सेक्स स्टोरी अब आयेज-
प्रिया’स पॉइंट ऑफ व्यू कंटिन्यूस:-
मेरा टवल निकल गया. मैं पापा के सामने नंगी थी. पापा मुझे देख रहे थे. फिर मैं नीचे हुई और टवल उठाया. पापा ने भी अपनी नज़र दूसरी तरफ की. मैं रूम में आई. मैने टवल खोला, और बेड में नंगी लेट गयी.
कल रात जो हुआ था, और अभी सुबह पापा ने जैसे मुझे देखा था, वो सोच के मेरी छूट थोड़ी गीली हो चुकी थी. लेकिन मैं अभी कुछ नही कर सकती थी. पापा मेरा ब्रेकफास्ट के लिए वेट कर रहे थे. मैं कपड़े पहन कर लिविंग रूम में आई. पापा ने मुझे देखा पर कुछ बोले नही. हम ब्रेकफास्ट कर रहे थे. तभी मैं बोली-
मैं: पापा, वो रिया दीदी ने बोला की शॉपिंग में जाएँगे.
पापा: अछा, बुनती की फॅमिली आ गयी क्या?
मैं: हा, कल ही आए और रिया दीदी भी कुछ दिन के लिए आई है.
पापा: तेरे पास पैसे तो है ना?
मैं: हा पापा, है मेरे पास.
पापा ने पर्स निकाला और कुछ पैसे और दे दिए. पापा नॉर्मली बात-चीत कर रहे थे. तो मैने भी ज़्यादा लोड नही लिया. फिर ब्रेकफास्ट के बाद वो बुनती अंकल को मिलने चले गये, और मैने घर की सॉफ-सफाई की. फिर रिया दीदी को कॉल किया. उन्होने बोला की घर में आ जेया.
मैं उनके घर पहुँची. वहाँ मुझे सुमन आंटी मिली. पापा और बुनती अंकल जेया चुके थे.
मैं: नमस्ते आंटी, कैसे है आप?
सुमन: खुश रहो बेटा, मैं ठीक, तुम बताओ. मम्मी कैसी है?
मैं: मम्मी ठीक है, वो कल आने वाली है.
सुमन: हा, वो अभी भाई साहब बता रहे थे.
मैं: आंटी, रिया कहाँ है?
सुमन: अपने रूम में है, तेरा ही वेट कर रही होगी.
मैं वहाँ से रिया दीदी के रूम पे आई. रिया दीदी मेरे से 3 साल बड़ी थी, और एक साल पहले उनकी शादी हो गयी थी. वो अपने कपड़े चेंज कर रही थी. उन्होने सिर्फ़ ब्रा और पनटी पहनी थी. मैने उनको देखा, उन्होने मुझे देखा, मैं अंदर गयी और रूम का डोर बंद कर दिया.
फिर मैं रिया दीदी की तरफ बढ़ी और एक ज़ोर का हग किया. रिया ने मेरे गाल पकड़े और ज़ोर से लीप किस करना शुरू किया.
रिया दीदी की शादी से कुछ समय पहले एक दिन हम शॉपिंग करके रूम में पहुँचे. तब हमने एक-दूसरे की मम्मी को एक साथ नंगे होके मज़े लेते देखा. तब से हम दोनो के बीच ये सब चालू हुआ. मैने कभी लड़के के साथ कुछ नही किया था. बुत रिया दीदी के साथ खूब मज़े किए थे. किस तोड़ने के बाद मैं बोली-
मैं: साली कामिनी, शादी शुदा होने के बाद भी मेरे साथ ये सब करती है, शरम नही आती?
रिया: यार बहनचोड़, तेरे जैसे मज़े नही देता ना वो.
मैं: अछा, अपने पति से रोज़ चुड़वति है, और बोलती है मेरे जैसे मज़े नही देता.
फिर मैं उसकी ब्रा के अंदर हाथ डाल के उसके बूब्स दबाते हुए बोली-
मैं: साली, मज़े तो खूब लेती है तू. देख कैसे तेरे बूब्स दबा-दबा के बड़े कर दिए उसने.
रिया: तो आजा थ्रीसम कर ले हमारे साथ.
