देसी सेक्स कहानी अब आयेज-
अगले दिन सुबह 10:00 बजे सीमा चाची ने आवाज़ देकर उठाया.
सीमा चाची: राज, राज, जल्दी से उठो. सुबह के 10:00 बाज गये है.
सीमा चाची की आवाज़ सुन कर मेरी नींद खुली. मैं उठ कर बेड पर बैठा. मैने देखा सीमा चाची बेडरूम की सॉफ-सफाई कर रही थी.
मैने देखा सीमा चाची ने सिंपल पंजाबी ड्रेस पहना हुआ था. अपने लंबे बालों का जूड़ा बाँधा था. सीमा चाची ने अपने गले में मंगलसूत्रा पहना हुआ था.
मैं: सीमा. मेरे कपड़े कहाँ है?
सीमा चाची ने टेबल पर रखे हुए कपड़े मेरे मूह पर फेंक दिए, और वो बेडरूम से बाहर चली गयी. मैं बातरूम में शवर लेने चला गया. मैने बातरूम से सीमा चाची को आवाज़ दिया.
मैं: सीमा, सीमा, टवल दो मुझे.
सीमा चाची: तुम खुद क्यूँ नही लेकर गये? ये लो पाकड़ो.
मैने बातरूम का दरवाज़ा खोला और सीमा चाची का हाथ पकड़ कर उन्हे बातरूम के अंदर खींच लिया.
सीमा चाची: राज, तुम ये क्या कर रहे हो? छ्चोढो मुझे.
पर मैने सीमा चाची की एक ना सुनी और शवर ओं कर दिया. हम दोनो शवर के नीचे खड़े थे. भीग रहे थे. मैने सीमा चाची की कमर में हाथ डाला. उन्हे अपने करीब खींचा. हम दोनो की नज़रें मिली. और हम दोनो के बीच पॅशनेट्ली लीप किस्सिंग शुरू हो गयी.
मैं सीमा चाची के गाल और गर्दन पागलों की तरह चूम रहा था. किस्सिंग करते वक़्त सीमा चाची के बालों का जूड़ा खुल गया. हमारा बातरूम रोमॅन्स 20-25 मिनिट तक चला. सीमा चाची ने मुझे धक्का देकर अपने आप से डोर किया. फिर वो बातरूम के बाहर चली गयी.
मैं भी बातरूम से बाहर आ गया, और अपने कपड़े पहन लिए. सीमा चाची ने भी अपने कपड़े चेंज किए, और वो अपने बालों को टवल से सूखा रही थी.
मैं सीमा चाची को बहुत प्यार भारी नज़रों से देख रहा था. सीमा चाची ने हम दोनो के लिए छाई बनाई, और हम दोनो ने एक साथ ब्रेकफास्ट किया. उसके बाद मैं अपने घर चला गया.
शाम 6:00 बजे राजेश अंकल गोआ ट्रिप से वापस घर आ गये. अंकल ने हमारे लिए काफ़ी गिफ्ट्स लाए. मेरे दाद के लिए महँगी शराब लाई थी. 10-15 दिन गुज़र गये. एक दिन जब मैं कॉलेज जाने के लिए घर से निकला, तो सीमा चाची का मुझे कॉल आया.
सीमा चाची: राज. तुम जल्दी से मेरे घर आ जाओ. प्लीज़ जल्दी.
मैं सीमा चाची के घर गया. डोरबेल बजाई. सीमा चाची ने दरवाज़ा खोला और मेरे हाथ पकड़ कर मुझे घर के अंदर खींच लिया. फिर दरवाज़ा बंद किया. राजेश अंकल ऑलरेडी ऑफीस जेया चुके थे.
मैं: क्या हुआ सीमा? तुमने मुझे इतना अर्जेंट क्यूँ बुलाया? तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना?
सीमा चाची: हा बाबा. तबीयत तो बिल्कुल ठीक है. तुम्हारे लिए एक गुड न्यूज़ है. तुम बाप बनने वाले हो. मैं प्रेग्नेंट हू. मा बनने वाली हू.
मुझे तोड़ा सा टेन्षन में आ गया. मेरे चेहरे का रंग उडद गया. मुझे कुछ समझ नही आ रहा था की मैं खुश हो जौ, या साद हू. मेरा बाप बनने का ये पहला एक्सपीरियेन्स था. वो भी “कुवरा बाप”. क्या क़िस्मत है मेरी.
सीमा चाची: क्या हुआ राज? तुम्हे खुशी नही हुई?
मैं: नही. ऐसी कोई बात नही है. मैं बहुत खुश हू.
मैने सीमा चाची को अपनी गोद में उठाया, और गोल-गोल घुमाया.
सीमा चाची: रुक जाओ राज. मुझे चक्कर आ रहे है.
मैं रुक गया. मैने सीमा चाची को नीचे उतार दिया. फिर हम दोनो के बीच एक पॅशनेट लीप किस हुआ. फिर बहुत देर तक हम दोनो एक-दूसरे की बाहों में थे.
मैं: क्या तुमने राजेश को ये गुड न्यूज़ दी?
सीमा चाची: नही. पहले तुम्हे दी. तुम बच्चे के बाप हो ना. अब तुम अपने कॉलेज जाओ.
फिर मैं कॉलेज चला गया. सीमा चाची ने राजेश अंकल को ऑफीस में कॉल करके ये गुड न्यूज़ दी. राजेश अंकल बहुत खुश हुए. वो बाप बन गये थे ना? वो ऑफीस को हाफ दे करके मिठाई लेकर घर पहुँच गये. राजेश अंकल की खुशी का ठिकाना नही रहा. शाम को सीमा चाची हमारे घर मिठाई का बॉक्स लेकर आई.
