परिवार में चुदाई और झूठ

सेक्स स्टोरी अब आयेज-

रेखा नंगी ज़मीन में घुटनो के बाल बैठी थी, और मेरा लंड चूसने लगी.

मैं: अब सच-सच पूरी बात बता.

रेखा (मूह से लंड निकालते हुए): जल्दी क्या है, पहले मुझे लंड चूसने दे.

तभी पीछे से रेशमी दीदी निकली, वो उस रूम में पहले से च्छूपी थी. वो बोली-

रेशमी: बता भी दे इसको, क्यूँ तडपा रही है?

मैं: आप यहाँ?

रेशमी: हा, तुम्हारा वेट कर रही थी मैं. चल, मैं ही बता देती हू, इसको लॉडा चूसने दे.

फिर रेशमी ने अपने कपड़े उतार दिए. और वो कल के बारे में बताना शुरू हुई. वो बोली की जब मैं उनके घर गया था, उससे 5 मिनिट पहले मम्मी वॉशरूम ढूँढ रही थी. पर लिविंग रूम के पास वाला बातरूम उस समय ऑक्युपाइड था, तो मम्मी वॉशरूम जाने के लिए उस रूम में गयी. रूम में एंटर हुई, तो रवि ने पीछे से रूम का डोर बंद कर दिया. रवि मम्मी का वेट कर रहा था, वो भी निर्वस्त्रा होके. मम्मी ने रवि और उसके खड़े लंड को देखा और बोली-

मम्मी: रवि ये क्या कर रहा है?

रवि: जो कल काम अधूरा रह गया था, वो पूरा करना है. मेरे पास पिक्चर है आपकी आंड रोहन की नंगे में, मैं पापा को सेंड कर दूँगा.

ये सुन कर मम्मी तोड़ा शॉक्ड रह गयी. तभी रवि उनको पीछे से पकड़ लेता है. उनके ब्लाउस के उपर से बूब्स दबाने लगता है. मम्मी कुछ नही कर पाती. पिछले दिन रवि का लंड उनकी छूट में रगड़ा था. यही सोच के मम्मी भी गरम हो रही थी.

फिर रवि मम्मी की पनटी निकाल देता है और अपना लंड उनकी छूट में डाल देता है.

मम्मी: अयाया रवि, नही, अभी टाइम नही है ये सब का.

रवि पीछे से छोड़ना स्टार्ट करता है और बोलता है: अभी ऐसे ही करते है, रात में आचे से करेंगे.

रेशमी ये सब बता रही थी. अब रेखा ने मेरा लंड अपने अंदर ले लिया था. अब वो लेती थी, मेरा लंड अपने अंदर लिए और उसके मूह के उपर रेशमी दीदी अपनी छूट रग़ाद रही थी. फिर उन दोनो ने अपनी अपनी जगह बदल दी. और फिर रवि के मेरी मम्मी के अंदर लंड डालने वाली बात आई. मेरी चुदाई की स्पीड बढ़ गयी. अब वो स्टोरी रेखा ने कंटिन्यू करी और बोली की-

1-2 मिनिट्स में मम्मी भी गरम हो गयी थी और बोली.

मम्मी: अयाया, अफ, अयाया. रवि छोड़ मुझे और ज़ोर से. बहुत मस्त छोड़ता है.

रवि: अयाया वाह बुआ, क्या छूट है. मज़ा आ रहा है.

मम्मी: आ आ रवि, तेरा लंड बहुत मज़े दे रहा है. ऐसे मज़े मुझे पहले किसी ने नही दिए.

ये सुनते ही मैं रेशमी की चुदाई फुल स्पीड में करने लगा. अब रेशमी को मज़े के साथ-साथ दर्द होना भी स्टार्ट हो गया था.

रेशमी: आआआः भाई, आराम से कर, क्या हुआ?

रेखा: रोहन, क्या हो गया, आराम से कर.

अब रेखा रेशमी के मूह से उठ चुकी थी. रेशमी को आइडिया आया की मैं ऐसा क्यूँ कर रहा था.

