पड़ोस में रहने वाली भाभी के साथ चुदाई

हेलो फ्रेंड्स, ई आम देविल. मैं बर्गर्ह, वडिषा से हू. आगे 28 है, हाइट 5.4 इंच, और लंड 5 इंच. मैने यहा पे बहुत सी स्टोरीस पढ़ी है. मैं अपनी दूसरी रियल स्टोरी लिख रहा हू, जो की 5 साल पुरानी है.

ये स्टोरी मेरी और एक पड़ोस में रहने वाली भाभी की है, जो की एक किराने की दुकान पे मिली थी. उनका नाम शक्ति (नामे चेंज) है. तब उनकी आगे 23, हाइट 4’8″, साइज़ 30-28-30 होगा. अब कहानी पे आते है.

मुझे एक प्राइवेट कंपनी में जॉब मिला था, और मेरी एक नये शहर में जाय्निंग हुई थी बालंगीर. पहले दिन जब जाय्निंग हुई तो ऑफीस गया. फिर वही से शाम को ऑफीस के एक स्टाफ के साथ उसके रूम पे गया, और उनके साथ रहने लगा जब तक अपने लिए एक रूम ना मिल गया. फिर वैसे ही चलता रहा.

5-6 महीने बीट गये. उसके बाद मेरे रूमेट ने अपनी फॅमिली लाने को सोचा. तो मैं अपने लिए एक रूम ढूँढ के रहने लग गया एमर्जेन्सी में पसंद ना होते हुए भी.

फिर वैसे ही चलता रहा. फिर एक दिन मैं किराने की दुकान पे गया, तो उनसे पूछा यहा पे कोई रूम रेंट पे मिलेगा क्या. तो उन्होने बोला मिल तो जाएगा मगर टाइम लगेगा, पूछना पड़ेगा.

तो मैने बोला: ठीक है, अगर मिलेगा तो ज़रा बोलना.

ये बोल के समान लेके चला आया. एक दिन समान लाने गया था और वाहा पे एक भाभी को देखा. मैं उसको देखता ही रह गया. फिर वो भाभी अपना समान लेके चली गयी. उसके बाद वैसे ही दिन गुज़रता गया. फिर एक दिन उसी भाभी को दोबारा देखा तो मैने नज़रे चुरा के देखता रहा. वो भाभी ने भी मुझे देखा और मूह मोड़ दिया गुस्से से. तो मैं अपना समान लेके चला आया.

फिर दूसरे दिन फिरसे मिल गयी भाभी, तो मैने उन्हे देख के एक स्माइल पास कर दी. ठीक वही टाइम पे एक आदमी दारू पीक गाना गाते हुए जेया रहा था. फिर जब वो आयेज गया, तो उसका साइकल लड़खड़ा कर गिर गया. भाभी ये देख के हासणे लगी ज़ोर से. जैसे भाभी को मैने देखा हेस्ट हुए, तो मैं भी उनको देख के स्माइल करने लगा. फिर भाभी ने भी मुझे देख के स्माइल पास की.

फिर ऐसे ही दिन निकलते गये. 1-2 हाफ्ते दोनो एक-दूसरे को देख के हेस्ट थे. अब वो दिन आ गया जब मुझे भाभी का नंबर मिल गया. हुआ ऐसा, की सनडे के दिन था, और मैं सुबा-सुबा ही किराने की दुकान की और चला गया. सुकाण वाला पूजा कर रहा था, मैने सोचा मैं वेट कर लेता हू. फिर लेके चला जौंगा.

ठीक उसी वक्त वो भाभी भी आ गयी समान लेने के लिए. वो नहा के आई थी शायद. बाल पुर गीले थे, तो मैं उनको देखता ही रह गया. ठीक उसी वक़्त वो दुकान वाले ने घंटी बजाई पूजा करते टाइम. तो मुझे होश आया. भाभी भी मुझे देख के स्माइल पास कर रही थी, और मुझे पूच लिया.

भाभी: कहा खो गये थे?

मैं: बस वैसे कुछ याद आ गया तो सोचने लग गया.

भाभी: क्या करते हो आप?

मैं: जॉब करता हू यही पे.

भाभी: आप कहा से हो?

मैं: बर्गर्ह से.

