पंडितायन की कुँवारी बेटी की चुदाई

हेलो मेरा नाम असलम ख़ान है मई लुक्कणोव मई रहता हू. मेरी आगे 34 साल है दिखने मे हटता कटता और मेरा बेकरी का शॉप है.

मेरा घर हिंदू इलाक़े मई है वाहा 30-35 घरो मई एक सिर्फ़ मई ही मुस्लिम हू. मेरे पड़ोस मई एक फॅमिली रहने आई. उनके परिवार मई सिर्फ़ 1 बेटी और 1 बेटा था.

बेटी की आगे करीब 19 साल होगी और बेटे की 21. उनकी बेटी का नामे प्रांजलि शुक्ला था एकदम गोरी चिति. छोटे बूब्स और छोटी गांद वाली और तो वो दिन बार सलवार सूट पहनती.

जब वो दुपट्टा नही लगती तो उसकी चुचिया चलते हुए उछालती थी वो देख के मुझे बहुत मज़ा आता था. उसका फिग करीब 32-26-30 होगा मई हमेशा उसे छोड़ना चाहता रहा पर मोका ना मिलता था.

एक दिन किसी बात पाई मेरी और उसके पापा की लड़ाई हो गयी. तब उनका बेटा अल्लहाबाद कॉलेज करने चला गया था. तो मैने अपने भाई को फोन किया और उसके भाई की फोटो और कॉलेज बता के बोला इससे मारना है और रेकॉर्डिंग करना है.

भाई गया और उसके भाई को 4-5 चटा मारा रेकॉर्ड करके मुझे भेजा. शाम तक उनके घर मई बात फैल गयी की उनके लड़के को किसी ना मारा.

तभी प्रांजलि चाट पाई कपड़े उतरने आई तो मैने उसे वो वीडियो दिखाया. और बोला तेरे बाप ना ग़लत पंगा लिया अब तेरे भाई को मई रोज मारूँगा.

वो दर गयी और मुझसे भीख माँगने लगी की मई उन्हे कुछ ना करू.

मई बोला एक ही शर्त पाई तुम रोज मेरे साथ करीब 1 महीने सेक्स करोगी वो माना करी और चली गयी.

तो मैने उसके भाई को फिर पिटवा दिया.

अगले दिन वो आई और बोली वो राज़ी है बुत उसके भाई को कुछ ना करे.

फिर हमने प्लान बनाया की 1 मंत तक वो अपने दोस्त के यहा पढ़ने जया करेगी लेकिन आते वक्त उसे जाम मिला करेगा. करीब 2 ह्र का और उसी जाम के टाइम का बहाने मई वो दोनो सेक्स करेंगे

पहला दिन वो घबराई मेरे घर मई आई पीले रंग का सूट पहने मने दायर ना करते सीधे उसका सूट उतार दिया. अब वो मेरे सामने ब्रा और पनटी मे थी.

वा क्या गोरा जिस्म था फिर मने उसका ब्रा हटाया उफफफफफफफ्फ़ क्या गोल मस्त छोटी चुचि थी. करीब 1 घंटे मई उन्हे दबाते हुए चूस्ता रहा फिर उसकी पनटी उतार दी उफफफफफफफफफफफफ्फ़ एकदम गुलाबी छूट छोटे बाल एकदम टाइट.

मई उसकी छूट मई एक उंगली डाला वो सिसकिया लेने लगी, मई समझा गया सील पॅक माल है. फिर 1 ह्र तक मई उसकी छूट चाटता रहा और फिर जब वो झार गयी उसे घर भेज दिया.

अगले दिन मई सीधे उसकी पनटी उतरा और बोला : आज तुझ पंडितायन को पता चलेगा की कीतनही बड़ी ग़लती की तुमने.

और उसकी छूट मे लंड घुसने लगा. उसकी छूट इटनही टाइट थी की लंड अंदर ही नही जा रहा था. मैने एक जर का धक्का दिया तो मेरा लंड उसकी कुवारि छूट को फड़ता उसके छूट की गहराई मई चला गया.