रेशमी: अयाया रोहन, रुक जेया. हम झूट बोल रहे थे, ऐसा कुछ नही हुआ. रुक जेया भाई, रुक.

मैने वो सब बात सुनी और होश में आया. मैं रुका और पूछा, “क्या बोला तुमने?”

रेशमी: बुआ रवि के साथ रूम में थी बुत रवि छोड़ नही पाया. कल उखड़ा हुआ था की प्लान सक्सेस्फुल नही हुआ करके.

मैं: तो रूम में हुआ क्या?

रेखा: वो तो हुमको भी नही मालूम. हम तो तेरे मज़े ले रहे थे, पर बात इतनी आयेज बढ़ जाएगी, पता नही चलेगा.

मैं उनके जाल में दोबारा फ़ासस चुका था. मैने अपने कपड़े पहने और घर चला गया. घर में मम्मी और दीदी दोनो थे. मैने मम्मी को देखा लेकिन उनसे बात नही कर पाया. सीधे अपने रूम में चला गया.

कुछ देर बाद दीदी रूम पर आई. अब दीदी ने मुझे सब बता दिया था पिछले वीक की बात. सनडे के बाद से हम दोनो अकेले नही मिल पाए थे. वो मेरे बेड पर बैठी.

मुझे पता नही क्या हुआ, मैं उनके पास गया और उनको किस करने लगा उनके लिप्स पर. वो भी मेरा साथ दे रही थी. फिर मैने अपनी टंग उनके मूह में डाल दी. तभी उन्होने ये किस तोड़ी और बोली-

प्रिया: यार क्या कर रहा है?

मैने उनको ज़ोर से हग लिया और बोला-

मैं: दीदी ई लोवे योउ. मैं आपके बगैर नही रह सकता.

वो मेरे एमोशन्स को समझी और उन्होने भी मुझे हग लिया. कान के पास किस किया और बोली-

प्रिया: आज रात को अपने रूम का डोर बंद मत करना, सर्प्राइज़ है तेरे लिए.

मैं: कैसा सर्प्राइज़?

प्रिया: इंतेज़ार कर, पता चल जाएगा.

फिर हम दोनो एक-दूसरे की बॉडी के साथ खेलना स्टार्ट किया. मैं उनके टॉप के अंदर हाथ डाल के बूब्स दबाने लगा. वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी.

मैं बोला: एक बार तो चूस ही लिया है, अभी भी ब्लोवजोब दे दो.

प्रिया: अभी मैं जाती हू, ये सब रात में करेंगे.

ये बोल के वो मुझे एक आँख मारी और चली गयी. रात में डिन्नर हुआ. डिन्नर और दिन के हिसाब से बहुत शांति से बीता. मैने मम्मी की तरफ देखा, कुछ बोलना चाहा पर बोल नही पाया. फिर मैं रूम में आ गया. 5 मिनिट्स बाद दीदी का मेसेज आया. उन्होने एक न्यूड सेल्फिे सेंड की थी जिसको देख कर मेरा खड़ा हो चुका था. मेसेज में लिखा था-

प्रिया: रोहन, अपने सारे कपड़े उतार के लेते रहना.

मैं: ओके.

वो बातरूम से आ रही थी, मैं भी डोर के तरफ पीठ करके लेट गया. 5 मिनिट्स बाद डोर ओपन हुआ और उसके बाद मैने कुण्डी लगने की आवाज़ सुनी. मेरा लंड सोच-सोच के हलचल में लगा हुआ था की आज क्या होने वाला था. फिर अचानक मेरे पीठ में एक हाथ आया. मैं पलटा और पीछे देखा. देखते ही मेरे होश उडद से गये.

आख़िर मैने ऐसा क्या देखा जो मेरे होश उडद गये? मैने बहुत से मैल देखे. आप लोगों को ये स्टोरी पसंद आई, मुझे बहुत अछा लगा. ऐसे ही प्यार बरकरार रखिए.

अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई और अगर आपको अपनी कोई स्टोरी शेर करनी हो

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