सिमरन की मस्त कमर पकड़ के ताबड़तोड़ लंड के झकते छूट में दे रहा था. संदीप का लंड ये सीन देख के और टाइट हो गया. फिर संदीप ने अपना लंड सिमरन को चाटने के लिए मूह में दे दिया.
सिमरन: संदीप बहुत मज़ा आ रहा है. पूरी छूट पे जॉनी के मोटे लॉड ने क़ब्ज़ा कर लिया है. मेरी छूट के हर एक कोने में घुस के मुझे मज़े से छोड़ रहा है. अया आअहह मैं आज रंडी बन गयी. अया लंड का बहुत मज़ा है.
फिर मैने छूट से लंड बाहर निकालते हुए, संदीप को सिमरन की छूट छोड़ने का मौका दे दिया. संदीप ने मौका ना गावते हुए सिमरन की छूट में लंड डाल दिया.
फिर संदीप ने सिमरन को छोड़ना शुरू किया, और मेरे लंड में लगा हुआ सिमरन की छूट का पानी सिमरन खुद चाटने लगी. सिमरन की प्यास बदती जेया रही थी. वो लंड की प्यासी थी. एक भूखी शेरनी की तरह मेरे और संदीप के लंड का शिकार कर रही थी.
संदीप ने दूसरे रौंद में सिमरन के छूट में कुछ ही देर में अपना माल छ्चोढ़ दिया. मैं अपना लंड सिमरन के मूह में डाल रहा था, और मेरा भी होने ही वाला था ह.
सिमरन: जॉनी डार्लिंग, ये माल मेरे मूह में निकाल लो. एक बूँद भी वेस्ट नही जाने दूँगी.
सिमरन की बातों को मानते हुए बेड पे उसको घोड़ी बनाया और हाथो के बाल झुका कर अपने लंड से तेज़ झटके सिमरन के मूह में देने लगा. फिर कुछ देर बाद मैने भी सिमरन के मूह में अपना सारा माल डाल दिया, और वो मज़े से सारा माल पी गयी.
इस कहानी में इतना ही. नेक्स्ट स्टोरी किस टॉपिक पर लिखू, इसके लिए मैल कीजिए [email protected]. आप लोगों ने बहुत सारा प्यार दिया, उसके लिए थॅंक्स हॅव आ नाइस दे.