वो ज़ोर से आआआआआआआआआआआआआआ बोल बोल के छीलाने लगी फिर भी मई नही रुका और खूब झटके मारने लगा. करीब 1:30 छोड़ने के बाद मई उसकी छूट मई 3 बार झारा और उसे भेज दिया.

अब हमारा रोज का हो गया था. मई रोज उसकी छूट मे पानी डालता. क्या मस्त पंडितायन छूट थी एकदम पवितरा जो की अब मेरे लंड से फट चुकी थी.

फिर एक दिन मई उनका म्‍मस बनाया और अपने पास रख लिया.

करीब 1 मंत रोज छोड़ने के बाद वो प्रज्ञांत हो गयी. तब मैने उसके बाप को वा म्‍मस दिखाई जिसमे उसकी बेटी उछाल उछाल के मेरा लंड लाई रही थी.

अब मैने उसके बाप को बोला मुझे गली देने की सज़ा जा तेरी बेटी के कोख मई मेरा बच्चा हा अगर उसने मेरे बच्चे को जानम नही दिया तो मई यह वीडियो विराल कर दूँगा.

फिर 9 मंत तक उसकी बेटी मेरे बच्चे को अपनाही कोख मई पाली. उस बीच मई उसकी मा की चुदाई किया करता था कॉंडम पहन के लेकिन.

9 महीने बाद उसे एक बेटा हुआ तो मई बोला उसके बाप सई खुश होज़ा तेरी बेटी को लड़का हुआ बहुत खुश नसीब है तू. उसके बाद मई रोज उसकी बेटी के चुचियो सई दूध पिता था. और उस फॅमिली ना उस लड़के को अपना बेटा बताया जबकि वो उनकी बेटी का बेटा था.

फिर मैने उसकी एक बार और गोद भर दी लेकिन इस बार उन्होने उसकी शादी करा दी. मुझे मालूम चला उसने एक और बेटे को जानम दिया.

आज उसकी बेटी को शादी के 3 साल हो गये लेकिन अभी जब वो घर आती मई उसे अपने रूम मई लाई जाता और खूब उसकी चुचियो का दूध पी पी के अपना पनाही उसके अंदर डालता.

अब तो वो मेरे सई इतना चुड़वति की उसने एक दिन जोश जोश मे कहा की. उसकी एक सहेली है क्या मई उसका भी गोद भर सकता हू? उसकी भी आगे 22 है.

मई बोला मई सबका गुड नही बहर्ता तू मेरी पर्सनल रांड़ है. तुझे मई जब चाहू अपने बच्चे की मा बना सकता. और अब तो तू एक गाय हो गयी है मस्त ताज़ा ताज़ा दूध देती है मीठा मीठा.

तो वो हासणे लगी और बोली की वो और उसका हज़्बेंड 4 महीने के लिए बाहर जा रहे. इसलिए कुछ महीने वो नही आ पाएगी चूड़ने.

मई बोला 4 महीने चल उससे पहले तुझे आखरी बात खुश करू. और कह के मई उसे लेता दिया और करीब 2 घाटे छोड़ा.

4 महीने जब बीत गये तो उसका फोन आया की वो आ रही है. तो मैने अपने घर मई मुजसे का प्लान बनाया. मई गाना बजता वो सिर्फ़ ब्रा और पनटी मई मेरे सामने नाचती. और आशीर्वाद के रूप मे मई उसकी चुदाई किया करता. नाचते वक्त वो अपने नहीप्प्ले सई दूध मेरे उपर मारती रहती थी.

तो दोस्तो केसी लगी मेरी याई कहनही. इस कहनही का 2न्ड पार्ट भी है जब प्रांजलि अपनाही सहेली को लाई आई उसका गोद भरवाने. लेकिन वो कहनही की और कढ़ी में आज के लिए बस इतना ही.

और हन ये कहनही 100% सही है इसमे कोई झोल नही है. अगर आप लुक्कणोव के हो तो गोंटी नगर आके पूछना की यहा कोई मुस्लिम है जिसकी बेकरी शॉप वो सीधे मेरे पास लाएँगे.

यह कहानी भी पड़े  दो बहनों ने पार्क में मजे किये

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!