ठीक उसी वक़्त दुकान वाले की पूजा ख़तम हो गयी, और वो समान देने लग गया. तो मैने ठीक उसी वक़्त रूम मिला क्या बोल के पूच लिए दुकान वाले अंकल को.

तो उन्होने बोला: मैं भूल गया पूछने के लिए.

ठीक उसी वक्त दुकान वाले अंकल ने उन भाभी को पूच लिया: आपके वाहा पे रूम खाली है क्या?

भाभी ने बोला: हा, हो सकता है. मगर पूच के बतौँगी.

फिर भाभी ने मुझसे नंबर माँग लिया, और पूच के बता दूँगी बोली.

मैं: ज़रा जल्दी पूच के बताना.

कुछ 2-3 दिन बात एक अननोन नंबर से कॉल आई तो.

मैं: हेलो कों?

भाभी: मैं हू जो रूम के लिए नंबर दिए थे.

मैं: हा भाभी जी बोलिए.

भाभी: अभी तो खाली नही है फिलहाल. 1 महीने बात खाली हो जाएगा.

मैं: थॅंक योउ भाभी.

भाभी: अभी कहा पे रहते हो?

मैं: एक रूम में ही रह रहा हू, मगर तोड़ा ठीक नही लग रहा है.

भाभी: ऐसा क्या.

मैं: हा भाभी.

भाभी: कहाँ पे जॉब करते हो?

मैं: एबीसी बॅंक.

भाभी: हा.

फिर ऐसे ही बात होती रही 15-20 मिनिट्स. अब सुबा उनका मेसेज आ जाता था गुड मॉर्निंग का. फिर बात होती रहती देर रात तक भी. एक दिन उनका स्टेटस देख के बोल दिया मैने-

मैं: आज तो क़यामत ढा रही हो.

भाभी ने स्माइल वाला एमोजी भेज दिया.

तो फिर मैने पूछा लिया: आज कुछ स्पेशल है क्या?

फिर उन्होने बताया: आज मेरा बर्तडे है.

मैने विश किया और पूछा: 12 बजे से सेलेब्रेशन हो गया होगा आपका?

पर कुछ रिप्लाइ नही आया. थोड़ी देर बाद कॉल आया भाभी का.

भाभी: हेलो.

मैं: हेलो भाभी चुप क्यूँ हो गयी?

भाभी: क्या बोलू?

मैं: रात को सेलेब्रेट हुआ ना?

भाभी: किसके साथ सेलेब्रेट करू?

मैं: आपके हज़्बेंड के साथ.

भाभी: वो तो सो गये और अभी तक विश नही किया.

मैं: सॉरी भाभी.

भाभी: तुम क्यूँ सॉरी बोल रहे हो?

फिर भाभी फ्रेंड्ली बात करने लगी. सब कुछ शेर करने लगी धीरे-धीरे. अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी शेर करने लगी. हम तोड़ा क्लोज़ होते गये. फिर वो डिना आ गया घर देखने जाने का.

भाभी बोली: कल 11 बजे के आस-पास आ जाना.

तो मैने बोल दिया ऐसे ही: क्या खिलाओगी?

फिर भाभी बोली: जो भी बोलॉगे मिलेगा. तुम्हे खाना क्या है बोलो?

मैं बोला: बस ऐसे ही मज़ाक में पूच लिया. कल आ रहा हू देखने के लिए.

फिर मैं सुबा ऑफीस निकल गया और 10:30 को कॉल किया भाभी को, और पूछा-

मैं: अभी अओ क्या?

भाभी बोली: अभी नही थोड़ी देर बाद आओ. 10-15 मिनिट्स छोढ़ के.

ठीक 10:45 को मैं उनके घर पे पहुँच गया. फिर डोरबेल बजाई तो भाभी आई गाते खोलने. मैं तो बस उनको देखता ही रहे गया.

भाभी: देविल क्या हुआ?

मैं: कुछ नही भाभी, बस आपको देख के तोड़ा खो गया था.

भाभी: क्या पागल हो गये हो क्या?

मैं: नही भाभी, आज तो आप पारी जैसी लग रही हो.

भाभी: इतनी भी तारीफ मत करो.

मैं: क्यूँ ना करू भाभी. ड्के बात बोलू?

