पड़ोसन की कुँवारी लड़की की जमकर चुदाई

padosan ki kunwai ladaki ki jamkar chudaiबात तब की है जब मैं 19 साल का था. हमारे पड़ोसी के यहां एक लड़की आई हुई थी. उसका नाम टीना था और वो उस टाइम 18 साल की थी. दिखने में ज्यादा सुंदर तो नहीं थी पर उसका रंग गोरा था और छोटे छोटे नींबू के आकर के बूब्स थे. हम दोनों एक दूसरे से काफी मज़ाक-मस्ती किया करते थे. पर उस टाइम तक ना उसको और ना मुझको सेक्स के बारे में ज्यादा पता था. मैं अक्सर उसका हाथ बीच देता या उसकी कमर में या चूतड़ पर ज़ोर से हाथ मर देता था. वो कुछ नहीं बोलती थी और मुझ से खूब मस्ती करती थी.

इसी तरह कभी हम छुपा छिपी खेलते तो वो हमेशा मेरे साथ ही छिपा करती थी. मैं उसके चूतड़ पर हाथ फेयर देता था पर वो कभी भी विरोध नहीं करती थी. कुछ दीनों के बाद वो अपने घर लौट गयी और करीब 2 साल बाद वापस रहने आई. तब तक मैं 18 का हो चुका था और मेरे स्वभाव में काफी फ़र्क़ आ गया था और मुझे सेक्स के बारे में काफी जानकारी भी हो गयी थी. उसके बूब्स भी 32 के हो गये थे और फिगर तो बस पूछो ही मत.. क्या लग रही थी वो. वो मुझसे मिलने मेरे घर आई थी. जब मैंने उसे देखा तो देखता ही रही गया. मेरा लंड जो की 7″ लंबा और 3″ मोटा था एकदम टन कर खड़ा हो गया था बड़ी मुश्किल से मैंने अपने लंड को छिपाया. उसके चूतड़ भी तरफ गये थे. मेरी तो उस पर से नज़र ही नहीं हाथ रही थी और सोच रहा था की इसको तो मैं कैसे भी करके चोद कर रहूँगा.

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हमारे घर पर सेकेंड स्टोरी पर मकान बन रहे थे तो वहां कन्स्ट्रक्षन का काम चल रहा था. वो शाम को मुझसे मिलने आती थी और हम बैठ कर बातें करते थे. बताओ बताओ में मैंने उसके चूतड़ पर हाथ फिराया तो वो सिहर गयी और मुझे घूरने लगी मैंने कहा क्या हुआ तो वो कुछ नहीं बोली और बातें करने लगी. मैंने उससे कहा के तू तो बहुत सुंदर हो गयी है तो उसने भी कहा के तुम भी अब मस्त दिखते हो. फिर शाम को हम छुपा छिपी का गेम खेल रहे थे तो वो मेरे साथ ही छिपी हुई थी चूंकि वहां जगह कम थी तो मुझसे बिलकुल सत्कार खड़ी थी और मेरा लंड जो की पूरा ताना हुआ था उसकी गान्ड की दरार में धासा हुआ था. मैं अपने हाथ उसकी कमर पर ले गया और उसकी कमर को पकड़ लिया. मैंने अपना हाथ जैसे ही उसके बूब्स की तरफ ले जाने लगा तो उसने रोक दिया और कहने लगी की कोई आ जाएगा.

अगले दिन वो मेरे घर आई तो मैं टीवी देख रहा था वो भी मेरे बराबर में बैठ गयी और टीवी देखने लगी. मेरी आंटी नहाने चली गयी तो मैंने उसे पकड़ लिया और अपनी तरफ खींच लिया. वो मेरी बाँहों में गिर गयी में उसके बूब्स पकड़ कर दबाने लगा. उसकी सांसें तेज हो गयी मैंने उसके होठों पर होंठ रखकर चूसने लगा. तभी किसी के आने की आहट हुई तो हम अलग हो गये फिर वो चली गयी और जाते जाते मुझे बहुत ही कातिल मुस्कान देकर चली गयी. थोड़ी देर में मैं उसके घर गया वो घर पर अकेली थी और लेती हुई थी मैं उसके पास गया और उसे किस करने लगा फिर मैंने उसके बूब्स दबाने लगा. अब मैंने उसके सूट को थोड़ा ऊपर करके बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबाने लगा वो गरम हो चुकी थी मैंने उसके बूब्स ब्रा से निकल लिए. वाउ क्या बूब्स थे एकदम वाइट और ब्राउन निप्पल. मैं उन्हें चूसने लगा और दाँतों से काटने लगा.

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फिर मैं अपना हाथ नीचे ले गया और सलवार के ऊपर से उसकी चुत को सहलाने लगा. जैसे ही मेरा हाथ उसकी चुत पर गया तो वो काँप गयी. उसका बदन अकड़ गया और वो एकदम झाड़ गयी. ये उसका पहला एक्सपीरियेन्स था और वो काफी खुश दिख रही थी. वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर ले गया जो की लोहे की तरह सख्त हो चुका था. वो मेरे लंड को सहलाने लगी और मैं उसके बूब्स को चूसने में लगा हुआ था. मैंने अपना लंड बाहर निकल कर उसके हाथ में दे दिया वो लंड सहलाने लगी और मेरे कान में बोलने लगी की ये तो बहुत मोटा है और गरम भी हो रहा है. मैंने उसे लंड चूसने को बोला तो वो मना करने लगी. मैंने ज्यादा जिद नहीं की और उसकी सलवार का नाडा खोल दिया और उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से सहलाने लगा. उसकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी मैंने उसकी पैंटी और सलवार को निकल लिया.

मज़ेदार सेक्स कहानियाँ

– November 9, 2015- December 6, 2015- March 5, 2016- March 2, 2016- December 22, 2015

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