इतना बोलते ही हम दोनो हँसने लगे. फिर वो रेडी हुई और हम शॉपिंग करने चले गये. शॉपिंग वग़ैरा की हमने और घर आ गये. रास्ते में शॉपिंग के दौरान हमने ढेर सारी बातें भी की. जाते समय रिया ने मुझे बताया की उनकी हज़्बेंड की फॅमिली भी अब यहीं शिफ्ट हो रही थी, ताकि फॅमिली आपस में रह पाए. ये बुनती अंकल का आइडिया था. इतना बोलते ही उसको बुनती अंकल का कॉल आ गया.
तभी मुझे सोनिया दिखाई दी. वो हमारे घर की तरफ जेया रही थी. मैने उसको देखा.
मैं: सोनिया, कहाँ जा रही हो?
सोनिया (शरमाते हुए): वो दीदी, आज हमारी छुट्टी थी, तो मैने सोचा रोहन को सर्प्राइज़ दिया जाए.
मैं: लेकिन रोहन तो यहाँ है ही नही. वो तो मम्मी को लेने गया है.
सोनिया: लेकिन आंटी तो आ गयी थी मंडे को, मैने देखा…
मैं: अर्रे, वो तो तुम्हारी मम…
मैं कुछ सोच रही थी तब तक मेरे मूह से सच निकल गया था. सोनिया ने भी वो सुन लिया था. वो शॉक में थी की उसके मम्मी और मेरे पापा… उसको समझ नही आ रहा था. फिर वो होश में आई और बोली-
सोनिया (शॉक्ड): लेकिन आपको कैसे पता? आप वहीं थी क्या? और क्या-क्या देखा?
ये बोलते ही सोनिया का फेस लाल हो चुका था.
मैं: हा, मैं वहीं थी, और मैने सब देखा.
हम ये सब बात चलते-चलते कर रहे थे, और अपने घर आ गये थे. हमने देखा आज भी दरवाज़ा खुला हुआ था.
सोनिया: आज भी क्या अंकल, मेरी मम्मी…
वो आयेज सेंटेन्स कंप्लीट नही कर पाई. हमने तोड़ा डोर ओपन किया, और लिविंग रूम में देखा. अब ये नॉर्मल सा हो गया था, बुत सोनिया चौंक गयी.
हमने देखा की सोफा में पापा लेते हुए है नंगे. उनके उपर बिना कुछ पहनी म्र्स मिश्रा बैठी हुई थी और ज़ोरों से छुड़वा रही थी. पास में खड़े बुनती अंकल अपना लंड मसल रहे थे.
म्र्स मिश्रा: अयाया… ससस्स… उफ़फ्फ़… उम्म्म्म. पक्का ना कोई आएगा तो नही अभी यहाँ?
पापा: अर्रे चिंता मत करो. रोशन और उसकी मम्मी यहाँ नही है, और प्रिया आंड रिया शॉपिंग करने गये है.
बुनती: मैने रिया को बता दिया है की हम बिज़ी है, और प्रिया को यहाँ नही आने देना.
म्र्स मिश्रा: तुमने रिया को क्या बताया की हम क्या कर रहे है?
बुनती: अर्रे म्र्स मिश्रा, ये सब छ्चोढो और थोड़ी गांद हमसे भी मरवा लो अब.
इतना बोलते ही बुनती अंकल ने अपना लंड म्र्स मिश्रा के गांद में डाल दिया. ये उनका फर्स्ट टाइम नही था, जो वो मज़े से छुड़वा रही थी. सोनिया ये सब देख के गरम हो रही थी, उसके मूह से सिसकारियाँ निकल रही थी.
पापा: ये बेटीचोड़, रिया को सब बता दिया होगा की हम कैसे म्र्स मिश्रा की ले रहे है.
बुनती: तू भी बेटीचोड़ बन जेया. फिर हम 4 डॉटर स्वाप भी कर लेंगे.
पापा: मुझे पता था इस हरामी की नीयत मेरी बेटी के लिए खराब है.
मैं कुछ और सुन पाती तब तक रिया दीदी हुमको उनके रूम में ले आई.
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