भाभी: बोलो.

मैं: गुस्सा तो नही करोगी, प्रॉमिस करो.

भाभी: नही करूँगी.

मैं: अगर आप मॅरीड नही होती तो अभी आपको प्रपोज़ कर देता.

भाभी: सॅकी में क्या? कैसे प्रपोज़ करते बिना गुलाब के?

मैं: इतनी खूबसूरत गुलाब अगर सामने हो तो उस गुलाब की क्या ज़रूरत मेरे को.

भाभी: सॅकी?

फिर भाभी बोली: चलो अब घर देखते है.

उनके उपर स्टेर पे वो रूम था. भाभी आयेज-आयेज चली, मैं पीछे पीछे चला. फिर भाभी ने गाते खोला और अंदर गयी. एक रूम, एक किचन, और बातरूम था. मुझे तो पसंद आ गया. फिर मैने भाभी को पूछा-

मैं: बिके कहा पे रखूँगा रात को? वो तो दिक्कत हो गया मेरे को.

फिर हम उपर से आ गये भाभी के घर. वो बैठने के लिए बोली. मैं बैठ गया. फिर भाभी किचन से मेरे लिए एक रस्स-मलाई लेके आई, और मुझे दी.

मैं: मैने तो नही कहा अब तक मुझे क्या चाहिए खाने में.

भाभी ने मुझे रस्स-मलाई देते हुए कहा: ये तो ट्रेलर है. फिल्म बाकी है.

ये बोल के मुझे आँख मार दी.

मैने भी मौके का फ़ायदा उठाते हुए कहा: अपने हाथ से खिला दो.

तो फिर वो मेरे साथ आके बैठ गयी, और खिलाने लगी अपने हाथ से. मैने जान-बुझ के उनका हाथ तोड़ा काट लिया. भाभी चिल्लाई आ करके. फिर मैने भी भाभी को खिलाया जितना बचा था एक ही बार में. उनके लिप्स के नएचए तोड़ा सा लगा था, तो मैने बोला-

मैं: यहा लगा है, सॉफ करो. भाभी ने बोला: खुद ही सॉफ कर दो.

मैने बोला: भाभी मुझे हाथ से सॉफ करना नही आता.

भाभी बोली: जैसे आता है वैसे कर दो.

जैसे ही भाभी ने ये कहा, मैं अपने लिप्स से उन्हे किस करने लग गया. भाभी भी साथ देने लग गयी मेरा.

वो बोली: मैं कब से तेरी वेट कर रही थी इस पल के लिए.

मैने भी कहा: भाभी मैं आपको कब से अपना बनाना चाहता था.

किस करते-करते दोनो एक-दूं न्यूड हो गये, और बेडरूम में चले गये. फिर मैं भाभी के बूब्स को चूसने लग गया, और एक हाथ से पुसी को मसालने लग गया. भाभी भी मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से मसालने लग गयी. फिर 69 की पोज़िशन में आके दोनो एक-दूसरे को चूसने लग गये.

15 मिनिट चूसने के बाद दोनो ने एक-दूसरे का स्पर्म पी लिया. अब मुझे थोड़ी प्यास लगी थी, तो भाभी पानी लाने किचन में गयी. पानी पीने के बाद भाभी को उठाया, और बेड पे आ गये. अब फिरसे भाभी ने मेरे लंड को चूसा, और टाइट किया. जैसे ही टाइट हो गया लंड, भाभी खुद ही मेरे उपर चढ़ गयी, और मेरे लंड को पकड़ के अपनी छूट में डाल के कूदने लगी.

वो आ आ करने लगी 10 मिनिट तक. जैसे-जैसे वो तक गयी, मैने भाभी को बेड पे सुला दिया और एक टाँग अपने कंधे पे रख के फिरसे छोड़ने लगा. 15 मिनिट में मैने अपना पानी भाभी की छूट में ही छ्चोढ़ दिया. फिर ऐसे ही चलता रहा 1 साल तक. जब भी मौका मिलता हम चुदाई कर लेते थे. भाभी भी मेरे से चुड के बहुत खुश थी.

आपको मेरे कहानी कैसी लगी? आप मुझे [email protected] पर मैल कर सकते है.

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