सीमा चाची: अंजलि भाभी. ओ अंजलि भाभी, कहाँ हो?
मैने दरवाज़ा खोला. सीमा चाची घर के अंदर आई.
मों: क्या हुआ सीमा? आज तुम काफ़ी खुश लग रही हो. कोई खुश खबरी है क्या?
सीमा चाची: ये लीजिए अंजलि भाभी. मिठाई का बॉक्स. मैं मा बनाने वाली हू.
मों: ये तो बहुत बड़ी खुश खबरी है. कंग्रॅजुलेशन्स! आख़िरकार भगवान ने तुम्हारी गोद भर ही दी. राजेश भैसाब भी काफ़ी खुश हो गये होंगे?
सीमा चाची: हा, अपने दोस्तों को मिठाई देने के लिए गये है.
मों: सीमा अब तुम्हे अपना बहुत ख़याल रखना होगा. रेग्युलर चेक-उप और अची डाइयेट करनी होगी.
सीमा चाची: अंजलि भाभी आप मेरा खयआल रखोगी ना? मेरे साथ डॉक्टर के पास चलॉगी ना?
मों: हा, मैं तुम्हारे साथ डॉक्टर के पास ज़रूर अवँगी. तुम्हारा ख़याल भी रखूँगी.
3 महीने गुज़र गये. एक दिन सीमा चाची को मंत्ली चेक-उप के लिए डॉक्टर के पास जाना था. और मों को छ्होटी बेहन के स्कूल में पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग के लिए. राजेश अंकल भी ऑफीस गये हुए थे.
मों: सीमा, आज मुझे छ्होटी के स्कूल मीटिंग के लिए जाना है. आज तुम्हे राज डॉक्टर के पास ले जाएगा.
मों: राज. आज तुम सीमा को डॉक्टर के पास लेकर जाओ. तुम्हारी बिके पर नही. ओला कॅब करना. ड्राइवर को स्लो ड्राइव करने को कहना.
मैने ओला कॅब बुक की. सीमा चाची बहुत खुश हो गयी. उन्होने रेड सारी पहनी हुई थी, और अपने बाल खुले छ्चोढ़ दिए थे. सीमा चाची प्रेग्नेन्सी में भी काफ़ी खूबसूरत लग रही थी.
ओला कॅब आई. मैने सीमा चाची को पीछे की सीट पर बिताया, और आयेज की सीट पर बैठने जेया रहा था की सीमा चाची ने मुझे रोक दिया.
सीमा चाची: रुक जाओ राज. आज तुम मेरे साथ पीछे की सीट पर बैठो.
मैने सीमा चाची की बात मान ली, और पीछे की सीट पर सीमा के साथ बैठ गया. सीमा चाची ने पुर रास्ते में मेरा हाथ पकड़े रखा.
हम दोनो डॉक्टर के क्लिनिक पहुँचे. वो एक लेडी गाइनकॉलजिस्ट थी. सीमा चाची मुझे भी डॉक्टर के पास ले गयी.
लेडी डॉक्टर की आगे 48 यियर्ज़. नाम ड्र. आइयर्षा मेहता. वो दिखने में ठीक-ताक थी. गोरा रंग, मीडियम शॉर्ट हेर, हाइट 5’5″, आँखों पर चश्मा, वाइट कोट. लेडी डॉक्टर और सीमा चाची के बीच इशारों में कुछ बात चल रही थी. फिर वो चाची को चेक-उप करने के लिए ले गयी.
लेडी डॉक्टर: क्या ये वही लड़का है?
सीमा चाची: हा डॉक्टर. राज नाम है इसका.
थोड़ी देर बाद वो दोनो लेडी डॉक्टर और सीमा चाची चेक-उप करके वापस आए.
लेडी डॉक्टर: राज, अब तुम्हे सीमा का बहुत आचे से ख़याल रखना होगा. सीमा को कोई टेन्षन नही होनी चाहिए.
लेडी डॉक्टर: राज, तुमने कभी अपने स्पर्म डोनेट करने का सोचा है?
मैं कुछ समझ नही पाया. मैं शॉकिंग फेस से सीमा चाची की तरफ देखा. फिर लेडी डॉक्टर की तरफ देखा.
लेडी डॉक्टर: राज, तुम घबराव मत. मुझे सब पता है. मैने ही सीमा को किसी लड़के के साथ सेक्स करने का सजेशन दिया था. वो डेस्परेट्ली मा बनना चाहती थी ना. पर राजेश जी बाप नही बन सकते थे.
मैं: नही. ये तो सीमा के बहुत रिक्वेस्ट करने पर हम दोनो ने.
मुझे कुछ समझ नही आ रहा था.
लेडी डॉक्टर: ये लो मेरा विज़िटिंग कार्ड. कभी स्पर्म डोनेशन का सोचो तो मुझे कॉल कर देना. आंड डॉन’त वरी, तुम्हारी आइडेंटिटी सीक्रेट रहेगी.
फिर सीमा चाची और मैं क्लिनिक से घर वापस आए. घर आते वक़्त मेरा और सीमा चाची का तोड़ा सा झगड़ा हो गया की क्यूँ सीमा चाची ने हम दोनो के बारे में लेडी डॉक्टर को बताया.
स्टोरी कंटिन्यूस…